NCLAT में डॉ. सुभाष चंद्रा की दलील, NCLT की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा ने बुधवार को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में कहा कि पिछले करीब 15 दिनों से उन्हें पूरे देश में बदनाम किया जा रहा है।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 02 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 02 September, 2026
SubhashChandra5218


जी ग्रुप के फाउंडर डॉ. सुभाष चंद्रा ने बुधवार को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में कहा कि पिछले करीब 15 दिनों से उन्हें पूरे देश में बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ₹22,006 करोड़ के स्वीकार किए गए कर्ज दावों के मुकाबले ₹6.5 करोड़ के भुगतान की बात को लेकर उनके खिलाफ गलत धारणा बनाई गई है, जबकि अभी तक उनकी रीपेमेंट प्लान को मंजूरी देने वाला कोई अंतिम आदेश मौजूद नहीं है।

डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से पेश वकील सस्मित पात्रा ने NCLAT में कहा कि इस मामले की वजह से उनके मुवक्किल को मीडिया ट्रायल का सामना करना पड़ा है और इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।

‘अभी कोई अंतिम आदेश मौजूद नहीं’

डॉ. चंद्रा की ओर से दलील देते हुए वकील  सस्मित पात्रा ने कहा कि इस मामले में फिलहाल कोई अंतिम आदेश नहीं है। इसके बावजूद पिछले 15 दिनों से डॉ. सुभाष चंद्रा को लेकर ऐसी खबरें चल रही हैं कि उन्होंने ₹22,000 करोड़ के कर्ज के सामने सिर्फ ₹6.5 करोड़ का भुगतान किया है।

हालांकि, सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता, जो कर्जदाताओं की ओर से मामले में पेश हुए, ने इस दलील पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि NCLAT की कार्यवाही का इस्तेमाल ऐसे बयान देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, जिनका मकसद उन्हें मीडिया में प्रकाशित करवाना हो।

NCLAT ने कहा- NCLT के सामने रखें शिकायत

मामले की सुनवाई कर रही NCLAT की पीठ ने कहा कि डॉ. सुभाष चंद्रा अपनी शिकायत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के सामने रख सकते हैं, जहां उनकी दिवाला कार्यवाही चल रही है। NCLAT ने यह भी साफ किया कि उसने डॉ. सुभाष चंद्रा के वकील की इस दलील पर फिलहाल कोई आदेश नहीं दिया है।

मामले की सुनवाई NCLAT के कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति योगेश खन्ना और टेक्निकल सदस्य बरुण मित्रा तथा अजय दास मेहरोत्रा की पीठ कर रही थी।

कर्जदाताओं ने दायर की है अपील

NCLAT के सामने Union Bank of India (UK), Canara Bank और LIC Housing Finance ने अपील दायर की है। ये अपील NCLT के 25 अगस्त के उस विचार/राय के खिलाफ हैं, जिसमें डॉ. सुभाष चंद्रा की रीपेमेंट प्लान को मंजूरी देने का समर्थन किया गया था।

हालांकि, बाद में NCLT की पांच सदस्यीय पीठ ने इस राय पर रोक लगाकर मामले को नए सिरे से सुनने का फैसला किया है।

5 सदस्यीय NCLT बेंच के गठन पर भी सवाल

डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से पेश वकील ने NCLT की ओर से रीपेमेंट प्लान पर दोबारा सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय पीठ बनाए जाने के अधिकार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इन्सॉल्वेंसी व बैंककरप्सी (IBC) की धारा 419(5) का दायरा सीमित है और इसके तहत अलग राय होने पर दूसरे सदस्य या सदस्यों के सामने मामला रखा जा सकता है। उनके मुताबिक, इस प्रावधान के तहत NCLT को पांच सदस्यीय पीठ बनाने का अधिकार नहीं मिलता।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि पांच सदस्यीय पीठ ने किस अधिकार के तहत NCLT के न्यायिक सदस्य निलेश शर्मा की राय पर 25 अगस्त की राय पर रोक लगाई।

रिपेमेंट प्लान पर NCLT सदस्यों की राय में कितना अंतर था?

