ओसामा शाब ने ‘NDTV’ को कहा अलविदा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया वीडियो

समाचार4मीडिया से बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए ओसामा शाब ने कहा कि वह फिलहाल छोटे से ब्रेक पर हैं औऱ जल्द नई पारी की शुरुआत कर उस बारे में बताएंगे।

Last Modified:
Friday, 31 October, 2025
Osama Shaab


टीवी पत्रकार ओसामा शाब (Osama Shaab) ने ‘एनडीटीवी’ (NDTV) को अलविदा बोल दिया है। वह यहां करीब 11 साल से कार्यरत थे और स्पोर्ट्स एंकर समेत विभिन्न भूमिकाओं में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अपने इस्तीफे की जानकारी ओसामा ने कुछ दिनों पहले खुद एक वीडियो क्लिप के जरिये सोशल मीडिया पर शेयर की है।

अपनी इस वीडियो क्लिप में ओसामा शाब ने कहा है, ‘11 यादगार सालों के बाद अब मैं एनडीटीवी से अलविदा कह रहा हूं। यह मेरे लिए सिर्फ एक कार्यस्थल नहीं, बल्कि एक ऐसा स्थान रहा जहां मैंने पेशेवर और व्यक्तिगत रूप से खुद को विकसित किया। यहां मैंने स्टोरीटेलिंग की कला सीखी, ब्रेकिंग न्यूज के लंबे और थकाऊ दौर झेले, कॉफी और अफरा-तफरी के बीच जिया और कुछ ऐसे शानदार लोगों से मिला जो अब परिवार जैसे बन गए हैं।’

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है, ‘वे रातें जो कभी खत्म नहीं होती थीं और न्यूजरूम में गूंजती वह हंसी जिसने सारी थकान मिटा दी, ये सब यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी। हर फ्रेम, हर स्टोरी, हर रंडाउन मेरे दिल में बस गया है।

इस यादगार सफर को खास बनाने वाले सभी लोगों, सहयोगियों, मार्गदर्शकों और दोस्तों का दिल से शुक्रिया, जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया, मेरी स्क्रिप्ट्स भी बचाईं और कई बार मुझे संभाला। यह एक लंबी पारी का अंत है, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।’

समाचार4मीडिया से बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए ओसामा शाब ने कहा कि वह फिलहाल छोटे से ब्रेक पर हैं औऱ जल्द नई पारी की शुरुआत कर उस बारे में बताएंगे।

‘एनडीटीवी’ से पहले ओसामा ‘Z&Z Media Productions Private Limited’ में क्रिएटिव डायरेक्टर थे। हालांकि, यहां उनका सफर महज 11 महीने ही रहा। दिल्ली में ‘जामिया मिल्लिया इस्लामिया’ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट ओसामा शाब पूर्व में ‘Hats Off Productions’ और ‘Optimystix Entertainment India Pvt Ltd’ में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं।

ओसामा शाब द्वारा 'एनडीटीवी' से अपने इस्तीफे के बारे में शेयर वीडियो आप यहां देख सकते हैं।

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NCLAT में डॉ. सुभाष चंद्रा की दलील, NCLT की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा ने बुधवार को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में कहा कि पिछले करीब 15 दिनों से उन्हें पूरे देश में बदनाम किया जा रहा है।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 02 September, 2026
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Wednesday, 02 September, 2026
SubhashChandra5218

जी ग्रुप के फाउंडर डॉ. सुभाष चंद्रा ने बुधवार को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में कहा कि पिछले करीब 15 दिनों से उन्हें पूरे देश में बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ₹22,006 करोड़ के स्वीकार किए गए कर्ज दावों के मुकाबले ₹6.5 करोड़ के भुगतान की बात को लेकर उनके खिलाफ गलत धारणा बनाई गई है, जबकि अभी तक उनकी रीपेमेंट प्लान को मंजूरी देने वाला कोई अंतिम आदेश मौजूद नहीं है।

डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से पेश वकील सस्मित पात्रा ने NCLAT में कहा कि इस मामले की वजह से उनके मुवक्किल को मीडिया ट्रायल का सामना करना पड़ा है और इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।

‘अभी कोई अंतिम आदेश मौजूद नहीं’

डॉ. चंद्रा की ओर से दलील देते हुए वकील  सस्मित पात्रा ने कहा कि इस मामले में फिलहाल कोई अंतिम आदेश नहीं है। इसके बावजूद पिछले 15 दिनों से डॉ. सुभाष चंद्रा को लेकर ऐसी खबरें चल रही हैं कि उन्होंने ₹22,000 करोड़ के कर्ज के सामने सिर्फ ₹6.5 करोड़ का भुगतान किया है।

हालांकि, सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता, जो कर्जदाताओं की ओर से मामले में पेश हुए, ने इस दलील पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि NCLAT की कार्यवाही का इस्तेमाल ऐसे बयान देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, जिनका मकसद उन्हें मीडिया में प्रकाशित करवाना हो।

