न्यूजरूम में एल्गोरिदम्स की एंट्री, क्या बदल रहा है खबरों का चेहरा?

एक समय था जब न्यूजरूम में खबरों का फैसला एडिटर करता था। लेकिन अब यह भूमिका धीरे-धीरे एल्गोरिदम्स निभाने लगे हैं।

Vikas Saxena by
Published - Wednesday, 08 July, 2026
Last Modified:
Wednesday, 08 July, 2026
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एक समय था जब न्यूजरूम में आखिरी फैसला एडिटर का होता था। कौन-सी खबर सबसे ऊपर जाएगी, किस मुद्दे को प्रमुखता मिलेगी और किसे कम जगह मिलेगी, यह सब एडिटोरियल समझ और पत्रकारिता के मूल्यों के आधार पर तय होता था। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। आज खबरों की पहुंच और उनकी प्राथमिकता पर इंसानों से ज्यादा एल्गोरिदम्स का असर बढ़ता जा रहा है। Google, Meta, TikTok और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के एल्गोरिदम्स तय कर रहे हैं कि लोग क्या देखेंगे और क्या नहीं। यह सिर्फ तकनीक में आया बदलाव नहीं है, बल्कि पत्रकारिता के काम करने के तरीके और उसकी स्वतंत्रता के सामने खड़ी एक बड़ी चुनौती है।

गूगल का 'जीरो-क्लिक' साम्राज्य

पहले अगर किसी को कोई खबर पढ़नी होती थी, तो वो गूगल पर सर्च करता, किसी न्यूज साइट पर जाता, और खबर पढ़ता। अब यह सफर बहुत छोटा हो गया है, इतना छोटा कि पब्लिशर तक पहुंचने की जरूरत ही नहीं रही।

गूगल के AI ओवरव्यूज ने यह खेल बदल दिया है। Similarweb के मई 2025 के डेटा के मुताबिक, गूगल पर न्यूज से जुड़े सर्च में 69% सवाल ऐसी हैं, जहां लोगों को जवाब सीधे गूगल पर ही मिल जाता है और उन्हें किसी न्यूज वेबसाइट पर क्लिक करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसे ‘zero-click’ सर्च कहा जाता है। मई 2024 में अमेरिका में AI Overviews लॉन्च होने से पहले यह आंकड़ा 56% था। यानी सिर्फ एक साल में इसमें 13% पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, SparkToro के 2025 डेटा के अनुसार, गूगल की कुल 58.5% सर्च बिना किसी क्लिक के ही खत्म हो जाती हैं।

इसका सीधा असर न्यूज पब्लिशर्स पर पड़ा है। Chartbeat के डेटा के अनुसार, जो 2,500 से ज्यादा न्यूज वेबसाइट्स को ट्रैक करता है, 2025 में गूगल से आने वाला सर्च ट्रैफिक 33% तक गिर गया। यह तुलना नवंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच की है। अमेरिका में यह गिरावट और ज्यादा, यानी 38% रही। Reuters Institute की जनवरी 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, 51 देशों के 280 मीडिया लीडर्स का मानना है कि अगले तीन साल में सर्च इंजन रेफ्ररल में 43% तक और गिरावट आ सकती है। इनमें से करीब एक-पांचवें पब्लिशर्स को लगता है कि यह नुकसान 75% से भी ज्यादा हो सकता है।

कुछ कंपनियों पर इसका असर और गंभीर रहा। HubSpot ने अपनी organic traffic में 70 से 80% तक की गिरावट दर्ज की। वहीं, एजुकेशन प्लेटफॉर्म Chegg ने अपनी 49% नॉन-सब्सक्राइबर ट्रैफिक खो दी। इसके बाद Chegg ने गूगल के खिलाफ प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कानूनी मामला दायर किया। कंपनी का आरोप है कि गूगल ने पब्लिशर्स के कंटेंट का इस्तेमाल अपने AI को ट्रेन करने में किया और अब वही AI लोगों को सीधे जवाब देकर पब्लिशर्स की जगह ले रहा है।

Pew Research Center के जुलाई 2025 के अध्ययन में 900 अमेरिकी वयस्कों की 68,879 गूगल सर्च को ट्रैक किया गया। इसमें पाया गया कि जब AI Overview दिखता है, तब सिर्फ 8% यूजर्स ही किसी ट्रेडिशनल लिंक पर क्लिक करते हैं। जबकि बिना AI Overview के यह आंकड़ा 15% रहता है। इतना ही नहीं, AI Overview में दिए गए लिंक पर सिर्फ 1% लोग ही क्लिक करते हैं।

Reuters Institute के सर्वे में पब्लिशर्स कानेट स्कोर -25 रहा, जब उनसे पूछा गया कि वे 2026 में गूगल सर्च पर ज्यादा काम करेंगे या कम। इसका मतलब यह है कि ज्यादातर पब्लिशर्स अब गूगल सर्च में अपना निवेश घटाने की तैयारी में हैं।

Facebook का 'War on News', और उसका अधूरा अंत

Meta ने 2018 में Facebook पर एक बड़ा बदलाव किया, जिसका असर न्यूज इंडस्ट्री पर साफ दिखा। कंपनी ने कहा कि वह लोगों के बीच “meaningful social connections” बढ़ाना चाहती है। इसके बाद Facebook ने अपने algorithm में न्यूज और सामाजिक-राजनीतिक कंटेंट को कम दिखाना शुरू कर दिया। बाद में इसे ‘War on News’ कहा गया।

