'ABC' के चेयरमैन बने मोहित जैन, विक्रम सखूजा को मिली डिप्टी चेयरमैन की जिम्मेदारी

बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (पब्लिशिंग) और बोर्ड मेंबर मोहित जैन को सर्वसम्मति से ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशंस (ABC) का चेयरमैन चुना गया है।

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Published - Wednesday, 02 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 02 September, 2026
Mohit Jain


बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (पब्लिशिंग) और बोर्ड मेंबर मोहित जैन को सर्वसम्मति से ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशंस (ABC) का चेयरमैन चुना गया है। उनका चुनाव वर्ष 2026-27 के लिए किया गया है। उनके चयन के साथ ही 43 वर्षों बाद BCCL का कोई प्रतिनिधि ABC के चेयरमैन पद पर पहुंचा है। वहीं, मैडिसन वर्ल्ड के पार्टनर और डायरेक्टर विक्रम सखूजा को वर्ष 2026-27 के लिए ब्यूरो का डिप्टी चेयरमैन सर्वसम्मति से चुना गया है।

प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री में दो दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले मोहित जैन ने प्रकाशन, बिजनेस ऑपरेशंस और इंडस्ट्री अफेयर्स से जुड़े विभिन्न वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर काम किया है। ABC में उनकी नियुक्ति को प्रिंट मीडिया, सर्कुलेशन और पब्लिशिंग क्षेत्र से जुड़े व्यापक अनुभव और गहरी समझ के रूप में देखा जा रहा है।

BCCL में मोहित जैन ने संगठन की पब्लिशिंग और बिजनेस ऑपरेशंस को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। BCCL से जुड़ने से पहले वह GSK कंज्यूमर हेल्थकेयर की इंडिया मैनेजमेंट टीम का हिस्सा रहे हैं। उनके पास एमबीए के साथ-साथ केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री भी है।

मोहित जैन का इंडस्ट्री संगठनों में भी लंबा और सक्रिय योगदान रहा है। वह वर्ष 2021-22 में इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी (INS) के प्रेजिडेंट रह चुके हैं और दो दशक से अधिक समय तक इसके बोर्ड से जुड़े रहे हैं। बता दें कि INS देश में समाचार पत्रों, पत्रिकाओं और आवधिक प्रकाशनों का प्रतिनिधित्व करने वाला प्रमुख संगठन है।

इसके अलावा वह वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ न्यूज पब्लिशर्स (WAN-IFRA) के ग्लोबल सुपरवाइजरी बोर्ड में तीन वर्षों तक सदस्य रह चुके हैं। वर्तमान में वह इंटरनेशनल न्यूज मीडिया एसोसिएशन (INMA) के दक्षिण एशिया डिवीजन बोर्ड के वाइस प्रेजिडेंट हैं। साथ ही वह PHDCCI की मीडिया कमेटी के चेयर, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की न्यूज, प्रिंट एंड पब्लिशिंग सब-कमेटी के चेयर तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) की मीडिया एवं एंटरटेनमेंट कमेटी के सदस्य भी हैं।

वर्ष 2026-27 के लिए ABC की काउंसिल ऑफ मैनेजमेंट

प्रकाशक प्रतिनिधि

  • मोहित जैन, बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड – चेयरमैन
  • ध्रुब मुखर्जी, एबीपी प्राइवेट लिमिटेड – मानद कोषाध्यक्ष
  • रियाद मैथ्यू, मलयाला मनोरमा कंपनी लिमिटेड – मानद सचिव
  • गिरीश अग्रवाल, डीबी कॉर्प लिमिटेड
  • शैलेश गुप्ता, जागरण प्रकाशन लिमिटेड
  • करण दर्डा, लोकमत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड
  • आदिमूलम, दिनामलार
  • जान्हवी पवार, सकाल पेपर्स प्राइवेट लिमिटेड

विज्ञापन एजेंसी प्रतिनिधि

  • विक्रम सखूजा, मैडिसन वर्ल्ड – डिप्टी चेयरमैन
  • वैशाली वर्मा, इनिशिएटिव मीडिया (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड
  • अमीन लखानी, डब्ल्यूपीपी मीडिया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड

विज्ञापनदाता प्रतिनिधि

  • करुणेश बजाज, आईटीसी लिमिटेड
  • अनिरुद्ध हलदार, टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड
  • पेल्की शेरिंग, टाइटन कंपनी लिमिटेड
  • अजय डांग, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड

सचिवालय

  • आदिल कसाद, सेक्रेटरी जनरल
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Tips Music के शेयर बायबैक को शेयरधारकों की मंजूरी, करीब 99.6% वोट पक्ष में

कंपनी की 30वीं सालाना आम बैठक (AGM) में इस प्रस्ताव के पक्ष में करीब 99.6 फीसदी वोट पड़े।

Last Modified:
Thursday, 03 September, 2026
Tips6523

म्यूजिक कंपनी Tips Music Limited के शेयरधारकों ने कंपनी के शेयरों के बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 31 अगस्त 2026 को हुई कंपनी की 30वीं सालाना आम बैठक (AGM) में इस प्रस्ताव के पक्ष में करीब 99.6 फीसदी वोट पड़े। कंपनी ने 2 सितंबर को स्टॉक एक्सचेंज को AGM के वोटिंग नतीजों की जानकारी दी है।

