वरिष्ठ पत्रकार श्रुतिजीत के.के. का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 7 जनवरी 1984 को हुआ। वर्तमान में 'दि इकोनॉमिक टाइम्स' के कार्यकारी संपादक हैं
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समाचार4मीडिया ब्यूरो
वरिष्ठ पत्रकार श्रुतिजीत के.के. का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 7 जनवरी 1984 को हुआ। वर्तमान में 'दि इकोनॉमिक टाइम्स' के कार्यकारी संपादक हैं और भारतीय पत्रकारिता के क्षेत्र में एक मजबूत लीडर माने जाते हैं। आज हम केवल उनके जन्मदिन का ही नहीं, बल्कि उनके उस करियर का भी जश्न मना रहे हैं जो महत्वाकांक्षा, नवाचार और पत्रकारिता की निष्पक्षता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता से परिपूर्ण है।
श्रुतिजीत की सफलता की कहानी असाधारण है। 39 वर्ष की उम्र में, वह 'दि इकोनॉमिक टाइम्स' के इतिहास में सबसे कम उम्र के कार्यकारी संपादकों में से एक बने। हालांकि, उनका पत्रकारिता का सफर इस मील के पत्थर से पहले ही शुरू हो गया था। उन्होंने देश की कुछ प्रतिष्ठित प्रकाशनों जैसे 'डीएनए', 'कंटेंटसूत्र', 'मिंट' और 'ईटी' में काम किया।
'हफपोस्ट इंडिया' (HuffPost India) में संपादक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान,श्रुतिजीत ने डिजिटल पत्रकारिता की चुनौतियों को स्वीकार किया और तकनीकी समझ रखने वाले दर्शकों के लिए कंटेंट रणनीतियों को फिर से परिभाषित किया।
2023 में, श्रुतिजीत ने 'दि इकोनॉमिक टाइम्स' की जिम्मेदारी संभाली और भारत के सबसे बड़े बिजनेस डेली को एक नई दृष्टि दी। उनके नेतृत्व में, इस प्रकाशन ने मीडिया की बदलती दुनिया को बड़े ही सटीक तरीके से संभाला, डिजिटल परिवर्तन को अपनाया और अपने प्रभावी बिजनेस रिपोर्टिंग के सार को बनाए रखा।
श्रुतिजीत की पाठकों के विविध समूहों से जुड़ने की क्षमता ने 'दि इकोनॉमिक टाइम्स' को नया रूप दिया। उन्होंने जटिल वित्तीय खबरों को ऐसे ढंग से प्रस्तुत किया जो अनुभवी निवेशकों के साथ-साथ युवा पेशेवरों के लिए भी समझने योग्य बन सकें।
संपादकीय कुशलता के अलावा, श्रुतिजीत महत्वाकांक्षी पत्रकारों के लिए एक प्रेरणा और मार्गदर्शक हैं। उनकी सहयोगात्मक कार्यशैली ने रचनात्मकता, समावेशिता और उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा दिया है, जिससे नई पीढ़ी के कहानीकार प्रेरित हुए हैं।
श्रुतिजीत के.के. के जन्मदिन पर, उनकी यात्रा पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और स्टोरी कहने के महत्व का प्रमाण है। पहले ही कई उपलब्धियां हासिल करने के साथ और भविष्य की नई संभावनाओं के साथ, उनकी विरासत नवाचार, दृढ़ता और प्रभाव का प्रतीक बनी हुई है।
शिवांगी ठाकुर ने पिछले दिनों ‘जी न्यूज’ (Zee News) से इस्तीफा दे दिया था। वह चैनल में असिसटेंट एडिटर के पद पर कार्यरत थीं और नोटिस पीरियड सर्व कर रही थीं।
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जानी मानी टीवी न्यूज एंकर शिवांगी ठाकुर (Shivangi Thakur) के बारे में खबर है कि वह अब ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ की टीम में शामिल होने जा रही हैं। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली इस खबर के मुताबिक, वह जल्द ही यहां डिप्टी न्यूज एडिटर/एंकर के तौर जॉइन करेंगी। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इसकी घोषणा होनी बाकी है।
बता दें कि शिवांगी ठाकुर ने पिछले दिनों ‘जी न्यूज’ (Zee News) से इस्तीफा दे दिया था। वह चैनल में असिसटेंट एडिटर के पद पर कार्यरत थीं और नोटिस पीरियड सर्व कर रही थीं।
‘जी न्यूज’ (Zee News) के प्रमुख संपादकीय चेहरों में शामिल रहीं शिवांगी ठाकुर ने न्यूज बुलेटिन और प्राइम टाइम प्रोग्रामिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपनी प्रभावशाली एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए पहचान बनाने वाली शिवांगी पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं। ‘जी न्यूज’ (Zee News) से पहले वह ‘आजतक’ (Aaj Tak), ‘इंडिया टुडे’ (India Today), ‘टीवी9’ (TV9) और ‘न्यूज18 इंडिया’ (News18 India) जैसे प्रमुख हिंदी न्यूज नेटवर्क्स के साथ काम कर चुकी हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने राजनीति, अपराध, प्राकृतिक आपदाओं और राष्ट्रीय महत्व की कई बड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग की है।