University of Warsaw और University of California Davis के शोधकर्ताओं की जुलाई 2025 की एक स्टडी में 2016 से फरवरी 2025 के बीच 40 न्यूज संगठनों के 52 लाख से ज्यादा Facebook posts और करीब 787 करोड़ user reactions का अध्ययन किया गया। इसमें सामने आया कि 2021 से 2024 के बीच न्यूज पोस्ट्स पर reactions में 78% की भारी गिरावट आई, जबकि गैर-न्यूज पेजों पर engagement बढ़ती रही।

2025 में Meta ने यह policy वापस ले ली, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। Reuters Institute और Press Gazette की जनवरी 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2023 की तुलना में Facebook से न्यूज वेबसाइट्स पर आने वाला ट्रैफिक 43% तक गिर चुका था। पॉलिसी वापस लेने के बाद भी यह गिरावट पूरी तरह नहीं संभल सकी।

वहीं, X (पहले Twitter) में एलन मस्क के आने के बाद प्लेटफॉर्म का एल्गोरिदम ज्यादा राजनीतिक रंग में नजर आने लगा। Reuters Institute की 2025 रिपोर्ट के अनुसार, X के 58% users को लगता है कि ऑनलाइन कंटेंट में असली और नकली जानकारी में फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है। इसके बावजूद, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद के बाद X पर खबरें देखने वाले लोगों की संख्या 8% पॉइंट्स बढ़ गई और यह वयस्क आबादी के 23% तक पहुंच गई।

TikTok: नया गेटकीपर

अगर गूगल और Facebook पुराने गेटकीपर्स हैं, तो TikTok नया उभरता हुआ गेटकीपर है। Reuters Institute की Digital News Report 2025 के मुताबिक, जो 48 देशों और करीब 1,00,000 लोगों पर आधारित है, TikTok न्यूज का सबसे तेजी बढ़ता प्लेटफॉर्म बन गया है। Global sample में 17% लोग TikTok पर न्यूज लेते हैं। 18 से 24 साल के युवाओं में 44% का प्राइमरी न्यूज सोर्स सोशल मीडिया है।

थाइलैंड में 49% लोग TikTok पर न्यूज देखते हैं, जो पिछले साल से 10% पॉइंट्स ज्यादा है। मलेशिया में यह 48%, केन्या में 40% है। 2026 की शुरुआत तक TikTok के वैश्विक स्तर पर 1.9 बिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स हो चुके हैं।

लेकिन TikTok का एल्गोरिदम काफी सख्त तरीके से काम करता है। वह यह नहीं देखता कि किसी क्रिएटर के कितने फॉलोअर्स हैं, बल्कि यह देखता है कि वीडियो के पहले घंटे में कितने likes, comments, watch time और video completion मिले।

सितंबर 2025 में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, TikTok का algorithm उन वीडियो को ज्यादा बढ़ावा देता है जो लोगों का ध्यान लंबे समय तक बनाए रखें और ज्यादा इंट्रैक्शन हासिल करें। इसका असर यह होता है कि एडिटर्स और क्रिएटर्स ऐसी खबरों को प्राथमिकता देने लगते हैं जो ज्यादा अटेंशन खींचें। यानी कई बार गंभीर लेकिन धीमी खबरें दब जाती हैं, जबकि ज्यादा नाटकीय और सतही खबरें तेजी से वायरल हो जाती हैं।

News Consumption का बदलता चेहरा

पिछले पांच वर्षों में न्यूज कंजप्शन का तरीका मौलिक रूप से बदला है। Reuters Institute की 2025 रिपोर्ट सीधे कहती है: 2020 में 52% लोग सोशल वीडियोज के जरिए न्यूज देखते थे, जो 2025 में बढ़कर 65% हो गया। किसी भी format में वीडियो न्यूज देखने वाले 67% से बढ़कर 75% हो गए।

अमेरिका में पहली बार सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म्स ने टीवी न्यूज और न्यूज वेबसाइट्स दोनों को पीछे छोड़ दिया है। अब 54% अमेरिकी लोग सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म्स के जरिए खबरें देखते हैं, जबकि टीवी न्यूज देखने वालों की संख्या 50% और न्यूज वेबसाइट्स का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 48% है।

Reuters Institute की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, टीवी, प्रिंट और न्यूज वेबसाइट्स के साथ लोगों की जुड़ाव लगातार घट रहा है, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उनकी निर्भरता बढ़ती जा रही है।

न्यूजरूम के अंदर: Algorithm की घुसपैठ

खतरा सिर्फ बाहर से नहीं है। अब algorithm न्यूजरूम के अंदर भी अपनी जगह बना चुका है।

Nieman Lab की 2026 predictions रिपोर्ट में कहा गया है कि AI अब सिर्फ एक टूल नहीं, बल्कि newsroom की “editorial infrastructure” बनती जा रही है। Harvard Innovation Labs के Nikita Roy के मुताबिक, न्यूजरूम्स को खुद को सिर्फ article बनाने वाली फैक्ट्री नहीं, बल्कि “AI-native knowledge engines” में बदलना होगा।

वहीं, Maryland University के Professor Daniel Trielli ने 2026 में चेतावनी दी कि पत्रकारिता धीरे-धीरे इंसानों के बजाय AI systems के हिसाब से तैयार की जा रही है। उन्होंने इसे ‘agentic journalism’ कहा है। इसका मतलब है कि editorial control कम होता जाएगा और algorithm पर निर्भरता बढ़ती जाएगी।

