इन बड़े एंकर्स ने अपनी पसंद का खोला ‘राज’, कई एंकर्स के पढ़े कसीदे

‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह की ओर से 22 फरवरी को नोएडा के होटल रेडिसन ब्लू में ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) 2019 दिए गए

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 29 February, 2020
Last Modified:
Saturday, 29 February, 2020
enba conference

न्यूज चैनल पर दिखने वाले मेल या फीमेल एंकर्स में से किसी न किसी को तो हर कोई फॉलो करता है। सोशल मीडिया के जरिए भी न्यूज चैनल के मेल या फीमेल एंकर की फैन फॉलोइंग का पता चल ही जाता है, लेकिन शायद ही कोई जानता हो कि इन एंकर्स की पसंद क्या है, वे किस एंकर को फॉलो करते हैं, इतना ही नहीं वे किस चैनल को पसंद करते हैं। इस बात का खुलासा ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) समूह की न्यूजनेक्सट कॉन्फ्रेंस क दौरान हुआ, जब एक पैनल डिस्कशन के दौरान ‘Differentiating editorial content from propaganda’ विषय पर चर्चा हो रही थी।

इस पैनल डिस्कशन को बतौर सेशन चेयर फिल्म मेकर, इंटरनेशनल एंटरप्रिन्योर, मोटिवेशनल स्पीकर और लेखक डॉ. भुवन लाल मॉडरेट कर रहे थे। पैनल डिस्कशन में ‘एबीपी न्यूज’ के वाइस प्रेजिडेंट (प्लानिंग और स्पेशल कवरेज) सुमित अवस्थी, ‘आजतक’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) रोहित सरदाना, ‘जी बिजनेस’ के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी, ‘राज्यसभा टीवी’ के एडिटर-इन-चीफ राहुल महाजन, ‘सीएनएन न्यूज18’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर भूपेंद्र चौबे और ‘विऑन’ की एग्जिक्यूटिव एडिटर पलकी शर्मा उपाध्याय शामिल थे।

यह पैनल डिस्कशन अपने अंतिम पड़ाव पर था कि तभी एक्सचेंज4मीडिया के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने पैनल में मौजूद सभी सदस्यों से उनके पसंदीदा एंकर और न्यूज चैनल को लेकर सवाल पूछ लिया। हालांकि सवाल सुनकर पैनल में मौजूद सभी सदस्य थोड़ा सा असहज हो गए, क्योंकि इतने बड़े मंच से अपने कॉम्पटीटर चैनल्स के एंकर का नाम लेकर अपनी पसंद जाहिर करना उनके लिए मुश्किल तो था। लिहाजा, ‘विऑन’ की एग्जिक्यूटिव एडिटर पलकी शर्मा इस सवाल से बचती दिखीं, उन्होंने तुरंत ही अपने चैनल का नाम लिया, लेकिन डॉ. बत्रा ने उनका जवाब सुनकर तुरंत ही अपने सवाल को फिर दोहराया कि अपने चैनल के एंकर को छोड़कर आप किसी भी अन्य चैनल की बात कर सकती हैं।       

यह सुनते ही सबसे पहले इसका जवाब देने के लिए ‘सीएनएन न्यूज18’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर भूपेंद्र चौबे ने हाथ खड़ा कर दिया और निसंकोच उन्होंने बताया कि वे रोहित सरदाना को बतौर एंकर काफी पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी मुलाकात रोहितजी से इतनी नहीं है, लेकिन मैं उनके प्रोग्राम्स को देखना पसंद करता हूं। कॉम्लीमेंट के तौर पर मैं कहना चाहूंगा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि वे कभी अपनी मर्यादा को क्रॉस नहीं करते हैं। हां, इनके सवाल जरूर तल्ख हो सकते हैं। विचारधारा को लेकर भले ही आप इनकी आलोचना कर सकते हैं कि वे इस तरफ हैं या उस तरफ हैं, लेकिन मेरे लिए वे आपके पूछे सवाल में पूरी तरह से फिट बैठते हैं। मैंने कभी उन्हें उस तरह से चिल्लाते नहीं देखा है, जैसा कि अन्य कई चैनलों पर होता है। उन्होंने कहा कि तल्ख आपके सवाल में होना चाहिए, आपके व्यवहार में नहीं।

इसके बाद फिर अगला नंबर पलकी शर्मा का आया तो उन्होंने इस बार सवाल को यह कहते हुए आगे पास कर दिया कि वे सबसे आखिर में इसका जवाब देंगी। यह सुनकर ‘राज्यसभा टीवी’ के एडिटर-इन-चीफ राहुल महाजन ने कहा कि यह बहुत ही कठिन सवाल है कि कोई एक एंकर दूसरे एंकर की नाम लेकर प्रशंसा करे।