डॉ. सुभाष चंद्रा के वकील ने कर्जदाताओं की ओर से पेश तुषार मेहता की इस दलील पर भी सवाल उठाया कि रीपेमेंट प्लान पर विचार करने वाले तीन NCLT सदस्यों की राय पूरी तरह अलग थी। सस्मित पात्रा ने कहा कि न्यायिक सदस्य अशोक कुमार भरद्वाज और नीलेश शर्मा, दोनों ने रीपेमेंट प्लान को मंजूरी देने का समर्थन किया था और IBC की धारा 79 के तहत पात्रता के मुद्दे पर भी दोनों की राय एक जैसी थी।

उनके मुताबिक, दोनों सदस्यों के बीच मुख्य अंतर इस बात को लेकर था कि असहमत कर्जदाताओं (dissenting creditors) के साथ किस तरह व्यवहार किया जाए। अशोक कुमार भरद्वाज  की राय थी कि योजना उन कर्जदाताओं पर लागू होनी चाहिए, जिन्होंने इसे स्वीकार किया है, जबकि असहमत कर्जदाता वसूली के लिए दूसरे कानूनी रास्ते अपना सकते हैं।

वहीं नीलेश शर्मा की राय थी कि IBC की धारा 115 के तहत रीपेमेंट प्लान सभी कर्जदाताओं पर लागू होगा, चाहे उन्होंने योजना का समर्थन किया हो या विरोध।

NCLAT ने कहा- पांच सदस्यीय पीठ को अलग से चुनौती दे सकते हैं

सुनवाई के दौरान NCLAT ने कहा कि कर्जदाताओं की ओर से दायर अपील में पांच सदस्यीय NCLT पीठ के गठन की वैधता को चुनौती नहीं दी गई है। पीठ ने कहा कि अगर डॉ. सुभाष चंद्रा को 1 सितंबर के NCLT आदेश से आपत्ति है तो वह उसे अलग से चुनौती दे सकते हैं।

कर्जदाताओं ने अपील वापस लेने की बात कही, फिर बदला फैसला

सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने शुरुआत में कर्जदाताओं की अपील वापस लेने और जरूरत पड़ने पर बाद में उन्हें दोबारा उठाने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि चूंकि पांच सदस्यीय NCLT पीठ ने नीलेश शर्मा की राय पर रोक लगाकर मामले की नए सिरे से सुनवाई का फैसला किया है, इसलिए फिलहाल इन अपीलों पर तुरंत सुनवाई की जरूरत नहीं हो सकती है।

लेकिन डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से इसका विरोध किया गया। उनके वकील ने कहा कि ये अपील ही तकनीकी रूप से सही नहीं हैं, क्योंकि नीलेश शर्मा की राय कभी अंतिम NCLT आदेश में तब्दील नहीं हुई थी।

इसके बाद तुषार मेहता ने अपील वापस लेने की मांग पर जोर नहीं दिया और अपीलों को लंबित रखने का अनुरोध किया। NCLAT ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को तय कर दी है।

फिलहाल क्या स्थिति है?

इस मामले में अभी डॉ. सुभाष चंद्रा की रीपेमेंट प्लान पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। NCLT की पांच सदस्यीय पीठ मामले की नए सिरे से सुनवाई करेगी, जबकि कर्जदाताओं की NCLAT में दायर अपीलें भी फिलहाल लंबित रहेंगी।

इसलिए ₹22,006 करोड़ के कर्ज दावों के मुकाबले ₹6.5 करोड़ के भुगतान को लेकर चल रही चर्चा को अंतिम मंजूरी या अंतिम आदेश के तौर पर देखना सही नहीं होगा।

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प्रियंका भार्गव लॉरियल में बनीं जनरल मैनेजर और सीएमआई हेड

प्रियंका भार्गव ने फ्लिपकार्ट में सात साल से अधिक समय बिताने के बाद लॉरियल में नई पारी शुरू की है। वह अगस्त से जनरल मैनेजर और CMI हेड की भूमिका संभाल रही हैं।

Last Modified:
Tuesday, 15 September, 2026
loreal

प्रियंका भार्गव (Priyanka Bhargav) ने फ्लिपकार्ट (Flipkart) से आगे बढ़ते हुए लॉरियल (L'Oréal) में नई पारी शुरू की है। उन्होंने कंपनी में जनरल मैनेजर और सीएमआई हेड (General Manager and CMI Head) यानी वाइस प्रेसिडेंट (VP) की जिम्मेदारी संभाली है। उनके कंपनी बदलने की जानकारी उनके लिंक्डइन प्रोफाइल (LinkedIn Profile) से सामने आई है।

