Moneycontrol में अंकित फिटकरीवाला का ‘कद’ बढ़ा, अब निभाएंगे यह जिम्मेदारी

अंकित फिटकरीवाला अप्रैल 2023 में कंपनी से जुड़े थे। उन्होंने इस दौरान टीम बिल्डिंग और ऑपरेशनल स्ट्रक्चर तैयार करने पर काम किया है।

Last Modified:
Monday, 11 May, 2026
Ankit Fitkariwala


डिजिटल फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ने अपने लेंडिंग (लोन बिजनेस) सेगमेंट में बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। कंपनी ने अंकित फिटकरीवाला को सीईओ (Lending) के पद पर पदोन्नत किया है।

इस नई जिम्मेदारी के तहत अंकित फिटकरीवाला कंपनी के लेंडिंग (लोन बिजनेस) सेगमेंट का नेतृत्व करेंगे। वह इस सेगमेंट की तेज ग्रोथ और मार्केट में इसकी स्थिति मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

कंपनी के अनुसार, मनीकंट्रोल पिछले एक साल में अपने इस सेगमेंट का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसमें पर्सनल लोन के साथ-साथ गोल्ड लोन और म्यूचुअल फंड के सापेक्ष लोन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

यह कदम मनीकंट्रोल की उस स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसके तहत वह एक फाइनेंशियल इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर यूजर्स को सीधे वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म बन रहा है।

अंकित फिटकरीवाला अप्रैल 2023 में कंपनी से जुड़े थे और तब से उन्होंने इस सेगमेंट को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने इस दौरान टीम बिल्डिंग और ऑपरेशनल स्ट्रक्चर तैयार करने पर काम किया।

कंपनी के अनुसार, पिछले वर्ष लेंडिंग (लोन बिजनेस) सेगमेंट में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का डिस्बर्सल दर्ज किया गया। इसके अलावा करीब 1.5 करोड़ यूजर्स ने प्लेटफॉर्म पर अपने क्रेडिट स्कोर तक पहुंच बनाई।

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IPRCCA के 16वें एडिशन में जूरी चेयर होंगे देबब्रत मुखर्जी

इस कार्यक्रम के तहत उन कम्युनिकेशंस पहलों और कैंपेन को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने प्रभावशाली स्टोरीटैलिंग व स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन के माध्यम से कारोबारी प्रभाव तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है।

Last Modified:
Saturday, 27 June, 2026
IPRCCA 2026

India PR & Corporate Communications Awards (IPRCCA) के 16वें एडिशन में Lotte India (Havmor Ice Cream Division) के मैनेजिंग डायरेक्टर देबब्रत मुखर्जी जूरी चेयर की भूमिका निभाएंगे। अपनी इस भूमिका में वह कम्युनिकेशन, मार्केटिंग और कॉरपोरेट अफेयर्स से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञों के एक प्रतिष्ठित पैनल का नेतृत्व करेंगे।

यह पैनल विभिन्न प्रविष्टियों का मूल्यांकन रचनात्मकता, रणनीतिक सोच, क्रियान्वयन, नवाचार और मापनीय कारोबारी परिणामों के आधार पर करेगा। जूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कठोर मूल्यांकन प्रणाली पर आधारित होगी। अनुभवी उद्योग विशेषज्ञ तय मानकों के अनुसार सभी प्रविष्टियों की समीक्षा करेंगे और विजेताओं का चयन करेंगे।

बता दें कि यह पुरस्कार जनसंपर्क (PR), कॉरपोरेट कम्युनिकेशन और प्रतिष्ठा प्रबंधन (Reputation Management) के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने वाले देश के प्रमुख मंचों में शामिल है।

इस कार्यक्रम के तहत उन कैंपेन, स्ट्रैटेजी और कम्युनिकेशंस पहलों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने प्रभावशाली स्टोरीटैलिंग, स्टेकहोल्डर्स के साथ भरोसा कायम करने और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन के माध्यम से कारोबारी प्रभाव तैयार करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

देबब्रत मुखर्जी के पास एफएमसीजी (FMCG) क्षेत्र में दो दशक से अधिक का लीडरशिप अनुभव है। उन्होंने देश की कई प्रमुख उपभोक्ता कंपनियों में ब्रैंड निर्माण, कारोबारी बदलाव और ग्रोथ स्ट्रैटेजी का नेतृत्व किया है। Lotte India (Havmor Ice Cream Division) के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में उन्होंने कंपनी के विस्तार, उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने और प्रतिस्पर्धी बाजार में कंज्यूमर्स के साथ कंपनी की भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