शिवांगी ठाकुर संघर्ष क्षेत्रों से की गई अपनी रिपोर्टिंग के लिए भी जानी जाती हैं। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और हमास-इजराइल संघर्ष सहित तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों की कवरेज की है। चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों से उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग को व्यापक सराहना मिली है।
अपने पूरे करियर में उन्होंने स्टूडियो एंकरिंग और फील्ड रिपोर्टिंग के बीच संतुलन बनाए रखते हुए कई महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर किया।
वह कंपनी में नेशनल हेड-डिजिटल IPs एंड गवर्नमेंट के पद पर कार्यरत थे। अफजल खान करीब पांच साल से टाइम्स नेटवर्क में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
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मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। दरअसल, अफजल खान ने ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) को अलविदा कह दिया है। वह कंपनी में नेशनल हेड-डिजिटल IPs एंड गवर्नमेंट के पद पर कार्यरत थे।
अफजल खान करीब पांच साल से टाइम्स नेटवर्क में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने मार्च 2021 में यहां जॉइन किया था और इस दौरान डिजिटल आईपी (Digital IPs) तथा गवर्नमेंट से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभाली।
टाइम्स नेटवर्क से पहले अफजल खान कॉन्डे नास्ट इंडिया (Conde Nast India) से जुड़े हुए थे, जहां वह सीनियर मैनेजर-GQ इंडिया के पद पर कार्यरत थे।
इसके अलावा वह इससे पहले टाइम्स इंटरनेट (Times Internet) के साथ भी काम कर चुके हैं।
डिजिटल मीडिया कंपनी 'वन डिजिटल एंटरटेनमेंट' (One Digital Entertainment) के को-फाउंडर गुरप्रीत सिंह ने एक नया स्वतंत्र वेंचर लॉन्च किया है, जिसका नाम Good Practice Media रखा गया है।
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डिजिटल मीडिया कंपनी 'वन डिजिटल एंटरटेनमेंट' (One Digital Entertainment) के को-फाउंडर गुरप्रीत सिंह ने एक नया स्वतंत्र वेंचर लॉन्च किया है, जिसका नाम Good Practice Media रखा गया है। यह नया प्लेटफॉर्म मीडिया, मार्केटिंग और बिजनेस के मेल पर काम करेगा।
गुरप्रीत सिंह ने अपने न्यूज़लेटर Connectively के जरिए इस वेंचर की जानकारी दी और बताया कि उनका मकसद एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना है जहां इंडस्ट्री से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत हो, नए विचार सामने आएं और स्ट्रैटेजिक सलाह भी दी जा सके।
Good Practice Media ब्रैंड्स, फाउंडर्स और इंडस्ट्री लीडर्स के साथ मिलकर कंटेंट, कंसल्टिंग और कम्युनिटी-बिल्डिंग के जरिए काम करेगा। यह प्लेटफॉर्म मार्केटिंग और मीडिया सेक्टर के लिए एनालिसिस, इंटरव्यू, ओपिनियन आर्टिकल और नॉलेज-बेस्ड कंटेंट तैयार करेगा।
गुरप्रीत सिंह एक अनुभवी डिजिटल मीडिया एंटरप्रेन्योर हैं, जिनके पास 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सिर्फ 17 साल की उम्र में Funtooz नाम के प्रोजेक्ट से की थी, जो भारत के शुरुआती SMS और मोबाइल कंटेंट प्लेटफॉर्म्स में से एक था।
इसके बाद उन्होंने One Digital Entertainment (ODE) की सह-स्थापना की, जो आज भारत के बड़े मल्टी-चैनल नेटवर्क्स में गिनी जाती है। ODE 3,000 से ज्यादा कंटेंट क्रिएटर्स और पार्टनर्स के साथ काम करती है और अब तक 20 अरब से ज्यादा YouTube वॉच मिनट्स जेनरेट कर चुकी है।
अपने करियर में गुरप्रीत सिंह Viacom18, Hungama और Disney जैसी कंपनियों में भी अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं। उन्होंने बादशाह, रफ्तार और प्राजक्ता कोली (MostlySane) जैसे क्रिएटर्स के साथ काम करके उनके डिजिटल करियर को आगे बढ़ाने में मदद की है। उनके नेतृत्व में ODE का डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट SOS – Survivors of Suicide को IWM Digital Awards में सम्मान भी मिला है।
