एक दशक पहले न्यूजरूम में एडिटर की कुर्सी सबसे ताकतवर होती थी। वो तय करता था, क्या पहले पन्ने पर जाएगा, किस खबर को 'ब्रेकिंग' का दर्जा मिलेगा। आज वही ताकत धीरे-धीरे किसी और के हाथ जा रही है
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Vikas Saxena
एक दशक पहले न्यूजरूम में एडिटर की कुर्सी सबसे ताकतवर होती थी। वो तय करता था, क्या पहले पन्ने पर जाएगा, क्या दब जाएगा, किस खबर को 'ब्रेकिंग' का दर्जा मिलेगा। आज वही ताकत धीरे-धीरे किसी और के हाथ जा रही है, एक ऐसी सत्ता के हाथ जिसका कोई चेहरा नहीं, जो किसी को जवाब नहीं देती और जो हर सेकंड लाखों फैसले करती है। उसका नाम है: एल्गोरिदम (Algorithm) वैसे बता दें कि यह महज तकनीकी बदलाव नहीं है। यह पत्रकारिता के मूल ढांचे पर हमला है।
गूगल का 'जीरो-क्लिक' साम्राज्य
पहले अगर किसी को कोई खबर पढ़नी होती थी, तो वो गूगल पर सर्च करता, किसी न्यूज साइट पर जाता, और खबर पढ़ता। अब यह सफर बहुत छोटा हो गया है, इतना छोटा कि पब्लिशर तक पहुंचने की जरूरत ही नहीं रही।
गूगल के AI ओवरव्यूज ने यह खेल बदल दिया है। Similarweb के मई 2025 के डेटा के मुताबिक, गूगल पर न्यूज से जुड़े सर्च में 69% सवाल ऐसी हैं, जहां लोगों को जवाब सीधे गूगल पर ही मिल जाता है और उन्हें किसी न्यूज वेबसाइट पर क्लिक करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसे ‘zero-click’ सर्च कहा जाता है। मई 2024 में अमेरिका में AI Overviews लॉन्च होने से पहले यह आंकड़ा 56% था। यानी सिर्फ एक साल में इसमें 13% पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, SparkToro के 2025 डेटा के अनुसार, गूगल की कुल 58.5% सर्च बिना किसी क्लिक के ही खत्म हो जाती हैं।
इसका सीधा असर न्यूज पब्लिशर्स पर पड़ा है। Chartbeat के डेटा के अनुसार, जो 2,500 से ज्यादा न्यूज वेबसाइट्स को ट्रैक करता है, 2025 में गूगल से आने वाला सर्च ट्रैफिक 33% तक गिर गया। यह तुलना नवंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच की है। अमेरिका में यह गिरावट और ज्यादा, यानी 38% रही। Reuters Institute की जनवरी 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, 51 देशों के 280 मीडिया लीडर्स का मानना है कि अगले तीन साल में सर्च इंजन रेफ्ररल में 43% तक और गिरावट आ सकती है। इनमें से करीब एक-पांचवें पब्लिशर्स को लगता है कि यह नुकसान 75% से भी ज्यादा हो सकता है।
कुछ कंपनियों पर इसका असर और गंभीर रहा। HubSpot ने अपनी organic traffic में 70 से 80% तक की गिरावट दर्ज की। वहीं, एजुकेशन प्लेटफॉर्म Chegg ने अपनी 49% नॉन-सब्सक्राइबर ट्रैफिक खो दी। इसके बाद Chegg ने गूगल के खिलाफ प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कानूनी मामला दायर किया। कंपनी का आरोप है कि गूगल ने पब्लिशर्स के कंटेंट का इस्तेमाल अपने AI को ट्रेन करने में किया और अब वही AI लोगों को सीधे जवाब देकर पब्लिशर्स की जगह ले रहा है।
Pew Research Center के जुलाई 2025 के अध्ययन में 900 अमेरिकी वयस्कों की 68,879 गूगल सर्च को ट्रैक किया गया। इसमें पाया गया कि जब AI Overview दिखता है, तब सिर्फ 8% यूजर्स ही किसी ट्रेडिशनल लिंक पर क्लिक करते हैं। जबकि बिना AI Overview के यह आंकड़ा 15% रहता है। इतना ही नहीं, AI Overview में दिए गए लिंक पर सिर्फ 1% लोग ही क्लिक करते हैं।
Reuters Institute के सर्वे में पब्लिशर्स कानेट स्कोर -25 रहा, जब उनसे पूछा गया कि वे 2026 में गूगल सर्च पर ज्यादा काम करेंगे या कम। इसका मतलब यह है कि ज्यादातर पब्लिशर्स अब गूगल सर्च में अपना निवेश घटाने की तैयारी में हैं।
Facebook का 'War on News', और उसका अधूरा अंत
Meta ने 2018 में Facebook पर एक बड़ा बदलाव किया, जिसका असर न्यूज इंडस्ट्री पर साफ दिखा। कंपनी ने कहा कि वह लोगों के बीच “meaningful social connections” बढ़ाना चाहती है। इसके बाद Facebook ने अपने algorithm में न्यूज और सामाजिक-राजनीतिक कंटेंट को कम दिखाना शुरू कर दिया। बाद में इसे ‘War on News’ कहा गया।
