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भारतीय मीडिया के पक्ष में बिहार के पूर्व सीएम ने कुछ इस तरह बुलंद की आवाज
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व सीएम सुशील कुमार मोदी ने भारतीय मीडिया के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व सीएम सुशील कुमार मोदी ने भारतीय मीडिया के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की है। दरअसल ऑस्ट्रेलिया की संसद ने करीब तीन सप्ताह पहले एक कानून पारित किया था, जिसके तहत डिजिटल कंपनियों को अब खबरें दिखाने के लिए भुगतान करना होगा।
फेसबुक और ‘न्यूज कॉर्प’ ने इस समझौते की घोषणा की थी। न्यूयॉर्क स्थित ‘न्यूज कॉर्प’ विशेष तौर पर अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में समाचार देता है। अब बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर लगातार तीन ट्वीट करते हुए भारतीय मीडिया के लिए अपनी आवाज बुलंद की है।
उन्होंने लिखा, हमारे देश का प्रिंट मीडिया/ न्यूज TV चैनल समाचार संकलन करने से लेकर तथ्यपरक सच्चाई के लिए एक बड़े संस्थागत स्वरूप में विविध विधा के कर्मियों के साथ अरबों रुपये खर्च कर हमें समाचार प्रदान करता है। इनकी आमदनी का मुख्य स्रोत विज्ञापन है।
1/1. हमारे देश का प्रिंट मीडिया/ न्यूज TV चैनल समाचार संकलन करने से लेकर तथ्यपरक सच्चाई के लिए एक बड़े संस्थागत स्वरूप में विविध विधा के कर्मियों के साथ अरबों रुपये खर्च कर हमें समाचार प्रदान करता है। इनकी आमदनी का मुख्य स्रोत विज्ञापन है।
— Sushil Kumar Modi (@SushilModi) March 17, 2021
आगे उन्होंने लिखा कि यूट्यूब, फेसबुक, गूगल परंपरागत मीडिया द्वारा तैयार कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर विज्ञापन के माध्यम से पैसा कमा रहे हैं, जिससे मूल कंटेंट निर्माता परंपरागत मीडिया विज्ञापन की आय से वंचित हो रहे हैं।
2/1. यूट्यूब, फेसबुक, गूगल परंपरागत मीडिया द्वारा तैयार कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर विज्ञापन के माध्यम से पैसा कमा रहे हैं, जिससे मूल कंटेंट निर्माता परंपरागत मीडिया विज्ञापन की आय से वंचित हो रहे हैं।
— Sushil Kumar Modi (@SushilModi) March 17, 2021
इसके अलावा अपनी अंतिम ट्वीट में उन्होंने भारत सरकार के सहयोग की मांग की है। उन्होंने लिखा कि ऑस्ट्रेलिया सरकार की तरह "News Media Bargaining Code" के समान कानून बनाकर गूगल आदि OTT प्लेटफॉर्म को विज्ञापन रेवेन्यू शेयरिंग के लिए बाध्य किया जाना चाहिए ताकि देश के मीडिया को आर्थिक रुप से कोई नुकसान नहीं हो।
3/1. भारत सरकार से आग्रह है कि ऑस्ट्रेलिया सरकार की तरह "News Media Bargaining Code" के समान कानून बनाकर गूगल आदि OTT प्लेटफॉर्म को विज्ञापन रेवेन्यू शेयरिंग के लिए बाध्य करें, जिससे देश का प्रिंट/ न्यूज TV चैनल को आर्थिक संकट से उबारा जा सके।
— Sushil Kumar Modi (@SushilModi) March 17, 2021
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