AI के दौर में भी Animation क्यों बना हुआ है करोड़ों का करियर मार्केट?

वर्ष 2026 में जब पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डर से नौकरियों की चिंता में डूबी है, भारत का एक सेक्टर उलटी दिशा में चल रहा है।

Vikas Saxena by
Published - Friday, 28 August, 2026
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Friday, 28 August, 2026
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वर्ष 2026 में जब पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डर से नौकरियों की चिंता में डूबी है, भारत का एक सेक्टर उलटी दिशा में चल रहा है। एनिमेशन, विजुअल इफैक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और Extended Reality, यानी AVGC-XR, का यह उद्योग न सिर्फ टिका हुआ है, बल्कि रफ्तार से दौड़ रहा है।

फरवरी 2026 में बेंगलुरु में आयोजित GAFX-2026 के उद्घाटन पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जो आंकड़ा पेश किया, वह चौंकाने वाला था, GAFX सेक्टर अकेले अगले पांच साल में 20 लाख नौकरियां पैदा कर सकता है। यह सिर्फ एक राज्य की बात थी। राष्ट्रीय स्तर पर तस्वीर और बड़ी है।

कितना बड़ा है मार्केट?

आज भारत का AVGC-XR सेक्टर 2.5 से 3 अरब डॉलर (करीब 25,000 करोड़ रुपये) का है। 2030 तक इसके 26 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, यानी करीब नौ गुना की छलांग। अगर सिर्फ एनिमेशन और VFX की बात करें, तो CII-GT की रिपोर्ट के अनुसार यह सेगमेंट 2026 तक 2.2 अरब डॉलर तक पहुंचने की राह पर है।

एनिमेशन मार्केट पर लंबी नजर डालें तो, भारत का एनिमेशन मार्केट 2025 में 2.4 अरब डॉलर था और 2034 तक 13.95 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, यानी 21.6% सालाना वृद्धि दर (CAGR)।

गेमिंग अकेला एक उदाहरण है: भारतीय गेमिंग मार्केट 2025 में 5.91 अरब डॉलर था और 2034 तक 16.72 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, यानी 14.6% CAGR।

इससे भी बड़ी बात, इस पूरे सेक्टर में अभी सिर्फ 2.6 लाख प्रोफेशनल काम कर रहे हैं, जबकि मांग इससे कहीं ज्यादा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत फिलहाल वैश्विक AVGC-XR मार्केट में सिर्फ 0.5% हिस्सेदारी रखता है, यानी संभावना अपार है।

नौकरियों का विस्फोट: संख्याएं क्या कहती हैं?

केंद्र सरकार के AVGC Promotion Task Force की रिपोर्ट के अनुसार, यह सेक्टर आने वाले दस साल में 20 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेगा। ORF (Observer Research Foundation) की अप्रैल 2026 की रिपोर्ट इस अनुमान को और ऊपर रखती है, 2032 तक 23 लाख नौकरियां। स्क्लि इंडिया मिशन का लक्ष्य अगले दस वर्षों में इस सेक्टर के लिए 20 लाख प्रोफेशनल तैयार करना है।

हर साल, अकेले एनिमेशन और VFX सेक्टर में 1.6 लाख नए पद बनने का अनुमान है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, सिर्फ रिटायरमेंट और करियर बदलाव की वजह से हर साल करीब 6,700 एनिमेशन पद रिक्त होते हैं, और यह मार्केट विस्तार से अलग है।

मार्च 2026 में तमिलनाडु ने अपनी AVGC-XR Policy 2026 जारी की, जिसका लक्ष्य 2030 तक 200 नए स्टार्टअप खड़े करना और राष्ट्रीय AVGC-XR मार्केट का 20% हिस्सा, यानी करीब 2 लाख नौकरियां, हासिल करना है। जनवरी 2026 में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि राजधानी में AVGC-XR का पहला National Centre of Excellence (NCoE) का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जाएगा।

AI का खतरा, असलियत क्या है?

यहां सबसे बड़ा सवाल है जो हर छात्र और प्रोफेशनल पूछता है: क्या AI मेरी नौकरी ले लेगा?

उत्तर जटिल है, हां और नहीं, दोनों।

एनिमेशन Guild (IATSE Local 839) द्वारा कराए गए CVL Economics अध्ययन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर फिल्म, टेलीविजन और एनिमेशन सेक्टर में करीब 1,18,500 नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, यानी खत्म होंगी, समेकित होंगी, या बदल जाएंगी। यही आंकड़ा बताता है कि 21.4% Film, TV और एनिमेशन नौकरियों पर AI का सीधा असर पड़ेगा।

कौन-सी नौकरियां सबसे ज्यादा खतरे में हैं?

2D एनिमेशन में In-betweening, Rotoscoping, Background Generation और Lip-sync जैसे काम AI तेजी से करने लगा है। Luminate Intelligence की एनिमेशन + AI Special Report (2025) में Concept Artists, Storyboard Artists, VFX Artists और Game Developers को सबसे अधिक प्रभावित होने वाली भूमिकाओं में गिना गया है।

लेकिन भारत की कहानी अलग है।

भारतीय एनिमेशन स्टूडियो AI टूल्स को वर्कफोर्स घटाने के लिए नहीं, बल्कि प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, स्टूडियो अधिक काम ले रहे हैं, कम लोग नहीं रख रहे। नतीजा: नेट हायरिंग बढ़ रही है।

कौन-सी नई नौकरियां बन रही हैं?