University of Warsaw और University of California Davis के शोधकर्ताओं की जुलाई 2025 की एक स्टडी में 2016 से फरवरी 2025 के बीच 40 न्यूज संगठनों के 52 लाख से ज्यादा Facebook posts और करीब 787 करोड़ user reactions का अध्ययन किया गया। इसमें सामने आया कि 2021 से 2024 के बीच न्यूज पोस्ट्स पर reactions में 78% की भारी गिरावट आई, जबकि गैर-न्यूज पेजों पर engagement बढ़ती रही।
2025 में Meta ने यह policy वापस ले ली, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। Reuters Institute और Press Gazette की जनवरी 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2023 की तुलना में Facebook से न्यूज वेबसाइट्स पर आने वाला ट्रैफिक 43% तक गिर चुका था। पॉलिसी वापस लेने के बाद भी यह गिरावट पूरी तरह नहीं संभल सकी।
वहीं, X (पहले Twitter) में एलन मस्क के आने के बाद प्लेटफॉर्म का एल्गोरिदम ज्यादा राजनीतिक रंग में नजर आने लगा। Reuters Institute की 2025 रिपोर्ट के अनुसार, X के 58% users को लगता है कि ऑनलाइन कंटेंट में असली और नकली जानकारी में फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है। इसके बावजूद, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद के बाद X पर खबरें देखने वाले लोगों की संख्या 8% पॉइंट्स बढ़ गई और यह वयस्क आबादी के 23% तक पहुंच गई।
TikTok: नया गेटकीपर
अगर गूगल और Facebook पुराने गेटकीपर्स हैं, तो TikTok नया उभरता हुआ गेटकीपर है। Reuters Institute की Digital News Report 2025 के मुताबिक, जो 48 देशों और करीब 1,00,000 लोगों पर आधारित है, TikTok न्यूज का सबसे तेजी बढ़ता प्लेटफॉर्म बन गया है। Global sample में 17% लोग TikTok पर न्यूज लेते हैं। 18 से 24 साल के युवाओं में 44% का प्राइमरी न्यूज सोर्स सोशल मीडिया है।
थाइलैंड में 49% लोग TikTok पर न्यूज देखते हैं, जो पिछले साल से 10% पॉइंट्स ज्यादा है। मलेशिया में यह 48%, केन्या में 40% है। 2026 की शुरुआत तक TikTok के वैश्विक स्तर पर 1.9 बिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स हो चुके हैं।
लेकिन TikTok का एल्गोरिदम काफी सख्त तरीके से काम करता है। वह यह नहीं देखता कि किसी क्रिएटर के कितने फॉलोअर्स हैं, बल्कि यह देखता है कि वीडियो के पहले घंटे में कितने likes, comments, watch time और video completion मिले।
सितंबर 2025 में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, TikTok का algorithm उन वीडियो को ज्यादा बढ़ावा देता है जो लोगों का ध्यान लंबे समय तक बनाए रखें और ज्यादा इंट्रैक्शन हासिल करें। इसका असर यह होता है कि एडिटर्स और क्रिएटर्स ऐसी खबरों को प्राथमिकता देने लगते हैं जो ज्यादा अटेंशन खींचें। यानी कई बार गंभीर लेकिन धीमी खबरें दब जाती हैं, जबकि ज्यादा नाटकीय और सतही खबरें तेजी से वायरल हो जाती हैं।
News Consumption का बदलता चेहरा
पिछले पांच वर्षों में न्यूज कंजप्शन का तरीका मौलिक रूप से बदला है। Reuters Institute की 2025 रिपोर्ट सीधे कहती है: 2020 में 52% लोग सोशल वीडियोज के जरिए न्यूज देखते थे, जो 2025 में बढ़कर 65% हो गया। किसी भी format में वीडियो न्यूज देखने वाले 67% से बढ़कर 75% हो गए।
अमेरिका में पहली बार सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म्स ने टीवी न्यूज और न्यूज वेबसाइट्स दोनों को पीछे छोड़ दिया है। अब 54% अमेरिकी लोग सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म्स के जरिए खबरें देखते हैं, जबकि टीवी न्यूज देखने वालों की संख्या 50% और न्यूज वेबसाइट्स का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 48% है।
Reuters Institute की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, टीवी, प्रिंट और न्यूज वेबसाइट्स के साथ लोगों की जुड़ाव लगातार घट रहा है, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उनकी निर्भरता बढ़ती जा रही है।
न्यूजरूम के अंदर: Algorithm की घुसपैठ
ज़ी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment) ने Zee5 के लिए शिप्रा वाही को नई जिम्मेदारी सौंपी है। वह डिजिटल विज्ञापन राजस्व, सेल्स रणनीति और ऑपरेशंस से जुड़े कारोबार को आगे बढ़ाएंगी।
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Samachar4media Bureau
ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Ltd.) ने अपने डिजिटल विज्ञापन कारोबार को मजबूत करने के लिए शिप्रा वाही (Shipra Wahi) को Zee5 का चीफ सेल्स ऑफिसर (Chief Sales Officer) नियुक्त किया है। नई भूमिका में शिप्रा वाही Zee5 के लिए सेल्स, रणनीति और ऑपरेशंस से जुड़े राजस्व मॉडल को आगे बढ़ाने का काम करेंगी। वह नोएडा कार्यालय से काम करेंगी और विज्ञापन राजस्व के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (Chief Operating Officer) संदीप मेहरोत्रा (Sandeep Mehrotra) को रिपोर्ट करेंगी।
संदीप मेहरोत्रा ने कहा कि डिजिटल विज्ञापन इकोसिस्टम तेजी से बदल रहा है और विज्ञापनदाता अब डेटा-आधारित व एकीकृत समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि Zee5 के मोनेटाइजेशन मॉडल को और मजबूत करना कंपनी की प्राथमिकता है और शिप्रा वाही का अनुभव इस दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। शिप्रा वाही को वित्तीय सेवाओं, ई-कॉमर्स, कंज्यूमर टेक्नोलॉजी और कंसल्टिंग सेक्टर में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
वह पहले सिटी (Citi), एटी कीर्नी (AT Kearney), अमेजन (Amazon) और मेटा (Meta) जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ काम कर चुकी हैं। मेटा (Meta) में वह क्रिएटर पार्टनरशिप्स और क्रिएटर इकोनॉमी से जुड़े रणनीतिक विकास पर काम कर रही थीं। नई जिम्मेदारी पर शिप्रा वाही ने कहा कि Zee5 ने मजबूत ग्रोथ की नींव तैयार की है और वह इस यात्रा का हिस्सा बनकर उत्साहित हैं।
एमआर. डी.आई.वाई. इंडिया (MR. D.I.Y. India) ने विकास गुप्ता को ग्रुप मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है। कंपनी भारत में विस्तार और ग्रोथ रणनीति को मजबूत करने पर फोकस कर रही है।
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Samachar4media Bureau
एमआर. डी.आई.वाई. इंडिया (MR. D.I.Y. India) ने विकास गुप्ता (Vikas Gupta) को ग्रुप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Group Chief Executive Officer) नियुक्त किया है। कंपनी भारत में अपने विस्तार और कारोबार को मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।
विकास गुप्ता को ऑपरेशंस, प्राइवेट इक्विटी और मैनेजमेंट कंसल्टिंग के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह कंपनी के शुरुआती दौर से जुड़े रहे हैं और एक स्टोर से शुरू हुए ब्रांड को देशभर में 425 से ज्यादा स्टोर्स तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही है।
नई जिम्मेदारी संभालने पर विकास गुप्ता ने कहा कि यह उनके लिए बेहद खास और भावुक पल है। उन्होंने कहा कि कंपनी के पहले स्टोर से लेकर आज मजबूत राष्ट्रीय उपस्थिति तक के सफर का हिस्सा रहना गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कंपनी का फोकस ग्राहकों को बेहतर वैल्यू देने, शॉपिंग अनुभव को और मजबूत बनाने और देशभर में तेजी से विस्तार करने पर रहेगा। साथ ही उन्होंने प्रमोटर्स, निवेशकों और टीम का भरोसा और समर्थन देने के लिए आभार जताया।
म्यूजिक कंपनी टिप्स म्यूजिक लिमिटेड (Tips Music Limited) और पूजा एंटरटेनमेंट इंडिया लिमिटेड के बीच पुराने बॉलीवुड फिल्मों के म्यूजिक और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स को लेकर कानूनी विवाद गहरा गया है।
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Vikas Saxena
म्यूजिक कंपनी टिप्स म्यूजिक लिमिटेड (Tips Music Limited) और पूजा एंटरटेनमेंट इंडिया लिमिटेड के बीच पुराने बॉलीवुड फिल्मों के म्यूजिक और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IP Rights) को लेकर कानूनी विवाद गहरा गया है। फिलहाल इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से Tips Music को बड़ी राहत मिली है।
दरअसल, पूजा एंटरटेनमेंट ने बिहार के कटिहार कोर्ट में आरोप लगाया था कि उसकी कई फिल्मों के गाने, म्यूजिक कैटलॉग और अन्य कंटेंट का इस्तेमाल बिना अनुमति किया जा रहा है। मामला ‘Coolie No. 1’, ‘Hero No. 1’, ‘Biwi No. 1’, ‘Bade Miyan Chote Miyan’, ‘Tera Jadoo Chal Gayaa’ और ‘Mujhe Kucch Kehna Hai’ जैसी फिल्मों के अधिकारों से जुड़ा बताया जा रहा है।