Nieman Lab के Parker Molloy ने दिसंबर 2025 में लिखा था, “जो आने वाला है, वह धीरे-धीरे आत्मसमर्पण जैसा होगा। पत्रकार ऐसे systems का इस्तेमाल करने लगेंगे, जिन पर वे बिना सोचे भरोसा करेंगे।” यानी कई editors को शायद यह एहसास भी न हो कि वे algorithm के हिसाब से काम करने लगे हैं।

Global South यानी विकासशील देशों के publishers की स्थिति और ज्यादा मुश्किल होती जा रही है। International Fund for Public Media (IFPM) की director Irene Jay Liu ने JournalismAI Festival 2025 में बताया कि Brazil, South Africa और Indonesia के बड़े publishers ने पिछले एक साल में 50 से 60% तक traffic खो दिया।

एडिटोरियल स्वतंत्रता बनाम प्लेटफॉर्म पर निर्भरता

यह बहस अब सिर्फ सिद्धांत तक सीमित नहीं रही। Frontiers in Communication में 2025 में प्रकाशित एक शोध, जो इंडोनेशिया के स्थानीय न्यूजरूम्स पर आधारित था, बताता है कि algorithm आधारित कमाई का मॉडल, audience engagement के आधार पर मिलने वाली visibility और platforms पर बढ़ती निर्भरता, लंबी और गंभीर पत्रकारिता को धीरे-धीरे किनारे कर रही है।

यानी जब पत्रकारिता पूरी तरह platform के logic पर चलने लगती है, तब investigative journalism आर्थिक रूप से टिक पाना मुश्किल हो जाता है।

Columbia Journalism Review ने अक्टूबर 2025 की अपनी analysis में इसे आसान शब्दों में समझाया। रिपोर्ट के मुताबिक, टेक प्लेटफॉर्म्स लंबे समय से मीडिया कंपनियों के साथ दोहरा व्यवहार करते रहे हैं — पहले वे publishers को ज्यादा reach का लालच देते हैं और फिर अचानक उनका traffic कम कर देते हैं।

Reuters Institute की 2025 रिपोर्ट में भी पाठकों ने साफ कहा कि वे चाहते हैं पत्रकार अपना समय ताकतवर लोगों की जांच-पड़ताल और गहराई वाली रिपोर्टिंग में लगाएं, न कि सिर्फ clicks पाने के लिए algorithm के पीछे भागें। यानी audience अब भी गंभीर और असली पत्रकारिता चाहती है, लेकिन algorithm अक्सर ऐसी पत्रकारिता को पीछे धकेल देता है।

क्या कोई रास्ता है?

Reuters Institute की जनवरी 2026 रिपोर्ट में 280 मीडिया लीडर्स ने इस संकट से निकलने के कुछ रास्ते सुझाए हैं। अब publishers तेजी से newsletters, podcasts और direct audience connection पर ध्यान दे रहे हैं, ताकि platforms पर उनकी निर्भरता कम हो सके।

ऑस्ट्रेलिया की मीडिया कंपनी Nine की Senior Audience Editor Sophia Phan का कहना है कि search से आने वाला traffic लगातार घट रहा है, इसलिए अब readers से सीधे जुड़ने के बेहतर तरीके तलाशने होंगे।

इसी वजह से paywall का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। 2026 में ज्यादातर quality publishers अपना content paywall के पीछे रख रहे हैं। Substack अप्रैल 2025 में 42.5% year-over-year growth के साथ अमेरिका की top 19 news websites में शामिल हो गया।

हालांकि, यह रास्ता हर publisher के लिए आसान नहीं है। जिन मीडिया संस्थानों के पास मजबूत brand trust है, वही इस मॉडल में टिक पा रहे हैं। छोटे और स्थानीय न्यूजरूम्स के लिए स्थिति ज्यादा गंभीर है। Chartbeat के 2026 डेटा के मुताबिक, 1,000 से 10,000 daily pageviews वाले छोटे publishers ने दो साल में search traffic में 60% तक की गिरावट झेली है।

गेटकीपर बदल गया है

एक समय था जब यह तय करने की ताकत editors के पास होती थी कि लोगों तक कौन-सी खबर पहुंचेगी। बाद में यह ताकत मीडिया मालिकों के हाथ में चली गई। लेकिन आज यह शक्ति algorithms के पास है — Google, Meta और TikTok जैसे platforms के algorithms के पास।

फर्क सिर्फ इतना नहीं है कि ताकत बदल गई है, बल्कि यह भी है कि पहले editor से सवाल किया जा सकता था। Media owners को अदालत तक ले जाया जा सकता था। लेकिन algorithm न जवाब देता है, न यह बताता है कि उसने क्या और क्यों चुना। उसका मकसद सिर्फ एक होता है- ज्यादा engagement, ज्यादा retention और ज्यादा revenue।

इस दौड़ में सबसे ज्यादा नुकसान उस पत्रकारिता का होता है जो सच सामने लाती है, ताकतवर लोगों से सवाल पूछती है और असुविधाजनक मुद्दों को उठाती है।

Reuters Institute के 2026 forecast की एक लाइन इस पूरे संकट को साफ शब्दों में बताती है। रिपोर्ट के मुताबिक, मीडिया संस्थान अब सिर्फ खबरें नहीं बना रहे, बल्कि अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं — उन platforms के खिलाफ, जिन्होंने खबरों को एक product और journalists को सिर्फ content creators बनाकर छोड़ दिया है।

अब असली सवाल यह नहीं है कि algorithm पत्रकारिता को बदल रहा है या नहीं। असली सवाल यह है कि क्या पत्रकारिता में अब भी इतनी ताकत बची है कि वह algorithm के दबाव के खिलाफ खड़ी रह सके।

 

