होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / TRAI के फैसले के खिलाफ टीवी ब्रॉडकास्टर्स ने अब उठाया ये कदम
TRAI के फैसले के खिलाफ टीवी ब्रॉडकास्टर्स ने अब उठाया ये कदम
इससे पहले टीवी ब्रॉडकास्टर्स के विरोध को देखते हुए ट्राई ने आगे आकर कही थी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत की बात
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) द्वारा टैरिफ ऑर्डर में किए गए संशोधन के खिलाफ ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन’ (Indian Broadcasting Foundation) ने अब कोर्ट की शरण ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘आईबीएफ’ ने बॉम्बे हाई कोर्ट में ट्राई के खिलाफ याचिका दायर की है। इस मामले में 14 जनवरी को सुनवाई होगी।
इससे पहले, इस मुद्दे पर टीवी ब्रॉडकास्टर्स के विरोध को देखते हुए ट्राई आगे आया था। ‘ट्राई’ के चेयरमैन आरएस शर्मा ने नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) को कंज्यूमर्स के हित में बताते हुए कहा था कि वे इस मुद्दे पर स्टेकहोल्डर्स (stakeholders) के साथ चर्चा के लिए तैयार हैं। शर्मा का यह भी कहना था, ‘नया टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) सिर्फ पहले ऑर्डर का संशोधित रूप है। पिछले संशोधन में कुछ खामियां थीं, जिन्हें नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 में दूर किया गया है। ट्राई किसी भी चैनल बुके के खिलाफ नहीं है।’
शर्मा के अनुसार, नए टैरिफ ऑर्डर कंज्यूमर्स को 130 रुपए में 100 के बजाय 200 चैनल मिलेंगे। पहले 130 रुपए में 100 चैनल दिए गए थे और इनमें प्रसार भारती द्वारा प्रसारित किए जाने वाले अनिवार्य चैनल भी शामिल थे, जबकि अब 130 रुपए में ही कंज्यूमर्स को 200 चैनल मिलेंगे और यह प्रसार भारती के अनिवार्य चैनल्स से अलग होंगे।
बता दें कि ट्राई ने नए साल की शुरुआत में केबल और प्रसारण सेवाओं के लिए नई टैरिफ पॉलिसी पेश की, जिसके तहत ब्रॉडकास्टर्स को निर्देश दिया गया है कि चैनलों के अधिकतम मूल्य को 19 रुपए घटाकर 12 रुपए किया जाए, ताकि केबल टीवी के ग्राहकों को इसका लाभ मिल सके और वे कम कीमत पर अधिक चैनल देख सकें। वहीं 12 रुपए से अधिक कीमत वाले सभी टीवी चैनल किसी भी बुके का हिस्सा नहीं होंगे। इन चैनलों को ग्राहक अलग से ले सकेंगे। वह केबल चैनल जो 12 रुपए या उससे कम की कीमत वाले हैं उनके लिए एक अलग से ग्रुप बनाया जा सकता है।
1 जनवरी को जारी की गई इस नई टैरिफ पॉलिसी में ट्राई ने यह भी साफ कर दिया है कि कोई भी केबल ऑपरेटर अपने एक प्लेटफॉर्म पर सभी फ्री-टू-एयर चैनलों के लिए प्रतिमाह 160 रुपए से ज्यादा नहीं वसूलेगा। ट्राई ने अपनी इस नई पॉलिसी में एक ही घर या फिर ऑफिस में एक से अधिक कनेक्शन लेने पर 40 फीसदी छूट देने की भी बात कही है। अभी दोनों से समान पैसा वसूला जाता है।
वहीं ट्राई ने इसे लागू करने की समय सीमा भी तय कर दी है। ट्राई के मुताबिक ब्रॉडकास्टर्स को 15 जनवरी तक अपने चैनल की दरों में बदलाव करने होंगे और इसे अपनी वेबसाइट पर डालनी होगी। 30 जनवरी तक दोबारा सभी चैनल्स की रेट लिस्ट पब्लिश करनी होगी, ताकि उपभोक्ता को चैनल चुनने में आसानी हो। ट्राई ने 1 मार्च 2020 से ये नई दरें लागू करने की बात कही है।
दरअसल, ट्राई का नई पॉलिसी जारी करने का मकसद न केवल ग्राहकों को लाभ पहुंचाना है, बल्कि उन केबल ऑपरेटर्स की मनमानी को भी रोकना है, जो एक चैनल का नाम लेकर तमाम ऐसे चैनलों का ग्रुप बना देते हैं जिसे ग्राहक देखना नहीं चाहता था। हालांकि ट्राई ने पिछले साल नई टैरिफ व्यवस्था लागू की थी, जिसमें दर्शक केवल उन्हीं चैनल के लिए पैसे देंगे, जिन्हें देखना चाहते हैं। वहीं, टीवी ब्रॉडकास्टर्स द्वारा ट्राई के इस फैसले का विरोध किया जा रहा है।
आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)
टैग्स ट्राई इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन न्यू टैरिफ ऑर्डर बॉम्बे हाई कोर्ट ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री आरएस शर्मा याचिका