AI के आने से कुछ नई भूमिकाएं तेजी से उभर रही हैं, AI एनिमेशन Tool Specialist, Technical Director (TD), VFX Supervisor और Generative AI Pipeline Engineer। जो प्रोफेशनल Adobe Firefly, Runway ML, Houdini और Unreal Engine जैसे AI टूल्स के साथ काम कर सकते हैं, उनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।

Generative AI का एनिमेशन सेगमेंट वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है, विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार यह मार्केट 2023 में लगभग 1.3 से 1.8 अरब डॉलर का था और 2033 तक 36–40% CAGR की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह वृद्धि नौकरियां हटाने की नहीं, नए अवसर बनाने की कहानी है।

सैलरी: कितना मिलता है?

2026 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:

3D एनिमेशन में Fresher को ₹2.5–4.5 LPA मिलते हैं, जबकि अनुभवी 3D Animator ₹10 LPA से अधिक कमा सकते हैं। VFX Supervisor जैसे पदों पर ₹25 LPA से ऊपर के पैकेज सामान्य होते जा रहे हैं।

किन स्किल्स की सबसे अधिक मांग है?

2026 में इंडस्ट्री इन्हें तलाश रही है: Unreal Engine, Houdini, Maya, Nuke, Python Scripting, AI-assisted एनिमेशन workflows, Real-time Rendering, और AR/VR Development। सिर्फ डिग्री नहीं, पोर्टफोलियो ही असली पहचान है।

छोटे शहरों का नया करियर

"एनिमेशन के लिए मुंबई या बेंगलुरु ही जाना होगा", यह धारणा तेजी से टूट रही है।

5G नेटवर्क के विस्तार और सस्ते स्मार्टफोन की बदौलत टियर-2 और टियर-3 शहरों में गेमिंग और Digital Content तेजी से फैल रहे हैं। AIGDF (All India Game Developers Forum) के सर्वे के अनुसार, अहमदाबाद, कोच्चि, सूरत और राजकोट जैसे शहर नए Game Development Hub बन रहे हैं। महाराष्ट्र की AVGC-XR Policy 2025 में Nashik, Kolhapur और Nagpur जैसे टियर-2 शहरों में भी AVGC-XR Park बनाने की योजना है। मुरादाबाद, कानपुर, इंदौर, या जयपुर जैसे शहरों में बैठकर Freelancing, Work From Home और Remote Project लेना अब व्यावहारिक हकीकत है।

Freelancing प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय Animators और VFX Artists की मांग इसलिए बढ़ रही है क्योंकि भारत वैश्विक स्तर पर 40 से 60% सस्ती एनिमेशन और VFX सेवाएं देता है, और यह आंकड़ा सरकार की NewsOnAir रिपोर्ट (नवंबर 2025) में भी दर्ज है।

सरकार क्या कर रही है?

सरकारी तंत्र इस बार पीछे नहीं है:

केंद्र स्तर पर: AVGC Promotion Task Force (अप्रैल 2022) ने रोडमैप तैयार किया। 2024 में मुंबई में Indian Institute of Creative Technologies (IICT) को National Centre of Excellence के रूप में स्थापित किया गया, Google, YouTube, Meta, Adobe, Microsoft, NVIDIA और Netflix ने इसके पाठ्यक्रम में साझेदारी की है। Union Budget 2026-27 में ₹250 करोड़ की राशि से 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC Content Creator Labs खोलने की घोषणा की गई।

राज्य स्तर पर: कर्नाटक की AVGC-XR Policy 2024–2029 पहले से लागू है। महाराष्ट्र ने सितंबर 2025 में ₹3,268 करोड़ के वित्तीय समर्थन के साथ AVGC-XR Policy 2025 पारित की, लक्ष्य 25 साल में ₹50,000 करोड़ का निवेश और 2 लाख नौकरियां। तमिलनाडु की AVGC-XR Policy 2026 में ₹50 करोड़ की लागत से ELCOT Viyan AVGC-XR Centre of Excellence का ऐलान हुआ। दिल्ली में जनवरी 2026 में NCoE का क्षेत्रीय केंद्र बनाने की घोषणा हुई।

स्किल गैप: सबसे बड़ी चुनौती

यहां एक कड़वी सच्चाई है। भारत वैश्विक AVGC-XR मार्केट में महज 0.5% हिस्सेदारी रखता है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है प्रशिक्षित प्रतिभा की कमी।

IICT मुंबई जैसे संस्थान इस गैप को भरने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अधिकांश कॉलेज वही पाठ्यक्रम पढ़ाते हैं जो इंडस्ट्री की जरूरतों से पिछड़ा है। Unreal Engine, AI-powered workflows और Real-time Rendering, जिनकी इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा जरूरत है, वे अभी भी ज्यादातर कॉलेजों में नदारद हैं।

हॉलीवुड से Netflix तक, भारतीय Animators की बढ़ती मांग

भारतीय Animators की वैश्विक मांग इसलिए है क्योंकि यहां तीन चीजें एक साथ मिलती हैं, कुशल कार्यबल, कम लागत, और बड़े प्रोजेक्ट्स संभालने की क्षमता। Brahmastra जैसी फिल्म में 4,500 से अधिक VFX Shots थे और बजट का 25–30% हिस्सा VFX पर खर्च हुआ। FICCI-EY रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय VFX स्टूडियो का करीब 70% राजस्व अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से आता है।

एनिमेशन, भारत का अगला IT सेक्टर?