गौरतलब है कि India PR & Corporate Communications Awards समय के साथ कॉरपोरेट स्टोरीटेलिंग, स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट, संकट संचार (Crisis Communication), पब्लिक अफेयर्स, ESG कम्युनिकेशन, डिजिटल पीआर और एकीकृत प्रतिष्ठा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। यह पुरस्कार एजेंसियों, ब्रैंड्स, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, स्टार्टअप्स और संचार प्रोफेशनल्स को सम्मानित करता है, जिन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान प्रभावशाली अभियान चलाए हैं।

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OpenAI की भारत में बड़ी नियुक्ति, Uber इंडिया के प्रभजीत सिंह को बनाया मैनेजिंग डायरेक्टर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI ने भारत में अपने कारोबार को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

Last Modified:
Saturday, 27 June, 2026
prabhjeet-singh7845

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI ने भारत में अपने कारोबार को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने Uber India और South Asia के मौजूदा प्रेजिडेंट प्रभजीत सिंह को भारत का मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) नियुक्त किया है।

प्रभजीत सिंह सितंबर 2026 में OpenAI से जुड़ेंगे। वह एशिया-प्रशांत (Asia Pacific) के मैनेजिंग डायरेक्टर किरण मणि को रिपोर्ट करेंगे। भारत में OpenAI के कंज्यूमर और एंटरप्राइज बिजनेस, रणनीतिक साझेदारियों, सरकारी और नियामकीय संस्थाओं के साथ तालमेल और कंपनी के कुल संचालन की जिम्मेदारी उनके पास होगी।

OpenAI ने कहा कि प्रभजीत सिंह का मुख्य फोकस भारत में कंपनी की रणनीतिक साझेदारियों का विस्तार करना, देश के AI इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और कारोबार, संस्थानों तथा सरकारी क्षेत्र में AI के इस्तेमाल को तेज करना होगा।

इससे पहले Uber ने भी पुष्टि की थी कि प्रभजीत सिंह कंपनी छोड़ रहे हैं और एक नई नेतृत्वकारी भूमिका संभालने जा रहे हैं। Uber के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि कंपनी प्रभजीत सिंह के नेतृत्व और पिछले 10 वर्षों में दिए गए योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त करती है। साथ ही कंपनी ने कहा कि वह भारत में अपने अगले विकास चरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

प्रभजीत सिंह ने साल 2015 में Uber में जनरल मैनेजर और हेड ऑफ स्ट्रैटेजी के रूप में अपनी शुरुआत की थी। इसके बाद 2020 में उन्हें Uber India और South Asia का प्रेसिडेंट बनाया गया। हाल के वर्षों में वह भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में Uber के मोबिलिटी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे थे।

OpenAI की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते AI बाजारों में से एक बनकर उभर रहा है। ऐसे में कंपनी का यह कदम भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और AI को बड़े स्तर पर अपनाने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

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NDTV की AGM में सभी प्रस्तावों को मंजूरी, सेंथिल चेंगलवरायन की दोबारा नियुक्ति पर मुहर

न्यू दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) की 38वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) शुक्रवार, 26 जून 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई।

Last Modified:
Saturday, 27 June, 2026
NDTV-Senthil

न्यू दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) की 38वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) शुक्रवार, 26 जून 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। बैठक में रखे गए सभी चार प्रस्तावों को शेयरधारकों ने भारी बहुमत से मंजूरी दे दी। कंपनी ने मतदान के नतीजे और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट स्टॉक एक्सचेंज को सौंप दी है।

कंपनी के मुताबिक, AGM के लिए 19 जून 2026 तक कुल 93,884 शेयरधारक पात्र थे। बैठक में 155 सार्वजनिक शेयरधारकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया। मतदान रिमोट ई-वोटिंग और AGM के दौरान ई-वोटिंग के माध्यम से कराया गया।

बैठक में सबसे पहले वित्त वर्ष 2025-26 के स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजों और निदेशक मंडल व ऑडिटर्स की रिपोर्ट को मंजूरी दी गई। इसके पक्ष में लगभग 99.999% वोट पड़े, जबकि विरोध में बेहद कम वोट दर्ज हुए।

इसके बाद कंपनी के कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों और ऑडिटर्स की रिपोर्ट को भी लगभग सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में भी करीब 99.999% वोट पड़े।