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S4M 40 अंडर 40: मुख्य अतिथि होंगी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

'समाचार4मीडिया 40 अंडर 40' सम्मान समारोह में युवा पत्रकारों को करेंगी संबोधित, 28 जुलाई को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में होगा आयोजन

Samachar4media Bureau by
Published - Saturday, 18 July, 2026
Last Modified:
Saturday, 18 July, 2026
Rekha Gupta

एक्सचेंज4मीडिया समूह की हिंदी वेबसाइट 'समाचार4मीडिया' की ओर से आयोजित प्रतिष्ठित सम्मान समारोह 'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40' में इस वर्ष दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी। इस अवसर पर वह देशभर से चयनित युवा पत्रकारों को सम्मानित करेंगी और युवा पत्रकारों को संबोधित भी करेंगी।

यह प्रतिष्ठित आयोजन 28 जुलाई को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं।

'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40' देश के उन युवा पत्रकारों को सम्मानित करने का प्रमुख मंच है, जिन्होंने अपनी मेहनत, प्रतिभा और उत्कृष्ट कार्य के दम पर पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाई है। इस अवसर पर देशभर से चयनित 40 प्रतिभाशाली युवा पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।

रेखा गुप्ता वर्तमान में दिल्ली की 9वीं मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने 20 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह दिल्ली विधानसभा की शालीमार बाग सीट से विधायक हैं। रेखा गुप्ता ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) की महासचिव तथा अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली नगर निगम (MCD) में सक्रिय भूमिका निभाई और लगातार तीन बार पार्षद चुनी गईं। तीन दशक से अधिक लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने संगठन, जनसेवा, महिला सशक्तिकरण और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है।

युवा पत्रकारों के लिए खास मंच

'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40' ऐसा मंच है, जो 40 वर्ष से कम उम्र के उन पत्रकारों को पहचान और सम्मान देता है, जिन्होंने अपने काम से मीडिया जगत में नई मिसाल कायम की है। यह मंच युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें देश के वरिष्ठ मीडिया पेशेवरों, नीति-निर्माताओं और सार्वजनिक जीवन के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों से सीखने और संवाद का अवसर भी प्रदान करता है।

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

अगर आप भी इस प्रतिष्ठित आयोजन का हिस्सा बनना चाहते हैं या इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

https://e4mevents.com/hindi-patrakarita-40-under-40-2024/delegate-registration

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PhysicsWallah ने Sarrthi IAS पर बढ़ाई पकड़, 51% हिस्सेदारी हासिल

एडटेक कंपनी PhysicsWallah (PW) ने UPSC और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाले संस्थान Sarrthi IAS में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है।

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Published - Saturday, 18 July, 2026
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Saturday, 18 July, 2026
PhysicsWala122

एडटेक कंपनी PhysicsWallah (PW) ने UPSC और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाले संस्थान Sarrthi IAS में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है। कंपनी ने करीब 71.81 करोड़ रुपये नकद भुगतान कर Sarrthi IAS में अतिरिक्त 11 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। इस सौदे के बाद PhysicsWallah की हिस्सेदारी 40 फीसदी से बढ़कर 51 फीसदी हो गई है और अब Sarrthi IAS, PhysicsWallah की सहायक (सब्सिडियरी) कंपनी बन गई है।

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 16 जुलाई 2026 को इस अधिग्रहण के दूसरे चरण (Tranche II) को मंजूरी दी। इसके साथ ही दोनों कंपनियों के बीच हुए शेयर खरीद समझौते (Share Purchase Agreement) में जरूरी संशोधन भी किए गए।

PhysicsWallah का कहना है कि इस निवेश का उद्देश्य UPSC और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी वाले सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करना है। Sarrthi IAS ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग तथा टेस्ट प्रिपरेशन सेवाएं देता है। कंपनी की स्थापना 20 जून 2023 को हुई थी।

कंपनी ने बताया कि यह सौदा पूरी तरह स्वतंत्र मूल्यांकन (Independent Valuation) के आधार पर किया गया है और यह किसी भी तरह का रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन नहीं है।

Sarrthi IAS की वित्तीय स्थिति

पिछले तीन वर्षों में Sarrthi IAS ने तेजी से कारोबार बढ़ाया है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का टर्नओवर 1.04 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 28.46 करोड़ रुपये और 2025-26 में 76.52 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

कंपनी के अनुसार, Sarrthi IAS की पेड-अप शेयर कैपिटल 1 लाख रुपये, नेटवर्थ करीब 33.96 करोड़ रुपये और वार्षिक टर्नओवर 76.51 करोड़ रुपये है।

इस चरण में PhysicsWallah ने 1,100 इक्विटी शेयर खरीदे हैं। यह एक बड़े अधिग्रहण समझौते का दूसरा चरण है। योजना के तहत PhysicsWallah वित्त वर्ष 2031 तक छह चरणों में Sarrthi IAS की 85 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करना चाहता है।

कंपनी ने बताया कि आगे होने वाले बाकी चरणों में हिस्सेदारी की कीमत और मूल्यांकन पहले से तय EBITDA आधारित व्यवस्था के अनुसार तय किए जाएंगे।

इस अधिग्रहण के साथ PhysicsWallah ने साफ संकेत दिया है कि वह केवल स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि UPSC और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के क्षेत्र में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है।

 

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DB Corp ने किया ₹5 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान, बदला रजिस्टर्ड ऑफिस का पता

मीडिया कंपनी डीबी कॉर्प (DB Corp) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने शेयरधारकों को ₹5 प्रति इक्विटी शेयर अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का ऐलान किया है।