खास बात यह है कि AGM में रखे गए सभी पांच प्रस्ताव पास हो गए हैं। इनमें वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी, तीन अंतरिम लाभांश के भुगतान की पुष्टि, रमेश तौरानी की दोबारा नियुक्ति, Tips Films Limited के साथ महत्वपूर्ण संबंधित पक्ष लेनदेन और शेयर बायबैक का प्रस्ताव शामिल था।

शेयर बायबैक को 99.6% वोट की मंजूरी

AGM में शेयर बायबैक के प्रस्ताव को विशेष प्रस्ताव के तौर पर रखा गया था। इस प्रस्ताव के पक्ष में कुल 9,92,51,965 वोट पड़े, जबकि 4,01,238 वोट इसके खिलाफ रहे। कुल वैध वोटों में करीब 99.598 फीसदी वोट प्रस्ताव के पक्ष में और करीब 0.402 फीसदी वोट विरोध में रहे। इस तरह शेयरधारकों ने बायबैक प्रस्ताव को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी।

सभी पांच प्रस्ताव हुए पास

कंपनी की AGM में कुल पांच प्रस्ताव रखे गए थे और सभी को मंजूरी मिल गई। पहले प्रस्ताव में वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों और बोर्ड व ऑडिटर्स की रिपोर्ट को मंजूरी दी गई। इसके पक्ष में करीब 99.999 फीसदी वोट पड़े।

दूसरे प्रस्ताव में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दिए गए तीन अंतरिम लाभांश के भुगतान की पुष्टि की गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में करीब 98.55 फीसदी वोट पड़े, जबकि करीब 1.45 फीसदी वोट विरोध में रहे।

तीसरे प्रस्ताव में कंपनी के निदेशक रमेश तौरानी की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव के पक्ष में करीब 99.99 फीसदी वोट पड़े।

चौथे प्रस्ताव में Tips Films Limited के साथ महत्वपूर्ण संबंधित पक्ष लेनदेन (Material Related Party Transactions) को मंजूरी दी गई। इसके पक्ष में करीब 99.60 फीसदी वोट पड़े।

AGM में 64,497 शेयरधारक 

कंपनी के रिकॉर्ड के मुताबिक 24 अगस्त 2026 की रिकॉर्ड डेट पर 64,497 शेयरधारक थे। AGM के लिए वोटिंग प्रक्रिया में रिमोट ई-वोटिंग और AGM के दौरान ई-वोटिंग की सुविधा दी गई थी। कंपनी की 30वीं AGM 31 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों से आयोजित की गई थी। रिमोट ई-वोटिंग 27 अगस्त से 30 अगस्त तक चली थी।

कंपनी का बदला जा चुका नाम

यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि कंपनी का नाम पहले Tips Industries Limited था, जिसे अब Tips Music Limited कर दिया गया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजे पत्र में इसका उल्लेख किया है। शेयरधारकों के मतदान के बाद सभी पांच प्रस्तावों को पारित माना गया है।

 

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Dish TV के IT हेड अभिषेक गुप्ता ने दिया इस्तीफा

डायरेक्ट-टू-होम (DTH) सेवा देने वाली कंपनी डिश टीवी इंडिया लिमिटेड (Dish TV India Limited) के सीनियर मैनेजमेंट में बदलाव हुआ है।

Last Modified:
Thursday, 03 September, 2026
AbhishekGupta5412

डायरेक्ट-टू-होम (DTH) सेवा देने वाली कंपनी डिश टीवी इंडिया लिमिटेड (Dish TV India Limited) के सीनियर मैनेजमेंट में बदलाव हुआ है। कंपनी के कॉरपोरेट हेड-इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी अभिषेक गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 अगस्त 2026 को कारोबारी समय खत्म होने के साथ प्रभावी हो गया है।

कंपनी ने 31 अगस्त को शेयर बाजारों को दी जानकारी में बताया कि अभिषेक गुप्ता ने कंपनी की सेवाओं से इस्तीफा दिया है। इसके साथ ही वह कंपनी के सीनियर मैनेजमेंट का हिस्सा भी नहीं रहेंगे।

निजी कारणों और नए अवसरों के लिए इस्तीफा

कंपनी के मुताबिक, अभिषेक गुप्ता ने निजी कारणों और संगठन से बाहर नए अवसर तलाशने के लिए इस्तीफा दिया है। कंपनी ने साफ किया है कि उनके इस्तीफे के पीछे इसके अलावा कोई अन्य महत्वपूर्ण कारण नहीं है।

अपने इस्तीफे में अभिषेक गुप्ता ने कहा कि उन्होंने कंपनी छोड़ने का फैसला सोच-विचार के बाद लिया है। उन्होंने कंपनी के साथ लंबे समय तक काम किया और अलग-अलग पहलों और जिम्मेदारियों में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि अब वह संगठन से बाहर नए अवसरों और अपने पेशेवर लक्ष्यों को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