प्रियंका ने अगस्त में अपनी नई भूमिका संभाली। इससे पहले वह फ्लिपकार्ट में हेड- कंज्यूमर इंटेलिजेंस एंड ब्रांड स्ट्रैटेजी (Head-Consumer Intelligence & Brand Strategy) के पद पर थीं। वह मई 2019 में फ्लिपकार्ट से जुड़ी थीं और कंपनी में सात साल से अधिक समय तक काम किया।

फ्लिपकार्ट से पहले प्रियंका भार्गव इनमोबी (InMobi) के साथ जुड़ी थीं। इससे पहले वह मिंत्रा (Myntra) और आईएमआरबी इंटरनेशनल (IMRB International) में भी अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।

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ABP न्यूज छोड़कर अविनाश राय ने फिर थामा The Lallantop का दामन

एबीपी नेटवर्क में अपनी करीब सात साल पुरानी पारी को विराम देकर अविनाश राय ने इंडिया टुडे समूह के डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘द लल्लनटॉप’ (The Lallantop) में वापसी की है।

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Tuesday, 15 September, 2026
Avinash Rai

एबीपी नेटवर्क में अपनी करीब सात साल पुरानी पारी को विराम देकर अविनाश राय ने इंडिया टुडे समूह के डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘द लल्लनटॉप’ (The Lallantop) में वापसी की है। उन्होंने यहां पर बतौर वीडियो हेड जॉइन किया है। अविनाश राय ने स्वयं सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि वह एक बार फिर द लल्लनटॉप के साथ जुड़ गए हैं। अविनाश राय ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘सात साल बाद घरवापसी। नया ठिकाना The Lallantop। अब से लिखना-पढ़ना सब यहीं पर...।’

अविनाश राय करीब 14 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और राजस्थान पत्रिका तथा नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और द लल्लनटॉप से जुड़े।

अविनाश राय वर्ष 2017 से 2019 तक द लल्लनटॉप में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्य कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क का रुख किया। एबीपी नेटवर्क में वह न्यूज एडिटर (न्यूज एंड इलेक्शन प्रोग्रामिंग) के पद पर कार्यरत रहे, जहां से अब द लल्लनटॉप में उनकी वापसी हुई है। 

शिक्षा की बात करें तो अविनाश राय ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक (B.A.) किया है। इसके अलावा उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से भी पढ़ाई की है। समाचार4मीडिया की ओर से अविनाश राय को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।  

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बिजनेस टुडे से NDTV पहुंचीं प्रशांति मोकतान, मिली यह अहम जिम्मेदारी

प्रशांति मोकतान के पास डिजिटल मीडिया, ऑडियंस ग्रोथ और कंटेंट स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

Last Modified:
Tuesday, 15 September, 2026
Prashanti Moktan

एनडीटीवी (NDTV) ने अपने सोशल मीडिया नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रशांति मोकतान को ‘हेड ऑफ इंस्टाग्राम’ नियुक्त किया है। इस भूमिका में वह NDTV की इंस्टाग्राम स्ट्रैटेजी का नेतृत्व करेंगी। साथ ही नेटवर्क के व्यापक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट, ऑडियंस एंगेजमेंट और ग्रोथ से जुड़ी पहलों को भी दिशा देंगी।

मीडिया उपभोग के बदलते दौर में सोशल मीडिया न्यूज की खोज, शेयर करने और उन पर चर्चा का प्रमुख माध्यम बन चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए NDTV ने अपने सोशल मीडिया फोकस को और मजबूत करने के लिए यह नियुक्ति की है।

प्रशांति मोकतान के पास डिजिटल मीडिया, ऑडियंस ग्रोथ और कंटेंट स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है। NDTV से जुड़ने से पहले वह बिजनेस टुडे में सीनियर असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत थीं। वहां उन्होंने ब्रैंड के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का नेतृत्व किया।

