INS के दुरुपयोग की ‘सच्चाई’ से पत्रकार अनीता प्रताप ने कुछ यूं उठाया था पर्दा

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर पारिवारिक छुट्टी मनाने के लिए युद्धपोत का टैक्सी की तरह इस्तेमाल करने का आरोप है

Last Modified:
Friday, 10 May, 2019
INS

इस बार का लोकसभा चुनाव मौजूदा मुद्दों की बजाय इतिहास के पन्ने पलटकर ज्यादा लड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बोफोर्स के जिन्न को बाहर निकालने के बाद युद्धपोत ‘आईएनएस विराट’ को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। मोदी का आरोप है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पारिवारिक छुट्टी मनाने के लिए ‘आईएनएस विराट’ का टैक्सी की तरह इस्तेमाल किया था। हालांकि, युद्धपोत के पूर्व कमांडिंग ऑफ़िसर रिटायर्ड वाइस एडमिरल विनोद पसरिचा ने इन आरोपों से इनकार किया है, लेकिन ‘इंडिया टुडे’ मैगज़ीन की पूर्व रिपोर्टर अनीता प्रताप की 31 जनवरी 1988 को प्रकाशित स्टोरी भाजपा के दावों को बल देती है। अनीता ने अपनी रिपोर्ट में सिलसिलेवार तरीके से उस पिकनिक से जुड़ी कई बातें लिखी थीं। ‘इंडिया टुडे’ के संपादक शिव अरूर ने इस बारे में अनीता प्रताप से बात की, क्योंकि एक पत्रकार के रूप में केवल वही सही-गलत से पर्दा उठा सकती हैं।

पत्रकारिता से राजनीति के पिच पर उतरकर वर्ष 2014 में केरल की एर्नाकुलम सीट से आम आदमी पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुकीं अनीता का कहना है कि गांधी परिवार के इस नितांत गोपनीय दौरे को मीडिया से छिपाने की भरसक कोशिश की गई थी। फिर भी उन्हें इसकी भनक लग गई। सैन्य अधिकारियों ने इस यात्रा से न इनकार किया और न ही इस पर हामी भरी। सेना के अधिकारी वैसे भी मीडिया से कम बोलते हैं और उस वक़्त राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, इसलिए उनके बारे में कोई भी बोलना नहीं चाहता था। हालांकि, कुछ रक्षा विशेषज्ञों ने ज़रूर लक्षद्वीप में छुट्टियाँ मानाने के लिए युद्धपोत के इस्तेमाल पर हैरानी जताई थी।

अनीता ने अपनी स्टोरी में उन लोगों के नामों का भी जिक्र किया था, जो गांधी परिवार की पिकनिक का हिस्सा थे। उन्होंने कहा ‘यह सीधे तौर पर आईएनएस के दुरुपयोग से जुड़ा मामला था। मैंने अपनी स्टोरी में गांधी परिवार के साथ गए सम्मानित पुरुष एवं महिलाओं के नामों का भी उल्लेख किया है, कोई चाहे तो उनसे पूछ सकता है, लेकिन वह सच बताते हैं या नहीं, यह अलग बात है।’

जब शिव अरूर ने ‘आईएनएस’ को लेकर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप और दुरुपयोग के बारे में अनीता से बात की तो उन्होंने कहा ‘बिल्कुल दुरुपयोग हुआ था, यदि ऐसा न होता तो मैं स्टोरी करती ही नहीं। उस वक़्त इस खबर ने हंगामा मचा दिया था, लेकिन हंगामे के मुद्दा बनने से पहले ही मीडिया का ध्यान दूसरी तरफ मुड़ गया। बोफोर्स कांड उजागर हो चुका था और उस माहौल में कोई गांधी परिवार की छुट्टी और युद्धपोत के दुरुपयोग के बारे में बात नहीं करना चाहता था। इसलिए इस विषय पर ज्यादा कुछ सामने नहीं आ सका’।

अनीता ने अपनी तीन पेज की स्टोरी में बताया था कि गांधी परिवार को आईएनएस विराट से लक्षद्वीप ले जाया गया था, जहां उन्होंने 10 दिनों तक छुट्टियाँ मनाईं। इस छुट्टी में जो लोग शामिल थे, वे इतने हाईप्रोफाइल थे कि यह खबर सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद दब नहीं सकी। राहुल और प्रियंका के चार दोस्त, सोनिया गांधी की बहन, बहनोई और उनकी बेटी, सोनिया की मां आर माइनो, उनके भाई और मामा के अलावा राजीव गांधी के बेहद खास दोस्त अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया बच्चन और 3 बच्चे भी इस यात्रा में शामिल थे। तीन बच्चों में अमिताभ के भाई अजिताभ की बेटी भी थीं, अजिताभ खुद फॉरेन एक्सचेंज रेग्यूलेशन एक्ट का उल्लंघन करने के मामले में फंसे थे। इसके अलावा एक और परिवार इस टूर में शामिल था, जिनका नाम बिजेंद्र सिंह था। बिजेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण सिंह के भाई थे। साथ ही दो विदेशी मेहमान भी इस आलीशान पार्टी के गवाह बने थे।