कंपनी के प्रबंधन और सहयोगियों का जताया आभार

अभिषेक गुप्ता ने कंपनी के प्रबंधन और अपने सहयोगियों से मिले सहयोग, मार्गदर्शन, भरोसे और अवसरों के लिए आभार जताया। उन्होंने कंपनी और उसकी टीम के आगे भी सफलता हासिल करने की कामना की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी में उनकी नौकरी खत्म होने के साथ ही वह Dish TV के सीनियर मैनेजमेंट से भी बाहर हो जाएंगे।

31 अगस्त से प्रभावी हुआ बदलाव

Dish TV ने शेयर बाजारों को दी सूचना में बताया कि अभिषेक गुप्ता का कंपनी से इस्तीफा और सीनियर मैनेजमेंट से उनका बाहर होना 31 अगस्त 2026 से प्रभावी है। कंपनी ने यह जानकारी SEBI के लिस्टिंग नियमों के Regulation 30 के तहत शेयर बाजारों को दी है। 

 

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DEN Networks की AGM में सभी 4 प्रस्ताव पास, अनुज जैन की निदेशक पद पर नियुक्ति को मंजूरी

केबल और ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनी DEN Networks Limited की 19वीं सालाना आम बैठक यानी AGM बुधवार, 2 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई।

Last Modified:
Thursday, 03 September, 2026
DEN4512

केबल और ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनी DEN Networks Limited की 19वीं सालाना आम बैठक यानी AGM बुधवार, 2 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। बैठक में शेयरधारकों के सामने रखे गए सभी चार प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए।

कंपनी ने 2 सितंबर को शेयर बाजारों को दी जानकारी में AGM की कार्यवाही का ब्यौरा साझा किया है। बैठक की अध्यक्षता कंपनी के चेयरमैन और गैर-कार्यकारी निदेशक समीर मनचंदा ने की।

करीब 40 मिनट चली AGM

DEN Networks की AGM दोपहर 12:30 बजे शुरू हुई और 1:10 बजे खत्म हुई। बैठक में वोटिंग के लिए दिया गया समय भी इसमें शामिल है। कंपनी ने बताया कि बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों के जरिए आयोजित की गई। जरूरी संख्या में सदस्य मौजूद होने के बाद चेयरमैन ने बैठक शुरू करने की घोषणा की।

कंपनी के मुताबिक, नैना कृष्णा मूर्ति और गीता फुलवडाया को छोड़कर सभी निदेशक बैठक में मौजूद थे। कंपनी के वैधानिक ऑडिटर और सेक्रेटेरियल ऑडिटर के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।

4 प्रस्तावों पर शेयरधारकों ने लगाई मुहर

AGM में कुल चार प्रस्ताव रखे गए थे। इनमें से दो सामान्य कारोबार से जुड़े थे, जबकि दो विशेष कारोबार से संबंधित थे।

पहले प्रस्ताव में 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए वित्तीय विवरण और कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरण को मंजूरी देने की बात थी। इसमें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट को भी अपनाने का प्रस्ताव शामिल था।

दूसरे प्रस्ताव में अनुज जैन को रोटेशन के आधार पर रिटायर हो रहे निदेशक के स्थान पर दोबारा निदेशक नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया था। शेयरधारकों ने इसे भी मंजूरी दे दी।

कॉस्ट ऑडिटर के पारिश्रमिक को मंजूरी

तीसरे प्रस्ताव में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर के पारिश्रमिक को मंजूरी देने की बात थी। इस प्रस्ताव को भी शेयरधारकों ने जरूरी बहुमत के साथ पास कर दिया।

संबंधित पक्षों के साथ लेनदेन को भी मंजूरी

चौथे प्रस्ताव में कंपनी के महत्वपूर्ण संबंधित पक्ष लेनदेन (Material Related Party Transactions) को मंजूरी देने की बात थी। शेयरधारकों ने इस प्रस्ताव पर भी अपनी मुहर लगा दी। कंपनी ने कहा है कि बैठक में रखे गए चारों प्रस्ताव जरूरी बहुमत से पास हुए हैं।

ई-वोटिंग के जरिए हुआ मतदान

शेयरधारकों को प्रस्तावों पर मतदान के लिए रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा दी गई थी। यह सुविधा 29 अगस्त 2026 सुबह 9 बजे से 1 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक उपलब्ध रही। इसके अलावा, जो शेयरधारक AGM में शामिल हुए थे लेकिन रिमोट ई-वोटिंग के जरिए पहले वोट नहीं कर पाए थे, उनके लिए बैठक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग यानी Insta Poll की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। मतदान की प्रक्रिया की निगरानी के लिए निलेश कुमार जैन, प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी और N.K.J & Associates के प्रोपराइटर को स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया गया था।

कंपनी ने बताया कि वोटिंग के विस्तृत नतीजे अलग से शेयर बाजारों को भेजे जाएंगे और कंपनी तथा KFin Technologies की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। 

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करण दीप सिंह ने Bloomberg Originals जॉइन किया, संभालेंगे यह जिम्मेदारी

