प्राइम फोकस लिमिटेड (Prime Focus Limited) से जुड़े दिवालिया मामले में सुप्रीम कोर्ट ने Raspalfa Services Private Limited को बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने NCLAT के अंतरिम आदेश को चुनौती देने वाली कंपनी की अपील खारिज कर दी है।
प्राइम फोकस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 मई 2026 को अपना आदेश सुनाया, जिसकी कॉपी 26 मई को उपलब्ध हुई।
दरअसल, मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के 6 मई 2026 के आदेश से जुड़ा है। NCLT ने एक वित्तीय लेनदार की ओर से दायर याचिका स्वीकार कर ली थी। इसके खिलाफ Prime Focus की तरफ से NCLAT में अपील की गई थी।
इसके बाद NCLAT ने 12 मई 2026 को अंतरिम राहत देते हुए NCLT के आदेश पर रोक लगा दी थी। साथ ही Interim Resolution Professional (IRP) को भी आगे कोई कार्रवाई न करने के निर्देश दिए थे।
इस अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए Raspalfa Services Private Limited सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल NCLAT का आदेश अंतरिम प्रकृति का है और इस स्तर पर हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि सभी पक्ष अपनी दलीलें NCLAT के सामने रख सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी नोट किया कि वित्तीय लेनदार की ओर से दावा की गई राशि जमा कर दी गई है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दावा किया कि कंपनी की वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों की संख्या को लेकर कई सवाल हैं। वहीं दूसरी ओर कंपनी की तरफ से पेश वरिष्ठ वकीलों नीरज किशन कौल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि संबंधित राशि जमा कर दी गई है और देशभर के स्टूडियो में हजारों कर्मचारी काम करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले के मेरिट पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि चूंकि मामला पहले से NCLAT में लंबित है, इसलिए वही इस पर आगे सुनवाई करेगा।
इधर, Raspalfa Services की ओर से NCLAT में दायर एक अन्य आवेदन भी 27 मई को वापस ले लिया गया। यह आवेदन NCLAT के 12 मई वाले अंतरिम आदेश को हटाने के लिए दायर किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कंपनी ने इस आवेदन पर जोर नहीं दिया।
अब इस मामले की अगली सुनवाई NCLAT में 9 जुलाई 2026 को होगी।