अनीता के मुताबिक, खबर मिलने के बाद उन्होंने अपने सोर्स से बात की और उनकी मदद से ही वह इतनी विस्तृत स्टोरी लिख सकीं। अनीता की रिपोर्ट के आखिरी में लिखा गया है कि देश का प्रमुख युद्धपोत गांधी परिवार की छुट्टियों के लिए 10 दिनों तक अरब सागर में रहा। आईएनएस विराट की एक दिन की यात्रा का खर्चा ही बहुत ज्यादा होता है, क्योंकि इसके साथ एस्कॉर्ट जहाजों का पूरा एक बेड़ा चलता है। इसके अलावा एक पनडुब्बी भी वहां मौजूद रही। इतना ही नहीं सुरक्षा के लिहाज से एक स्पेशल सैटेलाइट लिंक अप के लिए भी अतिरिक्त खर्चा किया गया था। 

शिव अरूर के साथ अनीता की बातचीत का विडियो आप यहां देख सकते हैं-

 

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मोदी सरकार (2.0) के एक साल पर MIB के कामकाज की रूपरेखा

पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा कर लिया है। पिछले 12 महीनों पर नजर डालें तो केंद्र में प्रशासन के लिए पूरे साल घटनाक्रम की स्थिति बनी रही

Last Modified:
Wednesday, 03 June, 2020
Prakash Javadekar

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल (2.0) का एक साल पूरा कर लिया है। पिछले 12 महीनों पर नजर डालें तो केंद्र में प्रशासन के लिए पूरे साल घटनाक्रम की स्थिति बनी रही और तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य को देखते हुए सूचना प्रसारण मंत्रालय कुछ नई घोषणाओं और कुछ अन्य आवश्यक कदम उठाने में व्यस्त रहा।

प्रकाश जावड़ेकर के नेतृत्व में, एमआईबी ने न केवल विभाग के संचालन को गति दी है, बल्कि कुछ महत्वपूर्ण अनुसमर्थन भी सौंपे हैं, जो आने वाले समय में मीडिया और मनोरंजन उद्योग पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेंगे।

हालांकि मंत्रालय द्वारा शुरू की गई नई पहल, जैसे फैक्ट चेक सेल अधिक विश्वसनीयता के साथ शुरू किया गया है। वहीं जैसे ही ओटीटी क्षेत्र के सेल्फ रेगुलेशन के लिए सुझाव दिए गए, इस क्षेत्र में इसे लेकर एक हलचल शुरू हो गई।

पिछले साल जुलाई में, प्रकाश जावड़ेकर ने सरकार के पहले 50 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया, तो कहा था कि सभी के लिए 'सुधार, कल्याण और न्याय के लिए संकल्प' सरकार की प्रेरणा शक्ति रहा है। इसके साथ ही उन्होंने स्टार्ट-अप के लिए एक अलग टीवी चैनल लाने का विशेष उल्लेख किया था।

इस साल फरवरी में, सूचना प्रसारण मंत्री ने लोकसभा को बताया कि उनका मंत्रालय ब्रॉडकास्ट सिस्टम को मजबूती प्रदान करने के लिए तमाम उपायों पर काम कर रहा था। इसके लिए नीतियों और कार्यक्रमों की लगातार समीक्षा की जा रही थी। साथ ही बिजनेस को और आसान बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे थे।

आइए बीते वर्ष में एमआईबी द्वारा जारी की गई प्रमुख घोषणाओं और प्रस्तावों पर एक नजर डालें-

सरकारी हस्तक्षेप के बिना सेल्फ रेगुलेशन मॉडल

साल के शुरुआत में ही सूचना-प्रसारण मंत्रालय ओटीटी इंडस्ट्री के लिए एक स्पष्ट जनादेश लेकर आया था, जिसमें बताया गया था कि ओटीटी महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। मंत्रालय की हर बैठक में ओटीटी इंडस्ट्री को लेकर चर्चा भी की गई, जिसमें हर बार जावड़ेकर ने जोर देकर कहा कि सरकार वैधानिक निकाय (statutory body) स्थापित करने के बजाय सेल्फ रेगुलेशन के पक्ष में है।

समय गुजरता रहा और मंत्रालय हर बार स्टेकहोल्डर्स को यह आश्वासन देती रही कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि सभी ओटीटी प्लेयर्स सरकार के हस्तक्षेप के बिना ही सेल्फ रेगुलेशन मॉडल लागू कर एक साथ आगे आएं।