NCLAT ने कहा- NCLT के सामने रखें शिकायत

मामले की सुनवाई कर रही NCLAT की पीठ ने कहा कि डॉ. सुभाष चंद्रा अपनी शिकायत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के सामने रख सकते हैं, जहां उनकी दिवाला कार्यवाही चल रही है। NCLAT ने यह भी साफ किया कि उसने डॉ. सुभाष चंद्रा के वकील की इस दलील पर फिलहाल कोई आदेश नहीं दिया है।

मामले की सुनवाई NCLAT के कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति योगेश खन्ना और टेक्निकल सदस्य बरुण मित्रा तथा अजय दास मेहरोत्रा की पीठ कर रही थी।

कर्जदाताओं ने दायर की है अपील

NCLAT के सामने Union Bank of India (UK), Canara Bank और LIC Housing Finance ने अपील दायर की है। ये अपील NCLT के 25 अगस्त के उस विचार/राय के खिलाफ हैं, जिसमें डॉ. सुभाष चंद्रा की रीपेमेंट प्लान को मंजूरी देने का समर्थन किया गया था।

हालांकि, बाद में NCLT की पांच सदस्यीय पीठ ने इस राय पर रोक लगाकर मामले को नए सिरे से सुनने का फैसला किया है।

5 सदस्यीय NCLT बेंच के गठन पर भी सवाल

डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से पेश वकील ने NCLT की ओर से रीपेमेंट प्लान पर दोबारा सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय पीठ बनाए जाने के अधिकार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इन्सॉल्वेंसी व बैंककरप्सी (IBC) की धारा 419(5) का दायरा सीमित है और इसके तहत अलग राय होने पर दूसरे सदस्य या सदस्यों के सामने मामला रखा जा सकता है। उनके मुताबिक, इस प्रावधान के तहत NCLT को पांच सदस्यीय पीठ बनाने का अधिकार नहीं मिलता।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि पांच सदस्यीय पीठ ने किस अधिकार के तहत NCLT के न्यायिक सदस्य निलेश शर्मा की राय पर 25 अगस्त की राय पर रोक लगाई।

रिपेमेंट प्लान पर NCLT सदस्यों की राय में कितना अंतर था?

डॉ. सुभाष चंद्रा के वकील ने कर्जदाताओं की ओर से पेश तुषार मेहता की इस दलील पर भी सवाल उठाया कि रीपेमेंट प्लान पर विचार करने वाले तीन NCLT सदस्यों की राय पूरी तरह अलग थी। सस्मित पात्रा ने कहा कि न्यायिक सदस्य अशोक कुमार भरद्वाज और नीलेश शर्मा, दोनों ने रीपेमेंट प्लान को मंजूरी देने का समर्थन किया था और IBC की धारा 79 के तहत पात्रता के मुद्दे पर भी दोनों की राय एक जैसी थी।

उनके मुताबिक, दोनों सदस्यों के बीच मुख्य अंतर इस बात को लेकर था कि असहमत कर्जदाताओं (dissenting creditors) के साथ किस तरह व्यवहार किया जाए। अशोक कुमार भरद्वाज  की राय थी कि योजना उन कर्जदाताओं पर लागू होनी चाहिए, जिन्होंने इसे स्वीकार किया है, जबकि असहमत कर्जदाता वसूली के लिए दूसरे कानूनी रास्ते अपना सकते हैं।

वहीं नीलेश शर्मा की राय थी कि IBC की धारा 115 के तहत रीपेमेंट प्लान सभी कर्जदाताओं पर लागू होगा, चाहे उन्होंने योजना का समर्थन किया हो या विरोध।

NCLAT ने कहा- पांच सदस्यीय पीठ को अलग से चुनौती दे सकते हैं

सुनवाई के दौरान NCLAT ने कहा कि कर्जदाताओं की ओर से दायर अपील में पांच सदस्यीय NCLT पीठ के गठन की वैधता को चुनौती नहीं दी गई है। पीठ ने कहा कि अगर डॉ. सुभाष चंद्रा को 1 सितंबर के NCLT आदेश से आपत्ति है तो वह उसे अलग से चुनौती दे सकते हैं।

कर्जदाताओं ने अपील वापस लेने की बात कही, फिर बदला फैसला

सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने शुरुआत में कर्जदाताओं की अपील वापस लेने और जरूरत पड़ने पर बाद में उन्हें दोबारा उठाने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि चूंकि पांच सदस्यीय NCLT पीठ ने नीलेश शर्मा की राय पर रोक लगाकर मामले की नए सिरे से सुनवाई का फैसला किया है, इसलिए फिलहाल इन अपीलों पर तुरंत सुनवाई की जरूरत नहीं हो सकती है।

लेकिन डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से इसका विरोध किया गया। उनके वकील ने कहा कि ये अपील ही तकनीकी रूप से सही नहीं हैं, क्योंकि नीलेश शर्मा की राय कभी अंतिम NCLT आदेश में तब्दील नहीं हुई थी।

इसके बाद तुषार मेहता ने अपील वापस लेने की मांग पर जोर नहीं दिया और अपीलों को लंबित रखने का अनुरोध किया। NCLAT ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को तय कर दी है।

फिलहाल क्या स्थिति है?