लिहाजा सभी को बीच में रोकते हुए इस सवाल का जवाब देने की कमान ‘जी बिजनेस’ के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी ने अपने हाथों में ले ली और कहा कि मैं एक से ज्यादा एंकर को पसंद करता हूं। लेकिन पहला नाम यहां भूपेंद्र चौबे का लेना चाहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं इन्हें ‘सीएनबीसी’ के दिनों से ही पसंद करता हूं, क्योंकि जब हम पॉलिटिकल डिस्कशन करते थे, तो पॉलिटिकल ओपिनियन के लिए हमारी पहली पसंद भूपेंद्र चौबे ही होते थे, जबकि ‘नेटवर्क18’ में और भी पत्रकार थे। लेकिन ऐसा इसलिए था, क्योंकि उनकी ओपिनियन मुझे बिल्कुल क्लियर, अनबॉयस्ड लगती थी। उन्होंने कहा कि यहां, दूसरे एंकर का मैं नाम नहीं लूंगा, लेकिन मैं एक ऑर्गनाइजेशन के तौर पर ‘आजतक’ को पसंद करता हूं। मैं इस चैनल की बहुत रिस्पेक्ट करता हूं। उन्होंने कहा कि ये बिजनेस मीडिया का हिन्दुस्तान यूनिलीवर है। लेकिन अपनी बात को खत्म करते-करते उन्होंने एक और एंकर का जिक्र कर ही दिया वे रोहित सरदाना को भी बतौर एंकर पसंद करते हैं।

इसके बाद, ‘आजतक’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) रोहित सरदाना ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि टीवी पर बहुत सारे एंकर्स हैं, जिन्हें हम सभी एप्रिसिएट करते हैं। बातों के दौरान उन्होंने सुमित अवस्थी की ओर इशारा करते हुए अपनी पसंद जगजाहिर की और कहा कि मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा हूं कि सुमित मेरे बगल में बैठे हैं या फिर मैंने इनके साथ काम किया है, बल्कि जब मैंने इनके साथ कभी काम नहीं किया था, कभी किसी इवेंट मुलाकात होती थी, तब भी मैं हमेशा इन्हीं का नाम लेता था। फिर हमें बाद में ‘जी न्यूज’ में कुछ दिन एक साथ काम करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि एक अच्छी चीज कहना चाहूंगा कि ‘ताल ठोक के’ शो जो मैंने जी न्यूज पर किया था कि उसका नाम सुमित ने ही दिया था और मैं उसका एंकर था, लेकिन बहुत सारे लोग मुझे सुमित कहकर संबोधित कर देते थे। यहां तक कुछ लोग शो में भी मुझे सुमित ही कह देते थे, क्योंकि अगला शो सुमित का ही होता था और कई लोग इनके शो में भी शामिल होते थे। लिहाजा उनके दिमाग में सुमित ही चलता रहता होगा, क्योंकि मेरी शक्ल कुछ-कुछ सुमित से मिलती है, मेरी भी मूछें हैं, मैं भी चश्मा पहनता हूं और इत्तेफाकन कपड़े भी एक जैसे ही पहनता हूं। कद-काठी में भी ज्यादा अंतर नहीं है, बस इन्होंने जिम जाकर अपने आपको मेंटेन किया हुआ है। इसलिए शायद ये लोग मुझे सुमित कहकर बुला देते होंगे और मैं इस बात का बुरा भी नहीं मानता हूं।

इसके बाद रोहित सरदाना ने श्वेता सिंह का नाम लिया और कहा कि मैं अपने चैनल में श्वेता सिंह को देखता हूं। उन्हें हमेशा से देखता आया हूं और मैं उनकी प्रशंसा करता हूं कि उन्होंने कई सालों से अपने आपको मेंटेन किया हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे ही आप मीमांसा मलिक को देखिए, जबसे देख रहा हूं उन्होंने अपने आपको बहुत मेंटेन किया हुआ है। सारे दौर गुजर गए लेकिन मीमांसा मलिक ने अपना एक ऑरा मेंटेन किया हुआ है और वो आज भी वे वैसे की वैसी ही दिखती हैं। टेलिविजन चैनल के बाहर यदि बात करें तो मैं बीबीसी नाउ में मिलिंद खांडेकर को देखता हूं, जबकि मैंने इनके साथ कभी काम नहीं किया है। ट्विटर पर यदि मैं इन्हें ऐसी वैसी कोई बात लिख भी देता हूं तो मैंने कभी नहीं देखा कि वे नाराज हो गए हो, बल्कि वे इसका जवाब भी देते हैं और मेरी कही बात को रीट्वीट भी कर लेते हैं। यही तो एक अच्छे आदमी की पहचान है।   