इस वर्ष, केंद्रीय मंत्री के साथ-साथ अन्य मंत्रालय के अधिकारियों ने स्टेकहोल्डर्स से मुलाकात की, जिसमें नेटफ्लिक्स (Netflix),  अमेजॉन प्राइम (Amazon Prime),  जी5 (Zee5), एमएक्स प्लेयर (MX Player), एएलटीबालाजी (ALTBalaji), हॉटस्टार (Hotstar), वूट (Voot) और जियो (Jio) शामिल थे। यह चर्चा इस बात पर केंद्रित थी कि ओटीटी प्लेटफार्म्स पर कंटेंट के लिए सेल्फ रेगुलेशन कैसे लागू की जाए, ताकि यह व्यापक रूप से स्वीकार्य हो सके और आसानी से लागू की जा सके।  

इस साल मार्च में, ‘सूचना-प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने ‘ओवर द टॉप’ कंटेंट प्लेयर्स से किसी निर्णायक इकाई का गठन करने और अगले सौ दिनों के अंदर आचार संहिता को अंतिम रूप देने के लिए कहा था।

जावड़ेकर द्वारा जारी किए किसी वैधानिक इकाई की जबरन न थोपे जाने और आपस में मिलकर सेल्फ रेगुलेशन के नियमों का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है। ऐसे में अधिकतर ओटीटी प्लेयर्स इस मामले में एमआईबी के साथ खड़े हुए हैं।

 फेक न्यूज से मुकाबला

फेक न्यूज के खतरे से लड़ने के लिए, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने नवंबर 2019 में एक फैक्ट-चेकिंग यूनिट की स्थापना की, जहां पाठक अपने द्वारा पढ़ी, देखी या सुनी गई खबरों के सत्यापन के लिए विभाग से सीधे संपर्क कर सकते हैं।

इसी तरह की तर्ज पर, अप्रैल 2020 में, MIB ने COVID-19 से संबंधित सभी अपडेट शेयर करने के लिए एक ट्विटर हैंडल लॉन्च किया। #IndiaFightsCorona को @CovidnewsbyMIB हैंडल के तहत लॉन्च किया गया है। इस ट्विटर हैंडल को लॉन्च किए जाने के पीछे का उद्देश्य सरकार और आमजन के बीच उचित संचार सुनिश्चित करना और गलत सूचना के प्रसार को रोकना था। महामारी से जुड़ी सरकार द्वारा जारी की गई सभी प्रामाणिक सूचनाएं इसी ट्विटर हैंडल से साझा किया जा रही हैं।

कंटें रेगुलेशन, गाइडलाइंस, एडवाइजरीज और नई पॉलिसीज

पिछले एक साल के दौरान मंत्रालय ने एडवाइजरी और गाइडलाइंस के रूप में तमाम कंटेंट रेगुलेशंस जारी किए हैं। भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए, जून 2019 में, MIB ने सभी निजी टेलीविजन चैनलों को भाषा के कार्यक्रमों के नीचे क्रेडिट जारी करने के लिए एक एडवाइजरी जारी की, जिसके मुताबिक चैनलों को क्रेडिट और टाइटल्स जैसी बातें हिंदी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रदर्शित करने की बात कही गई थी, ताकि दर्शकों के बीच भारतीय भाषाओं का प्रचार-प्रसार को बढ़ सके। साथ ही यह भी कहा गया था कि यदि टीवी चैनल चाहें तो भारतीय भाषाओं के साथ अंग्रेजी में भी क्रेडिट और टाइटल्स दे सकते हैं, वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं।

सितंबर 2019 में, सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने बधिर लोगों तक टीवी कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ाने   लिए निजी टीवी चैनलों के लिए एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें मंत्रालय ने सभी निजी न्यूज चैनलों के लिए दिन में कम से कम एक कार्यक्रम को सांकेतिक भाषा (sign-language) में प्रसारित करने को कहा था साइन लैंग्वेज ब्रॉडकास्ट और सबटाइटल के साथ करना अनिवार्य कर दिया, जबकि अन्य चैनलों को इसी तरह की विशेषताओं के साथ कम से कम एक शो एक हफ्ते में करने को कहा गया था। इस योजना को पांच साल के चरणों में किया जाना था। अब इसकी समीक्षा 2021 में होगी।

विभिन्न अवसरों पर, सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों के प्रसारण सामग्री के संबंध में केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 तहत निर्धारित कार्यक्रम और विज्ञापन संहिताओं में निहित प्रावधानों एवं नियमों का पालन करने की बात कही। फिर चाहे दिल्ली के दंगों के दौरान हो या फिर चल रहे कोरोनावायरस महामारी के कवरेज के दौरान हो।

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही में ‘ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन’ (BOC) के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन देने के लिए पॉलिसी गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि जिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के महीने में 25 मिलियन यूनिक यूजर्स होंगे, वे सरकारी विज्ञापन प्राप्त करने के पात्र होंगे।