IT इंडस्ट्री ने 1990 के दशक में जो किया, लाखों युवाओं को घर बैठे वैश्विक मार्केट से जोड़ा, वही AVGC-XR सेक्टर 2020 के दशक में कर सकता है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार माध्यम Code नहीं, Creativity है।

आंकड़े साफ बोलते हैं कि मार्केट बढ़ रहा है, सरकार सक्रिय है, वैश्विक मांग है, और नौकरियां आ रही हैं। AI खतरा नहीं बल्कि नई स्किल की मांग है। टियर-2 शहरों के युवाओं के लिए यह फील्ड अब दूर नहीं।

बस एक काम बाकी है, स्किल गैप भरना। जो युवा आज Unreal Engine, Houdini और AI एनिमेशन Tools सीख रहे हैं, वही कल की इस इंडस्ट्री की रीढ़ बनेंगे।

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NDTV ने स्नेहा मोरदानी को किया नियुक्त, सौंपी यह जिम्मेदारी

वह इससे पहले इंडिया टुडे, सीएनएन-न्यूज18, टाइम्स नाउ और न्यूजएक्स जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं।

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Published - Thursday, 17 September, 2026
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Thursday, 17 September, 2026
Sneha Mordani

‘एनडीटीवी’ (NDTV) ने वरिष्ठ पत्रकार स्नेहा मोरदानी (Sneha Mordani) को हेल्थ एडिटर के पद पर नियुक्त किया है। मोरदानी को टेलीविजन पत्रकारिता में करीब 19 वर्षों का अनुभव है। वह इससे पहले इंडिया टुडे, सीएनएन-न्यूज18, टाइम्स नाउ और न्यूजएक्स जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं।

NDTV में उनका स्वागत करते हुए कंपनी के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने कहा कि हेल्थ पत्रकारिता उन क्षेत्रों में से एक है, जहां पत्रकारिता लोगों के जीवन पर सीधा असर डाल सकती है। इसके लिए गंभीरता, विश्वसनीयता और जटिल जानकारी को ऐसे पत्रकारिता कंटेंट में बदलने की क्षमता जरूरी है, जिसे दर्शक आसानी से समझ सकें और जिस पर भरोसा कर सकें।

राहुल कंवल ने कहा कि स्नेहा मोरदानी के पास विशेषज्ञ रिपोर्टिंग का वर्षों का अनुभव, मजबूत संपादकीय समझ और हेल्थ बीट की गहरी समझ है।

वहीं, NDTV के चीफ कंटेंट ऑफिसर विनय सरावगी ने कहा कि NDTV Lifeline को हेल्थ से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्र के आसपास एक डिजिटल-फर्स्ट पहल के तौर पर तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, भरोसेमंद विशेषज्ञता और ऐसे फॉर्मेट को एक साथ लाना है, जिनके जरिए आज के दर्शक जानकारी खोजते और उसे देखते हैं। विनय सरावगी के मुताबिक, हेल्थ पत्रकारिता में स्नेहा मोरदानी का अनुभव और सार्थक व निरंतर कवरेज तैयार करने की उनकी समझ इस पहल को आकार देने में महत्वपूर्ण होगी।

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टाटा संस के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार को दी मंजूरी

टाटा संस के बोर्ड ने चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल पांच साल बढ़ाने और आरबीआई के निर्देश के अनुसार कंपनी की सार्वजनिक लिस्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को मंजूरी दी।

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Published - Thursday, 17 September, 2026
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Thursday, 17 September, 2026
tata

टाटा संस (Tata Sons) के बोर्ड ने चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) के कार्यकाल को पांच साल बढ़ाने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) के निर्देश के अनुसार होल्डिंग कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग (Public Listing) के लिए जरूरी कदम उठाने का फैसला किया गया है।

ये फैसले गुरुवार को हुई टाटा संस की बोर्ड मीटिंग (Board Meeting) में लिए गए। बैठक में मुख्य रूप से आरबीआई की लिस्टिंग से जुड़ी दिशा और चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर चर्चा हुई। इससे पहले चेयरमैन के उत्तराधिकारी और टाटा संस के आरबीआई से जुड़े आवेदन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी।

टाटा संस ने प्राइवेट कंपनी के रूप में बने रहने के लिए आरबीआई से कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (Core Investment Company) का रजिस्ट्रेशन वापस लेने का आवेदन किया था। आरबीआई ने पिछले सप्ताह इस आवेदन को खारिज कर दिया था। इसके बाद टाटा संस पर अपर-लेयर नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (Upper-layer Non-Banking Financial Company) से जुड़े नियामकीय नियम लागू होंगे, जिसमें लिस्टिंग की जरूरत भी शामिल है।