इस मामले में अभी डॉ. सुभाष चंद्रा की रीपेमेंट प्लान पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। NCLT की पांच सदस्यीय पीठ मामले की नए सिरे से सुनवाई करेगी, जबकि कर्जदाताओं की NCLAT में दायर अपीलें भी फिलहाल लंबित रहेंगी।

इसलिए ₹22,006 करोड़ के कर्ज दावों के मुकाबले ₹6.5 करोड़ के भुगतान को लेकर चल रही चर्चा को अंतिम मंजूरी या अंतिम आदेश के तौर पर देखना सही नहीं होगा।

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‘Rekhta Foundation’ से जुड़े दिनेश श्रीनेत, बने ग्रुप एडिटर (लैंग्वेजेज)

अपनी इस भूमिका में दिनेश श्रीनेत विभिन्न भाषाओं और संपादकीय पहलों पर काम करेंगे। फाउंडेशन लगातार भारत की विविध साहित्यिक परंपराओं को नए पाठकों तक पहुंचाने के लिए अपने प्रयासों का विस्तार कर रहा है।

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Published - Wednesday, 02 September, 2026
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Wednesday, 02 September, 2026
Dinesh Shrinet

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक दिनेश श्रीनेत ने रेख्ता फाउंडेशन (Rekhta Foundation) में ग्रुप एडिटर-लैंग्वेजेज के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। अपनी इस भूमिका में दिनेश श्रीनेत विभिन्न भाषाओं और संपादकीय पहलों पर काम करेंगे। फाउंडेशन लगातार भारत की विविध साहित्यिक परंपराओं को नए पाठकों तक पहुंचाने के लिए अपने प्रयासों का विस्तार कर रहा है। इसके बहुभाषी प्लेटफॉर्म्स में रेख्ता, हिंदवी, अंजस और रेख्ता गुजराती शामिल हैं, जो अलग-अलग भाषाई और साहित्यिक परंपराओं को समकालीन पाठकों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

यह नई भूमिका दिनेश श्रीनेत के करियर के दो महत्वपूर्ण पक्षों को एक साथ लाती है। एक ओर भारतीय भाषाओं की डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, वहीं दूसरी ओर साहित्य, सिनेमा और लोकप्रिय संस्कृति के प्रति उनकी गहरी रुचि और सक्रिय लेखन। अब ये दोनों धाराएं भाषाओं और साहित्यिक सामग्री पर केंद्रित इस नई भूमिका में एक साथ दिखाई देंगी।

अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर दिनेश श्रीनेत ने कहा, ‘’उर्दू भाषा, साहित्य और संस्कृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ियों तक पहुंचाने में रेख्ता की यात्रा अपने आप में एक उदाहरण है और कई मायनों में दुनिया के लिए एक केस स्टडी भी है। मेरा प्रयास रहेगा कि फाउंडेशन द्वारा अन्य भारतीय भाषाओं और संस्कृतियों के लिए किए जा रहे कार्यों को भी इसी स्तर तक पहुंचाया जाए। साथ ही नई पीढ़ी को इन समृद्ध परंपराओं के करीब लाया जाए और हमारी साहित्यिक विरासत को रोजमर्रा के सांस्कृतिक जीवन का जीवंत हिस्सा बनाया जाए।’

दिनेश श्रीनेत ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 1998 में की थी। अपने लंबे पेशेवर सफर के दौरान उन्होंने अमर उजाला, दैनिक जागरण, वनइंडिया और टाइम्स इंटरनेट जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में काम किया है। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के शुरुआती दौर से ही वे इसके विकास और विस्तार से जुड़े रहे हैं तथा कई डिजिटल प्रकाशन और संपादकीय परियोजनाओं पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

डिजिटल मीडिया में अपने कार्यकाल के दौरान श्रीनेत कई महत्वपूर्ण भारतीय भाषा आधारित डिजिटल पहलों के लॉन्च और विकास से भी जुड़े रहे। टाइम्स इंटरनेट में उन्होंने वर्ष 2017 में द इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष 2022 में उन्होंने छह अन्य भाषा संस्करणों के लॉन्च में भी भूमिका निभाई।

पत्रकारिता के अलावा दिनेश श्रीनेत की पहचान साहित्य और सांस्कृतिक लेखन के क्षेत्र में भी रही है। वे एक चर्चित कहानीकार हैं और सिनेमा तथा लोकप्रिय संस्कृति पर नियमित रूप से लिखते रहे हैं। उनकी पहली प्रकाशित कहानी ‘विज्ञापन वाली लड़की’ वर्ष 2006 में पत्रिका ‘वागर्थ’ में प्रकाशित हुई थी। बाद में यह कहानी ‘उर्दू आजकल’ और पाकिस्तान के उर्दू प्रकाशन ‘आज’ में भी प्रकाशित हुई।