नई पॉलिसी के अनुसार, ब्यूरो ऑफ आउटरीच भी नीलामी प्रक्रिया का हिस्सा होगा जो सरकारी संदेशों के लिए इन्वेंट्री अथवा स्पेस को खरीदने को कवर करेगा।  

मई 2020 में, जावड़ेकर ने टीवी चैनलों के साथ उन्हें लाने के लिए सामुदायिक रेडियो पर 7 मिनट से 12 मिनट तक विज्ञापनों के लिए हवा का समय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।

केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सामुदायिक रेडियो को टीवी चैनलों के बराबर लाने के लिए विज्ञापनों हेतु एयर टाइम मौजूदा 7 मिनट प्रति घंटा से बढ़ाकर 12 मिनट प्रति घंटा करने का प्रस्ताव रखा था।

लाइसेंसिंग ऑपरेशन में आसानी

2019 में, MIB ने 151 MSO (मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर) को लाइसेंस प्रदान किया और 31 दिसंबर 2019 तक रजिस्टर्ड MSO की कुल संख्या 1,616 थी। 26 नवंबर से 31 दिसंबर, 2019 के बीच इस लिस्ट में 10 MSO जोड़े गए थे। 31 जनवरी 2020 तक इस सूची में और इजाफा हो गया और मंत्रालय के पास जनवरी तक 1,630 MSO रजिस्टर्ड हैं।  

हालांकि इस साल फरवरी में, सूचना-प्रसारण मंत्री ने कहा कि ब्रॉडकास्टर्स और केबल ऑपरेटर्स से   10 प्रतिशत लाइसेंस शुल्क लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला था।

कुछ घोषणाएं की जा चुकी हैं और अगले कुछ महीनों में MIB की ओर से कई और किए जाने की उम्मीद है। अगले 12 महीनों में एमआईबी क्या कुछ नया करता है, अब देखना होगा।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जम्मू-कश्मीर सरकार ने पहली मीडिया नीति पर लगाई अपनी मुहर

मीडियाकर्मियों के कल्याण के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को पहली मीडिया नीति को अपनी मंजूरी दे दी है।

Last Modified:
Wednesday, 03 June, 2020
Media

मीडियाकर्मियों के कल्याण के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को पहली मीडिया नीति पर अपनी मुहर लगा दी है। मीडिया नीति को मंजूरी मिलने के बाद सरकार अब मीडियाकर्मियों के कल्याण, विकास और प्रगति के संदेश को प्रभावी तरीके से पूरा करने में बेहतर स्थिति में होगी।

यह नीति देश की एकता, अखंडता और सार्वभौमिकता को बनाए रखने के साथ मीडिया के दुरुपयोग व फर्जी खबरों पर भी रोक लगाएगी। यही नहीं, प्रदेश में मौजूदा विज्ञापन आवंटन नीति में विसंगतियों को दूर कर विज्ञापन आवंटन प्रक्रिया को युक्तिसंगत बनाएगी।

इसके साथ ही प्रदेश का सूचना और जनसंपर्क विभाग अब मीडियाकर्मियों की मांग के साथ गति बनाए रखने और खुद को एक पेशेवर संगठन के रूप में स्थापित करने में सक्षम हो सकेगा। यही नहीं, इस मंजूरी के बाद मीडिया द्वारा उठाए गए जनशिकायतों के मुद्दों पर ध्यान दिया जा सकेगा और विभिन्न हितधारकों के बीच संबंधों को मजबूत किया जा सकेगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक आधिकारिक प्रवक्ता का कहना, ‘पहली बार मीडिया नीति एफएम रेडियो, सैटेलाइट और केबल टीवी चैनलों समेत ऑडियो-विज़ुअल तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सशक्तिकरण के लिए दिशानिर्देशों को जारी करती है, ताकि DIPR के साथ उनके इंटरफेस को कारगर बनाया जा सके। यह पूर्ववर्ती विज्ञापन नीति में अस्पष्टताओं पर ध्यान देती है और यह सुनिश्चित करती है कि वर्तमान समय की बदलती मांगों के साथ तालमेल रखने के लिए विभिन्न प्रकार के मीडिया पर उचित ध्यान दिया जाए।’

बताया जाता है कि इस नीति के तहत प्रतिष्ठित संस्थानों आईआईएमसी व आईआईएम में मीडिया एकेडमी, इंस्टीट्यूट व चेयर की स्थापना की जाएगी। सूचना विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। इसके साथ ही एसओपी भी तैयार की जाएगी ताकि स्वास्थ्य एवं प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों तक पहुंचा जा सके। सूचना विभाग में सोशल मीडिया सेल स्थापित किया जाएगा जिससे जनता से ऑनलाइन संवाद किया जा सके। पॉलिसी का उद्देश्य गलत खबरों का प्रसारण रोकना है। पॉलिसी के तहत साल में दो मीडिया हाउस को पुरस्कृत किया जाएगा।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

iTV Network में नीरज सोनी को मिली ये अतिरिक्त जिम्मेदारी

नेटवर्क की ओर से हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया न्यूज’ और अंग्रेजी न्यूज चैनल ‘न्यूजएक्स’ के अलावा छह रीजनल न्यूज चैनल्स का संचालन किया जाता है।