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Published - Saturday, 18 July, 2026
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Saturday, 18 July, 2026
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मीडिया कंपनी डीबी कॉर्प (DB Corp) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने शेयरधारकों को ₹5 प्रति इक्विटी शेयर अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का ऐलान किया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 16 जुलाई 2026 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसी बैठक में 30 जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही (Q1 FY27) के गैर-ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को भी मंजूरी दी गई।

कंपनी ने बताया कि यह डिविडेंड ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 50 फीसदी की दर से दिया जाएगा। हालांकि, भुगतान लागू कर नियमों के अनुसार टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) काटने के बाद किया जाएगा।

डिविडेंड पाने के पात्र शेयरधारकों की पहचान के लिए कंपनी ने 23 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। जिन निवेशकों के नाम इस तारीख तक कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें अंतरिम डिविडेंड का लाभ मिलेगा। कंपनी ने कहा है कि डिविडेंड का भुगतान 14 अगस्त 2026 तक या उससे पहले कर दिया जाएगा।

इसके अलावा, बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड गैर-ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को भी मंजूरी दी। इन नतीजों के साथ लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट भी नियामकीय फाइलिंग में शामिल की गई है।

DB Corp ने अपनी 30वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) बुलाने की भी घोषणा की है। यह बैठक 2 सितंबर 2026 को सुबह 11:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी।

कंपनी ने अपने रजिस्टर्ड ऑफिस का पता बदलने की भी जानकारी दी है। नया कार्यालय 1 अगस्त 2026 से अहमदाबाद में सेकेंड फ्लोर, द मंगलदीप कैपिटल, गुलाब रेजिडेंसी के सामने, CIMS हॉस्पिटल क्रॉस रोड, साइंस सिटी रोड, सोला, अहमदाबाद-380060, गुजरात में होगा। इससे पहले कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस सरखेज-गांधीनगर हाईवे, मकरबा, अहमदाबाद में स्थित था।

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LinkedIn पर AI का बढ़ता असर, 40% से ज्यादा लंबे पोस्ट पूरी तरह AI से लिखे गए: रिपोर्ट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ लोगों की लिखी हुई पोस्ट को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कई मामलों में पूरी पोस्ट खुद ही तैयार कर रहा है।

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Published - Saturday, 18 July, 2026
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Saturday, 18 July, 2026
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ लोगों की लिखी हुई पोस्ट को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कई मामलों में पूरी पोस्ट खुद ही तैयार कर रहा है। एक नई स्टडी में सामने आया है कि प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म LinkedIn पर 40 फीसदी से ज्यादा लंबे पोस्ट पूरी तरह AI की मदद से लिखे जा रहे हैं।

AI डिटेक्शन स्टार्टअप Pangram की रिसर्च के मुताबिक, जिन प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का विश्लेषण किया गया, उनमें LinkedIn सबसे ज्यादा AI-जनित कंटेंट वाला प्लेटफॉर्म बनकर सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, LinkedIn पर 40 प्रतिशत से अधिक लंबे पोस्ट पूरी तरह AI द्वारा तैयार किए गए थे।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि Pangram की स्टडी में पहचाने गए सभी AI-जनित पोस्ट में से करीब दो-तिहाई सिर्फ LinkedIn से थे। इससे साफ है कि प्रोफेशनल कंटेंट तैयार करने के लिए लोग तेजी से AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

हालांकि AI का उपयोग सिर्फ LinkedIn तक सीमित नहीं है। स्टडी के मुताबिक, सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर स्कैन किए गए पोस्ट में औसतन 13.8 फीसदी कंटेंट AI द्वारा तैयार किया गया था।

रिसर्च में यह भी सामने आया कि लंबे पोस्ट में AI का इस्तेमाल कहीं ज्यादा हो रहा है। Pangram के अनुसार, 250 शब्दों से अधिक वाले हर चार पोस्ट में से एक पोस्ट पूरी तरह AI से लिखा गया था। सभी प्लेटफॉर्म्स को मिलाकर ऐसे पोस्ट का प्रतिशत 25.72 फीसदी रहा।

LinkedIn के अलावा X (पूर्व में Twitter) पर भी AI की अच्छी-खासी मौजूदगी देखी गई। रिपोर्ट के अनुसार, X पर प्रकाशित लगभग आधे लंबे लेखों में AI द्वारा तैयार किया गया टेक्स्ट शामिल था।

Pangram ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जिन पांच प्लेटफॉर्म्स का अध्ययन किया गया, उनमें से चार पर लंबे पोस्ट छोटे पोस्ट की तुलना में कहीं ज्यादा AI से लिखे गए पाए गए। इससे संकेत मिलता है कि लोग विस्तृत लेख, थॉट लीडरशिप कंटेंट और प्रोफेशनल कमेंट्री तैयार करने के लिए AI टूल्स का तेजी से सहारा ले रहे हैं।

रिपोर्ट का कहना है कि जनरेटिव AI ऑनलाइन कम्युनिकेशन के तरीके को तेजी से बदल रहा है, खासकर उन प्लेटफॉर्म्स पर जहां उपयोगकर्ताओं से अच्छी, प्रभावशाली और प्रोफेशनल सामग्री प्रकाशित करने की उम्मीद की जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे AI राइटिंग टूल्स का इस्तेमाल बढ़ेगा, वैसे-वैसे इंसानों द्वारा लिखे गए कंटेंट और AI से तैयार कंटेंट के बीच अंतर करना पाठकों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनता जाएगा।