इस नियुक्ति के बारे में एनडीटीवी के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने कहा कि सोशल मीडिया लोगों के न्यूज देखने और महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़ने के तरीके को तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि NDTV अपनी डिजिटल उपस्थिति को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है और प्रशांति की ऑडियंस की समझ तथा प्लेटफॉर्म-आधारित स्टोरीटेलिंग की विशेषज्ञता दर्शकों के साथ मजबूत संबंध बनाने में मदद करेगी।

एनडीटीवी के चीफ कंटेंट ऑफिसर विनय सरावगी ने कहा कि बेहतरीन पत्रकारिता को वहीं पहुंचना चाहिए जहां दर्शक मौजूद हैं। उनके अनुसार प्रशांति के पास संपादकीय समझ, रचनात्मकता और ऑडियंस इनसाइट्स का मजबूत संयोजन है, जो NDTV की पहुंच और प्रासंगिकता को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर और बढ़ाने में मदद करेगा।

अपनी नई जिम्मेदारी पर प्रशांति मोकतान ने कहा कि आज न्यूज को खोजने, समझने और उन पर बातचीत का हिस्सा बनने में सोशल मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि NDTV भारत के सबसे प्रतिष्ठित समाचार ब्रांड्स में से एक है और वह नए दर्शकों तक इसकी कहानी कहने की शैली को पहुंचाने तथा प्रत्येक प्लेटफॉर्म के अनुरूप विशिष्ट और प्रासंगिक फॉर्मेट विकसित करने को लेकर उत्साहित हैं।

प्रशांति मोकतान ने क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु से जर्नलिज्म, साइकोलॉजी और इंग्लिश में डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा उन्होंने नई दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है।

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युगल तिवारी बने 'BharatPe' के नए चीफ प्रोडक्ट एंड मार्केटिंग ऑफिसर

भारतपे ने युगल तिवारी को चीफ प्रोडक्ट एंड मार्केटिंग ऑफिसर नियुक्त किया है। इससे पहले वह पेटीएम में प्रोडक्ट लीडर के तौर पर यूपीआई, रिवॉर्ड्स और कंज्यूमर ऐप से जुड़े कारोबार संभाल रहे थे।

Last Modified:
Tuesday, 15 September, 2026
bharatpay

भारतपे (BharatPe) ने युगल तिवारी (Yugal Tiwari) को चीफ प्रोडक्ट एंड मार्केटिंग ऑफिसर (Chief Product and Marketing Officer) यानी सीपीएमओ (CPMO) नियुक्त किया है। वह कंपनी में प्रोडक्ट और मार्केटिंग से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगे।

भारतपे में नियुक्ति से पहले तिवारी पेटीएम (Paytm) में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट II, प्रोडक्ट (Senior Vice President II, Product) के पद पर थे। पेटीएम से पहले वह दो साल से अधिक समय तक क्रेड (CRED) से जुड़े रहे। वह पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) के साथ भी काम कर चुके हैं।

पेटीएम में अपनी भूमिका के दौरान तिवारी कंपनी के कंज्यूमर ऐप (Consumer App) से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोडक्ट चार्टर्स संभाल रहे थे। इनमें यूपीआई पेमेंट्स (UPI Payments), ऑनबोर्डिंग जर्नी (Onboarding Journey), ऐप होमस्क्रीन (App Homescreen), रेफरल (Referral), रिवॉर्ड्स और लॉयल्टी प्रोग्राम (Rewards and Loyalty Program) शामिल थे।

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CNBC-TV18 से विदाई के बाद टिम्सी जयपुरिया ला रही हैं ‘Newsconomy’

टिम्सी जयपुरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि न्यूज रूम से बाहर निकले, कैमरे का सामना किए और कुछ लिखे हुए उन्हें लगभग चार महीने हो चुके हैं।

Last Modified:
Monday, 14 September, 2026
Timsy Jaipuria..

मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। CNBC-TV18 की पूर्व एडिटर (फाइनेंस एंड इकोनॉमिक पॉलिसी) टिम्सी जयपुरिया ने अपने अगले प्रोफेशनल सफर की घोषणा की है। CNBC-TV18 से अलग होने के करीब चार महीने बाद उन्होंने ‘Newsconomy’ नाम से अपनी नई पत्रकारिता पहल की घोषणा की है।

टिम्सी जयपुरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि न्यूज रूम से बाहर निकले, कैमरे का सामना किए और कुछ लिखे हुए उन्हें लगभग चार महीने हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि CNBC-TV18 को अलविदा कहते समय उन्हें यह अहसास था कि उनके करियर का एक अध्याय समाप्त हो रहा है, लेकिन अगला अध्याय कैसा होगा, इसकी तस्वीर तब स्पष्ट नहीं थी।

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि बीते चार महीने बदलाव, आत्ममंथन, अनिश्चितताओं और कई महत्वपूर्ण बातचीतों से भरे रहे। इस दौरान बहुत कुछ ऐसा था जिसे वह कहना चाहती थीं और बहुत कुछ ऐसा भी था जो अनकहा रह गया।

टिम्सी ने बताया कि आखिरकार उन्होंने एक बार फिर कैमरे का सामना किया। उनके अनुसार यह अनुभव परिचित भी था और पूरी तरह अलग भी, क्योंकि इस बार उनके पास अपनी बात कहने के लिए कुछ अपना है। इसी पोस्ट के जरिए उन्होंने ‘Newsconomy’ का उल्लेख करते हुए अपनी नई पत्रकारिता पहल का ऐलान किया है। 

गौरतलब है कि हाल ही में टिम्सी जयपुरिया ने CNBC-TV18 से अपनी 10 साल लंबी पारी समाप्त करने की घोषणा की थी। वह चैनल में एडिटर-फाइनेंस एंड इकोनॉमिक पॉलिसी के पद पर कार्यरत थीं। इससे पहले वह द हिंदुस्तान टाइम्स लिमिटेड (The Hindustan Times Limited) में स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट, बिजनेस ब्यूरो के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। आर्थिक नीति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, टैक्सेशन, रियल एस्टेट और कॉरपोरेट मामलों की रिपोर्टिंग में उन्हें करीब 18 वर्षों का अनुभव है।

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PropertyPistol ने हेमंत बजाज को बनाया चीफ बिजनेस एंड मार्केटिंग ऑफिसर

इस नई जिम्मेदारी के साथ कंपनी ने उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने प्रमुख बिजनेस ऑपरेशंस की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।

Last Modified:
Monday, 14 September, 2026
Hemant Bajaj

रियल एस्टेट टेक कंपनी प्रॉपर्टीपिस्टल (PropertyPistol) ने हेमंत बजाज को चीफ बिजनेस एंड मार्केटिंग ऑफिसर (CBMO) के पद पर प्रमोट किया है। इस नई जिम्मेदारी के साथ कंपनी ने उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने प्रमुख बिजनेस ऑपरेशंस की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।

अपने विस्तारित दायित्वों के तहत हेमंत बजाज कंपनी के प्रमुख बिजनेस वर्टिकल्स—प्राइमरी सेल्स, मैंडेट्स, सिंडिकेट और लोन्स—की निगरानी करेंगे। इसके अलावा वे रणनीति निर्माण और परिचालन क्रियान्वयन (ऑपरेटिंग एग्जीक्यूशन) की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस भूमिका के जरिए कंपनी के प्रमुख राजस्व-सृजन और ग्राहक-केंद्रित कार्यों को एकीकृत नेतृत्व के तहत लाया गया है, जहां विकास, परिचालन दक्षता और व्यावसायिक प्रदर्शन की जवाबदेही भी उन्हीं के पास होगी।

हेमंत बजाज इसी वर्ष प्रॉपर्टीपिस्टल में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) के रूप में शामिल हुए थे। कंपनी के अनुसार, उन्होंने व्यवसाय में बेहतर निष्पादन संस्कृति विकसित करने, उत्पादकता बढ़ाने और प्रमुख विकास पहलों पर निवेश से बेहतर प्रतिफल (ROI) हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी प्रदर्शन को देखते हुए अब उन्हें भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फैले 500 से अधिक सदस्यों वाले बिजनेस संगठन का नेतृत्व सौंपा गया है।

कंपनी का कहना है कि हेमंत बजाज लाभदायक विकास, बेहतर यूनिट इकोनॉमिक्स और परिचालन क्षमता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देंगे। उन्हें भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व के बाजारों में बिजनेस ग्रोथ, मार्केटिंग, ऑपरेशंस और संगठनात्मक विस्तार का व्यापक नेतृत्व अनुभव हासिल है।