करण दीप सिंह इससे पहले द न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ जुड़े हुए थे, जहां उन्होंने पिछले तीन वर्षों के दौरान पत्रकारिता, फिल्म निर्माण और लॉन्ग-फॉर्म स्टोरीटेलिंग से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम किया।

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Published - Wednesday, 02 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 02 September, 2026
Karan Deep

फिल्ममेकर, एडिटर और फोटोग्राफर करण दीप सिंह ने Bloomberg Originals में प्रोड्यूसर/एडिटर के रूप में नई पारी शुरू की है। करण दीप सिंह भारत और दक्षिण एशिया से जुड़े डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स और न्यूज कवरेज पर काम जारी रखेंगे। इसके साथ ही उनकी भूमिका का दायरा बढ़ाते हुए उन्हें एशिया से संबंधित व्यापक कवरेज की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वह मुंबई से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

करण दीप सिंह इससे पहले द न्यूयॉर्क टाइम्स (The New York Times) के साथ जुड़े हुए थे, जहां उन्होंने पिछले तीन वर्षों के दौरान पत्रकारिता, फिल्म निर्माण और लॉन्ग-फॉर्म स्टोरीटेलिंग से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम किया।

पत्रकारिता और विजुअल स्टोरीटेलिंग की दुनिया में करण दीप सिंह का लंबा अनुभव है। वर्ष 2019 में The New York Times से जुड़ने से पहले उन्होंने करीब पांच वर्षों तक द वॉल स्ट्रीट जर्नल (The Wall Street Journal) में रिपोर्टर और वीडियो जर्नलिस्ट के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने एशिया के पांच देशों से रिपोर्टिंग की और कई महत्वपूर्ण विषयों को कवर किया।

करण दीप सिंह ने पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान टाइम्स (Hindustan Times) से की थी। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समाचार और डॉक्यूमेंट्री स्टोरीटेलिंग की दिशा में कदम बढ़ाया और अपनी अलग पहचान बनाई।

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प्रियंका शाह ने NDTV नेटवर्क जॉइन किया, बनीं ग्रुप हेड-डिजिटल

NDTV नेटवर्क में अपनी नई भूमिका के तहत प्रियंका शाह CTV, वेब, ऐप और यूट्यूब प्लेटफॉर्म्स पर रेवेन्यू ग्रोथ को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगी।

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Published - Wednesday, 02 September, 2026
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Wednesday, 02 September, 2026
Priyanka Shah

मीडिया इंडस्ट्री की अनुभवी प्रोफेशनल प्रियंका शाह ने NDTV नेटवर्क में ग्रुप हेड- डिजिटल के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। NDTV नेटवर्क में अपनी नई भूमिका के तहत प्रियंका शाह CTV, वेब, ऐप और यूट्यूब प्लेटफॉर्म्स पर रेवेन्यू ग्रोथ को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगी।

इससे पहले वह जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEE Entertainment Enterprises Limited) में कार्यरत थीं, जहां वह हाल ही में एसोसिएट डायरेक्टर- सेल्स के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं।

जी एंटरटेनमेंट में अपने कार्यकाल के दौरान प्रियंका शाह ने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वह कंपनी में सीनियर मैनेजर और सेल्स एंड मार्केटिंग जैसी जिम्मेदारियां भी संभाल चुकी हैं। अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता के बल पर उन्होंने मीडिया और विज्ञापन कारोबार में मजबूत पहचान बनाई है।

अपने करियर के शुरुआती दौर में प्रियंका शाह मिड-डे मल्टीमीडिया लिमिटेड (Mid-Day Multimedia Limited) के साथ भी जुड़ी रही हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया सेल्स और बिजनेस डेवलपमेंट से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम किया।

जी एंटरटेनमेंट में प्रियंका शाह लीनियर मीडिया, ब्रैंडेड कंटेंट और डिजिटल बिजनेस का प्रबंधन कर रही थीं। डिजिटल और मीडिया सेल्स के क्षेत्र में उनके व्यापक अनुभव को देखते हुए उन्हें NDTV नेटवर्क में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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NCLAT में डॉ. सुभाष चंद्रा की दलील, NCLT की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा ने बुधवार को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में कहा कि पिछले करीब 15 दिनों से उन्हें पूरे देश में बदनाम किया जा रहा है।

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Published - Wednesday, 02 September, 2026
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Wednesday, 02 September, 2026
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जी ग्रुप के फाउंडर डॉ. सुभाष चंद्रा ने बुधवार को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में कहा कि पिछले करीब 15 दिनों से उन्हें पूरे देश में बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ₹22,006 करोड़ के स्वीकार किए गए कर्ज दावों के मुकाबले ₹6.5 करोड़ के भुगतान की बात को लेकर उनके खिलाफ गलत धारणा बनाई गई है, जबकि अभी तक उनकी रीपेमेंट प्लान को मंजूरी देने वाला कोई अंतिम आदेश मौजूद नहीं है।

डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से पेश वकील सस्मित पात्रा ने NCLAT में कहा कि इस मामले की वजह से उनके मुवक्किल को मीडिया ट्रायल का सामना करना पड़ा है और इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।

‘अभी कोई अंतिम आदेश मौजूद नहीं’