इस पर कटिहार कोर्ट ने शुरुआती सुनवाई में दोनों पक्षों को विवादित कंटेंट को लेकर फिलहाल मौजूदा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। यानी जब तक मामला कोर्ट में है, तब तक संबंधित अधिकारों और कंटेंट के इस्तेमाल में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जा सकता था।
हालांकि, Tips Music ने इस आदेश को चुनौती दी। कंपनी का कहना है कि उसके पास इन म्यूजिक राइट्स से जुड़े वैध और पुराने समझौते मौजूद हैं और वह करीब 30 साल से इन अधिकारों का कानूनी रूप से इस्तेमाल करती आ रही है। कंपनी ने पूजा एंटरटेनमेंट के आरोपों को “गलत और भ्रामक” बताया है।
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई 2026 को कटिहार कोर्ट के अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी है। यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक पटना हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई पूरी नहीं हो जाती।
कंपनी ने कहा है कि वह अपने कानूनी सलाहकारों के साथ मिलकर मामले को आगे बढ़ा रही है और आगे होने वाले किसी भी बड़े घटनाक्रम की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी जाएगी।
बता दें कि Tips Music पहले Tips Industries Limited के नाम से जानी जाती थी और हाल ही में कंपनी ने अपना नाम बदलकर Tips Music Limited किया है।
देश की बड़ी सिनेमा कंपनी PVR INOX Limited में टॉप लेवल पर एक अहम बदलाव हुआ है। कंपनी में ग्रोथ व इनवेस्टमेंट के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर प्रमोद अरोड़ा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
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Vikas Saxena
देश की बड़ी सिनेमा कंपनी PVR INOX Limited में टॉप लेवल पर एक अहम बदलाव हुआ है। कंपनी में ग्रोथ व इनवेस्टमेंट के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर प्रमोद अरोड़ा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा निजी कारणों की वजह से दिया गया है।
कंपनी ने प्रमोद अरोड़ा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और उन्हें 24 मई की शाम से सेवा से मुक्त कर दिया गया है।
प्रमोद अरोड़ा ने अपने इस्तीफे में कहा कि यह फैसला लेना आसान नहीं था। उन्होंने कंपनी में अपने कार्यकाल के दौरान मिले अवसरों, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार जताया। साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि उन्होंने अपने काम का पूरा स्मूथ ट्रांजिशन सुनिश्चित किया है ताकि जिम्मेदारियों के हस्तांतरण में कोई दिक्कत न हो।
प्रमोद अरोड़ा को भारत में मॉडर्न सिनेमा और रिटेल डेवलपमेंट का एक अहम नाम माना जाता है। वे पिछले करीब 30 सालों से सिनेमा, रियल एस्टेट, रिटेल और इन्वेस्टमेंट इकोसिस्टम से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1996 से भारत में मल्टीप्लेक्स सिनेमा के विकास के साथ अपने करियर की शुरुआत की और देश में शॉपिंग मॉल्स और सिनेमा हॉल्स के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रमोद अरोड़ा को इस सेक्टर में एक ऐसे प्रोफेशनल के तौर पर देखा जाता है, जिन्होंने शुरुआत में दिल्ली में एक 4-स्क्रीन मल्टीप्लेक्स से काम शुरू किया और आगे चलकर भारत और श्रीलंका में 360+ सिनेमाघरों और 1700+ स्क्रीन तक इस बिजनेस के विस्तार में अहम योगदान दिया।
वे सिर्फ विस्तार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि डिजाइनिंग, डेवलपमेंट, हॉस्पिटैलिटी-आधारित सिनेमा स्पेस, मर्जर-एक्विजिशन और फाइनेंशियल स्ट्रक्चरिंग जैसे जटिल कामों में भी सक्रिय रहे हैं। उन्हें आधुनिक भारत में सिनेमा और कंजम्पशन आधारित रिटेल ग्रोथ स्टोरी को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख लोगों में गिना जाता है।
शैलेश श्रीवास्तव इससे पहले ‘रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क’ के साथ बिजनेस हेड के रूप में जुड़े हुए थे।