AGM में निदेशक सेंथिल चेंगलवरायन, जो रोटेशन के आधार पर सेवानिवृत्त हो रहे थे, उन्हें दोबारा निदेशक (डायरेक्टर) नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी शेयरधारकों ने मंजूरी दे दी। हालांकि इस प्रस्ताव पर अन्य प्रस्तावों की तुलना में कुछ अधिक विरोध देखने को मिला, लेकिन इसके बावजूद कुल मतदान में करीब 99.95% वोट इसके पक्ष में रहे।

सेंथिल चेंगलवरायण भारतीय बिजनेस पत्रकारिता में जाना-माना नाम हैं। उन्होंने वर्षों तक विभिन्न संपादकीय और नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं। एनडीटीवी के बोर्ड में शामिल होने से पहले, वह CNBC-TV18 के संस्थापक संपादक (Founding Editor) थे और भारत में बिजनेस न्यूज़ के परिदृश्य को आकार देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

एनडीटीवी में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने चैनल की बिजनेस कंटेंट स्ट्रैटेजी को दर्शकों की बदलती अपेक्षाओं के अनुरूप बनाने में अहम योगदान दिया। उनकी संपादकीय दृष्टि और उद्योग का व्यापक अनुभव, चैनल की व्यावसायिक पत्रकारिता को और सशक्त बनाने में सहायक रहा है।

बता दें कि चेंगलवरायण ने मद्रास यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है। इसके बाद, उन्होंने टाइम्स रिसर्च फाउंडेशन इंस्टीट्यूट के स्कूल ऑफ सोशल जर्नलिज्म से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की।

इसके अतिरिक्त बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी के कॉस्ट ऑडिटर्स के पारिश्रमिक (Remuneration) को भी मंजूरी मिल गई। इस प्रस्ताव को भी करीब 99.85% वोटों का समर्थन मिला।

कंपनी ने बताया कि AGM में हुए मतदान की पूरी प्रक्रिया का स्वतंत्र कंपनी सचिव विशाल अरोड़ा एंड एसोसिएट्स ने परीक्षण (Scrutiny) किया। उनकी रिपोर्ट के अनुसार सभी प्रस्ताव आवश्यक बहुमत से पारित हो गए हैं।

NDTV ने कहा कि मतदान के विस्तृत नतीजे और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट कंपनी की वेबसाइट और NSDL के ई-वोटिंग पोर्टल पर भी उपलब्ध करा दी गई है।

इस बीच NDTV के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने कहा कि NDTV की वार्षिक आम बैठक (AGM) में हमने अपनी आगे की रणनीति और भविष्य की दिशा साझा की। यह नई शुरुआत भरोसे, डिजिटल विस्तार और नए विकास के अवसरों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ते हुए हमारा फोकस विश्वसनीय पत्रकारिता, नवाचार (Innovation), मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म और टिकाऊ (Sustainable) विकास पर ही रहेगा।

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FIFA World Cup 2026: 'Z' पर बढ़ा विज्ञापनदाताओं का भरोसा, जुड़े कई बड़े ब्रैंड

कंपनी के अनुसार, Lenovo, CEAT, Jaguar Land Rover, Adidas, Zydus और JBL ने भी FIFA World Cup 2026 के प्रसारण के लिए 'Z' के साथ साझेदारी की है।

Last Modified:
Friday, 26 June, 2026
Z FIFA

फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) 2026 के नॉकआउट दौर की शुरुआत से पहले ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) के साथ विज्ञापनदाताओं का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। टूर्नामेंट के शुरुआती चरणों में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब कई बड़े ब्रैंड भी 'Z' के साथ जुड़ गए हैं।

कंपनी के अनुसार, Lenovo, CEAT, Jaguar Land Rover, Adidas, Zydus और JBL ने भी FIFA World Cup 2026 के प्रसारण के लिए 'Z' के साथ साझेदारी की है। ये ब्रैंड पहले से जुड़े Mahindra (को-प्रेजेंटिंग स्पॉन्सर), Diageo (को-पावर्ड बाय स्पॉन्सर) तथा Apple और Pernod Ricard जैसे प्रमुख ब्रैंड्स की सूची में शामिल हुए हैं। कंपनी ने इन सभी ब्रैंड्स के सहयोग की सराहना करते हुए भारत में फुटबॉल को बढ़ावा देने में उनके समर्थन के लिए आभार जताया है।