डॉ. चंद्रा की ओर से दलील देते हुए वकील  सस्मित पात्रा ने कहा कि इस मामले में फिलहाल कोई अंतिम आदेश नहीं है। इसके बावजूद पिछले 15 दिनों से डॉ. सुभाष चंद्रा को लेकर ऐसी खबरें चल रही हैं कि उन्होंने ₹22,000 करोड़ के कर्ज के सामने सिर्फ ₹6.5 करोड़ का भुगतान किया है।

हालांकि, सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता, जो कर्जदाताओं की ओर से मामले में पेश हुए, ने इस दलील पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि NCLAT की कार्यवाही का इस्तेमाल ऐसे बयान देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, जिनका मकसद उन्हें मीडिया में प्रकाशित करवाना हो।

NCLAT ने कहा- NCLT के सामने रखें शिकायत

मामले की सुनवाई कर रही NCLAT की पीठ ने कहा कि डॉ. सुभाष चंद्रा अपनी शिकायत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के सामने रख सकते हैं, जहां उनकी दिवाला कार्यवाही चल रही है। NCLAT ने यह भी साफ किया कि उसने डॉ. सुभाष चंद्रा के वकील की इस दलील पर फिलहाल कोई आदेश नहीं दिया है।

मामले की सुनवाई NCLAT के कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति योगेश खन्ना और टेक्निकल सदस्य बरुण मित्रा तथा अजय दास मेहरोत्रा की पीठ कर रही थी।

कर्जदाताओं ने दायर की है अपील

NCLAT के सामने Union Bank of India (UK), Canara Bank और LIC Housing Finance ने अपील दायर की है। ये अपील NCLT के 25 अगस्त के उस विचार/राय के खिलाफ हैं, जिसमें डॉ. सुभाष चंद्रा की रीपेमेंट प्लान को मंजूरी देने का समर्थन किया गया था।

हालांकि, बाद में NCLT की पांच सदस्यीय पीठ ने इस राय पर रोक लगाकर मामले को नए सिरे से सुनने का फैसला किया है।

5 सदस्यीय NCLT बेंच के गठन पर भी सवाल

डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से पेश वकील ने NCLT की ओर से रीपेमेंट प्लान पर दोबारा सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय पीठ बनाए जाने के अधिकार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इन्सॉल्वेंसी व बैंककरप्सी (IBC) की धारा 419(5) का दायरा सीमित है और इसके तहत अलग राय होने पर दूसरे सदस्य या सदस्यों के सामने मामला रखा जा सकता है। उनके मुताबिक, इस प्रावधान के तहत NCLT को पांच सदस्यीय पीठ बनाने का अधिकार नहीं मिलता।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि पांच सदस्यीय पीठ ने किस अधिकार के तहत NCLT के न्यायिक सदस्य निलेश शर्मा की राय पर 25 अगस्त की राय पर रोक लगाई।

रिपेमेंट प्लान पर NCLT सदस्यों की राय में कितना अंतर था?

डॉ. सुभाष चंद्रा के वकील ने कर्जदाताओं की ओर से पेश तुषार मेहता की इस दलील पर भी सवाल उठाया कि रीपेमेंट प्लान पर विचार करने वाले तीन NCLT सदस्यों की राय पूरी तरह अलग थी। सस्मित पात्रा ने कहा कि न्यायिक सदस्य अशोक कुमार भरद्वाज और नीलेश शर्मा, दोनों ने रीपेमेंट प्लान को मंजूरी देने का समर्थन किया था और IBC की धारा 79 के तहत पात्रता के मुद्दे पर भी दोनों की राय एक जैसी थी।

उनके मुताबिक, दोनों सदस्यों के बीच मुख्य अंतर इस बात को लेकर था कि असहमत कर्जदाताओं (dissenting creditors) के साथ किस तरह व्यवहार किया जाए। अशोक कुमार भरद्वाज  की राय थी कि योजना उन कर्जदाताओं पर लागू होनी चाहिए, जिन्होंने इसे स्वीकार किया है, जबकि असहमत कर्जदाता वसूली के लिए दूसरे कानूनी रास्ते अपना सकते हैं।

वहीं नीलेश शर्मा की राय थी कि IBC की धारा 115 के तहत रीपेमेंट प्लान सभी कर्जदाताओं पर लागू होगा, चाहे उन्होंने योजना का समर्थन किया हो या विरोध।

NCLAT ने कहा- पांच सदस्यीय पीठ को अलग से चुनौती दे सकते हैं

सुनवाई के दौरान NCLAT ने कहा कि कर्जदाताओं की ओर से दायर अपील में पांच सदस्यीय NCLT पीठ के गठन की वैधता को चुनौती नहीं दी गई है। पीठ ने कहा कि अगर डॉ. सुभाष चंद्रा को 1 सितंबर के NCLT आदेश से आपत्ति है तो वह उसे अलग से चुनौती दे सकते हैं।