नए वेंचर की घोषणा करते हुए गुरप्रीत सिंह ने कहा कि यह पहल इस सोच पर आधारित है कि आधुनिक मीडिया और मार्केटिंग में “Good Practice” यानी अच्छे और जिम्मेदार तरीके सबसे जरूरी हैं, ताकि सिर्फ शॉर्ट-टर्म ट्रेंड्स नहीं बल्कि लंबे समय तक टिकने वाला मूल्य बनाया जा सके।
Good Practice Media का फोकस हाई-क्वालिटी एडिटोरियल कंटेंट, इंडस्ट्री डायलॉग और उन संस्थाओं के साथ साझेदारी पर रहेगा जिन्हें स्ट्रैटेजिक मीडिया और मार्केटिंग एक्सपर्टीज की जरूरत है।
एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) के ग्रुप चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर (CHRO) सुखजीत एस. पसरीचा ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।
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एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) के ग्रुप चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर (CHRO) सुखजीत एस. पसरीचा ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। वे 26 जुलाई से अपना कार्यकाल समाप्त करेंगे और कंपनी से अलग हो जाएंगे।
उन्होंने यह जानकारी अपने LinkedIn पोस्ट के जरिए दी, जिसमें उन्होंने लिखा कि अब समय है “India by IndiGo” से आगे बढ़कर “Make in India” की ओर नया सफर शुरू करने का। उन्होंने कहा कि इंडिगो जैसी दुनिया की बेहतरीन एविएशन कंपनी के साथ उनका सफर बेहद यादगार और संतोषजनक रहा।
सुखजीत पसरीचा ने अपने सहयोगियों और खासकर अपनी टीम का आभार जताते हुए कहा कि इस पूरे सफर में साथ देने वाले सभी लोगों के प्रति वे आभारी हैं।
सुखजीत एस. पसरीचा पहले भी इंडिगो से जुड़े रह चुके हैं। उन्होंने अप्रैल 2013 से जनवरी 2018 तक कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट – HR के रूप में काम किया था। इसके बाद वे 2022 में दोबारा कंपनी से जुड़े और ग्रुप CHRO की जिम्मेदारी संभाली।
करीब 30 वर्षों से अधिक के अनुभव वाले पसरीचा ने अपने करियर में टेलीकॉम, एविएशन और बैंकिंग-फाइनेंस सेक्टर में काम किया है। वे पहले Bharti Airtel, Bajaj FinServ और Kotak Mahindra Bank जैसी बड़ी कंपनियों में भी वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं।
डिजिटल ऐड टेक (AdTech) कंपनी The Trade Desk ने भारत में अपनी टीम को मजबूत करते हुए श्रेया दत्ता को इन्वेंट्री पार्टनरशिप्स (इंडिया) की सीनियर डायरेक्टर नियुक्त किया है।
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पंकज श्रीवास्तव जुलाई के पहले सप्ताह में अपनी नई पारी शुरू कर सकते हैं। हालांकि, उनका अगला पड़ाव क्या होगा, अभी इस बारे में कुछ पता नहीं चल सका है।
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देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में शामिल ‘जी मीडिया’ (Zee Media) से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक कंपनी में वाइस प्रेजिडेंट (IPs, Events और Special Projects) के पद पर कार्यरत पंकज श्रीवास्तव कंपनी से अलग हो गए हैं।
सूत्रों की मानें तो पंकज श्रीवास्तव ने पिछले महीने ही संस्थान को अपना इस्तीफा सौंप दिया था और फिलहाल नोटिस पीरियड सर्व कर रहे थे। एक जुलाई 2026 इस संस्थान में उनका आखिरी कार्यदिवस होगा।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, पंकज श्रीवास्तव की टाइम्स नेटवर्क के साथ बातचीत चल रही है। हालांकि, इस बारे में अभी कुछ तय नहीं हुआ है और न ही किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि हुई है, इसलिए अभी कुछ कहना मुश्किल है। खबर यह भी है कि पंकज श्रीवास्तव के पास कई संस्थानों से सीनियर लीडरशिप भूमिका के ऑफर हैं और वह जुलाई के पहले सप्ताह में उनमें से किसी एक को जॉइन कर सकते हैं।