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देश के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने प्रकाशन समूहों में से एक ‘दिल्ली प्रेस’ (Delhi Press) ने अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सीनियर बिजनेस लीडर शैलेश श्रीवास्तव को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के पद पर नियुक्त किया है। मीडिया, टेलीकॉम, हॉस्पिटैलिटी और BFSI सेक्टर में दो दशक से ज्यादा का अनुभव रखने वाले शैलेश श्रीवास्तव अब अपनी इस भूमिका में दिल्ली प्रेस के संचालन और बिजनेस स्ट्रैटेजी को नई दिशा देंगे।
कंपनी का कहना है कि यह नियुक्ति उसके आक्रामक विस्तार योजना का हिस्सा है, जिसमें विज्ञापन, आयोजन, कंटेंट से कमाई और पत्रिका कारोबार को नई रफ्तार देने पर जोर रहेगा।
'दिल्ली प्रेस' के पास दि कारवां, चंपक, गृहशोभा, मोटरिंग वर्ल्ड, सरिता और मनोहर कहानियां जैसी कई लोकप्रिय पत्रिकाएं हैं। फिलहाल समूह 9 भाषाओं में 31 पत्रिकाएं प्रकाशित करता है। इसके अलावा उसके 9 वेबसाइट और सोशल मीडिया मंच भी हैं।
कंपनी के एग्जिक्यूटिव पब्लिशर अनंत नाथ ने कहा कि 'दिल्ली प्रेस' अब खुद को सिर्फ एक प्रकाशन समूह नहीं, बल्कि “मल्टी-वर्टिकल कंटेंट एंड एक्सपीरियंस कंपनी” के रूप में बदल रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी डिजिटल ढांचे, ब्रांडेड कंटेंट, क्रिएटर साझेदारी और विशेष ब्रांड अनुभवों पर तेजी से निवेश कर रही है।
उन्होंने कहा कि शैलेश श्रीवास्तव का मीडिया कारोबार को बढ़ाने, आयोजन आधारित बौद्धिक संपदा तैयार करने और नए कमाई मॉडल विकसित करने का अनुभव कंपनी के अगले चरण की वृद्धि में अहम भूमिका निभाएगा।
शैलेश श्रीवास्तव इससे पहले Reliance Broadcast Network Limited में व्यवसाय प्रमुख के तौर पर काम कर चुके हैं। वहां उन्होंने करीब 8 साल तक काम किया और आयोजन कारोबार, गैर-मेट्रो मार्केट्स और कंटेंट-आधारित इनिशिएटिव्स को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बैंकिंग-वित्तीय सेवाएं, दूरसंचार और आतिथ्य क्षेत्र में भी नेतृत्व की जिम्मेदारियां संभाली हैं।
अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर शैलेश श्रीवास्तव ने कहा, “कंटेंट कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है, जबकि आयोजन और बौद्धिक संपदा उसके विकास के इंजन हैं। मैं टीम के साथ मिलकर दर्शकों की भागीदारी को और मजबूत करने और नए कमाई स्रोत तैयार करने को लेकर उत्साहित हूं।”
'दिल्ली प्रेस' ने पिछले कुछ वर्षों में अपने आयोजन कारोबार को भी तेजी से बढ़ाया है। अभी कंपनी हर साल 30 से 35 कार्यक्रम आयोजित करती है और आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 70 से ज्यादा करने की योजना है। इनमें Inspire Awards, EmpowerHer सम्मेलन, Farm n Food Krishi Samman, Saras Salil Bhojpuri Cine Awards और Motoring World Auto Awards जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
कंपनी ने हाल के वर्षों में सदस्यता मॉडल पर भी खास फोकस किया है। 'दिल्ली प्रेस' का दावा है कि अब उसकी 65% से ज्यादा पाठक आय सदस्यताओं से आने लगी है, जबकि पहले यह सिर्फ 5% थी। कंपनी के मुताबिक सदस्यता आय में 500% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अनंत नाथ ने कहा कि 'दिल्ली प्रेस' ऐसे पाठकों का मजबूत समुदाय तैयार करना चाहता है, जो उसके कंटेंट और ब्रैंड्स से भावनात्मक रूप से जुड़े हों और प्रीमियम कंटेंट के लिए भुगतान करने को तैयार हों।
नेटवर्क की इस सफलता में उसके प्रमुख ब्रैंड्स इंडिया न्यूज (India News), न्यूजएक्स (NewsX) और द संडे गार्जियन (The Sunday Guardian) की अहम भूमिका रही।
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डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में आईटीवी नेटवर्क (ITV Network) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कॉमस्कोर (Comscore) की ताजा रैंकिंग में नेटवर्क ने शानदार बढ़त दर्ज करते हुए डेस्कटॉप कैटेगरी में टॉप-10 में जगह बनाई है। नेटवर्क ने इस श्रेणी में 7वां स्थान हासिल किया है।