उनकी रचनात्मक लेखनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। उनकी कहानी ‘विज्ञापन वाली लड़की’ का अंग्रेजी अनुवाद वर्ष 2026 में प्रकाशित पुस्तक ‘द सिटी: एन एंथोलॉजी ऑफ न्यू इंडियन राइटिंग’ में शामिल किया गया। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में ‘पश्चिम और सिनेमा’, ‘शेल्फ में फरिश्ते’, ‘नींद कम ख्वाब ज्यादा’ और ‘विज्ञापन वाली लड़की’ शामिल हैं।

सिनेमा और पत्रकारिता पर उनका काम अकादमिक और शैक्षणिक क्षेत्रों तक भी पहुंचा है। उन्होंने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के फीचर लेखन और विश्व सिनेमा के इतिहास से जुड़े पाठ्यक्रमों के लिए भी कंटेंट उपलब्ध कराया है।

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जियोहॉटस्टार ने बढ़ाए कदम: अंतरराष्ट्रीय बाजार में किया प्रवेश

जियोहॉटस्टार ने ब्रिटेन, कनाडा और सिंगापुर में अपनी स्ट्रीमिंग सेवा लॉन्च की है। प्लेटफॉर्म पर 12 से ज्यादा भाषाओं में 1.60 लाख घंटे से अधिक का कंटेंट मिलेगा।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 02 September, 2026
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Wednesday, 02 September, 2026
jiohotstar

भारतीय स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार (JioHotstar) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखते हुए ब्रिटेन, कनाडा और सिंगापुर में अपनी सेवा लॉन्च करने की घोषणा की है। बुधवार को किए गए इस ऐलान के साथ प्लेटफॉर्म ने भारत से बाहर अपने विस्तार की शुरुआत कर दी है।

इन तीनों बाजारों में दर्शकों को जियोहॉटस्टार की बड़ी कंटेंट लाइब्रेरी तक पहुंच मिलेगी। कंपनी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर 12 से ज्यादा भाषाओं और अलग-अलग जॉनर में 1.60 लाख घंटे से अधिक का कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जियोहॉटस्टार भारतीय मनोरंजन के साथ पर्सनलाइज्ड रिकमेंडेशन, इंटरैक्टिव फीचर्स और अलग-अलग सब्सक्रिप्शन विकल्प उपलब्ध कराएगा। कंपनी का जोर ऐसा प्रोडक्ट अनुभव देने पर है, जो अलग-अलग दर्शक वर्ग की जरूरतों के मुताबिक हो।

एक प्लेटफॉर्म पर मिलेगा अलग-अलग कंटेंट

ब्रिटेन, कनाडा और सिंगापुर के दर्शकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर टेलीविजन शो, फिल्में, रीजनल प्रोग्रामिंग, नॉन-फिक्शन, बच्चों के कार्यक्रम और एनीमे देखने को मिलेंगे।

जियोहॉटस्टार की अंतरराष्ट्रीय सेवा का प्रमुख फोकस दक्षिण एशियाई प्रवासी दर्शकों पर रहेगा। हालांकि, प्लेटफॉर्म अलग-अलग भाषाओं, कहानियों और संस्कृतियों में दिलचस्पी रखने वाले दूसरे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक भी अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है।

हर साल जुड़ेगा 30 हजार घंटे से ज्यादा नया कंटेंट

जियोहॉटस्टार ने बताया कि उसकी योजना हर साल 30,000 घंटे से ज्यादा नया कंटेंट जोड़ने की है। अंतरराष्ट्रीय लॉन्च के लिए तैयार कंटेंट स्लेट में नए ओरिजिनल शो, बड़ी फिल्मों के प्रीमियर और लोकप्रिय टेलीविजन फ्रेंचाइजी शामिल हैं।

ब्रिटेन, कनाडा और सिंगापुर में लॉन्च के साथ जियोहॉटस्टार अब भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार से आगे बढ़कर वैश्विक दर्शकों के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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ENIL में बड़ा बदलाव, Times Horizon बनी कंपनी की नई प्रमोटर; 71.15% हिस्सेदारी हासिल

एंटरटेनमेंट नेटवर्क इंडिया लिमिटेड (ENIL) में 1 सितंबर 2026 से बड़ा बदलाव हुआ है। Times Horizon Private Limited (THPL) अब ENIL की नई प्रमोटर बन गई है।

Vikas Saxena by
Published - Wednesday, 02 September, 2026
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Wednesday, 02 September, 2026
ENIL562

एंटरटेनमेंट नेटवर्क इंडिया लिमिटेड (ENIL) में 1 सितंबर 2026 से बड़ा बदलाव हुआ है। Times Horizon Private Limited (THPL) अब ENIL की नई प्रमोटर बन गई है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि एक योजना के तहत Bennett, Coleman & Company Limited (BCCL) के गैर-प्रकाशन कारोबार को Times Horizon में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस कारोबार में ENIL में BCCL की हिस्सेदारी भी शामिल थी।

इस बदलाव के बाद Times Horizon ने ENIL के 71.15 फीसदी इक्विटी शेयर और वोटिंग अधिकार हासिल कर लिए हैं। इसके साथ ही वह ENIL की प्रमोटर बन गई है।

क्या है पूरा मामला?