पंकज श्रीवास्तव जुलाई के पहले सप्ताह में अपनी नई पारी शुरू कर सकते हैं। हालांकि, उनका अगला पड़ाव क्या होगा, अभी इस बारे में कुछ पता नहीं चल सका है।
गौरतलब है कि पंकज श्रीवास्तव ने नवंबर 2024 में ‘जी मीडिया’ जॉइन किया था। उस समय उन्हें वाइस प्रेजिडेंट (IPs, Events & Special Projects) की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अपनी भूमिका में वह ब्रैंडेड कंटेंट इनिशिएटिव्स, नए IPs और स्पेशल प्रोजेक्ट्स के निर्माण और क्रियान्वयन का नेतृत्व कर रहे थे।
इससे पहले वह ‘नेटवर्क18’ से जुड़े रहे, जहां उन्होंने करीब दो दशकों से अधिक समय तक काम किया और टेलीविजन व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कई बड़े इवेंट्स, कॉन्क्लेव और ब्रैंडेड सॉल्यूशंस विकसित किए। फिलहाल इस पूरे मामले पर ‘जी मीडिया’ की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। समाचार4मीडिया की ओर से पंकज श्रीवास्तव को उनकी नई पारी के लिए अग्रिम रूप से ढेरों शुभकामनाएं।
त्रिपुरा सरकार ने राज्य के पत्रकारों के कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कई अहम फैसले लिए हैं।
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Vikas Saxena
त्रिपुरा सरकार ने राज्य के पत्रकारों के कल्याण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने के साथ-साथ उनके परिवारों के लिए भी सुरक्षा योजनाओं का विस्तार किया है।
राज्य में लागू त्रिपुरा जर्नलिस्ट ऑनर पेंशन स्कीम के तहत अब पात्र पत्रकारों को मिलने वाली मासिक पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। यह फैसला 2018 में मौजूदा सरकार बनने के बाद शुरू की गई योजनाओं को और मजबूत करने के लिए लिया गया है।
इसके अलावा सरकार ने त्रिपुरा जर्नलिस्ट फैमिली सिक्योरिटी पेंशन स्कीम भी शुरू की है, जिसके तहत किसी पत्रकार के निधन के बाद उनके पात्र परिवार को हर महीने 5,000 रुपये की पेंशन दी जाती है।
सरकार ने बताया कि इन योजनाओं को और आसान और प्रभावी बनाने के लिए 2025 में दिशा-निर्देशों में बदलाव (amendments) भी किए गए हैं।
हाल ही में सरकार ने 5 और सेवानिवृत्त पत्रकारों को पेंशन मंजूर की है, जिसके बाद सम्मान पेंशन पाने वाले पत्रकारों की कुल संख्या बढ़कर 13 हो गई है। वहीं परिवार सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 2 और परिवारों को जोड़ा गया है, जिससे लाभ पाने वाले परिवारों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है।
इसके साथ ही पत्रकार कल्याण कोष (Journalist Welfare Fund) के तहत 4 पत्रकारों को इलाज के लिए आर्थिक मदद भी दी गई है।
राज्य सरकार के अनुसार ये सभी कदम पत्रकारों और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा, कल्याण और सामाजिक संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में लगातार उठाए जा रहे प्रयासों का हिस्सा हैं।
'डिश टीवी' (Dish TV) के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) वीरेंद्र गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
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Vikas Saxena
जी मीडिया कॉरपोरेशन (Zee Media Corporation Limited) ने प्रेफरेंशियल आधार पर जारी किए गए वारंट्स के बदले 3 करोड़ (3,00,00,000) नए इक्विटी शेयर आवंटित कर दिए हैं।
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Vikas Saxena
जी मीडिया कॉरपोरेशन (Z Media Corporation Limited) ने प्रेफरेंशियल आधार पर जारी किए गए पूरी तरह परिवर्तनीय (Fully Convertible) वारंट्स में से 3 करोड़ वारंट्स को इक्विटी शेयरों में बदलकर 3 करोड़ नए शेयर आवंटित किए हैं। कंपनी ने इसकी जानकारी शेयर बाजार को दी है।
कंपनी के मुताबिक, Sun India Opportunities Investing Fund Incorporated VCC Sub-Fund, जो Sun Alpha Global VCC का एक सब-फंड है और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) की पब्लिक कैटेगरी में आता है, ने अपने पास मौजूद 5 करोड़ वारंट्स में से 3 करोड़ वारंट्स को इक्विटी शेयरों में बदलने का विकल्प इस्तेमाल किया।