बोर्ड मीटिंग में कंपनी की लिस्टिंग के मुद्दे पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, नोएल टाटा (Noel Tata) ने भी बोर्ड के सामने अपना पक्ष रखा। इसके बाद बोर्ड ने आईपीओ (IPO) प्रस्ताव पर मतदान किया और उसे मंजूरी दे दी।

वहीं, एन चंद्रशेखरन का पांच साल का एक्सटेंशन टाटा संस के निदेशक के रूप में उनकी दोबारा नियुक्ति पर निर्भर है। उनका मौजूदा चेयरमैन कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को खत्म हो रहा है। चेयरमैन के पद पर बने रहने के लिए उनका निदेशक बने रहना जरूरी है।

टाटा संस की वार्षिक आम बैठक (Annual General Meeting) भी फिलहाल लंबित है। अगस्त में कोरम (Quorum) पूरा नहीं होने के कारण बैठक स्थगित हो गई थी।

इससे पहले टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन कमेटी (Nomination and Remuneration Committee) ने चंद्रशेखरन को एक और पांच साल के लिए निदेशक के रूप में दोबारा नियुक्त करने की सिफारिश करने का फैसला किया था। सूत्रों के मुताबिक, कमेटी के सदस्य वेणु श्रीनिवासन (Venu Srinivasan) ने भी चंद्रशेखरन के बने रहने का समर्थन किया।

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वरिष्ठ पत्रकार रास बिहारी ने जॉइन किया Varta24 Media, बने पॉलिटिकल एडिटर

रास बिहारी पश्चिम बंगाल की राजनीति पर चार पुस्तकें लिख चुके हैं। इसके अलावा वह विभिन्न टीवी चैनलों पर राजनीतिक बहसों में हिस्सा लेते रहते हैं।

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Thursday, 17 September, 2026
Ras Bihari

वरिष्ठ पत्रकार रास बिहारी ने वार्ता24मीडिया (Varta24 Media) के साथ नई पारी की शुरुआत की है। उन्होंने यहां बतौर पॉलिटिकल एडिटर जॉइन किया है।

रास बिहारी को मीडिया में काम करने का करीब साढ़े चार दशक का अनुभव है। करीब 20 साल दैनिक हिन्दुस्तान में काम करने के बाद वे नईदुनिया में मेट्रो संपादक, गवर्नेंस नाउ में सीनियर एडिटर, हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी में कार्यकारी संपादक, लाइव इंडिया में ब्यूरो चीफ, रांची एक्सप्रेस में राजनीतिक संपादक रहे। इसके अलावा प्रधानमंत्री जनऔषधि परियोजना में डायरेक्टर (मीडिया) रह चुके हैं।

करियर के शुरुआत में वह वीर अर्जुन अखबार में रहे। इसके अलावा कॉलेज के दिनों में उन्होंने नवभारत टाइम्स और पंजाब केसरी में अपनी सेवाएं दीं। रास बिहारी ने आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और हरियाणा में हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए की पढ़ाई की है।

रास बिहारी पश्चिम बंगाल की राजनीति पर चार पुस्तकें लिख चुके हैं। इसके अलावा वह विभिन्न टीवी चैनलों पर राजनीतिक बहसों में हिस्सा लेते रहते हैं।

गौरतलब है कि Varta24 Media देश के तेजी से विस्तार कर रहे एकीकृत मीडिया संगठनों में शामिल है। यह न्यूज मीडिया, एडवरटाइजिंग, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन के चार प्रमुख क्षेत्रों में कार्य करती है। इसके कार्यालय दिल्ली-नोएडा, लखनऊ, हैदराबाद और मुंबई में स्थित हैं।

समाचार4मीडिया की ओर से रास बिहारी को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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गोपिका पंत बनीं वोडाफोन आइडिया की स्वतंत्र महिला निदेशक

वोडाफोन आइडिया ने कानूनी विशेषज्ञ गोपिका पंत को अतिरिक्त निदेशक और स्वतंत्र महिला निदेशक नियुक्त किया है। अनिल बेररा की स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्ति पर भी शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है।

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Published - Thursday, 17 September, 2026
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Thursday, 17 September, 2026
Vodafone Idea

वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) ने कानूनी विशेषज्ञ गोपिका पंत (Gopika Pant) को बोर्ड में अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) और स्वतंत्र महिला निदेशक (Independent Woman Director) नियुक्त किया है। उनका पांच साल का कार्यकाल 17 सितंबर 2026 से शुरू हुआ है।

कंपनी के बोर्ड (Board) ने 14 सितंबर को उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। हालांकि, इस नियुक्ति के लिए अब शेयरधारकों (Shareholders) की मंजूरी जरूरी होगी। इसके लिए कंपनी ने पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) प्रक्रिया शुरू की है।