Last Modified:
Wednesday, 03 June, 2020
Neeraj Soni

देश के बड़े न्यूज ब्रॉडकास्टर्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। खबर ये है कि नेटवर्क में बतौर प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) कार्यरत नीरज सोनी अब ग्रुप एचआर की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे। बताया जाता है कि नेटवर्क की ग्रुप एचआर हेड शिखा रस्तोगी ने अपने पद से बाय बोल दिया है, इसके बाद नीरज सोनी को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।   

नीरज सोनी आईटीवी नेटवर्क के साथ करीब सात साल से जुड़े हुए हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने का 30 साल से ज्यादा अनुभव है। अपने करियर के दौरान सोनी पूर्व में सिटी केबल नेटवर्क, डिश टीवी, एस्सार रिटेल टेलिकॉम लिमिटेड और दैनिक जागरण जैसे तमाम प्रमुख ऑर्गनाइजेशंस के साथ काम कर चुके हैं।

बता दें कि नेटवर्क की ओर से हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया न्यूज’ (India news) और अंग्रेजी न्यूज चैनल ‘न्यूजएक्स’ (NewsX)  के अलावा छह रीजनल न्यूज चैनल्स का संचालन किया जाता है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

कोरोना के खिलाफ जंग में पत्रकारों के योगदान की यूपी के उपमुख्यमंत्री ने यूं की तारीफ

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को पत्रकारों से ऑनलाइन बातचीत की।

Last Modified:
Wednesday, 03 June, 2020
KeshavPrasad

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को कहा कि पत्रकार भी कोरोना योद्धा हैं और सरकार उनका सम्मान कोरोना योद्धा की तरह ही करती हैं। यह बात उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से ऑनलाइन बातचीत के दौरान कही। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि तब्लीगी जमात से कोरोना वायरस बढ़ता चला गया और इसकी चपेट में तमाम लोग आ गए। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के सभी सवालों के जवाब दिए।  

मौर्य ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में पत्रकारों का बहुत बड़ा सराहनीय योगदान है। पत्रकारों ने अपनी सकारात्मक भूमिका का निर्वाहन करते हुए इस जंग में न केवल सरकार की मदद की है बल्कि वास्तविक तथ्यों को समाज के सामने रखकर एक सही दिशा देने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस पूरी लड़ाई में भारत एक शक्तिशाली देश के रूप में उभरकर सामने आया है, जिसमें देश की जनता का सबसे बड़ा सहयोग है। हम लोगों की पृष्ठभूमि है कि हम पूरी तरह से इम्युनिटी पावर में मजबूत हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

स्टेकहोल्डर्स के अनुरोध पर MIB ने बढ़ाई यह तारीख

इस बारे में मंत्रालय की ओर से एक सर्कुलर भी जारी किया गया है,पहले यह अंतिम तिथि 31 मई 2020 रखी गई थी

Last Modified:
Wednesday, 03 June, 2020
MIB

‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने टीवी चैनल्स के अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए ड्राफ्ट पॉलिसी गाइडलाइंस पर कमेंट्स/सुझाव जमा करने की अंतिम तारीख सात जून,2020 तक बढ़ा दी है। पहले यह अंतिम तिथि 31 मई 2020 रखी गई थी, इस डेडलाइन को दूसरी बार बढ़ाया गया है।

इस बारे में मंत्रालय की ओर से एक लेटर भी जारी किया गया है। इस लेटर में कहा गया है, ‘कुछ स्टेकहोल्डर्स (stakeholders) ने 31 मई 2020 तक अपने कमेंट्स/सुझाव देने में असमर्थता जताते हुए इस तारीख को बढ़ाने की मांग की है। उनकी मांग पर इस तारीख को बढ़ाकर अब सात जून कर दिया गया  है।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

कोरोना की चपेट में आईं ये न्यूज एंकर, तमाम पत्रकारों ने यूं की जल्द स्वस्थ होने की कामना

तमाम पत्रकारों समेत राजनीति से जुड़ी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर एंकर व उनके परिवार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

Last Modified:
Tuesday, 02 June, 2020
Anchor

कोरोनावायरस (कोविड-19) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोगों की जिंदगी निगल चुका यह खतरनाक वायरस तेजी से अपने पैर पसारता जा रहा है। आए दिन इसकी चपेट में लोग आ रहे हैं। देश के अस्पताल कोरोना संक्रमित मरीजों से भरे पड़े हैं। कोरोना के खिलाफ ‘जंग’ में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे तमाम मीडियाकर्मी भी इसकी चपेट में आ चुके हैं।