इसके बाद अब बारी थी सुमित अवस्थी की, तो उन्होंने इस सवाल के जवाब में कहा कि मैं यहां एक नहीं दो नाम लेना चाहूंगा, किसी चेहरे को देखते हुए नहीं, बल्कि प्रोफेशनली। उन्होंने कहा कि हर जर्नलिज्म के स्टूडेंट को हमेशा डॉ. रजत शर्मा से सीखना चाहिए कि आप कैसे विनम्रता और सरलता से अपने मेहमानों से अच्छी चीजें निकलवा सकते हैं, न्यूज पॉइंट्स निकलवा सकते हैं, हेडलाइंस निकलवा सकते हैं। इसके अलावा डॉ. प्रणॉय रॉय से सीखना चाहिए। आइडियोलॉजिकली ये दोनों आदमी अपनी-अपनी दो धुरी के दो स्ट्रीम हो सकते हैं, लेकिन इनसे सीखने के लिए बहुत कुछ है। दोनों ही बहुत मेहनती हैं। दोनों ही अपने-अपने दम पर बने और खड़े हुए हैं। उन्होने कहा कि मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है, लेकिन मैं एक असफल छात्र रहा हूं और यह जानता हूं कि मैं उनके एग्जाम में फेल हो जाउंगा। इसलिए उनसे सीखना चाहिए।   

इसके बाद ‘राज्यसभा टीवी’ के एडिटर-इन-चीफ राहुल महाजन ने सुमित अवस्थी की बातों पर सहमति जताते हुए कहा कि मैं डॉ. प्रणॉय रॉय को शुरू से ही बहुत ज्यादा फॉलो करता हूं। इसके अलावा मैं कहूं तो नविका कुमार को बहुत ही ज्यादा फॉलो करता हूं। उनकी एंकरिंग स्किल्स के लिए नहीं, बल्कि उनकी डेप्थ ऑफ नॉलेज के लिए मैं उन्हें फॉलो करता हूं। हालांकि इन लोगों के जवाब सुनने के बाद, डॉ. बत्रा ने एक बार फिर भूपेंद्र चौबे का रुख किया और कहा कि जो एंकर पैनल में शामिल नहीं हैं और जिन्हें आप पसंद करते हैं, ऐसे एंकर का नाम आप बताइए। इसका जवाब देते हुए

उन्होंने कहा कि मैंने जीवन में दो कंपनियों में काम किया है। डॉ.प्रणॉय रॉय और रजत शर्मा चार्मर है, लेकिन उनके साथ ही एक और व्यक्ति हैं राघव बहल, जिन्हें मैं काफी पसंद करता हूं। हालांकि वो कोई रेगुलर एंकर नहीं है। लेकिन मैं यहां सभी गुजारिश करूंगा कि सभी लोग उनका वित्त मंत्री के साथ किया इंटरव्यू जरूर देखें, कि कैसे उन्होंने बड़ी ही सहजता और विनम्रता पूर्वक उनसे सवाल किए हैं और वो भी पूरे डेटा के साथ। इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि मेरी नजर में वही ऐसे एक एंकर हैं, जो बड़ी ही मेहनत और पूरे डेटा के साथ इंटरव्यू करते हैं।

और अंत में एक बार फिर यह सवाल ‘विऑन’ की एग्जिक्यूटिव एडिटर पलकी शर्मा के सामने आ गया, और इस बार में उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि सबको सुनने के बाद मैं कहना चाहूंगी कि यहां किसी ने भी उनका नाम नहीं लिया है, जिसका नाम लेना चाहिए था। पुरुष प्रधान वाले इस देश में जैसा कि पैनल में भी देखने को मिल रहा है, वह बहुत ही जाना माना नाम है, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में काफी उल्लेखनीय काम किया है, जिनमें शीरीन भान और सुहासिनी जैसे लोगों का नाम लिया जा सकता है, जिनके साथ मैंने काम किया है। लेकिन कुछ ऐसे भी नाम हैं, जिनके साथ मैंने काम नहीं किया है, जैसे नविका कुमार और सोनिया सिंह हैं, जो इस समय शीर्ष पर हैं और न्यूजरूम में बहुत ही बैलेंस करके काम कर रही हैं।

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लॉकडाउन की कवरेज कर रहे पत्रकार के साथ पुलिस ने यूं की अभ्रदता

पूरा देश 21 दिनों के लॉकडाउन का पालन कर रहा है। कोरोना से बचने व लोगों में जागरूकता फैलाने को लेकर देश की मीडिया भी अपना बड़ा योगदान दे रही है।