इस नियुक्ति के बारे में प्रॉपर्टीपिस्टल के फाउंडर एवं प्रबंध निदेशक (Founder & Managing Director) आशीष नारायण अग्रवाल ने कहा, ‘हेमंत में व्यावसायिक प्राथमिकताओं को ठोस कारोबारी परिणामों में बदलने की सिद्ध क्षमता है। उनके भीतर स्वामित्व और जवाबदेही की मजबूत भावना है। उनकी भूमिका का विस्तार उनके अब तक के योगदान और नेतृत्व क्षमता का स्वाभाविक विस्तार है। प्रॉपर्टीपिस्टल के अगले विकास चरण में उनका विस्तारित दायित्व हमारी प्रमुख व्यावसायिक इकाइयों में वृद्धि और परिचालन प्रदर्शन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।’

वहीं, अपनी नई जिम्मेदारी पर हेमंत बजाज ने कहा, ‘हमारा उद्देश्य केवल प्रत्येक बिजनेस वर्टिकल का विस्तार करना नहीं है, बल्कि विकास की आर्थिक दक्षता को भी बेहतर बनाना है। मेरा फोकस कंपनी की व्यावसायिक क्षमता को और मजबूत करने, राजस्व उत्पादकता बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने पर रहेगा कि विस्तार बेहतर कारोबारी परिणामों में परिवर्तित हो। प्रॉपर्टीपिस्टल पहले ही डेवलपर्स, ब्रोकर्स और होमबायर्स के बीच महत्वपूर्ण पैमाना हासिल कर चुकी है। अब अगला चरण इस पैमाने का अधिक प्रभावी उपयोग करने का है। स्पष्ट लक्ष्यों के साथ इस स्ट्रैटेजी का असर आने वाले समय में कारोबार के आंकड़ों में दिखाई देगा।’

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मीडिया किट ने बदला सम्मेलन के ‘गिफ्ट बैग’ का अंदाज

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की मीडिया किट में भारतीय संस्कृति, स्थानीय उत्पाद, शिल्प और आधुनिक पहचान को शामिल कर इसे सम्मेलन की याद से आगे ब्रांड इंडिया का प्रभावी माध्यम बनाया गया।

Last Modified:
Monday, 14 September, 2026
bricksmediakit

हर बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मीडिया किट (Media Kit) देना अब एक परंपरा बन चुका है। पत्रकारों और प्रतिनिधियों को जानकारी, स्मृति चिन्ह और उपयोगी सामान से भरा बैग दिया जाता है। हालांकि, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 ने इस परंपरा को एक अलग सोच के साथ आगे बढ़ाया है।

ब्रिक्स (BRICS) 2026 की मीडिया किट को सिर्फ सम्मेलन की याद के तौर पर तैयार नहीं किया गया, बल्कि इसमें भारत की संस्कृति, स्थानीय उत्पादों, शिल्प और समकालीन पहचान को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।

ब्रांडिंग (Branding) के नजरिए से देखें तो यह पहल काफी अहम है। किसी सम्मेलन में भाषण कुछ मिनटों तक रहता है और स्क्रीन पर दिखाई गई प्रस्तुति खत्म होने के बाद पीछे छूट जाती है। इसके मुकाबले एक लैपटॉप बैग (Laptop Bag) लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। ब्रिक्स किट का रंगीन डिजाइन और इसमें शामिल उत्पाद सम्मेलन के बाद भी एयरपोर्ट, ऑफिस और बैठकों तक पहुंच सकते हैं।

किट में कॉफी, मखाना, हस्तनिर्मित बैग और स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए कई अन्य उत्पाद शामिल हैं। इन चीजों के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) और ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) जैसे विचारों को सीधे अनुभव से जोड़ा गया है। विदेशी प्रतिनिधि भारतीय शिल्प और स्थानीय उत्पादों को केवल किसी पुस्तिका में पढ़ने के बजाय उन्हें इस्तेमाल करके समझ सकते हैं।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की विजुअल आइडेंटिटी (Visual Identity) के तौर पर इस्तेमाल किया गया कमल भी अलग-अलग उपहारों में नजर आता है। मग, रेफ्रिजरेटर मैग्नेट, बैग और दूसरी वस्तुओं को एक समान डिजाइन और पहचान से जोड़ने की कोशिश की गई है। इससे पूरी मीडिया किट एक साझा ब्रांड एक्सपीरियंस (Brand Experience) देती है।

