होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / राजदीप सरदेसाई पर अवमानना का केस दर्ज नहीं, SC ने कहा- साइट पर थी गलत जानकारी
राजदीप सरदेसाई पर अवमानना का केस दर्ज नहीं, SC ने कहा- साइट पर थी गलत जानकारी
सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण दिया कि वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के खिलाफ आपराधिक अवमानना का केस नहीं दर्ज हुआ है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
मीडिया में मंगलवार को इस तरह की खबरें आईं कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के खिलाफ एक आपराधिक अवमानना का केस दर्ज किया है। समाचार4मीडिया ने भी मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर यह खबर प्रकाशित की थी, लेकिन मंगलवार की ही रात सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता ने स्पष्टीकरण दिया कि वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई के खिलाफ आपराधिक अवमानना का केस नहीं दर्ज हुआ है। प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा, 'केस नंबर SMC (Crl) 02/2021 का स्टेटस सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अनजाने और असावधानी में डाल दिया गया था।'
मीडिया रिपोर्ट्स में पहले यह बात सामने आई थी कि राजदीप सरदेसाई के खिलाफ यह केस उनके अगस्त 2020 में एडवोकेट प्रशांत भूषण और न्यायपालिका की आलोचना मामले में किए गए ट्वीट को लेकर किया गया है। साथ ही कहा गया था कि कोर्ट ने ये मामला आस्था खुराना नाम की एक व्यक्ति की याचिका पर दर्ज किया, जो उन्होंने सितंबर 2020 में दायर की थी। आस्था ने याचिका में राजदीप सरदेसाई के कई ट्वीट्स का हवाला दिया था।
हालांकि सितंबर 2020 की इस याचिका में राजदीप सरदेसाई के खिलाफ देश की न्यायपालिका को लेकर विवादित टिप्पणी करने के लिए अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई थी। याचिका में यह भी कहा गया था कि राजदीप सरदेसाई के ट्वीट से पता चलता है कि ये न केवल लोगों के बीच प्रचार का एक सस्ता स्टंट था, बल्कि भारत विरोधी अभियान के रूप में नफरत फैलाने का जानबूझ कर एक प्रयास किया गया था।
बता दें कि खुराना ने पिछले साल इस केस के लिए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से सहमति मांगी थी, लेकिन उन्होंने सरदेसाई के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए सहमति देने से इनकार कर दिया था।
गौरतलब है कि इससे पहले ऐसा ही एक केस वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण पर भी चल चुका है। तब सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश की अवमानना के मसले पर वकील प्रशांत भूषण पर एक रुपए का ज़ुर्माना लगाया था। कोर्ट ने जुर्माना न भर पाने की सूरत में तीन महीने की कैद तथा साथ ही तीन साल के लिए वकालत पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि इसके बाद भूषण ने जुर्माना भर दिया था।
लेकिन, जब 14 अगस्त को जब प्रशांत भूषण को अवमानना का दोषी करार दिया गया था तो राजदीप सरदेसाई ने एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट के अलावा सरदेसाई के और कई ट्वीट्स को आस्था खुराना ने अपनी याचिका का हिस्सा बनाया हुआ था।
राजदीप सरदेसाई ने इस ट्वीट में लिखा था, ‘प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना का दोषी ठहराया। ये तब है जब कश्मीर में हिरासत में रखे गए लोगों की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं एक साल से ज्यादा समय से लंबित हैं।’
Breaking: @pbhushan1 held guilty of contempt by SC, sentence to be pronounced on August 20.. this even as habeas corpus petitions of those detained in Kashmir for more than a year remain pending! ?
— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) August 14, 2020
बाद में जब भूषण पर कोर्ट ने 1 रुपए का जुर्माना लगाया था, तब भी राजदीप ने एक ट्वीट किया था। अपने इस ट्वीट में कहा उन्होंने कहा था कि भूषण को कोर्ट केस की अवमानना में दी गई सजा सुप्रीम कोर्ट के लिए खुद में एक शर्मिंदगी है।
टैग्स पत्रकार मीडिया सुप्रीम कोर्ट राजदीप सरदेसाई जर्नलिस्ट प्रशांत भूषण केस स्वत: संज्ञान