इसके लिए निवेशक ने वारंट की कीमत का बचा हुआ 75% यानी 19.125 करोड़ रुपये कंपनी को जमा कराया। इसके बाद 30 जून 2026 को हुई बोर्ड बैठक में कंपनी ने 3 करोड़ पूरी तरह चुकता (Fully Paid-up) इक्विटी शेयर, प्रत्येक 1 रुपये फेस वैल्यू वाले, निवेशक के नाम आवंटित करने को मंजूरी दे दी।
कंपनी ने बताया कि ये शेयर 8.50 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस (जिसमें 7.50 रुपये प्रीमियम शामिल है) पर आवंटित किए गए हैं। इससे पहले वारंट जारी करते समय निवेशक ने कुल कीमत का 25% भुगतान किया था, जबकि शेष 75% राशि अब वारंट को शेयरों में बदलने के समय जमा कराई गई है।
शेयर आवंटन के बाद भी इस निवेशक के पास 2 करोड़ वारंट्स बचे हुए हैं। कंपनी के अनुसार, इन्हें 25 जून 2026 को वारंट आवंटित होने की तारीख से 18 महीने के भीतर कभी भी इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है।
कंपनी ने यह भी बताया कि नए आवंटित शेयर मौजूदा इक्विटी शेयरों के समान अधिकार (pari passu) रखेंगे और आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद इनकी लिस्टिंग और ट्रेडिंग BSE Limited और National Stock Exchange of India Limited पर शुरू होगी।
इस आवंटन के बाद कंपनी की जारी, सब्सक्राइब्ड और चुकता शेयर पूंजी 62.54 करोड़ शेयरों से बढ़कर 65.54 करोड़ शेयर हो गई है।
कंपनी के अनुसार, शेयरों के इस आवंटन के बाद Sun India Opportunities Investing Fund Incorporated VCC Sub-Fund की हिस्सेदारी पूरी तरह डायल्यूटेड आधार (Fully Diluted Basis) पर 3.33% होगी। यह गणना इस आधार पर की गई है कि कंपनी द्वारा जारी सभी लंबित वारंट भविष्य में शेयरों में परिवर्तित हो जाएंगे।
जी मीडिया ने कहा कि इस आवंटन से जुड़ी अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आगे की जानकारी भी शेयर बाजार को समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब Zee Entertainment ने अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति को गति देने के लिए कम से कम 2,300 करोड़ रुपये जुटाने की योजना की घोषणा की है।
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'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड' (Zee Entertainment Enterprises Limited) में करीब तीन साल बाद वैश्विक निवेश प्रबंधन कंपनी Invesco की वापसी हुई है। कंपनी में OFI Global China Fund LLC की ओर से किए गए 418 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह निवेश वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान शेयर खरीद के माध्यम से किया गया था। यह प्रस्ताव उस अवधि में सरकार द्वारा मंजूर किए गए 1,141 विदेशी निवेश प्रस्तावों में शामिल है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब Zee Entertainment ने अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति को गति देने के लिए कम से कम 2,300 करोड़ रुपये जुटाने की योजना की घोषणा की है। कंपनी यह राशि इक्विटी से जुड़े वित्तीय साधनों (Equity-linked Instruments) के जरिए जुटाएगी। इस पूंजी का उपयोग डिजिटल प्लेटफॉर्म, खेल कारोबार समेत प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में निवेश और कंपनी की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
गौरतलब है कि Invesco ने अप्रैल 2023 में Zee Entertainment में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी थी। उस समय OFI Global China Fund LLC ने लगभग 5.11 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेची थी। इस सौदे का मूल्य करीब 1,004 करोड़ रुपये था, जिसमें 4.91 करोड़ (49.1 मिलियन) शेयर 204.50 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए थे। इसके साथ ही कंपनी और निवेशक के बीच कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर लंबे समय तक चले विवाद का एक अध्याय भी समाप्त हो गया था।
अब सरकार से 418 करोड़ रुपये के इस प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को मंजूरी मिलने के साथ ही OFI Global China Fund LLC के जरिए Invesco की करीब तीन साल बाद Zee Entertainment में वापसी हो गई है।