गोपिका पंत को कानूनी क्षेत्र में चार दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने इंडियन लॉ पार्टनर्स (Indian Law Partners) की स्थापना की है। वह भारत में कानून की प्रैक्टिस करने के लिए योग्य हैं और न्यूयॉर्क बार (New York Bar) में भी एडमिटेड हैं। उनकी विशेषज्ञता में कॉरपोरेट और कमर्शियल लॉ (Corporate and Commercial Law), सीमा-पार लेनदेन (Cross-border Transactions), विलय एवं अधिग्रहण (Mergers and Acquisitions) और कॉरपोरेट रिस्ट्रक्चरिंग (Corporate Restructuring) शामिल हैं।

इसके अलावा, वोडाफोन आइडिया ने अनिल बेररा (Anil Berera) की स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के रूप में नियुक्ति के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी मांगी है। बेररा ने 31 अगस्त 2026 से पांच साल के कार्यकाल के लिए बोर्ड में जिम्मेदारी संभाली है।

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Dentsu में IT सर्च के बाद हर्ष राजदान ने संभाला मोर्चा, एम्प्लॉयीज को दिया भरोसा

ऐडवर्टाइजिंग ग्रुप Dentsu के भारत में इनकम टैक्स विभाग की कई शहरों में हुई सर्च के बाद कंपनी के साउथ एशिया के सीईओ हर्ष राजदान ने एम्प्लॉयीज के साथ कई टाउनहॉल मीटिंग कीं।

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Published - Thursday, 17 September, 2026
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Thursday, 17 September, 2026
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ऐडवर्टाइजिंग ग्रुप Dentsu के भारत में इनकम टैक्स विभाग की कई शहरों में हुई सर्च के बाद कंपनी के साउथ एशिया के सीईओ हर्ष राजदान ने एम्प्लॉयीज के साथ कई टाउनहॉल मीटिंग कीं। इस दौरान उन्होंने एम्प्लॉयीज के सहयोग और एकजुटता की सराहना की और भरोसा दिलाया कि कंपनी मौजूदा स्थिति से बाहर निकल जाएगी।

मामले से परिचित लोगों के मुताबिक, टाउनहॉल का मुख्य मकसद सर्च ऑपरेशन के बाद एम्प्लॉयीज को भरोसा दिलाना और कंपनी के कामकाज में निरंतरता बनाए रखना था। इनकम टैक्स की यह कार्रवाई कई दिनों तक चली और इस दौरान Dentsu के भारत में अलग-अलग ऑफिसों में वित्तीय व व्यक्तिगत रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और सर्वर पर मौजूद डेटा की जांच की गई।

एम्प्लॉयीज को दिया भरोसा

टाउनहॉल के दौरान हर्ष राजदान ने एम्प्लॉयीज से कहा कि कंपनी इस मौजूदा स्थिति से निकल जाएगी और चीजें धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगी। उन्होंने सर्च के दौरान एम्प्लॉयीज की ओर से दिखाए गए सहयोग और एकजुटता के लिए उनका धन्यवाद भी किया।

जानकारी के मुताबिक, हर्ष राजदान का संदेश मुख्य रूप से एम्प्लॉयीज को भरोसा देने और कामकाज जारी रखने पर केंद्रित रहा। उन्होंने इनकम टैक्स जांच की विस्तृत जानकारी पर चर्चा नहीं की। उन्होंने सर्च के कारण एम्प्लॉयीज को हुई परेशानी को स्वीकार किया और इस दौरान हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगी। खास तौर पर उन एम्प्लॉयीज का धन्यवाद किया गया, जो सीधे तौर पर ऑफिसों में हुई सर्च से प्रभावित हुए थे।

एक एम्प्लॉयी के मुताबिक, कई दिनों की अनिश्चितता के बाद एम्प्लॉयीज के लिए नेतृत्व से सीधे बात सुनना जरूरी था। टाउनहॉल में एम्प्लॉयीज को साथ बने रहने, अपने काम पर ध्यान देने और मौजूदा स्थिति को संगठन के कामकाज पर हावी न होने देने का संदेश दिया गया।

कई शहरों में हुई थी इनकम टैक्स की सर्च

इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई की शुरुआत Dentsu के मुंबई और दिल्ली ऑफिस से हुई थी। इसके बाद इसमें कंपनी के अन्य लोकेशन भी शामिल हुए। मुंबई ऑफिस में करीब 20 इनकम टैक्स अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी सामने आई थी।

अधिकारियों ने कंपनी के वित्तीय और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें सर्वर पर मौजूद डेटा भी शामिल था। सर्च के दौरान एम्प्लॉयीज की आवाजाही पर भी कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगाया गया था और कुछ व्यक्तिगत फोन व लैपटॉप की जांच की गई थी। इसके बाद एम्प्लॉयीज को घर से काम करने के लिए कहा गया था।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान कंपनी की ओर से जानकारी साझा करने की क्षमता भी सीमित रही, क्योंकि इनकम टैक्स विभाग अपनी जांच कर रहा था। ऐसे में एम्प्लॉयीज के बीच कंपनी और उनके काम पर संभावित असर को लेकर चिंता बनी हुई थी।

कंपनी फिर से सामान्य स्थिति में आएगी’