यह बदलाव BCCL और Times Horizon के बीच हुई कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के तहत हुआ है। यह योजना 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई है। यह व्यवस्था कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230 से 232 और दूसरे लागू नियमों के तहत की गई है।

इस योजना के तहत BCCL के गैर-प्रकाशन कारोबार (Non-Publishing Business) को अलग करके Times Horizon में ट्रांसफर कर दिया गया है। इस कारोबार को EIBME Business कहा गया है। इसमें शिक्षा, निवेश, प्रसारण, मीडिया, मनोरंजन और इससे जुड़े दूसरे कारोबार शामिल हैं।

खास बात यह है कि इस कारोबार के साथ ENIL में BCCL की शेयर हिस्सेदारी भी Times Horizon को ट्रांसफर हो गई है।

ENIL में 71.15% हिस्सेदारी अब Times Horizon के पास

योजना लागू होने के बाद Times Horizon ने ENIL के 71.15 फीसदी शेयर और वोटिंग अधिकार हासिल कर लिए हैं। यही वजह है कि अब Times Horizon को ENIL का प्रमोटर माना जाएगा। ENIL रेडियो कारोबार में Radio Mirchi ब्रांड के लिए जानी जाती है। कंपनी के प्रमोटर ढांचे में यह बदलाव Times Group के कारोबार के पुनर्गठन का हिस्सा है।

BCCL के शेयरधारकों को क्या मिला?

इस पुनर्गठन के बदले Times Horizon ने BCCL के शेयरधारकों को भी शेयर जारी किए हैं। योजना के मुताबिक, BCCL के हर 1 शेयर के बदले Times Horizon का 1 पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर जारी किया गया है। इन शेयरों की फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। इसके अलावा Sanma Properties Limited को 2,86,955 पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर तरजीही आधार पर जारी किए गए हैं।

Times Horizon में 50.05% वोटिंग अधिकार पर इनकी पकड़

इस योजना के बाद Sanma Properties Limited, Arth Udyog Limited, TM Investments Limited, Vineet Jain और Bharat Nidhi Limited Times Horizon में एक साथ काम करेंगे। इनके पास Times Horizon में कुल मिलाकर 50.05 फीसदी वोटिंग अधिकार हैं। यानी इन मौजूदा शेयरधारकों की Times Horizon में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी और वोटिंग ताकत बनी रहेगी।

1 सितंबर से लागू हुई योजना

BCCL और Times Horizon ने कंपनी को बताया है कि यह पूरी योजना 1 सितंबर 2026 को प्रभावी हो गई है। इसके साथ ही BCCL का संबंधित गैर-प्रकाशन कारोबार और ENIL में उसकी हिस्सेदारी Times Horizon में चली गई है। इसका सीधा असर ENIL के प्रमोटर ढांचे पर पड़ा है और Times Horizon अब ENIL की प्रमोटर कंपनी बन गई है।

 

 

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अभिषेक निगम का जागरण.कॉम में प्रमोशन, बने डिप्‍टी एडिटर

इससे पहले वह यहां चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत थे और स्‍पोर्ट्स टीम का नेतृत्‍व कर रहे थे।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 02 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 02 September, 2026
Abhishek Nigam JNM

दैनिक जागरण के डिजिटल विंग जागरण.कॉम (Jagran.com) में कार्यरत अभिषेक निगम को पदोन्नति मिली है। प्रमोशन के बाद उन्हें डिप्‍टी एडिटर बनाया गया है। वह इस वेबसाइट में पूरे खेल सेक्‍शन की जिम्‍मेदारी संभालते हैं।

मूल रूप से इंदौर के रहने वाले अभिषेक निगम दिसंबर 2022 से इस संस्थान के साथ जुड़े हुए हैं। इससे पहले वह चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत थे और खेल डेस्‍क का नेतृत्व कर रहे थे। संस्थान में उनके योगदान और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

करीब 12 वर्षों के मीडिया अनुभव वाले अभिषेक निगम ने अपने करियर के दौरान कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। इनमें नईदुनिया.कॉम, स्‍पोर्ट्सकीड़ा, अमर उजाला (AUW) और टाइम्‍स नाउ शामिल हैं।

शिक्षा की बात करें तो अभिषेक निगम ने इंदौर स्थिति देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय (DAVV) से मास कम्‍युनिकेशन में पीजी किया है। समाचार4मीडिया की ओर से अभिषेक निगम को नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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Amagi ने अपनी सहायक कंपनी Argoid Analytics को किया बंद

मीडिया टेक्नोलॉजी कंपनी Amagi Media Labs ने अपनी एक सहायक कंपनी Argoid Analytics Private Limited को बंद कर दिया है।

Vikas Saxena by
Published - Wednesday, 02 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 02 September, 2026
amagimedia6512