नेटवर्क की इस सफलता में उसके प्रमुख ब्रैंड्स इंडिया न्यूज (India News), न्यूजएक्स (NewsX) और द संडे गार्जियन (The Sunday Guardian) की अहम भूमिका रही। प्रेस रिलीज के मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म्स ने महीने-दर-महीने मजबूत ग्रोथ दर्ज करते हुए कई स्थापित राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों को पीछे छोड़ दिया है।
डेस्कटॉप मैट्रिक में ITV Network का प्रदर्शन खास तौर पर मजबूत रहा। इसे ऐसे पाठकों का अहम संकेतक माना जाता है, जो नियमित और गंभीरता से समाचार पढ़ते हैं। इंडिया न्यूज ने डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई, जबकि The Sunday Guardian ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म्स को पीछे छोड़ा।



वहीं, मल्टीमीडिया मैट्रिक में भी नेटवर्क की बढ़त जारी रही। वीडियो, टेक्स्ट और इंटरएक्टिव कंटेंट के आधार पर तैयार इस रैंकिंग में The Sunday Guardian ने गहन और डिजिटल-फर्स्ट पत्रकारिता के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। ITV Network ने राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-20 नेटवर्क्स में भी जगह बनाई है, जिससे उसकी बढ़ती डिजिटल पहुंच का संकेत मिलता है।
नेटवर्क ने अपनी इस सफलता का श्रेय डिजिटल-फर्स्ट कंटेंट स्ट्रैटेजी, न्यूज कलेक्शन और डिलीवरी में AI के शुरुआती इस्तेमाल और तेज व आसान यूजर इंटरफेस को दिया है। नेटवर्क के अनुसार, इन पहलों के चलते यूजर्स का प्लेटफॉर्म पर समय बढ़ा है, दोबारा विजिट करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है और रैंकिंग में लगातार सुधार देखने को मिला है।
इस उपलब्धि पर आईटीवी फाउंडेशन (ITV Foundation) की चेयरपर्सन ऐश्वर्या पंडित शर्मा ने कहा कि India News, NewsX और The Sunday Guardian की बढ़ती पहुंच और व्यूअरशिप इस बात का प्रमाण है कि नए दौर के पाठक प्रभावशाली और गहन पत्रकारिता को पसंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल अब भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है और Comscore रैंकिंग करोड़ों भारतीयों के भरोसे को दर्शाती है।
वहीं, आईटीवी नेटवर्क-डिजिटल के सीईओ अक्षांश यादव ने कहा कि India News, NewsX और The Sunday Guardian लगातार Comscore पर अपनी डिजिटल रीडरशिप मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वसनीय पत्रकारिता, टेक्नोलॉजी आधारित इनोवेशन और ऑडियंस-फर्स्ट कंटेंट स्ट्रैटेजी का परिणाम है।
सूत्रों के मुताबिक वह फिलहाल नेटवर्क के साथ अपनी भूमिका में बने हुए हैं और उनके संस्थान छोड़ने की समय सीमा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
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मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक रिपब्लिक वर्ल्ड (Republic World) के नेशनल सेल्स हेड अरुण सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक वह फिलहाल नेटवर्क के साथ अपनी भूमिका में बने हुए हैं और उनके संस्थान छोड़ने की समय सीमा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बता दें कि अरुण सिंह रावत वर्ष 2017 से रिपब्लिक वर्ल्ड नेटवर्क के साथ जुड़े हुए थे। इस दौरान उन्होंने नेटवर्क के प्रमुख ब्रैंड्स रिपब्लिक टीवी (Republic TV), रिपब्लिक भारत (Republic Bharat) और रिपब्लिक बांग्ला (Republic Bangla) की सेल्स और मोनेटाइजेशन स्ट्रेटेजी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, नेटवर्क के विस्तार के दौर में रावत प्रमुख कमर्शियल लीडर्स में शामिल रहे। खासतौर पर हिंदी न्यूज मार्केट में नेटवर्क की मजबूत मौजूदगी बनाने में उनका अहम योगदान माना जाता है। उनके कार्यकाल में रिपब्लिक नेटवर्क ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान जैसे बड़े बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत की।
रिपब्लिक वर्ल्ड से पहले अरुण सिंह रावत नेटवर्क18 (Network18) के साथ अकाउंट ग्रुप हेड-सेल्स के पद पर कार्य कर चुके हैं। वहां उन्होंने मारुति, हुंडई, डाबर, माइक्रोसॉफ्ट और नेस्ले जैसे बड़े क्लाइंट्स को संभाला। इस दौरान वह CNN-News18 और CNBC-TV18 जैसे जाने-माने ब्रैंड्स के लिए भी काम कर चुके हैं।