इस किट के जरिए भारत की कहानी केवल संस्कृति और विरासत तक सीमित नहीं रहती। इसमें भारतीय शिल्प, मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing), उद्यमिता और तकनीक की झलक भी दिखाई देती है। पत्रकार और प्रतिनिधि इन उत्पादों को अपने देश वापस ले जाकर इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे सम्मेलन की पहचान लंबे समय तक बनी रह सकती है।

इसी वजह से यह मीडिया किट एक ‘साइलेंट एंबेसडर’ (Silent Ambassador) की तरह काम करती है। सम्मेलन खत्म होने के बाद भी बैग, मग और स्थानीय उत्पादों के जरिए ब्रिक्स 2026 की पहचान दूसरे देशों तक पहुंचती रहेगी। यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मीडिया किट सिर्फ उपहार नहीं, बल्कि ब्रांड इंडिया (Brand India) को दुनिया तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी हो सकती है।

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न्यूज नेशन (डिजिटल) में धीरज शर्मा का प्रमोशन, बने डिप्टी एडिटर

न्यूज नेशन में करीब चार वर्षों से कार्यरत धीरज शर्मा को मीडिया में करीब 19 वर्षों का अनुभव है।

Last Modified:
Monday, 14 September, 2026
Dheeraj Sharma

न्यूज नेशन ने अपने तमाम एंप्लॉयीज को सैलरी इंक्रीमेंट दिया है और कई लोगों के पद भी बढ़ाए गए हैं।

इसी कड़ी में, डिजिटल (वेबसाइट) में धीरज शर्मा को असिस्टेंट एडिटर से डिप्टी एडिटर के पद पर प्रमोट कर उन्हें अहम भूमिका दी गई है।

अपनी इस भूमिका में वह वेबसाइट मॉनिटरिंग के साथ कंटेंट स्ट्रैटेजी और एडवांस प्लानिंग कर रहे हैं, साथ ही एक्सप्लेनर की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है।

न्यूज नेशन में करीब चार वर्षों से कार्यरत धीरज शर्मा को मीडिया में करीब 19 वर्षों का अनुभव है। पूर्व में वह ‘राजस्थान पत्रिका’, ‘सहारा’, ‘पंजाब टुडे’, ‘डीडी न्यूज’ और ‘CNEB’ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं।

पढ़ाई लिखाई की बात करें तो धीरज शर्मा ने कॉर्मस में बैचलर डिग्री के साथ BJMC किया है। समाचार4मीडिया की ओर से धीरज शर्मा को उनके प्रमोशन के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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डॉ. आशीष श्रीवास्तव बने 'Radico Khaitan' के नए चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर

रैडिको खेतान ने डॉ. आशीष श्रीवास्तव को चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर नियुक्त किया है। वह कंपनी की आईटी स्ट्रैटेजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और टेक्नोलॉजी कैपेबिलिटी को मजबूत करेंगे।

Last Modified:
Saturday, 12 September, 2026
radico

रैडिको खेतान (Radico Khaitan) ने डॉ. आशीष श्रीवास्तव (Dr Ashish Shrivastava) को चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर (Chief Information Officer) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह कंपनी के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी फंक्शन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

डॉ. श्रीवास्तव का फोकस कंपनी की टेक्नोलॉजी कैपेबिलिटी मजबूत करने, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Digital Transformation) को आगे बढ़ाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बेहतर करने पर रहेगा। इसके साथ ही वह बिजनेस ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे और कंपनी के व्यापक लक्ष्यों के साथ टेक्नोलॉजी प्रायोरिटीज को जोड़ने का काम करेंगे।

डॉ. श्रीवास्तव को इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी स्ट्रैटेजी (IT Strategy), टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट और ऑर्गनाइजेशनल लीडरशिप (Organisational Leadership) के क्षेत्र में अनुभव है। उनके प्रोफेशनल अनुभव में आईटी मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी स्ट्रैटेजी, बिजनेस ऑपरेशंस और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग भी शामिल हैं।