 मीडिया टेक्नोलॉजी कंपनी Amagi Media Labs ने अपनी एक सहायक कंपनी Argoid Analytics Private Limited को बंद कर दिया है। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि Argoid Analytics के स्वैच्छिक परिसमापन की प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 को पूरी हो गई।

Argoid Analytics, Amagi Media Labs की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी थी। इसे बंद करने की मंजूरी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), बेंगलुरु बेंच ने दी थी। इसके बाद रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) ने भी इसे अपने रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया।

कंपनी के कारोबार पर नहीं होगा असर

Amagi ने कहा है कि Argoid Analytics कोई महत्वपूर्ण सहायक कंपनी नहीं थी। इसलिए इसे बंद करने का Amagi के कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

कंपनी के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक Argoid Analytics का Amagi के कारोबार में कोई योगदान नहीं था। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का टर्नओवर या आय शून्य थी। वहीं, Amagi की नेटवर्थ में भी Argoid Analytics का योगदान शून्य था।

नवंबर 2025 में शुरू हुई थी प्रक्रिया

Argoid Analytics को बंद करने की प्रक्रिया 17 नवंबर 2025 को शुरू हुई थी। खास बात यह है कि यह प्रक्रिया Amagi Media Labs के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से पहले ही शुरू हो गई थी। Amagi ने इस बारे में जानकारी 19 जनवरी 2026 को जारी अपने प्रॉस्पेक्टस में भी दी थी। अब 31 अगस्त को परिसमापन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ Argoid Analytics को आधिकारिक तौर पर भंग कर दिया गया है।

Amagi को नहीं मिली कोई रकम

कंपनी ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत Amagi को कोई रकम नहीं मिली है। यह किसी कंपनी को बेचने का सौदा नहीं था, इसलिए इसमें किसी खरीदार का मामला भी नहीं है। Amagi ने यह जानकारी सेबी के लिस्टिंग नियमों के तहत BSE और NSE को दी है। 

 

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PVR INOX का ₹300 करोड़ का शेयर होगा बायबैक, ₹1,450 प्रति शेयर पर होगी खरीदारी

देश की बड़ी मल्टीप्लेक्स कंपनी PVR INOX ने अपने शेयरधारकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के बोर्ड ने ₹300 करोड़ तक के शेयर बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

Vikas Saxena by
Published - Wednesday, 02 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 02 September, 2026
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देश की बड़ी मल्टीप्लेक्स कंपनी PVR INOX ने अपने शेयरधारकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के बोर्ड ने ₹300 करोड़ तक के शेयर बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत कंपनी अधिकतम 20,68,965 पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर (fully paid-up equity shares) वापस खरीदेगी।

कंपनी इन शेयरों को ₹1,450 प्रति शेयर की कीमत पर खरीदेगी। यह कीमत कंपनी के मौजूदा बाजार भाव से काफी ज्यादा है। बायबैक के लिए कंपनी टेंडर ऑफर का रास्ता अपनाएगी।

मौजूदा भाव से करीब 18% ज्यादा है बायबैक कीमत

PVR INOX के शेयर मंगलवार सुबह करीब 9:29 बजे ₹1,226.30 के भाव पर कारोबार कर रहे थे। इस दौरान शेयर में करीब 1.54 फीसदी की तेजी थी। ऐसे में ₹1,450 का बायबैक भाव मौजूदा बाजार कीमत से करीब 18 फीसदी ज्यादा है।

मंगलवार को शेयर ने ₹1,244 पर कारोबार की शुरुआत की और दिन के दौरान ₹1,244 का ऊपरी स्तर और ₹1,224.40 का निचला स्तर छुआ।

4 सितंबर है रिकॉर्ड डेट

PVR INOX ने बायबैक में हिस्सा लेने वाले शेयरधारकों की पात्रता तय करने के लिए 4 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट के तौर पर तय किया है। यानी इस तारीख के आधार पर यह तय होगा कि कौन से शेयरधारक बायबैक में हिस्सा लेने के योग्य होंगे और उन्हें कितने शेयर वापस बेचने का अधिकार मिलेगा।

कंपनी के मुताबिक, प्रस्तावित बायबैक उसके पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर पूंजी और फ्री रिजर्व के कुल मूल्य का करीब 4.09 फीसदी है। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड कंसोलिडेटेड वित्तीय आंकड़ों के आधार पर यह अनुपात करीब 4.07 फीसदी है।

प्रमोटर भी बायबैक में लेंगे हिस्सा

PVR INOX ने बताया कि कंपनी के प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के सदस्यों ने भी प्रस्तावित बायबैक में हिस्सा लेने की इच्छा जताई है। कंपनी के बोर्ड ने इस इरादे को संज्ञान में लिया है। बायबैक की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए कंपनी ने एक बायबैक कमेटी भी बनाई है। इस कमेटी को लेनदेन से जुड़े जरूरी फैसले लेने और प्रक्रिया को पूरा करने के अधिकार दिए गए हैं।