टाउनहॉल में कंपनी की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि मौजूदा स्थिति एक मुश्किल दौर है, लेकिन इससे Dentsu का कामकाज रुकने वाला नहीं है।

एक एम्प्लॉयी के अनुसार, नेतृत्व का जोर इस बात पर था कि कंपनी अपने क्लाइंट्स और काम पर ध्यान बनाए रखे और जांच के साथ-साथ कारोबार को भी सामान्य तरीके से चलाया जाए।

Dentsu के एम्प्लॉयीज के मुताबिक, टाउनहॉल का मकसद जांच से जुड़ी नई जानकारी देना कम और एम्प्लॉयीज का भरोसा बनाए रखना ज्यादा था।

जांच में क्या सामने आया, अभी स्पष्ट नहीं

इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई में वित्तीय रिकॉर्ड, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी व राजनीतिक अभियानों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच किए जाने की जानकारी है। हालांकि, जांच में किन खास लेन-देन को देखा जा रहा है और क्या इससे कोई टैक्स देनदारी सामने आएगी, इसकी सार्वजनिक रूप से जानकारी नहीं दी गई है।

Dentsu India ने भी इनकम टैक्स जांच का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। e4m ने इस मामले पर Dentsu से प्रतिक्रिया मांगी थी, लेकिन खबर प्रकाशित होने तक कंपनी की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

Dentsu पहले भी जांच के दायरे में रहा है

Dentsu India इससे पहले भी अलग-अलग मामलों में जांच का सामना कर चुका है। 2022 में इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी के मुंबई ऑफिस की तलाशी ली थी। यह कार्रवाई उसके एक क्लाइंट से जुड़ी जांच के सिलसिले में हुई थी।

इसके अलावा दिसंबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय ने Dentsu India से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी। यह कार्रवाई कथित ₹137 करोड़ के गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई थी। उस मामले में Dentsu ने पहले कहा था कि मामला किसी खास बिजनेस यूनिट से जुड़े पूर्व एम्प्लॉयीज और तीसरे पक्ष की कथित धोखाधड़ी से संबंधित था।

कंपनी एक अलग मामले में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की जांच के दायरे में भी रही है। हालांकि, CCI की कार्यवाही और मौजूदा इनकम टैक्स जांच के बीच कोई स्थापित संबंध नहीं बताया गया है। फिलहाल Dentsu में फोकस कारोबार को सामान्य स्थिति में लाने और एम्प्लॉयीज का भरोसा बनाए रखने पर है। टाउनहॉल से भी यही संकेत मिला कि कंपनी मौजूदा व्यवधान के बावजूद अपना कामकाज जारी रखने और आगे बढ़ने पर जोर दे रही है।

 

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पैनोरमा स्टूडियोज ने ‘Drishyam 3’ के लिए किया डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट

पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल ने अपकमिंग हिंदी फिल्म ‘दृश्यम-3 / दृश्यम – द कंक्लूजन के लिए Digital18 Media Private Limited के साथ डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट  किया है।

Vikas Saxena by
Published - Thursday, 17 September, 2026
Last Modified:
Thursday, 17 September, 2026
PanoramaStudios874

पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल (Panorama Studios International Limited) ने अपकमिंग हिंदी फिल्म ‘दृश्यम-3' / दृश्यम – द कंक्लूजन के लिए Digital18 Media Private Limited के साथ डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट  किया है। कंपनी ने यह जानकारी 16 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी है।

कंपनी के मुताबिक, यह समझौता फिल्म के सिनेमाघरों में प्रदर्शन और हवाई यात्रा के दौरान प्रसारण से जुड़े अधिकारों के उपयोग से संबंधित है।

‘दृश्यम-3’ में अजय देवगन और अन्य कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है। 

Panorama Studios ने यह जानकारी SEBI Listing Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत स्टॉक एक्सचेंज के साथ साझा की है।

कंपनी ने बताया कि उसने इस फिल्म के अधिकारों को लेकर Digital18 Media Private Limited के साथ डिस्ट्रीब्यूशन समझौता किया है। हालांकि, फाइलिंग में इस समझौते से होने वाली डील वैल्यू या कंपनी की कमाई से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी गई है।

 

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केंद्र ने किया CBFC का पुनर्गठन, 18 सदस्यीय बोर्ड में कई फिल्मी चेहरे शामिल

भारत सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानि कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का पुनर्गठन किया है।

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Published - Wednesday, 16 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 16 September, 2026
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भारत सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानि कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का पुनर्गठन किया है। यह नया गठन तत्काल प्रभाव से लागू होगा और बोर्ड का कार्यकाल तीन साल या अगले आदेश तक रहेगा, इनमें से जो भी पहले हो।

सरकार ने यह कदम सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952 की धारा 3(1) और सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) रुल्स, 2024 के रूल्स 3 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए उठाया है।

पुनर्गठित CBFC में कुल 18 सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें फिल्म, संगीत, साहित्य और मनोरंजन जगत से जुड़े कई नाम शामिल हैं।