कंपनी का कहना है कि जैसे-जैसे टूर्नामेंट नॉकआउट चरण में पहुंच रहा है, दर्शकों के उत्साह के साथ विज्ञापनदाताओं की रुचि भी लगातार बढ़ रही है। विज्ञापनदाता 'Z' के एकीकृत प्लेटफॉर्म के जरिए टेलीविजन और डिजिटल दोनों माध्यमों पर दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच बना रहे हैं।

'Z' के अनुसार, Unite8 Sports चैनलों और ZEE5 पर लाइव मैच, स्टूडियो प्रोग्राम, हाइलाइट्स, मैच विश्लेषण और डिजिटल एक्टिवेशन जैसे विभिन्न माध्यमों के जरिए ब्रैंड उपभोक्ताओं से जुड़ रहे हैं। कंपनी का कहना है कि टेलीविजन और डिजिटल पर उपलब्ध उसकी विज्ञापन सेवाएं ब्रैंड्स को उनके कारोबारी उद्देश्यों के अनुरूप अभियान चलाने और बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद कर रही हैं।

कंपनी ने बताया कि FIFA World Cup 2026 के प्रसारण को अब तक सभी प्लेटफॉर्म्स पर 300 मिलियन (30 करोड़) से अधिक यूनिक दर्शकों तक पहुंच मिली है। वहीं, ZEE5 पर लाखों दर्शक एक साथ लाइव मुकाबले देख रहे हैं। लाइव मैचों, हाइलाइट्स और बहुभाषी स्टूडियो प्रोग्रामिंग के चलते प्लेटफॉर्म पर दर्शकों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इसके अलावा, कंपनी के अनुसार Unite8 Sports 2 भारत के सभी अंग्रेजी स्पोर्ट्स चैनलों में अग्रणी स्थान हासिल करने में सफल रहा है। दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रसिद्ध फुटबॉल विशेषज्ञ, पूर्व खिलाड़ी और जाने-माने कमेंटेटर प्री-मैच, हाफ-टाइम और पोस्ट-मैच विश्लेषण भी पेश कर रहे हैं।

कंपनी ने यह भी बताया कि जहां कई बड़े ब्रैंड टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही जुड़ गए थे, वहीं ग्रुप चरण के दौरान मिले उत्साह के बाद अब नए विज्ञापनदाता भी साझेदारी में रुचि दिखा रहे हैं। कंपनी को राउंड ऑफ 32 (28 जून-3 जुलाई), राउंड ऑफ 16 (4-7 जुलाई) और उसके बाद के मुकाबलों के लिए भी अतिरिक्त ब्रैंड्स से अच्छी मांग मिल रही है।

इस बारे में जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू) संदीप मेहरोत्रा ने कहा, ‘FIFA World Cup लगातार बड़े पैमाने पर दर्शकों को जोड़ने वाला मंच साबित हुआ है और पिछले कुछ सप्ताह में मिले सकारात्मक रुझान ने विज्ञापनदाताओं का भरोसा और मजबूत किया है। हमारा फोकस विभिन्न श्रेणियों और निवेश क्षमता वाले ब्रैंड्स के लिए उनकी जरूरतों के अनुरूप प्रभावी विज्ञापन समाधान उपलब्ध कराने पर रहा है। कई नए ब्रैंड हमारे साथ जुड़े हैं और नॉकआउट दौर को लेकर भी विज्ञापनदाताओं की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। हम अपने साझेदारों को बेहतर परिणाम देने वाले अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

कंपनी का कहना है कि जैसे-जैसे FIFA World Cup 2026 अपने निर्णायक नॉकआउट चरण में आगे बढ़ रहा है, वह दर्शकों की भागीदारी और विज्ञापनदाताओं की साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अनूठे तथा  इंटीग्रेटिड सॉल्यूशंस (एकीकृत समाधान) उपलब्ध कराती रहेगी।

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TRAI की रिपोर्ट में ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री की चुनौती : DTH सब्सक्राइबर्स घटे

TRAI की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में पेड DTH ग्राहकों और एफएम रेडियो विज्ञापन आय में गिरावट दर्ज हुई, जबकि टीवी चैनलों और एफएम नेटवर्क का विस्तार जारी रहा।