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Truecaller अमेरिकी कंपनी TextPlus का करेगी अधिग्रहण, 1.5 करोड़ डॉलर में हुई डील

कॉलर आईडी और स्पैम कॉल पहचानने वाली कंपनी Truecaller AB ने अमेरिका की कम्युनिकेशन सॉफ्टवेयर कंपनी TextPlus Inc का 100 फीसदी अधिग्रहण करने का समझौता किया है।

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Published - Saturday, 18 July, 2026
Last Modified:
Saturday, 18 July, 2026
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कॉलर आईडी और स्पैम कॉल पहचानने वाली कंपनी Truecaller AB ने अमेरिका की कम्युनिकेशन सॉफ्टवेयर कंपनी TextPlus Inc का 100 फीसदी अधिग्रहण करने का समझौता किया है। यह डील 1.5 करोड़ डॉलर (15 मिलियन डॉलर) में होगी और इसके जरिए ट्रूकॉलर अमेरिका में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करना चाहता है। कंपनी ने बताया कि यह अधिग्रहण 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) में पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए जरूरी नियामकीय मंजूरियां और अन्य औपचारिक शर्तें पूरी होना बाकी हैं।

कंपनी के मुताबिक, इस अधिग्रहण से ट्रूकॉलर केवल कॉलर आईडी और स्पैम सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह एक व्यापक कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। TextPlus की मदद से ट्रूकॉलर अपने यूजर्स को सेकेंड नंबर (Second Number) और इंटरनेट आधारित कॉलिंग (VoIP) जैसी नई सुविधाएं भी उपलब्ध करा सकेगा।

ट्रूकॉलर का कहना है कि अमेरिका में TextPlus की पहले से अच्छी मौजूदगी है, जिसका फायदा कंपनी को अपने कारोबार के विस्तार में मिलेगा। साथ ही दोनों कंपनियां अपने-अपने प्लेटफॉर्म की तकनीक और अनुभव साझा कर सकेंगी। इससे नए बाजारों में विस्तार करने, यूजर बेस बढ़ाने और बिजनेस ग्राहकों के लिए नए नंबर आधारित समाधान पेश करने में भी मदद मिलेगी।

TextPlus क्लाउड आधारित वॉयस कॉलिंग, मैसेजिंग और कनेक्टिविटी सेवाएं उपलब्ध कराती है। मई 2026 तक के पिछले 12 महीनों में कंपनी का एडजस्टेड नेट रेवेन्यू 5.2 मिलियन डॉलर रहा। वर्ष 2023 के बाद से कंपनी ने करीब 45 फीसदी की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की है। वर्तमान में TextPlus के पास करीब 15 लाख मासिक सक्रिय (Monthly Active) यूजर्स हैं और कंपनी में 14 कर्मचारी कार्यरत हैं।

इस अधिग्रहण पर ट्रूकॉलर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ऋषित झुनझुनवाला ने कहा कि TextPlus का विजन ट्रूकॉलर के मिशन से मेल खाता है, जो लोगों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद संचार उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि TextPlus की मजबूत तकनीक, अनुशासित कारोबारी मॉडल और उसकी टीम इस सौदे की सबसे बड़ी ताकत हैं।

वहीं, TextPlus के संस्थापक और CEO स्कॉट लाहमैन ने कहा कि दोनों कंपनियों का उद्देश्य सुरक्षित और विश्वसनीय संचार उपलब्ध कराना है, इसलिए यह साझेदारी दोनों के लिए स्वाभाविक कदम है।

ट्रूकॉलर ने बताया कि इस अधिग्रहण के लिए आवश्यक राशि कंपनी अपने आंतरिक फंड से उपलब्ध कराएगी। इस सौदे में DNB Carnegie Investment Bank वित्तीय सलाहकार, Squire Patton Boggs (US) LLP कानूनी सलाहकार और KPMG वित्तीय एवं कर (टैक्स) ड्यू डिलिजेंस सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं TextPlus की ओर से The Raine Group वित्तीय सलाहकार और Gunderson Dettmer कानूनी सलाहकार के रूप में काम कर रहे हैं।

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S4M 40 अंडर 40: प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल होंगे INS के पूर्व अध्यक्ष राकेश शर्मा

'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40' में इस बार इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ मीडिया प्रोफेशनल राकेश शर्मा प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल होंगे।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 17 July, 2026
Last Modified:
Friday, 17 July, 2026
RakeshSharma874

मीडिया जगत के प्रतिष्ठित कार्यक्रम 'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40' में इस बार इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी (INS) के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ मीडिया प्रोफेशनल राकेश शर्मा प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर वह युवा पत्रकारों को संबोधित करेंगे और पत्रकारिता, मीडिया नेतृत्व तथा बदलते मीडिया परिदृश्य से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगे।

एक्सचेंज4मीडिया समूह की हिंदी वेबसाइट समाचार4मीडिया की ओर से आयोजित यह प्रतिष्ठित सम्मान समारोह 28 जुलाई को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में आयोजित होगा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं।

'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40' देश के उन युवा पत्रकारों को सम्मानित करने का प्रमुख मंच है, जिन्होंने अपनी मेहनत, प्रतिभा और उत्कृष्ट कार्य के दम पर पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाई है। इस अवसर पर देशभर से चयनित 40 प्रतिभाशाली युवा पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।