कर्जदाताओं ने अपील वापस लेने की बात कही, फिर बदला फैसला

सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने शुरुआत में कर्जदाताओं की अपील वापस लेने और जरूरत पड़ने पर बाद में उन्हें दोबारा उठाने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि चूंकि पांच सदस्यीय NCLT पीठ ने नीलेश शर्मा की राय पर रोक लगाकर मामले की नए सिरे से सुनवाई का फैसला किया है, इसलिए फिलहाल इन अपीलों पर तुरंत सुनवाई की जरूरत नहीं हो सकती है।

लेकिन डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से इसका विरोध किया गया। उनके वकील ने कहा कि ये अपील ही तकनीकी रूप से सही नहीं हैं, क्योंकि नीलेश शर्मा की राय कभी अंतिम NCLT आदेश में तब्दील नहीं हुई थी।

इसके बाद तुषार मेहता ने अपील वापस लेने की मांग पर जोर नहीं दिया और अपीलों को लंबित रखने का अनुरोध किया। NCLAT ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को तय कर दी है।

फिलहाल क्या स्थिति है?

इस मामले में अभी डॉ. सुभाष चंद्रा की रीपेमेंट प्लान पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। NCLT की पांच सदस्यीय पीठ मामले की नए सिरे से सुनवाई करेगी, जबकि कर्जदाताओं की NCLAT में दायर अपीलें भी फिलहाल लंबित रहेंगी।

इसलिए ₹22,006 करोड़ के कर्ज दावों के मुकाबले ₹6.5 करोड़ के भुगतान को लेकर चल रही चर्चा को अंतिम मंजूरी या अंतिम आदेश के तौर पर देखना सही नहीं होगा।

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‘Rekhta Foundation’ से जुड़े दिनेश श्रीनेत, बने ग्रुप एडिटर (लैंग्वेजेज)

अपनी इस भूमिका में दिनेश श्रीनेत विभिन्न भाषाओं और संपादकीय पहलों पर काम करेंगे। फाउंडेशन लगातार भारत की विविध साहित्यिक परंपराओं को नए पाठकों तक पहुंचाने के लिए अपने प्रयासों का विस्तार कर रहा है।

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Published - Wednesday, 02 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 02 September, 2026
Dinesh Shrinet

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक दिनेश श्रीनेत ने रेख्ता फाउंडेशन (Rekhta Foundation) में ग्रुप एडिटर-लैंग्वेजेज के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। अपनी इस भूमिका में दिनेश श्रीनेत विभिन्न भाषाओं और संपादकीय पहलों पर काम करेंगे। फाउंडेशन लगातार भारत की विविध साहित्यिक परंपराओं को नए पाठकों तक पहुंचाने के लिए अपने प्रयासों का विस्तार कर रहा है। इसके बहुभाषी प्लेटफॉर्म्स में रेख्ता, हिंदवी, अंजस और रेख्ता गुजराती शामिल हैं, जो अलग-अलग भाषाई और साहित्यिक परंपराओं को समकालीन पाठकों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

यह नई भूमिका दिनेश श्रीनेत के करियर के दो महत्वपूर्ण पक्षों को एक साथ लाती है। एक ओर भारतीय भाषाओं की डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, वहीं दूसरी ओर साहित्य, सिनेमा और लोकप्रिय संस्कृति के प्रति उनकी गहरी रुचि और सक्रिय लेखन। अब ये दोनों धाराएं भाषाओं और साहित्यिक सामग्री पर केंद्रित इस नई भूमिका में एक साथ दिखाई देंगी।

अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर दिनेश श्रीनेत ने कहा, ‘’उर्दू भाषा, साहित्य और संस्कृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ियों तक पहुंचाने में रेख्ता की यात्रा अपने आप में एक उदाहरण है और कई मायनों में दुनिया के लिए एक केस स्टडी भी है। मेरा प्रयास रहेगा कि फाउंडेशन द्वारा अन्य भारतीय भाषाओं और संस्कृतियों के लिए किए जा रहे कार्यों को भी इसी स्तर तक पहुंचाया जाए। साथ ही नई पीढ़ी को इन समृद्ध परंपराओं के करीब लाया जाए और हमारी साहित्यिक विरासत को रोजमर्रा के सांस्कृतिक जीवन का जीवंत हिस्सा बनाया जाए।’

दिनेश श्रीनेत ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 1998 में की थी। अपने लंबे पेशेवर सफर के दौरान उन्होंने अमर उजाला, दैनिक जागरण, वनइंडिया और टाइम्स इंटरनेट जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में काम किया है। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के शुरुआती दौर से ही वे इसके विकास और विस्तार से जुड़े रहे हैं तथा कई डिजिटल प्रकाशन और संपादकीय परियोजनाओं पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

डिजिटल मीडिया में अपने कार्यकाल के दौरान श्रीनेत कई महत्वपूर्ण भारतीय भाषा आधारित डिजिटल पहलों के लॉन्च और विकास से भी जुड़े रहे। टाइम्स इंटरनेट में उन्होंने वर्ष 2017 में द इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष 2022 में उन्होंने छह अन्य भाषा संस्करणों के लॉन्च में भी भूमिका निभाई।