Last Modified:
Friday, 26 June, 2026
TRAI

'भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण' (Telecom Regulatory Authority of India-TRAI) की जनवरी-मार्च 2026 तिमाही की 'इंडियन टेलीकॉम सर्विसेज परफॉर्मेंस इंडिकेटर रिपोर्ट' से पता चलता है कि देश का पारंपरिक ब्रॉडकास्टिंग उद्योग अभी भी कई चुनौतियों से जूझ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, जहां पेड डीटीएच (Direct-to-Home-DTH) सेवाओं के ग्राहकों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, वहीं निजी एफएम (FM) रेडियो उद्योग की विज्ञापन आय भी कम हुई है। हालांकि टीवी चैनलों और एफएम नेटवर्क का विस्तार जारी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक देश में निजी पेड डीटीएच सेवाओं के सक्रिय ग्राहकों की संख्या घटकर 4.91 करोड़ (49.05 मिलियन) रह गई, जबकि पिछली तिमाही में यह 5.10 करोड़ (50.99 मिलियन) थी। यानी केवल तीन महीनों में करीब 19.4 लाख ग्राहकों की कमी दर्ज की गई। वर्तमान में भारत में 'प्रसार भारती' (Prasar Bharati) के 'डीडी फ्री डिश' (DD Free Dish) को छोड़कर चार निजी पेड डीटीएच ऑपरेटर सेवाएं दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता, इंटरनेट आधारित वीडियो सेवाओं का विस्तार, बदलती दर्शक आदतें और मुफ्त टीवी सेवाओं की उपलब्धता के कारण पेड टीवी उद्योग लगातार दबाव में है।

हालांकि वितरण कारोबार में चुनौतियों के बावजूद टीवी प्रसारण उद्योग मजबूत बना हुआ है। 31 मार्च 2026 तक 'सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय' (Ministry of Information and Broadcasting-MIB) ने 917 निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को अपलिंक, डाउनलिंक या दोनों की अनुमति दे रखी थी। इनमें 908 चैनल भारत में डाउनलिंक के लिए उपलब्ध हैं। इनमें 342 पेड टीवी चैनल हैं, जिनमें 238 स्टैंडर्ड डेफिनिशन (SD) और 104 हाई डेफिनिशन (HD) चैनल शामिल हैं, जबकि 566 चैनल फ्री-टू-एयर (Free-to-Air-FTA) श्रेणी के हैं।

एफएम रेडियो क्षेत्र में नेटवर्क विस्तार देखने को मिला। मार्च 2026 तक देश के 120 शहरों में 390 निजी एफएम चैनल संचालित हो रहे थे, जिन्हें 31 निजी एफएम ब्रॉडकास्टर्स चला रहे हैं। पिछली तिमाही में यह संख्या 113 शहरों में 385 चैनलों की थी। इस विस्तार में 'डी.बी. कॉर्प लिमिटेड' (D.B. Corp Ltd.) ने सात नए एफएम स्टेशन शुरू कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं 'जेसीएल इंफ्रा लिमिटेड' (JCL Infra Ltd.) ने लेह (Leh) और कारगिल (Kargil) स्थित दो एफएम स्टेशनों के लाइसेंस वापस कर दिए।

नेटवर्क बढ़ने के बावजूद एफएम रेडियो उद्योग की विज्ञापन आय में गिरावट दर्ज की गई। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में निजी एफएम कंपनियों की कुल विज्ञापन आय 414.03 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछली तिमाही में यह 419.29 करोड़ रुपये थी। इससे संकेत मिलता है कि विज्ञापन बाजार में अभी भी सतर्कता बनी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, देश में 564 सामुदायिक रेडियो (Community Radio) स्टेशन भी संचालित हो रहे हैं, जो ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में सूचना, शिक्षा और जनहित कार्यक्रमों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

TRAI का मानना है कि भारतीय ब्रॉडकास्टिंग उद्योग इस समय संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। एक ओर टीवी ब्रॉडकास्टर्स नए चैनलों के जरिए अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहे हैं और एफएम नेटवर्क का विस्तार जारी है, वहीं दूसरी ओर पेड डीटीएच सेवाएं ग्राहकों को बनाए रखने और रेडियो उद्योग विज्ञापन मांग में सुस्ती जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इंटरनेट आधारित मनोरंजन सेवाओं और मुफ्त प्रसारण प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता पारंपरिक ब्रॉडकास्टिंग उद्योग के कारोबारी मॉडल पर लगातार दबाव बना रही है।

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MIB ने प्रसार भारती में इंजीनियरिंग भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट किया जारी, मांगी राय

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने प्रसार भारती के तहत आने वाले Civil Construction Wing इंजीनियरिंग कैडर के भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया है

