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लोकतंत्र के लिए पत्रकारिता की स्वतंत्रता बेहद जरूरी: जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़
देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में तमाम पत्रकारों को रामनाथ गोयका अवॉर्ड से किया सम्मानित
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बुधवार को प्रतिष्ठित रामनाथ गोयका अवॉर्ड्स दिए गए। देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के मुख्य आतिथ्य में नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में विजेता पत्रकारों को ये अवॉर्ड्स दिए गए। इनमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया तीनों के पत्रकार शामिल थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने पत्रकारिता के पेशे की काफी सराहना की। उनका कहना था, ‘यदि लोकतंत्र को बनाए रखना है तो उसके लिए पत्रकारिता को पूर्ण स्वतंत्रता देना जरूरी है। वहीं, पत्रकारों के लिए निष्पक्षता के मानकों को बनाए रखना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।’
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फेक न्यूज को समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए चीफ जस्टिस का यह भी कहना था कि फेक न्यूज में समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की क्षमता होती है, इसलिए सच्चाई और झूठ के बीच की खाई को ठीक करना महत्वपूर्ण है। इसके लिए एक व्यापक फैक्ट चेकिंग मैकेनिज्म पहले होना चाहिए।
इसके साथ ही चीफ जस्टिस का यह भी कहना था, ‘मैं उन रिपोर्ट्स की गहराई से बेहद प्रभावित हूं, जिनमें हमारे देश के रिपोर्टर्स जुटे हुए हैं। जो पत्रकार आज नहीं जीते हैं, उनके लिए मैं यही कहना चाहता हूं कि आप जीवन के खेल में किसी विजेता से कम नहीं हैं, क्योंकि आपका पेशा एक महान पेशा है।’
अपने संबोधन में कानून और पत्रकारिता दोनों की बात करते हुए चीफ जस्टिस का यह भी कहना था, ‘पत्रकार और वकील (या न्यायाधीश, जैसा कि मेरे मामले में है) कुछ मामलों में एक जैसे होते हैं। निस्संदेह, दोनों प्रोफेशन के लोग इस बात पर दृढ़ विश्वास रखते हैं कि कलम तलवार से अधिक शक्तिशाली होती है। लेकिन, वे अपने पेशे के आधार पर नापसंद किए जाने के व्यावसायिक खतरे को भी शेयर करते हैं। दोनों प्रोफेशन के मेंबर्स अपने दैनिक कार्यों में लगे रहते हैं और उम्मीद करते हैं कि एक दिन उनके पेशे की प्रतिष्ठा में बदलाव आएगा।’
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