पत्रकारिता के अलावा दिनेश श्रीनेत की पहचान साहित्य और सांस्कृतिक लेखन के क्षेत्र में भी रही है। वे एक चर्चित कहानीकार हैं और सिनेमा तथा लोकप्रिय संस्कृति पर नियमित रूप से लिखते रहे हैं। उनकी पहली प्रकाशित कहानी ‘विज्ञापन वाली लड़की’ वर्ष 2006 में पत्रिका ‘वागर्थ’ में प्रकाशित हुई थी। बाद में यह कहानी ‘उर्दू आजकल’ और पाकिस्तान के उर्दू प्रकाशन ‘आज’ में भी प्रकाशित हुई।

उनकी रचनात्मक लेखनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। उनकी कहानी ‘विज्ञापन वाली लड़की’ का अंग्रेजी अनुवाद वर्ष 2026 में प्रकाशित पुस्तक ‘द सिटी: एन एंथोलॉजी ऑफ न्यू इंडियन राइटिंग’ में शामिल किया गया। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में ‘पश्चिम और सिनेमा’, ‘शेल्फ में फरिश्ते’, ‘नींद कम ख्वाब ज्यादा’ और ‘विज्ञापन वाली लड़की’ शामिल हैं।

सिनेमा और पत्रकारिता पर उनका काम अकादमिक और शैक्षणिक क्षेत्रों तक भी पहुंचा है। उन्होंने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के फीचर लेखन और विश्व सिनेमा के इतिहास से जुड़े पाठ्यक्रमों के लिए भी कंटेंट उपलब्ध कराया है।

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जियोहॉटस्टार ने बढ़ाए कदम: अंतरराष्ट्रीय बाजार में किया प्रवेश

जियोहॉटस्टार ने ब्रिटेन, कनाडा और सिंगापुर में अपनी स्ट्रीमिंग सेवा लॉन्च की है। प्लेटफॉर्म पर 12 से ज्यादा भाषाओं में 1.60 लाख घंटे से अधिक का कंटेंट मिलेगा।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 02 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 02 September, 2026
jiohotstar

भारतीय स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार (JioHotstar) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखते हुए ब्रिटेन, कनाडा और सिंगापुर में अपनी सेवा लॉन्च करने की घोषणा की है। बुधवार को किए गए इस ऐलान के साथ प्लेटफॉर्म ने भारत से बाहर अपने विस्तार की शुरुआत कर दी है।

इन तीनों बाजारों में दर्शकों को जियोहॉटस्टार की बड़ी कंटेंट लाइब्रेरी तक पहुंच मिलेगी। कंपनी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर 12 से ज्यादा भाषाओं और अलग-अलग जॉनर में 1.60 लाख घंटे से अधिक का कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जियोहॉटस्टार भारतीय मनोरंजन के साथ पर्सनलाइज्ड रिकमेंडेशन, इंटरैक्टिव फीचर्स और अलग-अलग सब्सक्रिप्शन विकल्प उपलब्ध कराएगा। कंपनी का जोर ऐसा प्रोडक्ट अनुभव देने पर है, जो अलग-अलग दर्शक वर्ग की जरूरतों के मुताबिक हो।

एक प्लेटफॉर्म पर मिलेगा अलग-अलग कंटेंट

ब्रिटेन, कनाडा और सिंगापुर के दर्शकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर टेलीविजन शो, फिल्में, रीजनल प्रोग्रामिंग, नॉन-फिक्शन, बच्चों के कार्यक्रम और एनीमे देखने को मिलेंगे।

जियोहॉटस्टार की अंतरराष्ट्रीय सेवा का प्रमुख फोकस दक्षिण एशियाई प्रवासी दर्शकों पर रहेगा। हालांकि, प्लेटफॉर्म अलग-अलग भाषाओं, कहानियों और संस्कृतियों में दिलचस्पी रखने वाले दूसरे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक भी अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है।

हर साल जुड़ेगा 30 हजार घंटे से ज्यादा नया कंटेंट

जियोहॉटस्टार ने बताया कि उसकी योजना हर साल 30,000 घंटे से ज्यादा नया कंटेंट जोड़ने की है। अंतरराष्ट्रीय लॉन्च के लिए तैयार कंटेंट स्लेट में नए ओरिजिनल शो, बड़ी फिल्मों के प्रीमियर और लोकप्रिय टेलीविजन फ्रेंचाइजी शामिल हैं।

ब्रिटेन, कनाडा और सिंगापुर में लॉन्च के साथ जियोहॉटस्टार अब भारतीय स्ट्रीमिंग बाजार से आगे बढ़कर वैश्विक दर्शकों के बीच अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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ENIL में बड़ा बदलाव, Times Horizon बनी कंपनी की नई प्रमोटर; 71.15% हिस्सेदारी हासिल

एंटरटेनमेंट नेटवर्क इंडिया लिमिटेड (ENIL) में 1 सितंबर 2026 से बड़ा बदलाव हुआ है। Times Horizon Private Limited (THPL) अब ENIL की नई प्रमोटर बन गई है।

Vikas Saxena by
Published - Wednesday, 02 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 02 September, 2026
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एंटरटेनमेंट नेटवर्क इंडिया लिमिटेड (ENIL) में 1 सितंबर 2026 से बड़ा बदलाव हुआ है। Times Horizon Private Limited (THPL) अब ENIL की नई प्रमोटर बन गई है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि एक योजना के तहत Bennett, Coleman & Company Limited (BCCL) के गैर-प्रकाशन कारोबार को Times Horizon में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस कारोबार में ENIL में BCCL की हिस्सेदारी भी शामिल थी।

इस बदलाव के बाद Times Horizon ने ENIL के 71.15 फीसदी इक्विटी शेयर और वोटिंग अधिकार हासिल कर लिए हैं। इसके साथ ही वह ENIL की प्रमोटर बन गई है।

क्या है पूरा मामला?