इसके अलावा उन्होंने श्री अधिकारी ब्रदर्स (Shri Adhikari Brothers) ग्रुप में भी काम किया है, जहां उन्होंने मस्ती (Mastiii) और दबंग (Dabangg) जैसे लोकप्रिय चैनलों के लिए कॉरपोरेट सेल्स और बिजनेस डेवलपमेंट की जिम्मेदारी संभाली थी।
टेलीविजन सेल्स, मीडिया प्लानिंग और बिजनेस डेवलपमेंट में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले अरुण सिंह रावत को इंडस्ट्री में मजबूत एजेंसी रिलेशन और रेवेन्यू ग्रोथ रणनीतियों के लिए जाना जाता है। FMCG, ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और टेलीकॉम जैसे सेक्टर्स में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
किरण मणि को दो दशक से अधिक का अनुभव है। JioStar से पहले वह करीब 13 वर्षों तक गूगल के साथ जुड़े रहे। इसके अलावा उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी दिग्गज कंपनियों में भी काम किया है।
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डिजिटल और टेक इंडस्ट्री से जुड़ा एक बड़ा नाम अब OpenAI के साथ नई पारी शुरू करने जा रहा है। दरअसल, जियोस्टार (JioStar) के सीईओ (Digital) किरण मणि इस सप्ताह कंपनी को अलविदा कहने जा रहे हैं। वह अगले महीने से OpenAI में एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किरण मणि सिंगापुर से काम करेंगे और OpenAI के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर जेसन क्वोन को रिपोर्ट करेंगे। माना जा रहा है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में OpenAI की स्ट्रैटेजी और विस्तार को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका होगी।
किरण मणि ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए JioStar में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने लिखा कि उदय शंकर और आकाश अंबानी ने उनके सोचने के तरीके और महत्वाकांक्षा को नई दिशा दी।
टेक और डिजिटल इकोसिस्टम में किरण मणि को दो दशक से अधिक का अनुभव है। JioStar से पहले वह करीब 13 वर्षों तक गूगल (Google) के साथ जुड़े रहे। इसके अलावा उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और आईबीएम (IBM) जैसी दिग्गज कंपनियों में भी काम किया है।
मीडिया और टेक इंडस्ट्री में किरण मणि की पहचान एक मजबूत डिजिटल रणनीतिकार के तौर पर रही है। ऐसे में OpenAI में उनकी नियुक्ति को कंपनी के एशिया-प्रशांत विस्तार के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संदीप भूषण के पास कंज्यूमर, डिजिटल और मीडिया बिजनेस में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह इससे पहले मेटा में इंडिया डायरेक्टर, ग्लोबल मार्केटिंग सॉल्यूशंस के पद पर कार्यरत थे।
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कॉलर आईडी और स्पैम ब्लॉकिंग प्लेटफॉर्म ट्रूकॉलर (Truecaller) ने मेटा (Meta) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी संदीप भूषण को अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल करने की घोषणा की है। कंपनी का मानना है कि संदीप भूषण का लंबा अनुभव ट्रूकॉलर की आगे की स्ट्रैटेजी और विस्तार योजनाओं में अहम भूमिका निभाएगा।
संदीप भूषण के पास कंज्यूमर, डिजिटल और मीडिया बिजनेस में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह इससे पहले मेटा में इंडिया डायरेक्टर, ग्लोबल मार्केटिंग सॉल्यूशंस के पद पर कार्यरत थे।
अपने करियर के दौरान उन्होंने सैमसंग (Samsung) में स्मार्टफोन बिजनेस से जुड़े मार्केटिंग और ऑपरेटर पार्टनरशिप्स पर काम किया। इसके अलावा वह WSJ-Mint के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे और वहां COO की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत यूनिलीवर (Unilever) से की थी, जहां उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाओं में काम किया।
संदीप भूषण ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि ट्रूकॉलर ने वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जहां यूजर ट्रस्ट और मोनेटाइजेशन दोनों का संतुलन बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इकोसिस्टम के तेजी से विकसित होने के दौर में यह संतुलन किसी भी कंपनी की बड़ी ताकत बन सकता है।