इस वर्ष समारोह का प्रमुख आकर्षण राकेश शर्मा का विशेष संबोधन होगा। मीडिया इंडस्ट्री में करीब 50 वर्षों का अनुभव रखने वाले राकेश शर्मा युवा पत्रकारों के साथ अपने लंबे पेशेवर सफर और मीडिया इंडस्ट्री के बदलते स्वरूप पर अपने विचार साझा करेंगे। वह पत्रकारिता की विश्वसनीयता, नेतृत्व, प्रिंट मीडिया की चुनौतियों, डिजिटल दौर में अवसरों और प्रोफेशनल ग्रोथ जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। उनका संबोधन युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणादायक होने के साथ-साथ उनके करियर को नई दिशा देने वाला भी होगा।

राकेश शर्मा भारतीय मीडिया इंडस्ट्री का एक जाना-पहचाना नाम हैं। हाल ही में उन्होंने इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी (INS) के अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। वह ITV Network और Good Morning India Media Pvt. Ltd. में डायरेक्टर भी रह चुके हैं। 

राकेश शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत The Times of India से की, जहां उन्होंने करीब दस वर्षों तक काम किया। इसके बाद उन्होंने Hindustan Times में लंबे समय तक विभिन्न वरिष्ठ जिम्मेदारियां संभालीं। इसी दौरान उन्होंने चंडीगढ़ से Hindustan Times के संस्करण की लॉन्चिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उत्तर भारत के कई एडिशनों का संचालन किया। पिछले करीब 15 वर्षों से वह ITV Network और Good Morning India Media Pvt. Ltd. से जुड़े हुए हैं।

युवा पत्रकारों के लिए खास मंच

'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40' ऐसा मंच है, जो 40 वर्ष से कम उम्र के उन पत्रकारों को पहचान और सम्मान देता है, जिन्होंने अपने काम से मीडिया जगत में नई मिसाल कायम की है। यह मंच युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें देश के वरिष्ठ मीडिया पेशेवरों से सीखने और संवाद का अवसर भी प्रदान करता है।

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

अगर आप भी इस प्रतिष्ठित आयोजन का हिस्सा बनना चाहते हैं या इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:

https://e4mevents.com/hindi-patrakarita-40-under-40-2024/delegate-registration

 

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SAB Events के प्रमोटर का री-क्लासिफिकेशन आवेदन BSE व NSE ने किया खारिज

कंपनी ने 15 नवंबर 2025 को मार्कंड नवनीतलाल अधिकारी के री-क्लासिफिकेशन के लिए दोनों स्टॉक एक्सचेंज में आवेदन किया था। अब 16 जुलाई 2026 को BSE और NSE ने इस आवेदन को अस्वीकार कर दिया है

Vikas Saxena by
Published - Friday, 17 July, 2026
Last Modified:
Friday, 17 July, 2026
SAB Events Governance Now Media 8754

SAB Events & Governance Now Media Limited के प्रमोटर मार्कंड नवनीतलाल अधिकारी को 'प्रमोटर' कैटेगरी से 'पब्लिक' कैटेगरी में री-क्लासिफाई (पुनर्वर्गीकृत) करने का आवेदन बॉम्बे स्टॉक एकसचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने खारिज कर दिया है।

कंपनी ने बताया कि उसने 15 नवंबर 2025 को मार्कंड नवनीतलाल अधिकारी के री-क्लासिफिकेशन के लिए दोनों स्टॉक एक्सचेंजों में आवेदन किया था। अब 16 जुलाई 2026 को BSE और NSE ने इस आवेदन को अस्वीकार करने की जानकारी दी है।

स्टॉक एक्सचेंज ने अपने पत्र में कहा है कि सेबी (SEBI) के लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशन के तहत, री-क्लासिफिकेशन चाहने वाले प्रमोटर और उनसे जुड़े लोगों का कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) में प्रतिनिधित्व नहीं होना चाहिए। साथ ही वे कंपनी में की मैनेजेरियल पर्सनल (KMP) की भूमिका में भी नहीं होने चाहिए।

 BSE और NSE ने बताया कि मार्कंड नवनीतलाल अधिकारी के बेटे कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और कंपनी के बोर्ड में भी शामिल हैं। ऐसे में यह व्यवस्था सेबी के नियमों के अनुरूप नहीं है। इसी कारण उनके री-क्लासिफिकेशन के आवेदन पर विचार नहीं किया जा सका और उसे खारिज कर दिया गया। 

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‘विस्तार न्यूज’ में श्वेता राय का प्रमोशन, अब बनीं एग्जिक्यूटिव एडिटर

श्वेता राय ने करीब तीन साल पहले ‘भारत 24’ को बाय बोलकर ‘विस्तार न्यूज’ जॉइन किया था। वह इस चैनल की फाउंडिंग टीम मेंबर हैं।

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Published - Thursday, 16 July, 2026
Last Modified:
Thursday, 16 July, 2026
Shweta Rai

मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के प्रमुख न्यूज चैनल 'विस्तार न्यूज' (Vistaar News) ने टीवी पत्रकार श्वेता राय को प्रमोशन का तोहफा देते हुए एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर नियुक्त किया है। श्वेता राय ने करीब तीन साल पहले ‘भारत 24’ को बाय बोलकर ‘विस्तार न्यूज’ जॉइन किया था। वह इस चैनल की फाउंडिंग टीम मेंबर हैं। ‘भारत 24’ से पहले वह ‘एबीपी न्यूज’ में बतौर प्रोड्यूसर कार्यरत थीं।

‘एबीपी न्यूज’ में अपने करीब सात साल के सफर में श्वेता ने 'भारत की बात', 'ऑटो राजा', 'दिल्ली का बॉस कौन' और 'जनता जिंदाबाद' जैसे सफल शो बनाए। इसके बाद उन्होंने रुबिका लियाकत के साथ ‘भारत 24’ चैनल में नई पारी की शुरुआत की।