Last Modified:
Thursday, 02 April, 2020
journalist

पूरा देश 21 दिनों के लॉकडाउन का पालन कर रहा है। कोरोना से बचने व लोगों में जागरूकता फैलाने को लेकर देश की मीडिया भी अपना बड़ा योगदान दे रही है। लिहाजा मीडिया को काम करने में परेशानी न हो इसके लिए पीएम मोदी ने मीडिया को इमरजेंसी जरूरत में शामिल किया है। लेकिन फिर अलग-अलग जगहों से पुलिस के द्वारा पत्रकारों के साथ बर्बरता के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला ग्वालियर से सामने आया है।

बता दें कि घटना ग्वालियर के चेतकपुरी गेट की है। यहां शहर में लगे लॉकडाउन की रिपोर्टिंग कर रहे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के युवा पत्रकार चेतन सेठ के साथ पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार करते हुए न सिर्फ उन्हें गालियां दीं, बल्कि विरोध करने पर पत्रकार के साथ मारपीट भी की, जिसमें चोटिल हो गया है। पत्रकार का जेएएच अस्पताल में इलाज कराया गया।

दरअसल, पुलिसकर्मियों ने पत्रकार को रिर्पोटिंग करने से मना किया, जिसका विरोध करने पर रिर्पोटर को पुलिसकर्मियों ने यह कहते हुए गालियां दी कि तुम मीडिया वाले ज्यादा परेशान कर रह हो। इसके बाद, पुलिसकर्मियों ने बर्बरता दिखाते हुए पत्रकार पर लाठियों से हमला कर दिया, जिससे पत्रकार के बायां हाथ फ्रेक्चर हो गया।

इसके बाद शहर के प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के तमाम पत्रकारों ने फूलबाग चौराहे पर अपने कैमरा बैग सड़क पर रख लग पुलिसकर्मियों के गलत व्यवहार का विरोध किया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी नवनीत भसीन ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है, जिनमें एएसआई के.के शाक्य, आकक्षक गौरव शर्मा और आरक्षक बालेंद्र शर्मा के नाम शामिल है।

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CNBC Awaaz की एंकर मुग्धा मिश्रा ने लिया ये फैसला

जानी-मानी न्यूज एंकर मुग्धा मिश्रा इस चैनल के साथ एक दशक से ज्यादा समय से जुड़ी हुई थीं और एसोसिएट एडिटर की भूमिका निभा रही थीं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 01 April, 2020
Last Modified:
Wednesday, 01 April, 2020
Mugdha Mishra

हिंदी के बिजनेस न्यूज चैनल ‘सीएनबीसी आवाज’ (CNBC Awaaz) से खबर है कि मुग्धा मिश्रा ने ग्रुप को अलविदा कह दिया है। जानी-मानी न्यूज एंकर मुग्धा मिश्रा यहां एसोसिएट एडिटर की भूमिका निभा रही थीं। वे पिछले एक दशक से ज्यादा समय से चैनल के साथ थीं।

हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) से इस खबर की पुष्टि करते हुए मुग्धा ने कहा, ‘हां मैंने ‘सीएनबीसी आवाज’ को बाय बोल दिया है और अब मैं एक प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए ऑटो सेक्शन को कवर करूंगी।

मुग्धा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में ‘सीएनबीसी आवाज’ में एडिटेरियल डेस्क पर बतौर सीनियर रिसर्च एनालिस्ट के रूप में शुरू की थी। यहां वह 10 एनालिस्ट की टीम का नेतृत्व करती थीं, जो 24x7 आधार पर रिसर्च इनपुट्स उपलब्ध कराती थी।

2008 में उन्होंने ब्लूमबर्ग-यूटीवी (यूटीवी समूह और ब्लूमबर्ग के बीच एक जॉइंट वेंचर, जिसे बाद में BTVi  के नाम से जाना गया) को जॉइन कर लिया था। यहां उन्होंने सीनियर रिसर्च एनालिस्ट के तौर पर काम किया और एडिटोरियल डेस्क पर भी अपना योगदान दिया।

वर्ष 2009 में मुग्धा ने ‘सीएनबीसी आवाज’ को जॉइन कर लिया और यहां अपने करियर की सबसे लंबी पारी खेली। यहां उन्होंने ‘आवाजओवर ड्राइव’ (Awaaz Overdrive) शो की एंकरिंग की। इस साप्ताहिक शो में वह कार और मोटरसाइकिलों के बारे में बात करती थीं।

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NBA ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का किया स्वागत

‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ ने इस बात पर सहमति जताई है कि मीडिया को काफी जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभानी चाहिए

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 01 April, 2020
Last Modified:
Wednesday, 01 April, 2020
NBA

फेक न्यूज को फैलने से रोकने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों का निजी टेलिविजन न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) ने स्वागत किया है। ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ ने इस बात पर सहमति जताई है कि मीडिया को काफी जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभानी चाहिए। इसके साथ ही कोरोनावायरस (कोविड-19) के संकट के दौरान किसी भी न्यूज को टेलिकास्ट करते समय सोशल मीडिया पर चल रहीं तमाम ‘फेक न्यूज’ से बचना चाहिए और तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए।

‘एनबीए’ के वाइस प्रेजिडेंट और इंडिया टीवी के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा की ओर से जारी एक पत्र में इस बात पर भी प्रसन्नता जताई गई है कि सोशल मीडिया समेत विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सरकार की ओर से एक डेली बुलेटिन भी चलाया जाएगा, ताकि लोगों में फैल रहीं तमाम आशंकाओं को दूर किया जा सके। इससे मीडिया को भी तमाम संदेहों को स्पष्ट करने और उन्हें सटीक रिपोर्टिंग करने में सक्षम बनाने में मदद मिलेगी।

पत्र में ‘एनबीए’ ने इस बात के लिए भी सुप्रीम कोर्ट की सराहना की है, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि इस महामारी को लेकर मीडिया में होने वाली चर्चाओं, डिबेट और कवरेज में हस्तक्षेप करने का उसका कोई इरादा नहीं है।

गौरतलब है कि देशभर में जारी लॉकडाउन के दौरान लाखों लोगों के पलायन के लिए फेक न्यूज तथा भ्रम फैलाने वाले संदेशों को जिम्मेदार ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च को ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए हैं। 

इसके साथ ही चीफ जस्टिस एसए बोब्डे और जस्टिस नागेश्वर राव की खंडपीठ ने सरकार से फेक न्यूज फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए भी कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया को भी जिम्मेदारी दर्शाने के निर्दश दिए थे। कोर्ट का कहना था कि मीडिया संस्थान तथ्यपूर्ण खबरों को ही प्रकाशित/प्रकाशित करें।

 

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कोरोना की चपेट में आया यह न्यूज एंकर, ट्वीट कर खुद दी जानकारी

दुनिया भर के लिए जानलेवा बन चुका कोरोना वायरस अभी भी तबाही मचा रहा है। यह तबाही चीन के बाद इटली, स्पेन, फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों में ज्यादा देखने को मिल रही हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 01 April, 2020
Last Modified:
Wednesday, 01 April, 2020
Corona

दुनिया भर के लिए जानलेवा बन चुका कोरोना वायरस अभी भी तबाही मचा रहा है। यह तबाही चीन के बाद इटली, स्पेन, फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों में ज्यादा देखने को मिल रही हैं। अमेरिका में प्रतिदिन मरने वाले लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। वहीं इससे संक्रमित लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। अमेरिकी न्यूज चैनल ‘सीएनएन’ के एंकर क्रिस्टोफर कूमो (Christopher Cuomo) भी अब कोरोना का शिकार हो गए है। उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है।  

खास बात ये है कि पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी क्रिस्टोफर अपने शो को घर से होस्ट करेंगे। मंगलवार को उन्होंने खुद ही एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा कि उनके कोरोना का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। उन्होंने कहा, ‘हालात बहुत मुश्किल हैं और हर दिन ये बिगड़ते ही जा रहे हैं। मैं भी संक्रमित हो गया हूं, पिछले दिनों मैं कई लोगों से मिला, उनमें से कुछ संक्रमित थे। मुझे बुखार और सांस लेने में दिक्कत है। आशा है कि बच्चों और पत्नी तक संक्रमण नहीं पहुंचेगा।’ बता दें कि कि सीएनएन के एंकर न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्‍यूमो के भाई हैं।

 

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पत्रकारोंं की सुरक्षा को लेकर हाई कोर्ट में उठी ये मांग

सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान मीडिया कर्मियों को छूट दी गई है ताकि वे कोरोना वायरस से जुड़ी खबरों को समाज में रह रहे लोगों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचाते रहें