उन्होंने कहा कि वह बोर्ड और मैनेजमेंट टीम के साथ मिलकर कंपनी की अगली विकास यात्रा में योगदान देने को लेकर उत्साहित हैं।
ट्रूकॉलर के सह-संस्थापक नामी जारिंगहलाम (Nami Zarringhalam) ने कहा कि संदीप भूषण का बोर्ड में शामिल होना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हाई-ग्रोथ मार्केट्स, खासकर भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र को लेकर उनकी समझ कंपनी के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
कंपनी के अनुसार, संदीप भूषण फिलहाल Traya Health के बोर्ड सदस्य भी हैं। ट्रूकॉलर में उनकी कोई शेयरहोल्डिंग नहीं है और उन्हें कंपनी, उसके प्रबंधन तथा बड़े शेयरधारकों से स्वतंत्र निदेशक माना गया है।
निरुपमा के एस पिछले करीब साढ़े आठ वर्षों से ‘एशियानेट न्यूज नेटवर्क’ से जुड़ी थीं। यहां उन्होंने डिजिटल टीम का नेतृत्व किया और कन्नड़ डिजिटल पत्रकारिता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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वरिष्ठ पत्रकार निरुपमा के एस ने ‘वनइंडिया कन्नड़’ की एडिटर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाल ली है। खास बात यह है कि उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भी इसी संस्थान से की थी और अब 19 साल बाद एक बार फिर उसी संगठन में लीडरशिप भूमिका में लौटी हैं।
निरुपमा के एस ने लिंक्डइन पर अपनी नई पारी की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि जब उन्होंने 19 साल पहले ‘वनइंडिया’ में कॉपी एडिटर के तौर पर काम शुरू किया था, तब उन्हें डिजिटल दुनिया की ज्यादा समझ नहीं थी। शिवमोग्गा में जिला रिपोर्टर के रूप में काम करने के बाद उन्हें यह भी लगता था कि ऑनलाइन प्रकाशित खबरों को आखिर कौन पढ़ेगा। लेकिन समय के साथ यही सफर उनके पेशेवर जीवन का सबसे बड़ा बदलाव बन गया।
उन्होंने अपने करियर के दौरान ‘कन्नड़प्रभा डॉट कॉम’, ‘विजय कर्नाटक’ और बाद में ‘एशियानेट सुवर्णा न्यूज’ के डिजिटल विभाग में काम किया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया के तेजी से बढ़ते प्रभाव, डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप और फेक न्यूज के दौर में फैक्ट-चेकिंग की अहमियत को करीब से समझा।
निरुपमा के एस पिछले करीब साढ़े आठ वर्षों से ‘एशियानेट न्यूज नेटवर्क’ से जुड़ी थीं। यहां उन्होंने डिजिटल टीम का नेतृत्व किया और कन्नड़ डिजिटल पत्रकारिता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में वेबसाइट ट्रैफिक बढ़ाने, यूट्यूब व्यूअरशिप और सब्सक्रिप्शन बढ़ाने के लिए कई नई स्ट्रैटेजी पर काम किया गया।
हाल ही में अपनी विदाई पोस्ट में उन्होंने ‘कन्नड़प्रभा’ और ‘सुवर्णा न्यूज’ के साथ बिताए वर्षों को अपने करियर का सबसे सुनहरा दौर बताया। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों ने उन्हें पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर काफी कुछ सिखाया।
अब ‘वनइंडिया कन्नड़’ की एडिटर के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद निरुपमा ने कहा है कि वह एक मजबूत टीम के साथ सार्थक पत्रकारिता करने और लगातार सीखने की इस यात्रा को आगे बढ़ाने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में डिजिटल मीडिया के नए अवसरों को लेकर भी उत्साह जताया।
करीब 23 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव वाली निरुपमा के एस ने अपने करियर में जिला रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल एडिटोरियल लीडरशिप तक का लंबा सफर तय किया है। उन्होंने ‘टाइम्स इंटरनेट’ में भी काम किया, जहां सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हार्ड न्यूज रिपोर्टिंग, कंटेंट एडिटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और डिजिटल स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। निरुपमा ने गुजरात यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने पत्रकारिता, अंग्रेजी और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की है।