नए CBFC बोर्ड में ये 18 सदस्य-

  1. विनोद अनुपम
  2. मनोज जोशी
  3. अभिषेक जैन
  4. रिकी केज
  5. प्रियदर्शन
  6. सुनील शेट्टी
  7. हंसराज हंस
  8. सुप्रिया यारलागड्डा
  9. यतींद्र मिश्रा
  10. रूपाली गांगुली
  11. प्रीति जिंटा
  12. नीला माधब पांडा
  13. पंकज त्रिपाठी
  14. प्रोसेनजीत चटर्जी
  15. पल्लवी जोशी
  16. निशिगंधा वाड
  17. वामन केंद्रे
  18. रमेश पतंगे

सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह पुनर्गठन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

पिछली बार सीबीएफसी का पुनर्गठन अगस्त 2017 में तीन साल के कार्यकाल के लिए किया गया था। नए बोर्ड का गठन नहीं होने के कारण उस बोर्ड के सदस्य 2020 के बाद भी पद पर बने रहे। ऐसा उन प्रावधानों के तहत किया गया था, जिनमें सदस्यों को उनके उत्तराधिकारियों की नियुक्ति होने तक पद पर बने रहने की अनुमति दी जाती है।

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'Honasa Consumer' ने नेहा गुप्ता को बनाया सीनियर वाइस प्रेसिडेंट

होनासा कंज्यूमर ने नेहा गुप्ता को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। गुप्ता ने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए नई भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने अगस्त में नई जिम्मेदारी संभाली।

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Published - Wednesday, 16 September, 2026
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Wednesday, 16 September, 2026
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होनासा कंज्यूमर लिमिटेड (Honasa Consumer Ltd.) ने नेहा गुप्ता को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (Senior Vice President) नियुक्त किया है। गुप्ता ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की है। उन्होंने अगस्त में यह जिम्मेदारी संभाली।

गुप्ता ने पोस्ट में लिखा कि वह होनासा कंज्यूमर में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर नई पारी शुरू करने को लेकर खुश हैं।

होनासा कंज्यूमर से पहले गुप्ता लेंसकार्ट (Lenskart) से जुड़ी थीं, जहां उन्होंने भारत के लिए मार्केटिंग प्रमुख (Head of Marketing- India) के तौर पर काम किया। वह करीब एक साल तक लेंसकार्ट के साथ रहीं। इससे पहले गुप्ता हेल्थकार्ट (HealthKart) में भी काम कर चुकी हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. अनिल सिंह बने Top Story के एडिटर

Top Story में नई जिम्मेदारी के साथ डॉ. अनिल सिंह अमेरिका स्थित डिजिटल न्यूज नेटवर्क STAR Views के एडिटर की जिम्मेदारी भी जारी रखेंगे।

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Published - Wednesday, 16 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 16 September, 2026
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वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. अनिल सिंह ने अंग्रेजी दैनिक Top Story में एडिटर की जिम्मेदारी संभाली है। अपनी इस भूमिका में डॉ. अनिल सिंह राष्ट्रीय राजनीति, संसद, अंतरराष्ट्रीय मामले, सार्वजनिक नीति, शासन, रणनीतिक मामलों और प्रमुख राजनीतिक व आर्थिक घटनाक्रमों की कवरेज पर नजर रखेंगे। इसके अलावा वह अखबार की संपादकीय दिशा, विशेष रिपोर्ट, इंटरव्यू, राजनीतिक विश्लेषण और विस्तृत टिप्पणी में भी योगदान देंगे।

डॉ. अनिल सिंह को टेलीविजन पत्रकारिता, प्रिंट और डिजिटल मीडिया, अकादमिक क्षेत्र तथा सार्वजनिक नीति विश्लेषण का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। अपने करियर में वह स्टार न्यूज (अब एबीपी न्यूज), आजतक और न्यूज24 जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ संपादकीय जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

उन्होंने 2004 से 2013 तक स्टार न्यूज में एग्जिक्यूटिव एडिटर, 2013 से 2015 तक आजतक में एग्जिक्यूटिव एडिटर और 2015 से 2020 तक न्यूज24 में एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर काम किया। अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने जी न्यूज और Asia-Pacific Communication Associates के साथ भी काम किया है।

डॉ. सिंह को संसद और भारतीय राजनीति की कवरेज का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की रिपोर्टिंग की है। टेलीविजन पत्रकारिता के दौरान उन्होंने स्टार न्यूज के ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ और आजतक के ‘राज तिलक’ जैसे प्रमुख राजनीतिक और चुनावी कार्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुभव में लाइव राजनीतिक कार्यक्रम, विशेष असाइनमेंट और अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बातचीत शामिल है।

Top Story में नई जिम्मेदारी के साथ डॉ. अनिल सिंह STAR Views के एडिटर की जिम्मेदारी भी जारी रखेंगे। बता दें कि STAR Views अमेरिका स्थित एक डिजिटल न्यूज नेटवर्क है। यह समानांतर संपादकीय जिम्मेदारी उनके काम में अंतरराष्ट्रीय आयाम जोड़ने की उम्मीद है, जिससे भारत के घटनाक्रमों को वैश्विक राजनीतिक, रणनीतिक और आर्थिक नजरिए से जोड़ने में मदद मिलेगी।