Last Modified:
Friday, 26 June, 2026
PrasarBharati98552

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक अहम सर्कुलर जारी किया है जिसमें बताया गया है कि प्रसार भारती के तहत आने वाले Civil Construction Wing (CCW) इंजीनियरिंग कैडर के भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया गया है।

यह ड्राफ्ट इसलिए जारी किया गया है ताकि सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स यानी विभाग, अधिकारी और अन्य हितधारक इस पर अपनी राय और सुझाव दे सकें। सरकार ने इसके लिए 30 दिन का समय दिया है।

सर्कुलर के मुताबिक, यह प्रक्रिया कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के नियमों के तहत की जा रही है, जिसके अनुसार किसी भी भर्ती नियम को अंतिम रूप देने से पहले उसे सार्वजनिक रूप से वेबसाइट पर डालकर सुझाव मांगे जाते हैं।

Prasar Bharati ने पहले ही इस ड्राफ्ट नियमों को जारी कर दिया है और अब सभी हितधारकों से कहा गया है कि वे अपने सुझाव सीधे Prasar Bharati को ईमेल के जरिए भेजें। साथ ही एक कॉपी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी भेजनी होगी।

इस नए ड्राफ्ट में Group ‘A’ इंजीनियरिंग पदों जैसे Chief Engineer, Superintending Engineer, Executive Engineer आदि के लिए भर्ती प्रक्रिया, योग्यता, प्रमोशन और डेपुटेशन नियमों को अपडेट किया गया है।

इन पदों पर भर्ती मुख्य रूप से प्रमोशन और डेपुटेशन के जरिए होगी। इसके लिए संबंधित इंजीनियरिंग डिग्री, अनुभव और सेवा अवधि जैसे मानदंड तय किए गए हैं। कई पदों पर 5 से 16 साल तक का अनुभव अनिवार्य किया गया है।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पूर्व सैनिक और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए जो छूट और आरक्षण नियम पहले से लागू हैं, वे आगे भी जारी रहेंगे।

इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य प्रसार भारती की इंजीनियरिंग सेवाओं को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और अपडेटेड बनाना है, ताकि भविष्य में तकनीकी कामकाज बेहतर तरीके से किया जा सके।

अब सभी स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मिलने के बाद इस ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा और फिर इसे गजट में प्रकाशित कर लागू किया जाएगा।

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Bodhi Tree Multimedia को मिला सरकारी टास्क, असम का अपना OTT प्लेटफॉर्म करेगी तैयार

बोधीट्री मल्टीमीडिया (Bodhi Tree Multimedia Limited) को असम सरकार से एक बड़ा स्ट्रैटेजिक मैन्डेट मिला है

Last Modified:
Friday, 26 June, 2026
BodhiTree7845

बोधीट्री मल्टीमीडिया (Bodhi Tree Multimedia Limited) को असम सरकार से एक बड़ा स्ट्रैटेजिक मैन्डेट मिला है। इसके तहत कंपनी अब राज्य के ऑफिशियल डिजिटल कंटेंट प्लेटफॉर्म को तैयार करेगी, लॉन्च करेगी और लंबे समय तक उसका मैनेजमेंट भी संभालेगी।

इस प्रोजेक्ट के साथ कंपनी का फोकस सिर्फ कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अब वह एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन मीडिया प्लेटफॉर्म कंपनी के रूप में आगे बढ़ेगी। इस प्लेटफॉर्म पर असम की संस्कृति, एंटरटेनमेंट, लोकल कंटेंट, फिल्में, संगीत, लाइव इवेंट्स और क्रिएटर-आधारित स्टोरीटेलिंग को जगह दी जाएगी।

यह डिजिटल प्लेटफॉर्म मोबाइल, वेब और स्मार्ट टीवी जैसे सभी माध्यमों पर उपलब्ध होगा, ताकि असमिया कंटेंट को देश और दुनिया के दर्शकों तक आसानी से पहुंचाया जा सके।

Bodhi Tree Multimedia Limited इस पूरे प्लेटफॉर्म का टेक्निकल डेवलपमेंट, कंटेंट स्ट्रैटेजी, सब्सक्रिप्शन सिस्टम, मोनेटाइजेशन मॉडल और ऑपरेशनल मैनेजमेंट संभालेगी। कंपनी का कहना है कि यह कदम उसके बिजनेस मॉडल को बदलकर उसे प्लेटफॉर्म-बेस्ड रेवेन्यू की ओर ले जाएगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट में आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें Google Cloud इंफ्रास्ट्रक्चर, कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क और Kubernetes आधारित सिस्टम शामिल होगा, जिससे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स को स्मूद एक्सपीरियंस मिल सके।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मौतिक टोलिया ने कहा कि मीडिया कंपनियों का भविष्य सिर्फ कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अब वे डिजिटल इकोसिस्टम बनाने वाली कंपनियां बन रही हैं। उनके मुताबिक असम सरकार की यह पहल क्षेत्रीय संस्कृति को डिजिटल दुनिया में मजबूत पहचान दिलाने का बड़ा मौका है।