बायबैक की बढ़ सकती है कीमत

कंपनी ने यह भी बताया है कि बोर्ड या बायबैक कमेटी जरूरत पड़ने पर ₹1,450 प्रति शेयर की बायबैक कीमत को बढ़ा सकती है। हालांकि, ऐसा करने पर बायबैक में खरीदे जाने वाले शेयरों की संख्या कम की जा सकती है। यह बदलाव रिकॉर्ड डेट से एक कार्यदिवस पहले तक किया जा सकता है। हालांकि, बायबैक का कुल आकार ₹300 करोड़ से ज्यादा नहीं होगा और यह सेबी के लागू नियमों के तहत किया जाएगा।

₹300 करोड़ में ये खर्च शामिल नहीं

PVR INOX ने साफ किया है कि ₹300 करोड़ की बायबैक राशि में लेनदेन से जुड़े दूसरे खर्च शामिल नहीं हैं। इनमें ब्रोकरेज, टैक्स, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स, जीएसटी, स्टांप ड्यूटी, फाइलिंग फीस, कानूनी और सलाहकार शुल्क तथा अन्य संबंधित खर्च शामिल हैं।

कंपनी ने बायबैक के लिए DAM Capital Advisors Ltd को मैनेजर नियुक्त किया है। वहीं, कंपनी के कंपनी सेक्रेटरी मुरली मनोहर जैन को इस बायबैक के लिए अनुपालन अधिकारी बनाया गया है।

PVR INOX के शेयर ने दिया अच्छा रिटर्न

बायबैक का ऐलान ऐसे समय हुआ है जब PVR INOX के शेयर ने हाल के महीनों में अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले एक महीने में शेयर करीब 7.74 फीसदी चढ़ा है, जबकि छह महीने में इसमें 20.99 फीसदी की तेजी आई है।

साल 2026 की शुरुआत से अब तक शेयर करीब 20.91 फीसदी ऊपर है। पिछले एक साल में भी इसमें करीब 9.86 फीसदी की बढ़त हुई है। हालांकि, पांच साल की अवधि में शेयर का रिटर्न अभी भी -15.02 फीसदी है। PVR INOX के शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर ₹1,284.50 और निचला स्तर ₹907.40 है। मौजूदा भाव पर शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर के काफी करीब कारोबार कर रहा है। वहीं, कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब ₹11,989 करोड़ है। 

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प्रीति खुल्लर को मिली प्रॉक्टर एंड गैंबल में डायरेक्टर की कमान

प्रीति खुल्लर को प्रॉक्टर एंड गैंबल में डायरेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया है। वह कंपनी में ऑपरेशंस और सप्लाई चेन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालती रही हैं।

Last Modified:
Tuesday, 01 September, 2026
preetikhullar

प्रीति खुल्लर (Preeti Khullar) को प्रॉक्टर एंड गैंबल (Procter & Gamble) में डायरेक्टर (Director) के पद पर पदोन्नति मिली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।

इस पदोन्नति से पहले प्रीति खुल्लर कंपनी की फैब्रिक लिक्विड्स बिजनेस यूनिट (Fabric Liquids Business Unit) में सीनियर मैनेजर – कैपेसिटी एक्सपेंशन एंड लॉन्च लीडर (Senior Manager – Capacity Expansion & Launch Leader) के तौर पर काम कर रही थीं।

प्रीति खुल्लर ने साल 2018 में प्रॉक्टर एंड गैंबल के साथ अपने करियर की शुरुआत ऑपरेशंस मैनेजर – फेम केयर बिजनेस यूनिट (Operations Manager – Fem Care Business Unit) के तौर पर की थी। इसके बाद उन्होंने कंपनी में अलग-अलग वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं और अपने अनुभव के आधार पर आगे बढ़ती रहीं।

उनके पास प्रोसेस और सप्लाई चेन लीडरशिप (Process and Supply Chain Leadership) के क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा का अनुभव है। उनके पेशेवर अनुभव में मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing), सोर्सिंग (Sourcing), ऑटोमेशन (Automation), सप्लाई चेन ऑपरेशंस (Supply Chain Operations) और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग (Contract Manufacturing) जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

प्रॉक्टर एंड गैंबल से पहले प्रीति खुल्लर इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (Indian School of Business) और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) के साथ भी काम कर चुकी हैं।

नई भूमिका में वह अपने ऑपरेशनल और सप्लाई चेन अनुभव का इस्तेमाल करते हुए नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगी। मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन से जुड़े क्षेत्रों में उनका लंबा अनुभव उनकी नई भूमिका में महत्वपूर्ण रहेगा।

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जागरण.कॉम में नितेश श्रीवास्तव का प्रमोशन, बने एसोसिएट एडिटर

इससे पहले वह यहां डिप्टी न्यूज एडिटर (DNE) के तौर पर कार्यरत थे और उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड की टीम का नेतृत्व कर रहे थे।