यह बदलाव BCCL और Times Horizon के बीच हुई कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के तहत हुआ है। यह योजना 1 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई है। यह व्यवस्था कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230 से 232 और दूसरे लागू नियमों के तहत की गई है।

इस योजना के तहत BCCL के गैर-प्रकाशन कारोबार (Non-Publishing Business) को अलग करके Times Horizon में ट्रांसफर कर दिया गया है। इस कारोबार को EIBME Business कहा गया है। इसमें शिक्षा, निवेश, प्रसारण, मीडिया, मनोरंजन और इससे जुड़े दूसरे कारोबार शामिल हैं।

खास बात यह है कि इस कारोबार के साथ ENIL में BCCL की शेयर हिस्सेदारी भी Times Horizon को ट्रांसफर हो गई है।

ENIL में 71.15% हिस्सेदारी अब Times Horizon के पास

योजना लागू होने के बाद Times Horizon ने ENIL के 71.15 फीसदी शेयर और वोटिंग अधिकार हासिल कर लिए हैं। यही वजह है कि अब Times Horizon को ENIL का प्रमोटर माना जाएगा। ENIL रेडियो कारोबार में Radio Mirchi ब्रांड के लिए जानी जाती है। कंपनी के प्रमोटर ढांचे में यह बदलाव Times Group के कारोबार के पुनर्गठन का हिस्सा है।

BCCL के शेयरधारकों को क्या मिला?

इस पुनर्गठन के बदले Times Horizon ने BCCL के शेयरधारकों को भी शेयर जारी किए हैं। योजना के मुताबिक, BCCL के हर 1 शेयर के बदले Times Horizon का 1 पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर जारी किया गया है। इन शेयरों की फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है। इसके अलावा Sanma Properties Limited को 2,86,955 पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर तरजीही आधार पर जारी किए गए हैं।

Times Horizon में 50.05% वोटिंग अधिकार पर इनकी पकड़

इस योजना के बाद Sanma Properties Limited, Arth Udyog Limited, TM Investments Limited, Vineet Jain और Bharat Nidhi Limited Times Horizon में एक साथ काम करेंगे। इनके पास Times Horizon में कुल मिलाकर 50.05 फीसदी वोटिंग अधिकार हैं। यानी इन मौजूदा शेयरधारकों की Times Horizon में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी और वोटिंग ताकत बनी रहेगी।

1 सितंबर से लागू हुई योजना

BCCL और Times Horizon ने कंपनी को बताया है कि यह पूरी योजना 1 सितंबर 2026 को प्रभावी हो गई है। इसके साथ ही BCCL का संबंधित गैर-प्रकाशन कारोबार और ENIL में उसकी हिस्सेदारी Times Horizon में चली गई है। इसका सीधा असर ENIL के प्रमोटर ढांचे पर पड़ा है और Times Horizon अब ENIL की प्रमोटर कंपनी बन गई है।

 

 

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अभिषेक निगम का जागरण.कॉम में प्रमोशन, बने डिप्‍टी एडिटर

इससे पहले वह यहां चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत थे और स्‍पोर्ट्स टीम का नेतृत्‍व कर रहे थे।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 02 September, 2026
Last Modified:
Wednesday, 02 September, 2026
Abhishek Nigam JNM

दैनिक जागरण के डिजिटल विंग जागरण.कॉम (Jagran.com) में कार्यरत अभिषेक निगम को पदोन्नति मिली है। प्रमोशन के बाद उन्हें डिप्‍टी एडिटर बनाया गया है। वह इस वेबसाइट में पूरे खेल सेक्‍शन की जिम्‍मेदारी संभालते हैं।

मूल रूप से इंदौर के रहने वाले अभिषेक निगम दिसंबर 2022 से इस संस्थान के साथ जुड़े हुए हैं। इससे पहले वह चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत थे और खेल डेस्‍क का नेतृत्व कर रहे थे। संस्थान में उनके योगदान और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

करीब 12 वर्षों के मीडिया अनुभव वाले अभिषेक निगम ने अपने करियर के दौरान कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। इनमें नईदुनिया.कॉम, स्‍पोर्ट्सकीड़ा, अमर उजाला (AUW) और टाइम्‍स नाउ शामिल हैं।

शिक्षा की बात करें तो अभिषेक निगम ने इंदौर स्थिति देवी अहिल्‍या विश्‍वविद्यालय (DAVV) से मास कम्‍युनिकेशन में पीजी किया है। समाचार4मीडिया की ओर से अभिषेक निगम को नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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