रैडिको खेतान से जुड़ने से पहले उन्होंने फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर एंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड (Financial Software & Systems Pvt. Ltd.) और एफएसएस (FSS), सीएमएस इंफो सिस्टम्स (CMS Info Systems) तथा एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स (Allied Blenders & Distillers) में अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है।

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PVR INOX AGM में 8 प्रस्ताव मंजूर, अजय कुमार व रेणुका रामनाथ की पुनर्नियुक्ति तय

PVR INOX Limited की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने बैठक के एजेंडे में रखे गए सभी 8 प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी दे दी है।

Last Modified:
Saturday, 12 September, 2026
PVRInox54210

PVR INOX Limited की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने बैठक के एजेंडे में रखे गए सभी 8 प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 11 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में AGM के मतदान परिणाम और स्क्रूटिनाइजर (Scrutinizer) की रिपोर्ट साझा की है। कंपनी की 31वीं AGM 11 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से आयोजित हुई।

कंपनी के मुताबिक, 4 सितंबर 2026 की रिकॉर्ड डेट पर कुल 2,52,376 शेयरधारक थे। AGM में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुल 159 शेयरधारकों ने हिस्सा लिया। इनमें 7 प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप से, जबकि 152 सार्वजनिक शेयरधारक थे।

पहले प्रस्ताव में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरणों के साथ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट को मंजूरी देने की बात थी। इस प्रस्ताव के पक्ष में 99.9989 प्रतिशत वोट पड़े। कुल 6,96,38,118 वोट प्रस्ताव के पक्ष में और 780 वोट इसके खिलाफ पड़े।

दूसरे प्रस्ताव के तहत रेणुका रामनाथ की रोटेशन के आधार पर निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी गई। उन्हें 99.0308 प्रतिशत वोट मिले। उनके पक्ष में 6,89,95,913 वोट पड़े, जबकि 6,75,263 वोट विरोध में रहे।

तीसरे प्रस्ताव में अजय कुमार बिजली की रोटेशन के आधार पर निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति को मंजूरी मिली। इस प्रस्ताव के पक्ष में 99.3074 प्रतिशत वोट पड़े। कुल 6,91,88,603 वोट पक्ष में और 4,82,573 वोट विरोध में पड़े।

इसके अलावा, स्वतंत्र निदेशक विषेश चंदर चंडीओक, दिनेश कनाबार, शिशिर बैजल और दीप मिश्रा हैरिस को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पारिश्रमिक के भुगतान से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिल गई। विषेश चंदर चंडीओक के प्रस्ताव को 99.9945 प्रतिशत, दिनेश कनाबार के प्रस्ताव को 99.9947 प्रतिशत, शिशिर बैजल के प्रस्ताव को 99.6392 प्रतिशत और दीप मिश्रा हैरिस के प्रस्ताव को 99.6392 प्रतिशत वोट मिले।

आठवें और आखिरी प्रस्ताव में शुवा मंडल को कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी गई। यह एक विशेष प्रस्ताव था और इसके पक्ष में 99.8453 प्रतिशत वोट पड़े। कुल 6,95,63,441 वोट पक्ष में और 1,07,774 वोट विरोध में पड़े।

कंपनी ने बताया कि मतदान के लिए रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा 7 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे शुरू हुई थी और 10 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक चली। AGM में शामिल सदस्यों के लिए भी ई-वोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी शेयरधारक ने रिमोट ई-वोटिंग और AGM के दौरान ई-वोटिंग, दोनों सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं किया।

मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए कंपनी के बोर्ड ने 11 मई 2026 को DPV & Associates LLP के मैनेजिंग पार्टनर देवेश कुमार वशिष्ठ को स्क्रूटिनाइजर (Scrutinizer) नियुक्त किया था। स्क्रूटिनाइजर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मतदान प्रक्रिया की जांच NSDL के ई-वोटिंग प्लेटफॉर्म से मिले आंकड़ों के आधार पर की गई।

इस तरह PVR INOX की 31वीं AGM में वित्तीय विवरणों की मंजूरी, दो मौजूदा निदेशकों की पुनर्नियुक्ति, चार स्वतंत्र निदेशकों के पारिश्रमिक और एक नए स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति से जुड़े सभी 8 प्रस्ताव शेयरधारकों के जरूरी बहुमत से मंजूर हो गए।

 

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