‘भारत 24’ के बाद श्वेता राय ‘विस्तार न्यूज’ के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहीं। शुरुआत से ही श्वेता राय ने ‘विस्तार न्यूज’ के आउटपुट सेक्शन को लीड किया है। श्वेता राय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर काफी सक्रिय रहती हैं। समसामयिक घटनाओं पर उनके पोस्ट देशभर में शेयर किए जाते हैं।

समाचार4मीडिया की ओर से श्वेता राय को उनके प्रमोशन पर ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं। 

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गौरव पांडे बने ''Creamline Dairy Products'' के नए सीईओ

गोदरेज एग्रोवेट (Godrej Agrovet) ने गौरव पांडे (Gaurav Pande) को Creamline Dairy Products Limited का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है।

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Published - Thursday, 16 July, 2026
Last Modified:
Thursday, 16 July, 2026
gauravpandey

एग्री-बिजनेस कंपनी गोदरेज एग्रोवेट (Godrej Agrovet) ने गौरव पांडे (Gaurav Pande) को क्रीमलाइन डेयरी प्रोडक्ट्स लिमिटेड (Creamline Dairy Products Limited) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer-CEO) नियुक्त किया है। कंपनी के अनुसार, वह संगठन के अगले विकास चरण का नेतृत्व करेंगे और बाजार में नेतृत्व मजबूत करने, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन, नवाचार तथा प्रमुख बाजारों में ब्रांड विस्तार पर विशेष ध्यान देंगे।

नई जिम्मेदारी संभालने पर गौरव पांडे (Gaurav Pande) ने कहा कि ऐसे समय में क्रीमलाइन डेयरी प्रोडक्ट्स (Creamline Dairy Products Limited) से जुड़ना उनके लिए सम्मान की बात है, जब भारत का डेयरी क्षेत्र उपभोक्ताओं की बदलती पसंद, वैल्यू-एडेड उत्पादों की बढ़ती मांग और गुणवत्ता व पोषण पर बढ़ते फोकस के कारण तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है।

उन्होंने कहा कि गोदरेज जर्सी (Godrej Jersey) ब्रांड ने उपभोक्ताओं के बीच भरोसे की मजबूत नींव बनाई है। साथ ही कंपनी का एकीकृत डेयरी इकोसिस्टम (Integrated Dairy Ecosystem) उपभोक्ताओं के साथ-साथ डेयरी किसानों के जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।

गौरव पांडे (Gaurav Pande) ने कहा कि वह कंपनी की अनुभवी टीम के साथ मिलकर नवाचार को गति देने, उपभोक्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने, नए बाजारों में विस्तार करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप डेयरी कारोबार विकसित करने की दिशा में काम करेंगे, ताकि सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य का सृजन किया जा सके।

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GTPL Hathway के CFO सौरव बनर्जी होंगे रिटायर, 30 सितंबर को छोड़ेंगे पद

ब्रॉडबैंड और केबल टीवी सेवा देने वाली कंपनी GTPL Hathway Limited के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) सौरव बनर्जी 30 सितंबर 2026 को अपने पद से रिटायर हो जाएंगे।

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Published - Thursday, 16 July, 2026
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Thursday, 16 July, 2026
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ब्रॉडबैंड और केबल टीवी सेवा देने वाली कंपनी GTPL Hathway Limited के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) सौरव बनर्जी 30 सितंबर 2026 को अपने पद से रिटायर हो जाएंगे। 

GTPL Hathway ने 15 जुलाई 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को भेजी सूचना में बताया कि सौरव बनर्जी, जो कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (Chief Financial Officer) और प्रमुख प्रबंधकीय कर्मी (Key Managerial Personnel) हैं, सेवानिवृत्ति (Superannuation) की आयु पूरी करने के बाद 30 सितंबर 2026 को कारोबार समाप्त होने के साथ अपने पद से कार्यमुक्त हो जाएंगे।

सौरव बनर्जी ने नवंबर 2023 में GTPL Hathway के CFO के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले वह KEAN Construction में ग्रुप CFO के पद पर कार्यरत थे।

चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सौरव बनर्जी के पास 35 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने लग्जरी रिटेल, जेम्स एंड ज्वेलरी, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, मीडिया एवं एंटरटेनमेंट और फार्मा जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है।

वे अपने करियर में कई बड़ी कंपनियों में अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। इनमें GSK Pharmaceuticals, The Times of India Group, Gati Ltd, Rosy Blue India और Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनमें से Gati, Rosy Blue India और TBZ में भी उन्होंने CFO के रूप में काम किया।

सौरव बनर्जी को रणनीतिक योजना, फंड जुटाने, निवेशक संबंध (Investor Relations), जोखिम प्रबंधन, बोर्ड और ऑडिट समिति के साथ काम करने, वित्तीय नियंत्रण, कैश फ्लो मैनेजमेंट और बिजनेस विस्तार जैसे क्षेत्रों का व्यापक अनुभव है।

अपने पेशेवर विचारों में वह मानते हैं कि CFO की भूमिका केवल वित्त और अकाउंट्स तक सीमित नहीं होती, बल्कि संगठन के समग्र नेतृत्व और विकास में भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

फिलहाल GTPL Hathway ने उनके उत्तराधिकारी (Successor) के नाम की घोषणा नहीं की है। कंपनी से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में नए CFO की नियुक्ति को लेकर अलग से जानकारी साझा की जाएगी।

 

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