अब खबर मिली है कि हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ की एसोसिएट एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर और न्यूज एंकर श्वेता झा भी कोरोना की चपेट में आ गई हैं। उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। इस बात की जानकारी श्वेता झा ने खुद अपने ट्विटर हैंडल पर दी है। अपने ट्विटर हैंडल पर श्वेता झा ने यह भी लिखा है कि वह जल्द ही ठीक होकर लौटेंगी। खबर ये भी है कि श्वेता झा के साथ उनके पति और बेटा भी इस संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। तीनों को अस्पताल ले जाया गया है।

श्वेता झा के कोरोना की चपेट में आने की खबर पर मीडिया और राजनीति से जुड़ी तमाम हस्तियों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

श्वेता झा और उनके परिवार को अस्पताल ले जाते समय बिल्डिंग के लोग किस तरह उनकी हौसला अफजाई कर रहे हैं, वह आप यहां  इस वीडियो में देख सकते हैं।

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पत्रकारिता में अब ‘वर्क फ्रॉम होम’ की संस्कृति विकसित हो रही है: जयदीप कर्णिक

वेब मीडिया के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में युवा पत्रकार एक उद्यमी के रूप में अपना करियर बना सकते हैं

Last Modified:
Tuesday, 02 June, 2020
jaydeep-karnik

वेब मीडिया के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में युवा पत्रकार एक उद्यमी के रूप में अपना करियर बना सकते हैं। कोरोना संकट ने वेब मीडिया के महत्व को और अधिक प्रतिपादित कर दिया है। पत्रकारिता में अब ‘वर्क फ्रॉम होम’ की संस्कृति विकसित हो रही है। ये विचार देश के जाने-माने पत्रकार जयदीप कर्णिक ने व्यक्त किए। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के आयोजन ‘हिंदी पत्रकारिता सप्ताह’ के अंतर्गत उन्होंने ‘वेब मीडिया में उद्यमिता’ विषय पर अपना संबोधन दिया। इस मौके पर उन्होंने अनेक प्रश्नों के उत्तर भी दिए। वेब मीडिया में अपना करियर बनाने वाले युवाओं की जिज्ञासा का समाधान किया।

कर्णिक ने कहा कि हमारे देश में परम्परागत मीडिया व टेलिविजन मीडिया एक महंगा उद्योग है, जो विज्ञापन आधारित है। विज्ञापन कम मिलने पर परम्परागत मीडिया के सामने तमाम तरह की परेशानियां आने लगती हैं। पत्रकारों पर भी संकट रहता है। जबकि डिजिटल मीडिया में कोई भी व्यक्ति वेबसाइट बनाकर लैपटॉप या फिर मोबाइल से ही काम शुरू कर सकता है। इसमें लागत बहुत कम है। सबसे अच्छी बात यह है कि वह स्वयं ही रिपोर्टर, मालिक एवं संपादक होता है। कम पूंजी में वेब मीडिया में उद्यमी बन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आप सफल तभी होंगे जब आपकी वेबसाइट पर सामग्री गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय होगी। वेब मीडिया के स्टार्टअप को चाहिए कि वे पर्यावरण, विज्ञान, आर्थिक, जनजातीय, गांव जैसे विषयों पर काम करें। हिंदी भाषा में इन विषयों पर काम करने की खूब संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि उद्यमी बनने के लिए जोश, ऊर्जा और विषय का ज्ञान आवश्यक है। जब आप पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे तो सफलता निश्चित ही मिलेगी।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कई पत्रकारों को दिखाया बाहर का रास्ता, बताई ये वजह

कंपनी का कहना है कि उसके इस फैसले का वर्तमान महामारी से कोई लेना-देना नहीं है

Last Modified:
Monday, 01 June, 2020
Microsoft

अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने अपने कई पत्रकारों को नौकरी से बाहर कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने होमपेज पर न्यूज को क्यूरेट करने (अन्य स्रोतों से जुटाने), चुनने और एडिट करने के लिए इंसानों की जगह अब ‘आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सॉफ्टवेयर’(Artificial Intelligence Software) का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। इसी कारण से पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

बता दें कि इस कंपनी की वेबसाइट ‘MSN’ के लिए विभिन्न न्यूज ऑर्गनाइजेशंस से स्टोरी लेने, हेडलाइन लगाने और पिक्चर्स चुनने का कार्य पत्रकारों द्वारा किया जाता है। अब इनमें से कई पत्रकारों का कहा गया है कि कंपनी को उनकी कोई जरूरत नहीं होगी, क्योंकि रोबोट यह काम कर सकते हैं। इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट एज ब्राउजर और कंपनी के तमाम न्यूज ऐप्स में भी ये काम अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ‘पीए मीडिया’ (पूर्व में प्रेस एसोसिएशन) द्वारा नियोजित करीब 27 एम्प्लॉयीज को गुरुवार को बताया गया कि एक महीने के अंदर उनकी नौकरी चली जाएगी, क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट ने न्यूज आर्टिकल को सलेक्ट करने, एडिट करने और उसे होम पेज पर रखने के लिए अब एम्प्लाईज को नौकरी पर न रखने का निर्णय लिया है।  