Last Modified:
Tuesday, 31 March, 2020
Journalist

कोरोना से जंग लड़ रही आशा कार्यकर्ताओं, स्वच्छता कर्मचारियों, मेडिकल और पैरा-मेडिकल स्टाफ के लिए 50 लाख रुपए के बीमा कवर का ऐलान किया है, जिसका फायदा 20 लाख मेडिकल स्टाफ और कोरोना वॉरियर्स को मिलेगा। लेकिन अपनी जान जोखिम में डालकर ग्राउंड रिपोर्टर के जरिए देश को जागरूक करने वाले पत्रकारों को इस बीमा कवर से दूर रखा गया है। लिहाजा, ऐसे में उनकी सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुविधा और प्रत्येक पत्रकार के लिए 50 लाख रुपए बीमा कराने की मांग की गई है।

बता दें कि इस याचिका पर तत्काल सुनवाई का आग्रह किया गया, लेकिन कोर्ट ने कहा कि इस याचिका पर सुनवाई की अभी कोई जल्दी नहीं है। लॉकडाउन के खत्म होने के बाद सुनवाई की जाएगी।  यह याचिका वकील अर्पित भार्गव की ओर से हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार के समक्ष दायर की गई है।

याचिका में मांग की गई है कि कोरोना वायरस महामारी के बावजूद फील्ड में रिपोर्टिंग कर रहे प्रत्येक रिपोर्टर को स्वास्थ्य और जीवन बीमा देने के लिए केन्द्र सरकार को निर्देश दिए जाएं। याचिका में यह भी कहा गया है कि रिपोर्टर चाहे कांट्रैक्चुअल हों, एडहोक पर हों या स्थायी हों, सभी को यह सुविधा प्रदान की जाए। याचिका में ये मांग की गई है कि प्रत्येक रिपोर्टर को कम से कम 50 लाख रुपए का स्वास्थ्य और जीवन बीमा मुहैया करवाया जाए।

याचिका में कहा गया है कि सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान मीडिया कर्मियों को छूट दी गई है ताकि वे कोरोना वायरस से जुड़ी खबरों को समाज में रह रहे लोगों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचाते रहें, इसलिए रिपोर्टरों के लिए यह कदम उठाया जाना बेहद जरूरी है। हालांकि हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार ने कहा कि लॉकडाउन की स्थिति सामान्य हो जाने के बाद ही इस याचिका पर विचार किया जा सकता है।

गौरतलब है कि इससे पहले भारत सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकारों की संस्था  प्रेस एसोसिएशन ने कोरोना महामारी को देखते हुए पीएम मोदी को पत्र लिखकर पत्रकारों के लिए भी 50 लाख रुपए के बीमा की मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्रकार भी महामारी के खिलाफ लड़ाई में योगदान दे रहे हैं, जिस तरह वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मचारियों आदि के लिए 50 लाख बीमे की घोषणा की उसी तरह यह सुविधा पत्रकारों को भी मिलनी चाहिए।

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BCCL से आई बड़ी खबर, एस. शिवकुमार को मिली ये जिम्मेदारी

‘बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड’ (BCCL) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है।

Last Modified:
Tuesday, 31 March, 2020
S. Sivakumar

जानी-मानी मीडिया कंपनी ‘बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड’ (BCCL) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। खबर यह है कि एस. शिवकुमार को ‘बीसीसीएल’ में एग्जिक्यूटिव कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति एक अप्रैल से प्रभावी होगी। नई भूमिका में ‘बीसीसीएल’ से संबंधित सभी कार्य शिवकुमार के जिम्मे होंगे।

बता दें कि एस. शिवकुमार चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कॉस्ट एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के फेलो मेंबर हैं। वह ‘बीसीसीएल’ के साथ करीब तीस वर्षों से जुड़े हुए हैं। जुलाई 2016 में उन्हें प्रेजिडेंट (रेवेन्यू) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 

इसके साथ ही शिवकुमार और मोहित जैन ‘बीसीसीएल’ के बोर्ड में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स की भूमिका में भी रहेंगे। वहीं, ‘बीसीसीएल’ के सीईओ के रूप में राज जैन का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है, वह इस संस्थान से करीब पांच वर्षों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने नवंबर 2014 में इस समूह को जॉइन किया था। इससे पहले वह 'भारती रिटेल' में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।  

 

 

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PIB ने Corona से जुड़ी इन दो खबरों को बताया गलत

कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण को लेकर जितना डर फैला हुआ है, उससे कहीं ज्यादा इससे जुड़ी निरधार खबरें।

Last Modified:
Monday, 30 March, 2020
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कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण को लेकर जितना डर फैला हुआ है, उससे कहीं ज्यादा इससे जुड़ी निरधार खबरें। कोरोनावायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने देश में 21 दिन का लॉकडाउन किया है। सोमवार को लॉकडाउन का छठा दिन है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि लॉकडाउन की समयसीमा बढ़ सकती है।

तो यहां बता दें कि यह खबर पूरी तरह से गलत है, क्योंकि 21 दिनों के लॉकडाउन को आगे बढ़ाने वाली खबरों का केंद्र सरकार ने खंडन करते हुए इसे अफवाह करार दिया है। सरकार का कहना है कि इन खबरों को कोई आधार नहीं है।

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर ये जानकारी दी है। पीआईबी ने अपने पहले ट्वीट में कहा कि अफवाह पर ध्यान न दें। अफवाहें और मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि सरकार #Lockdown21 की अवधि समाप्त होने के बाद इसे बढ़ा देगी। कैबिनेट सचिव ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है और कहा है कि वे निराधार हैं।

पीआईबी ने एक अन्य ट्वीट में कैबिनेट सचिव ने क्या कहा, इसकी जानकारी दी। ट्वीट में लिखा, ‘राजीव गौबा ने इन खबरों खंडन किया है और कहा है इस तरह की खबरें आधारहीन हैं। उन्होंने कहा कि अफवाहों और मीडिया में चल रही खबरों में यह दावा किया जा रहा है कि सरकार लॉकडाउन की अवधि समाप्त होने के बाद इसे बढ़ा देगी। कैबिनेट सचिव ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है और कहा है कि वे निराधार हैं।’

वहीं सोशल मीडिया पर फैलायी जा रही एक अन्य खबर को भी पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने गलत बताया है। दरअसल, इस खबर में यह झूठ फैलाया जा रहा है कि गृह मंत्रालय के प्रमुख सचिव रवि नायक के कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कोरोना वायरस से सम्बंधित कोई भी पोस्ट को दंडनीय अपराध घोषित कर दिया गया है। गलत पोस्ट या मैसेज करने पर ग्रुप एडमिन सहित पूरे ग्रुप के सदस्यों पर आईटी एक्ट के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही की जाएगी, इसलिए ध्यान रखें, सतर्क रहें, सुरक्षित रहे।

इस खबर को लेकर पीआईबी ने ट्वीट कर कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा ऐसा कोई भी निर्देश सोशल मीडिया को लेकर नहीं जारी किया गया है।

 

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कोरोना का खौफ: प्रशासन की कार्रवाई से पत्रकारों में नाराजगी

शासकीय आदेशों का उल्लंघन करने पर थाना श्यामला हिल्स ने कोरोना पॉजिटिव पाए गए पत्रकार केके सक्सेना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

नीरज नैयर by
Published - Saturday, 28 March, 2020
Last Modified:
Saturday, 28 March, 2020
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वरिष्ठ पत्रकार केके सक्सेना के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से भोपाल प्रशासन सकते में है। प्रशासन द्वारा पत्रकारों के घर पर ‘Covid19 डू नॉट विजिट’ पोस्टर चस्पा किये जा रहे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि इनमें वह पत्रकार भी शामिल हैं, जो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद नहीं थे। इसी बात को लेकर प्रशासन और पत्रकारों में ठन गई है। पोस्टर लगाने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम से कई पत्रकारों का विवाद भी हुआ। पत्रकारों का कहना है कि सरकार बिना वजह दहशत फैला रही है। हमने खुद आगे बढ़कर टेस्ट कराने को कहा है, लेकिन वह पोस्टर चिपकाने तक सीमित है। जो पत्रकार प्रेस कांफ्रेंस में गए भी नहीं थे, उनके भी नाम संदिग्धों की सूची में डाल दिए गए हैं। आखिर ऐसा किस आधार पर किया जा रहा है?

शुक्रवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम कुछ पत्रकारों के घर पोस्टर लगाने गई थी। इस दौरान उनका पत्रकारों से विवाद भी हुआ। पत्रकारों ने प्रेस कांफ्रेंस में न होने का हवाला भी दिया, लेकिन कर्मचारी कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। हालांकि, कड़े विरोध को देखते हुए उन्हें बिना पोस्टर लगाये ही वापस लौटना पड़ा।

कर्मचारियों का कहना है कि वह सिर्फ कलेक्टर के आदेश की तालीम कर रहे हैं। उन्हें जिन पत्रकारों की सूची सौंपी गई है, उसी के आधार पर पोस्टर लगाये जा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर एक विडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें पत्रकार को पोस्टर लगाने पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को भगाते हुए दिखाया गया है। विडियो में पत्रकार पूछता है कि क्या कमलनाथ या शिवराज सिंह के घर पर पोस्टर लगाये हैं? नहीं, तो फिर यहां कैसे आये’? इस विडियो के सामने आने के बाद जहां कुछ पत्रकारों उक्त पत्रकार के बर्ताव पर नाराजगी जाता रहे हैं। वहीं कुछ की नजर में यह प्रशासन की बेवकूफी से उपजा गुस्सा है। नाराजगी जताने वालों का कहना है कि भले ही प्रशासन ने गलती की, लेकिन अधिकारियों का गुस्सा कर्मचारियों पर नहीं निकाला जाना चाहिए।
केके सक्सेना के खिलाफ केस दर्ज