डॉ. सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पीएच.डी. की है। इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एम.फिल. और राजनीति विज्ञान में एम.ए. किया है। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में बी.ए. (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा भी कर चुके हैं। पत्रकारिता में पूरी तरह आने से पहले उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज में राजनीति विज्ञान भी पढ़ाया है।

डॉ. सिंह एक लेखक के तौर पर भी सक्रिय रहे हैं। उनके लेखन में भारतीय राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा, मीडिया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े विषय शामिल हैं। उनकी हालिया किताब ‘The Prime Minister: Discourses in Indian Polity’ 2025 में हर-आनंद से प्रकाशित हुई। यह किताब भारत में प्रधानमंत्री के संस्थान के विकास और कामकाज पर केंद्रित है। उनकी अन्य किताबों में ‘Bihar: Chaos to Chaos’, ‘Military and Media’ और ‘India’s Security Concerns in the Indian Ocean Region’ शामिल हैं।

उनकी संपादकीय विशेषज्ञता के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय संबंध, भारतीय और वैश्विक राजनीतिक अर्थव्यवस्था, शासन और सार्वजनिक नीति, संसद और लोकतांत्रिक संस्थान, रक्षा और रणनीतिक मामले, सतत विकास, मीडिया और समाज, चुनाव तथा राजनीतिक विश्लेषण शामिल हैं। डॉ. सिंह PIB से एडिटर कैटेगरी में मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। वह Indian Institute of Public Administration, Manohar Parrikar Institute for Defence Studies and Analyses, United Service Institution of India और India International Centre सहित कई प्रमुख अकादमिक और नीति संस्थानों से जुड़े हैं।

Top Story में अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर डॉ. अनिल सिंह ने कहा कि वह ऐसे समय में एडिटर के तौर पर जुड़कर खुश हैं, जब पत्रकारिता में बड़े बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास विश्वसनीय, संतुलित और विश्लेषणात्मक पत्रकारिता को मजबूत करना होगा, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे संदर्भ उपलब्ध कराने, नीतियों की पड़ताल करने और पाठकों को भारत तथा दुनिया को प्रभावित करने वाली ताकतों को समझने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने Top Story में योगदान देने के साथ STAR Views में अपनी संपादकीय जिम्मेदारी जारी रखने की बात भी कही।

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टीवी9 को बाय बोलकर निर्णय भट्टाचार्य ने संभाली News18Bangla.com के एडिटर की जिम्मेदारी

निर्णय भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अब एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है।

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Published - Wednesday, 16 September, 2026
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Wednesday, 16 September, 2026
Nirnay Bhattacharya

जानी-मानी मीडिया कंपनी Network18 Media & Investments Limited में निर्णय भट्टाचार्य ने नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने कंपनी के न्यूज प्लेटफॉर्म News18Bangla.com में एडिटर के तौर पर अपनी नई पारी शुरू की है। निर्णय भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की।

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अब एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। उन्होंने Network18 के साथ अपनी नई पारी शुरू करने पर खुशी जताते हुए नई चुनौतियों, नई बातचीत और नई संभावनाओं को लेकर उत्साह व्यक्त किया।

नेटवर्क18 से पहले निर्णय भट्टाचार्य Associated Broadcasting Co. Pvt Ltd (TV9) के साथ करीब छह साल तक जुड़े रहे। अप्रैल 2023 से अगस्त 2026 तक उन्होंने TV9 Bangla Digital में एडिटर की भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने डिजिटल एडिटोरियल स्ट्रैटेजी और न्यूजरूम ऑपरेशंस का नेतृत्व किया।

दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच उन्होंने TV9 Bangla Digital के साथ TV9 Assamese Digital की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाली। इससे पहले सितंबर 2020 से अप्रैल 2023 तक वह TV9 Bangla में डिप्टी एडिटर रहे। वह TV9 Bangla की शुरुआती कोर टीम का हिस्सा थे और डिजिटल रोलआउट, न्यूज प्लानिंग, SEO आधारित कंटेंट पाइपलाइन, सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी और डिजिटल-ब्रॉडकास्ट इंटीग्रेशन से जुड़े काम संभालते रहे।

TV9 से पहले निर्णय भट्टाचार्य अक्टूबर 2018 से सितंबर 2020 तक द इंडियन एक्सप्रेस (The Indian Express) में सीनियर कंटेंट ऑफिसर, The Indian Express Bangla Digital के तौर पर कार्यरत रहे। इससे पहले 2017 से अक्टूबर 2018 तक उन्होंने जी मीडिया (Zee Media) में Head of Zee 24 Ghanta Digital की जिम्मेदारी संभाली।

मई 2016 से मार्च 2017 तक वह जी मीडिया में सीनियर कॉपी राइटर (News) रहे। जुलाई 2012 से मई 2016 तक उन्होंने एबीपी ग्रुप में एग्जिक्यूटिव के तौर पर काम किया। निर्णय भट्टाचार्य ने कोलकाता यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की है। इसके अलावा उन्होंने नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुशन किया है।

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