यह प्रोजेक्ट अभी एडवांस स्टेज में पहुंच चुका है और अब इसका फोकस ब्रांडिंग, कंटेंट ऑनबोर्डिंग और सिस्टम डेवलपमेंट पर है।

कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे भारत में क्षेत्रीय कंटेंट की डिमांड बढ़ रही है, ऐसे सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म आने वाले समय में दूसरे राज्यों के लिए भी मॉडल बन सकते हैं।

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Zee Media: विदेशी निवेशकों को 14 करोड़ कनवर्टिवल वारंट्स अलॉट, ₹119 करोड़ का फंडिंग प्लान

Zee Media Corporation Limited ने शेयर बाजार को बताया है कि कंपनी ने 14 करोड़ (14,00,00,000) पूरी तरह से शेयर में बदले जा सकने वाले वारंट (fully convertible warrants) जारी कर दिए हैं।

Last Modified:
Friday, 26 June, 2026
ZeeMedia9852

जी मीडिया (Zee Media Corporation Limited) ने शेयर बाजार को बताया है कि कंपनी ने 14 करोड़ (14,00,00,000) पूरी तरह से शेयर में बदले जा सकने वाले वारंट (fully convertible warrants) जारी कर दिए हैं। यह पूरा इश्यू प्रेफरेंशियल बेसिस पर पब्लिक कैटेगरी के विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (Foreign Portfolio Investors – FPI) को जारी किया गया है।

कंपनी ने बताया कि यह पूरा फंडिंग इश्यू करीब ₹119 करोड़ का है और प्रति वारंट कीमत ₹8.50 तय की गई है। इस अलॉटमेंट के तहत कंपनी को पहले चरण में 25% राशि यानी लगभग ₹29.75 करोड़ मिल चुके हैं।

यह वारंट तीन विदेशी निवेशकों को जारी किए गए हैं, जिनमें Magnifica Global Opportunities VCC-MGO High Conviction Fund, Minerva Ventures Fund और Sun India Opportunities Investing Fund (जो Sun Alpha Global VCC का सब-फंड है) शामिल हैं।

कंपनी के अनुसार, हर वारंट को 18 महीनों के भीतर एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकता है। इसके लिए निवेशकों को बाकी 75% राशि का भुगतान करना होगा, जिसके बाद उन्हें कंपनी का एक इक्विटी शेयर (₹1 फेस वैल्यू) मिलेगा।

फिलहाल इस अलॉटमेंट के बाद कंपनी की पेड-अप शेयर कैपिटल में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बदलाव तभी होगा जब वारंट को शेयर में बदला जाएगा।

Zee Media Corporation Limited ने साफ किया है कि अगर निवेशक 18 महीने के भीतर अपने वारंट को शेयर में कन्वर्ट नहीं करते हैं, तो वे लैप्स हो जाएंगे और पहले से जमा राशि भी नियमों के अनुसार जब्त हो सकती है।

कंपनी का यह कदम फंड जुटाने और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम रणनीतिक फैसला माना जा रहा है।

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TV Today का बड़ा अलर्ट: 7 साल से अनक्लेम्ड डिविडेंड पर IEPF ट्रांसफर से पहले आखिरी मौका!

TV Today Network Limited ने अपने उन शेयरधारकों के लिए एक अहम सूचना जारी की है, जिन्होंने पिछले सात वर्षों से अपने डिविडेंड (लाभांश) का दावा नहीं किया है।

Last Modified:
Friday, 26 June, 2026
TVTODAY874

TV Today Network Limited ने अपने उन शेयरधारकों के लिए एक अहम सूचना जारी की है, जिन्होंने पिछले सात वर्षों से अपने डिविडेंड (लाभांश) का दावा नहीं किया है। कंपनी ने साफ कहा है कि अगर निर्धारित समय सीमा के भीतर निवेशक अपना बकाया डिविडेंड क्लेम नहीं करते हैं, तो उनके शेयर और अनक्लेम्ड राशि को Investor Education and Protection Fund में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि 23 जून 2026 को ऐसे सभी शेयरधारकों को रिमाइंडर लेटर भेजे गए हैं, जिनका वित्त वर्ष 2018-19 का अंतिम डिविडेंड या 2019-20 का अंतरिम डिविडेंड अभी तक अनक्लेम्ड है और लगातार सात साल से कोई दावा नहीं किया गया है।

कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 से जुड़े अनक्लेम्ड डिविडेंड को क्लेम करने की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 तय की गई है। वहीं, वित्त वर्ष 2019-20 के अंतरिम डिविडेंड से जुड़े मामलों के लिए यह समयसीमा 21 नवंबर 2026 रखी गई है। अगर तय समय तक निवेशक दावा नहीं करते हैं, तो संबंधित शेयर IEPF अथॉरिटी के डीमैट खाते में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।

TV Today Network Limited ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक बार शेयर IEPF में ट्रांसफर हो जाने के बाद उन पर मिलने वाले सभी कॉरपोरेट लाभ भी उसी खाते में चले जाएंगे। साथ ही, इन शेयरों से जुड़े वोटिंग अधिकार भी तब तक फ्रीज रहेंगे, जब तक असली मालिक उन्हें IEPF प्रक्रिया के तहत वापस क्लेम नहीं कर लेता।

हालांकि, कंपनी ने यह भी बताया कि शेयरधारक चाहें तो IEPF में ट्रांसफर होने के बाद भी तय प्रक्रिया के तहत अपने शेयर और डिविडेंड वापस प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें IEPF-5 फॉर्म के जरिए आवेदन करना होगा।

कंपनी ने प्रभावित निवेशकों से अपील की है कि वे समय रहते जरूरी दस्तावेज जमा करें और अपने अनक्लेम्ड डिविडेंड का दावा कर लें, ताकि उनके शेयर IEPF में ट्रांसफर होने से बच सकें।

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Prime Focus ने ESOP के तहत एम्प्लॉयीज को 5 लाख नए शेयर किए आवंटित

मीडिया व एंटरटेनमेंट टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनी प्राइम फोकस ने अपने एम्प्लॉयीज द्वारा स्टॉक ऑप्शन के उपयोग (Exercise) के बाद ESOP योजना के तहत 5 लाख नए इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।

Last Modified:
Friday, 26 June, 2026
PrimeFocus8985

मीडिया व एंटरटेनमेंट टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनी प्राइम फोकस लिमिटेड (Prime Focus Limited) ने अपने एम्प्लॉयीज द्वारा स्टॉक ऑप्शन के उपयोग (Exercise) के बाद ESOP योजना के तहत 5 लाख नए इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।

कंपनी के अनुसार, 25 जून 2026 को बोर्ड की ESOP Compensation Committee ने एक सर्कुलर प्रस्ताव के जरिए PFL ESOP Scheme-2014 के तहत एम्प्लॉयीज द्वारा स्टॉक ऑप्शन के उपयोग (Exercise) के बाद 5,00,000 पूरी तरह चुकता (Fully Paid-Up) इक्विटी शेयरों के आवंटन को मंजूरी दी।

कंपनी ने बताया कि आवंटित किए गए सभी शेयरों का फेस वैल्यू 1 रुपये प्रति शेयर है। ये नए शेयर कंपनी के मौजूदा इक्विटी शेयरों के समान अधिकारों के साथ होंगे और सभी मामलों में मौजूदा शेयरों के बराबर (Pari Passu) माने जाएंगे।

इस आवंटन के बाद कंपनी की चुकता शेयर पूंजी (Paid-Up Share Capital) में वृद्धि हुई है। पहले कंपनी की चुकता पूंजी 77,59,90,547 रुपये थी, जो 77,59,90,547 इक्विटी शेयरों का प्रतिनिधित्व करती थी। 5 लाख नए शेयर जारी होने के बाद यह बढ़कर 77,64,90,547 रुपये हो गई है, जो कुल 77,64,90,547 इक्विटी शेयरों के बराबर है। 

गौरतलब है कि ESOP (Employee Stock Option Plan) के जरिए कंपनियां अपने एम्प्लॉयीज को शेयर खरीदने का अवसर देती हैं। इससे एम्प्लॉयीज की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ती है और उन्हें कंपनी के प्रदर्शन से सीधे तौर पर जुड़ने का मौका मिलता है। Prime Focus का यह कदम एम्प्लॉयीज की भागीदारी और दीर्घकालिक प्रोत्साहन को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।

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