कंपनी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘अन्य कंपनियों की तरह हम नियमित तौर पर अपने बिजनेस का आकलन करते हैं। इसके परिणामस्वरूप कुछ स्थानों पर निवेश में वृद्धि हो सकती है और अन्य जगह कमी हो सकती है। वर्तमान में चल रही महामारी के कारण यह निर्णय नहीं लिया गया है।’

बता दें कि अन्य तमाम टेक्नोलॉजी कंपनियों की तरह माइक्रोसॉफ्ट न्यूज ऑर्गनाइजेशंस का कंटेंट अपनी वेबसाइट पर इस्तेमाल करने के लिए उन्हें भुगतान करती हैं। लेकिन कौन सी स्टोरी वेबसाइट पर जाएगी और उसे किस तरह प्रस्तुत किया जाना है, यह तय करने के लिए कंपनी पत्रकारों की नियुक्ति करती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस निर्णय से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे करीब 50 न्यूज प्रड्यूसर्स को जून के अंत तक अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा, लेकिन इसके पूर्णकालिक पत्रकारों (full-time journalists) की टीम पहले की तरह काम करती रहेगी।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

हिंदी पत्रकारिता दिवस: इस मंच पर पत्रकारों का हुआ सम्मान, उठे ये बड़े मुद्दे

कार्यक्रम में मथुरा-वृंदावन नगर निगम के महापौर ने कहा, वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ व महेश कुमार के नाम पर रखा जाएगा मार्ग का नाम

Last Modified:
Sunday, 31 May, 2020
Hindi Journalism Day

पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को नेशनल यूनियन जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन एवं बृज प्रेस क्लब के तत्वावधान में मथुरा के डेम्पीयर नगर स्थित हीरा क्रिस्टल होटल के सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पत्रकारों, अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।

जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी डॉ.गौरव ग्रोवर, बृज प्रेस क्लब अध्यक्ष कमलकान्त उपमन्यु एडवोकेट, भाजपा विधायक पूरन प्रकाश, भाजपा विधायक ठा.कारिन्दा सिंह, कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप माथुर, मथुरा वृंदावन के महापौर डॉ. मुकेश आर्यबंधु, भाजपा नेता एसके शर्मा, गत लोक सभा में संयुक्त गठबंधन के प्रत्याशी रहे पूर्व ब्लाक प्रमुख कुं. नरेन्द्र सिंह, एडीएम सतीश त्रिपाठी, सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि पत्रकारिता का पेशा पवित्र है। कुछ लोग अनैतिक आचरण से इसे बदनाम करने की कोशिश करते है, उन पर कलम के सच्चे सिपाही नजर रखें। पत्रकारिता को बदनाम न होने दें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने पत्रकारिता दिवस पर पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि आप सबका कार्य कठिन है। कठिन  परिस्थिति में आप अपने कार्य को अंजाम देते हैं, जो सराहनीय और वंदनीय है। भाजपा के गोकुल से विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि आप लोग चौथे स्तंभ हैं और जनता को आप पर पूरा भरोसा है। गोवर्धन से भाजपा विधायक ठा. कारिन्दा सिंह ने कहा कि जान हथेली पर लेकर आप लोग समाज और संस्थान की सेवा करते हैं आप लोगों का भी बीमा होना चाहिए। वह सरकार में बात करेंगे। कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने कहा कि बृज में प्रेस क्लब होने चाहिए। इसके लिए कई बार मुख्यमंत्री स्तर तक प्रयास हुए हैं। किन्हीं कारणों से अभी तक नहीं बना है इसके लिए सभी पुन: मिलकर प्रयास करेंगे।

मथुरा-वृंदावन नगर निगम के महापौर डॉ. मुकेश आर्यबंधु ने कहा कि दैनिक जागरण के पूर्व जिला प्रभारी पंकज कुलश्रेष्ठ एवं दैनिक जागरण के ही पत्रकार रहे महेश सिंह के नाम से वह मार्ग का नाम रखेंगे तथा प्रेस क्लब की फाइल को भी पुन:प्रारंभ कराया जाएगा। एडीएम सिटी सतीश त्रिपाठी एवं सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह ने पत्रकारिता दिवस पर बधाई दी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का समाजसेवी रितेश अग्रवाल एवं बाल्मीकि समाज के संगठन प्रमुख समाजसेवी महेश काजू एवं ब्रज यातायात पर्यावरण समिति के प्रमुख समाजसेवी विनोद दीक्षित द्वारा उत्तरीय ओढ़ाकर स्वागत किया गया।