वहीं, शासकीय आदेशों का उल्लंघन करने पर थाना श्यामला हिल्स ने कोरोना पॉजिटिव पाए गए पत्रकार केके सक्सेना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सक्सेना के खिलाफ धारा 188, 269, 270 भा.द.वि. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सक्सेना ने न केवल कोरोना संक्रमित होकर लापरवाही की बल्कि इलाज के लिये गए सरकारी डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार भी किया था।

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IBF की बड़ी पेशकश, मुफ्त में देख सकेंगे ये चार टीवी चैनल्स

कोरोनावायरस (कोविड-19) के खिलाफ लड़ाई में सरकार के सपोर्ट के लिए ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ भी आगे आया है।

Last Modified:
Saturday, 28 March, 2020
Channel

कोरोनावायरस (कोविड-19) के खिलाफ लड़ाई में सरकार के सपोर्ट के लिए ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ (Indian Broadcasting Foundation) भी आगे आया है। इसके तहत ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ के सदस्यों ने सोनी के चैनल ‘सोनी पल’, स्टार इंडिया के चैनल ‘स्टार उत्सव’ जी टीवी के चैनल ‘जी अनमोल’ और ‘वायकॉम18’ के कलर्स बुके (bouquet) में शामिल चैनल ‘कलर्स रिश्ते’ को दो माह तक मुफ्त में प्रसारित करने की पेशकश की है। ये सभी चैनल पे चैनल्स (pay channels) हैं।

इस पेशकश के तहत अब ये चारों चैनल देश भर में सभी ‘डायरेक्ट टू होम’ (DTH) और केबल नेटवर्क्स पर दो महीने के लिए मुफ्त में देखने को मिलेंगे। यानी देश भर के दर्शकों को इन चारों चैनल्स को देखने के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।     

दरअसल, इन सभी ब्रॉडकास्टर्स का मानना है कि जब लॉकडाउन के कारण लोगों को 21 दिनों तक अपने घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है, ऐसे मे इस कदम से लोगों को थोड़ा एंटरटेनमेंट और स्फूर्तिदायक कंटेंट मिल सकेगा, जो लोगों को काफी राहत प्रदान करेगा।   

बता दें कि कोरोनावायरस के प्रकोप को देखते हुए सरकार ने लोगों से सोशल डिस्टिंग अपनाने के साथ ही घरों पर ही रहने को कहा है। ऐसे में इन चारों ब्रॉडकास्टर्स ने भी आगे आकर इन चारों चैनल्स के लिए दो महीने तक अपने सभी तरह के टैरिफ और शुल्क को दर्शकों के लिए मुफ्त करने का निर्णय कर कोरोना से ‘जंग’ में अपना साथ दिया है।

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पत्रकारों के लिए सरकार ने शुरू की ये योजना, इस तरह मिलेगा लाभ

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के पत्रकारों को एक बड़ी सौगात दी है

Last Modified:
Saturday, 28 March, 2020
Journalist

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के पत्रकारों को एक बड़ी सौगात दी है। दरअसल, मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना की शुरुआत की है। इसके तहत बिहार के पत्रकारों को हर महीने 6000 रुपए की पेंशन दी जाएगी। फिलहाल राज्य के 48 पत्रकारों को यह पेंशन मिलेगी। यह योजना 14 नवंबर 2019 से प्रभावी की गई है और पेंशन पाने वाले पत्रकारों को एरियर का भुगतान भी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुक्रवार को 40 पत्रकारों के खाते में पेंशन की राशि स्थानांतरित कर दी गयी। इन 40 पत्रकारों के अतिरिक्त पांच पत्रकारों को 6 मार्च 2020 तथा तीन पत्रकारों को 16 मार्च 2020 के प्रभाव से पेंशन का लाभ मिलेगा।

जिन 40 पत्रकारों को नवंबर 2019 से लाभ मिलना है, उनके लिए 1.36 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। वहीं, जिन पत्रकारों के पेंशन की स्वीकृति मार्च से दी गयी है, उनके खाते में पेंशन की राशि अगले महीने स्वीकृति के एक माह पूरा होने के बाद जाएगी।

राज्य में पेंशन योजना को स्वीकृत किए जाने के मौके पर उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय. कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा, मुख्य सचिव दीपक कुमार, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार आदि वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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