Last Modified:
Tuesday, 01 September, 2026
Nitesh Shrivastava

दैनिक जागरण के डिजिटल विंग जागरण.कॉम (Jagran.com) में कार्यरत नितेश श्रीवास्तव को पदोन्नति मिली है। प्रमोशन के बाद उन्हें एसोसिएट एडिटर बनाया गया है। साथ ही, उन्हें जागरण की हाइपरलोकल टीम की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले नितेश श्रीवास्तव जनवरी 2023 से इस संस्थान के साथ जुड़े हुए हैं। इससे पहले वह डिप्टी न्यूज एडिटर (DNE) के तौर पर कार्यरत थे और उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड की टीम का नेतृत्व कर रहे थे। संस्थान में उनके योगदान और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

करीब 16 वर्षों के मीडिया अनुभव वाले नितेश श्रीवास्तव ने अपने करियर के दौरान कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। इनमें टोटल टीवी, नवोदय टाइम्स, अमर उजाला (AUW), एनडीटीवी कंवर्जेंस, जनसत्ता डिजिटल और India.com Hindi शामिल हैं।

शिक्षा की बात करें तो नितेश श्रीवास्तव ने रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। समाचार4मीडिया की ओर से नितेश श्रीवास्तव को नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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जागरण.कॉम में रूही परवेज़ का प्रमोशन, बनीं एडिटर-इंफो, फीचर एंड लाइफस्टाइल

दैनिक जागरण के डिजिटल विंग जागरण.कॉम (Jagran.com) की एडिटोरियल टीम में रूही परवेज़ को प्रमोशन मिला है। इस संस्थान में वह करीब आठ साल से काम कर रही हैं।

Last Modified:
Tuesday, 01 September, 2026
Ruhee Parvez

दैनिक जागरण के डिजिटल विंग जागरण.कॉम (Jagran.com) की एडिटोरियल टीम में रूही परवेज़ को प्रमोशन मिला है। उन्हें एडिटर-इंफो, फीचर एंड लाइफस्टाइल बनाया गया है। इस संस्थान में वह करीब आठ साल से काम कर रही हैं।

अपनी नई भूमिका में रूही जागरण के नॉन-न्यूज कंटेंट पोर्टफोलियो को देख रही हैं। इसमें स्पोर्ट्स, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट के साथ हरजिंदगी (HerZindagi) और ओनलीमायहेल्थ (OnlyMyHealth) शामिल हैं। इसके अलावा वह जागरण के एडिटोरियल ऑपरेशंस से भी जुड़ी हैं। इसमें अलग-अलग एडिटोरियल टीमों और फंक्शंस के साथ मिलकर बेहतर प्लानिंग और काम के सुचारु क्रियान्वयन पर फोकस करना शामिल है।

उनकी भूमिका में एडिटोरियल लीडरशिप के साथ कंटेंट और ऑडियंस स्ट्रैटेजी, टीम मैनेजमेंट और ऑपरेशंस भी शामिल हैं। वह एसईओ, प्रोडक्ट, मार्केटिंग और एनालिटिक्स जैसी टीमों के साथ भी काम करती हैं। इसका उद्देश्य ऑडियंस के व्यवहार को समझना और कंटेंट की परफॉर्मेंस व पहुंच को मजबूत करना है। वह पूर्व की तरह जागरण डिजिटल के मैनेजिंग एडिटर अनिल पांडेय को रिपोर्ट कर रही हैं।

रूही परवेज़ ने जुलाई 2018 में जागरण न्यू मीडिया में डिप्टी एडिटर के तौर पर काम शुरू किया था। अक्टूबर 2023 में वह एसोसिएट एडिटर बनीं। अप्रैल 2025 में उन्होंने असिस्टेंट जनरल मैनेजर की भूमिका संभाली और जुलाई 2026 से वह एडिटर के पद पर हैं।

इससे पहले उन्होंने नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड में फरवरी 2017 से जुलाई 2018 तक डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर काम किया। इससे पहले हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल स्ट्रीम्स में मार्च 2010 से जनवरी 2016 तक अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया। रूही ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत वॉयस ऑफ इंडिया में मई 2008 में स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर की थी और दिसंबर 2009 तक वहां काम किया।

खेल पत्रकारिता रूही के करियर का एक अहम हिस्सा रही है। जागरण.कॉम में अपने सफर के दौरान उन्होंने खेल से आगे बढ़कर लाइफस्टाइल, हेल्थ और एंटरटेनमेंट जैसी प्रमुख कंटेंट कैटेगरी में भी काम किया। इस दौरान उन्हें अलग-अलग तरह के ऑडियंस, कंटेंट स्ट्रैटेजी और एडिटोरियल टीमों के साथ काम करने का अनुभव मिला।

डिजिटल पत्रकारिता में लंबे अनुभव के दौरान रूही ने इस माध्यम में हुए बदलावों को करीब से देखा है। उनका फोकस मजबूत एडिटोरियल जजमेंट के साथ यह समझने पर भी है कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ऑडियंस कंटेंट को किस तरह खोजती और देखती है।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो रूही परवेज़ ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स में बीए किया है। इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन/मीडिया स्टडीज में मास्टर्स की डिग्री ली है। समाचार4मीडिया की ओर से रूही परवेज़ को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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