नेशनल यूनियन जर्नलिस्ट्स ऑफ इण्डिया के राष्ट्रीय सचिव, उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बृज प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमलकान्त उपमन्यु ने सभी को धन्यवाद दिया। संचालन ‘आजतक’ के जिला संवाददाता वरिष्ठ पत्रकार मदन गोपाल शर्मा ने किया। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भाजपा नेता सार्थक चतुर्वेदी, सौरभ गुप्ता एडवोकेट, ठा. ब्रजेश सिंह एडवोकेट, बार के पूर्व कोषाध्यक्ष योगेश तिवारी,पं.आलोक शर्मा, ठा.शैलेन्द्र सिंह, सूचना विभाग के ठा.नारायण सिंह, राजू पंडित आदि को भी सम्मानित किया गया।

सम्मानित हुए पत्रकारों में सीपी सिंह सिकरवार, नितिन गौतम, मुकुल गौतम, मोहन श्याम रावत, राजेश भाटिया, ए.एन.अनु, राजीव अग्रवाल भारत सिंह, महेश सिंह अनूप शर्मा, नवनीत शर्मा, सुशील गोस्वामी, धर्मेन्द्र चतुर्वेदी, रोमी रावत, ऋषि भारद्वाज, राकेश सिंह बंटी, लक्की ठाकुर, उमर कुरैशी, असफाक चौधरी, दीपक बैंकर चतुर्वेदी, मोहन श्याम शर्मा, ठा. प्रकाश सिंह, संतोष, धाराजीत सारस्वत, गौरव चौधरी, विपिन सारस्वत, अमित भार्गव, सुरेश पचहैरा, परवेज अहमद, फैजल कुरैशी, गिरीश कुमार, अनिल अग्रवाल, बॉबी मिश्रा, परीक्षित कौशिक, विष्णु शर्मा, राजकुमार तोमर, रहीश कुरैशी, वकील कुरैशी, जाहिद कुरैशी, प्रवेश चतुर्वेदी, निरंजन सिंह धुरंधर, दिनेश आचार्य, मुकेश कुशवाह, खलील अहमद, यदुवंश मणि पावस, सोमेन्द्र भारद्वाज, मनोज चौहान, सतीश अंशुमान, धनीराम खंडेलवाल, तोमर सिंह, कोमल सिंह सोलंकी, इकरार अली, ठा.मुरली मनोहर सिंह, समाजसेवी श्रीमती कोमल चौहान, कृष्णा आदि शामिल रहे। कार्यक्रम में पूर्व कमिश्नर कांग्रेसी नेता मोहन सिंह एवं जिला सूचनाधिकारी विनोद कुमार शर्मा भी उपस्थित थे।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर डॉ. अनुराग बत्रा ने मीडियाकर्मियों के हौसले को यूं किया ‘सलाम’

‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता दिवस (30 मई) की बधाई दी है।

Last Modified:
Saturday, 30 May, 2020
Dr Anurag Batra

हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में 30 मई का खास महत्व है। दरअसल, 30 मई को हर साल हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा  ने पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता दिवस (30 मई) की बधाई दी है।

अपने बधाई संदेश में डॉ. बत्रा ने कहा है, ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस पर पत्रकार बंधुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। वैश्विक महामारी कोरोना के महासंकट के बीच जनता तक खबरों को पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है। आप लोग स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें। ईश्वर से हमारी यही विनती है।’

गौरतलब है कि देश में कोरोना के खिलाफ ‘जंग’ में पत्रकार अग्रिम मोर्चे पर तैनात हैं और अपने जीवन को जोखिम में डालकर तमाम चुनौतियों के बीच लोगों तक खबरें पहुंचा रहे हैं। हालांकि, इस क्रम में कई पत्रकार कोरोना के संक्रमण का शिकार भी हो चुके हैं।

बता दें कि 30 मई1826 को पंडित युगल किशोर शुक्ल ने पहले हिंदी अखबार ‘उदंड मार्तण्ड’ का प्रकाशन किया था। मूल रूप से कानपुर के रहने वाले पंडित युगल किशोर शुक्ल ने इसे कलकत्ता (अब कोलकाता) से एक साप्ताहिक अखबार के तौर पर शुरू किया था। इसके प्रकाशक और संपादक भी वह खुद थे। यह अखबार हर हफ्ते मंगलवार को पाठकों तक पहुंचता था। 'उदन्त मार्तण्ड' के पहले अंक की 500 प्रतियां छपीं। हालांकि पैसों की तंगी की वजह से 'उदन्त मार्तण्ड' का प्रकाशन बहुत दिनों तक नहीं हो सका और आखिरकार 4 दिसम्बर 1826 को इसका प्रकाशन बंद कर दिया गया।
 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए