इस साझेदारी के तहत रूट मोबाइल (Route Mobile) अपने एंटरप्राइज ग्राहकों को ट्रूकॉलर (Truecaller) के बिजनेस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म तक पहुंच उपलब्ध कराएगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ट्रूकॉलर (Truecaller) ने अपने बिजनेस मैसेजिंग (Business Messaging) प्लेटफॉर्म की वैश्विक पहुंच मजबूत करने के लिए रूट मोबाइल (Route Mobile) के साथ रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) की है। रूट मोबाइल (Route Mobile), प्रॉक्सिमस ग्लोबल (Proximus Global) का हिस्सा है और दुनिया भर के एंटरप्राइज ग्राहकों को क्लाउड कम्युनिकेशन (Cloud Communications) और डिजिटल एंगेजमेंट (Digital Engagement) समाधान उपलब्ध कराता है।
इस साझेदारी के तहत रूट मोबाइल (Route Mobile) अपने एंटरप्राइज ग्राहकों को ट्रूकॉलर (Truecaller) के बिजनेस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म तक पहुंच उपलब्ध कराएगा। इसका उद्देश्य कंपनियों को सुरक्षित, सत्यापित और इंटरैक्टिव मैसेजिंग (Secure, Verified and Interactive Messaging) के माध्यम से बड़े पैमाने पर ग्राहकों से जुड़ने में मदद करना है, क्योंकि व्यवसाय तेजी से भरोसेमंद डिजिटल कम्युनिकेशन चैनलों की ओर बढ़ रहे हैं।
इस सहयोग के जरिए कंपनियां ट्रूकॉलर (Truecaller) के दुनिया भर में मौजूद 50 करोड़ से अधिक मासिक सक्रिय यूजर्स (Monthly Active Users) तक कॉन्टेक्स्चुअल (Contextual) और रिच मीडिया (Rich Media) संदेश पहुंचा सकेंगी। इन संदेशों में तस्वीरें, दस्तावेज और वीडियो भी शामिल किए जा सकेंगे, जिससे ग्राहकों के साथ अधिक प्रभावी संवाद स्थापित किया जा सकेगा।
बिजनेस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म (Business Messaging Platform) वन-वे (One-way) और टू-वे (Two-way) दोनों तरह के संचार को सपोर्ट करता है। इसकी प्रमुख सुविधाओं में सत्यापित बिजनेस पहचान (Verified Business Identities), क्लिकेबल लिंक (Clickable Links), स्मार्ट प्रायोरिटी नोटिफिकेशन (Smart Priority Notifications) और रीड रिसीट्स (Read Receipts) शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इन सुविधाओं से ग्राहकों की प्रतिक्रिया दर और एंगेजमेंट में सुधार होगा।
बजाज इलेक्ट्रिकल्स ने टाइनी सेनगुप्ता (Tiny Sengupta) को चीफ मार्केटिंग ऑफिसर नियुक्त किया है। वह बजाज (Bajaj) और मॉर्फी रिचर्ड्स ब्रांड्स की मार्केटिंग रणनीति का नेतृत्व करेंगी।
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बजाज इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (Bajaj Electricals Limited) ने टाइनी सेनगुप्ता (Tiny Sengupta) को चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (Chief Marketing Officer-CMO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 29 जून 2026 से प्रभावी हो गई है।
इस भूमिका में वह कंपनी के मार्केटिंग विभाग का नेतृत्व करेंगी और बजाज (Bajaj) तथा मॉर्फी रिचर्ड्स (Morphy Richards) ब्रांड्स के लिए इंटीग्रेटेड मार्केटिंग स्ट्रैटेजी (Integrated Marketing Strategy) और ब्रांड पोजिशनिंग (Brand Positioning) की जिम्मेदारी संभालेंगी।
टाइनी सेनगुप्ता (Tiny Sengupta) के पास हेल्थकेयर (Healthcare) और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर में 22 वर्षों से अधिक का मार्केटिंग अनुभव है। वह जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson), मैरिको (Marico), डाबर (Dabur), हेंकेल (Henkel) और जीएसके (GSK) जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुकी हैं।
बजाज इलेक्ट्रिकल्स (Bajaj Electricals) से जुड़ने से पहले टाइनी सेनगुप्ता (Tiny Sengupta) जॉनसन एंड जॉनसन इंडिया (Johnson & Johnson India) में कंट्री डायरेक्टर – विजन केयर (Country Director, Vision Care) के पद पर कार्यरत थीं।
बजाज इलेक्ट्रिकल्स (Bajaj Electricals) के चेयरमैन शेखर बजाज (Shekhar Bajaj) ने कहा कि कंपनी के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है और उन्हें नेतृत्व टीम में टाइनी सेनगुप्ता (Tiny Sengupta) का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि मार्केटिंग और ब्रांड निर्माण (Brand Building) में उनका अनुभव कंपनी की विकास यात्रा को गति देने और हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ (Managing Director & CEO) संजय सचदेवा (Sanjay Sachdeva) ने कहा कि टाइनी सेनगुप्ता (Tiny Sengupta) के नेतृत्व में कंपनी को भरोसा है कि बजाज (Bajaj) और मॉर्फी रिचर्ड्स (Morphy Richards) ब्रांड्स की ब्रांड इक्विटी (Brand Equity) और मजबूत होगी।
व्हाट्सएप (WhatsApp) के Username फीचर को लेकर भारत सरकार की आपत्तियों के बीच मेटा (Meta) ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने कहा कि फीचर अभी लाइव नहीं हुआ है।
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व्हाट्सएप (WhatsApp) के नए यूजरनेम फीचर (Username Feature) को लेकर भारत सरकार और मेटा (Meta) के बीच चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में केंद्र सरकार ने मेटा (Meta) को नोटिस भेजकर भारत में इस फीचर का रोलआउट फिलहाल रोकने और तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा था।
सरकार को आशंका है कि यूजरनेम फीचर (Username Feature) का गलत इस्तेमाल कर साइबर ठग (Cyber Criminals) किसी बैंक (Bank), सरकारी विभाग (Government Department) या मशहूर व्यक्ति की पहचान बनाकर लोगों से धोखाधड़ी कर सकते हैं।
अब इस पूरे विवाद पर मेटा (Meta) ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। कंपनी का कहना है कि व्हाट्सएप (WhatsApp) का यूजरनेम फीचर (Username Feature) अभी तक किसी भी यूजर के लिए लाइव (Live) नहीं किया गया है। फिलहाल केवल यूजरनेम रिजर्वेशन (Username Reservation) की प्रक्रिया शुरू हुई है और अंतिम रोलआउट (Rollout) से पहले कई सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।
मेटा (Meta) का दावा है कि इस फीचर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि फर्जी पहचान (Fake Identity) बनाना आसान नहीं होगा। कंपनी ने यह भी कहा कि सरकार की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और वह अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
मेटा (Meta) ने स्पष्ट किया कि व्हाट्सएप (WhatsApp) का यूजरनेम फीचर (Username Feature) अभी आम यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है। कंपनी के मुताबिक, फिलहाल केवल शुरुआती चरण में यूजरनेम रिजर्वेशन (Username Reservation) चल रही है। इसलिए सरकार को जिस तरह की साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) की आशंका है, उससे निपटने के लिए पहले से सुरक्षा उपाय तैयार किए गए हैं।
कंपनी के अनुसार, यूजरनेम फीचर (Username Feature) में कई सिक्योरिटी लेयर्स (Security Layers) जोड़ी गई हैं। बड़े नेताओं, सरकारी संस्थानों, ब्रांड्स (Brands) और मशहूर हस्तियों के नाम पहले से रिजर्व (Reserved) रहेंगे और कोई भी यूजर ऐसे यूजरनेम नहीं ले सकेगा। इसके अलावा, एक जैसे दिखने वाले या भ्रम पैदा करने वाले यूजरनेम (Usernames) की अतिरिक्त जांच की जाएगी।
बार-बार यूजरनेम गेस (Username Guess) या रिजर्व करने की कोशिश करने वाले अकाउंट्स (Accounts) को ब्लॉक किया जाएगा, जबकि संदिग्ध गतिविधियों पर एआई (Artificial Intelligence-AI) आधारित सिस्टम लगातार नजर रखेगा।
ज़ी एंटरटेनमेंट ने अगले पांच वर्षों के लिए बुंडेसलीगा (Bundesliga) के भारत प्रसारण और डिजिटल अधिकार हासिल किए हैं। मुकाबले ज़ी5 (ZEE5) और यूनाइट8 स्पोर्ट्स (Unite8 Sports) पर दिखाए जाएंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Ltd.-ZEEL) ने अपने स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो (Sports Portfolio) का विस्तार करते हुए जर्मन फुटबॉल लीग "बुंडेसलीगा (Bundesliga)" के भारत में अगले पांच वर्षों के लिए विशेष प्रसारण (Broadcast) और डिजिटल (Digital) अधिकार हासिल कर लिए हैं।
इस समझौते के तहत "2026-27 सीजन" से बुंडेसलीगा (Bundesliga) के सभी मुकाबले विशेष रूप से "ज़ी5 (ZEE5)" और "यूनाइट8 स्पोर्ट्स (Unite8 Sports)" पर प्रसारित किए जाएंगे। दर्शकों को लाइव मैचों के साथ हाइलाइट्स (Highlights), प्री-मैच (Pre-match), पोस्ट-मैच (Post-match) शो और अन्य विशेष कार्यक्रम भी देखने को मिलेंगे।
यह साझेदारी ज़ी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment) की वैश्विक खेलों में बढ़ती मौजूदगी का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे पहले कंपनी फीफा (FIFA) के साथ भी रणनीतिक साझेदारी कर चुकी है। बुंडेसलीगा (Bundesliga) के अधिकार मिलने से ज़ी5 (ZEE5) के सब्सक्राइबर्स को यूरोप की सबसे लोकप्रिय और प्रतिस्पर्धी फुटबॉल लीग का कंटेंट मिलेगा, जिससे प्लेटफॉर्म का स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो और मजबूत होगा।
यूनाइट8 स्पोर्ट्स (Unite8 Sports) के चीफ बिजनेस ऑफिसर (Chief Business Officer) भावेश जनावलेकर (Bavesh Janavlekar) ने कहा कि बुंडेसलीगा (Bundesliga) दुनिया की सबसे रोमांचक फुटबॉल लीगों में से एक है, जहां शानदार क्लब, युवा प्रतिभाएं और जबरदस्त फैन कल्चर देखने को मिलता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शकों को हैरी केन (Harry Kane), जमाल मुसियाला (Jamal Musiala), माइकल ओलिसे (Michael Olise) और जोशुआ किमिच (Joshua Kimmich) जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के मुकाबले देखने का अवसर मिलेगा।
बुंडेसलीगा मीडिया (Bundesliga Media) के चीफ कमर्शियल ऑफिसर (Chief Commercial Officer) पीयर नौबर्ट (Peer Naubert) ने कहा कि भारत उनके लिए केवल एक बाजार नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदारी का महत्वपूर्ण केंद्र है। उनका उद्देश्य केवल मैचों का प्रसारण नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल ढांचे को मजबूत करना और नई प्रतिभाओं को अवसर देना भी है। उन्होंने कहा कि ज़ी (Z) के व्यापक नेटवर्क और स्थानीय विशेषज्ञता से बुंडेसलीगा (Bundesliga) करोड़ों भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों तक पहुंचेगी।
बुंडेसलीगा (Bundesliga) पिछले कई वर्षों से भारत में युवा विकास कार्यक्रमों, क्लब एक्टिवेशन (Club Activation) और फैन एंगेजमेंट (Fan Engagement) अभियानों के जरिए अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। पिछले चार सीजनों में भारत में लीग के प्रशंसकों की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है, जो देश में फुटबॉल की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
ज़ी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment) ने सुदीप नागपुरकर (Sudeep Nagpurkar) को चीफ सेल्स ऑफिसर – सोशल प्लेटफॉर्म्स, क्रिएटर इकोनॉमी एंड पार्टनरशिप्स नियुक्त किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) ने सुदीप नागपुरकर (Sudeep Nagpurkar) को "चीफ सेल्स ऑफिसर – सोशल प्लेटफॉर्म्स, क्रिएटर इकोनॉमी एंड पार्टनरशिप्स (Chief Sales Officer – Social Platforms, Creator Economy & Partnerships)" नियुक्त किया है। वह नोएडा (Noida) से कार्य करेंगे और 'ज़ेड' (Z) में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर – एडवरटाइजमेंट रेवेन्यू (Chief Operating Officer – Advertisement Revenue) संदीप मेहरोत्रा (Sandeep Mehrotra) को रिपोर्ट करेंगे।
नियुक्ति पर संदीप मेहरोत्रा (Sandeep Mehrotra) ने कहा कि तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य में कंटेंट (Content), टेक्नोलॉजी (Technology) और कॉमर्स (Commerce) का मेल दर्शकों की भागीदारी और कमाई के नए अवसर पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य के लिए तैयार ऐसा रेवेन्यू इकोसिस्टम (Revenue Ecosystem) विकसित करना चाहती है, जो क्रिएटर इकोनॉमी (Creator Economy) और सोशल प्लेटफॉर्म्स (Social Platforms) से उभर रहे अवसरों का बेहतर लाभ उठा सके।
उन्होंने विश्वास जताया कि रणनीतिक साझेदारियां विकसित करने और मोनेटाइजेशन (Monetization) रणनीतियां बनाने में सुदीप का अनुभव कंपनी की डिजिटल क्षमताओं को और मजबूत करेगा। अपनी नियुक्ति पर सुदीप नागपुरकर (Sudeep Nagpurkar) ने कहा कि क्रिएटर इकोनॉमी (Creator Economy) और सोशल प्लेटफॉर्म्स (Social Platforms) दर्शकों के कंटेंट खोजने, देखने और उससे जुड़ने के तरीके को बदल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह ब्रांड्स के लिए उपभोक्ताओं से अधिक प्रामाणिक, प्रासंगिक और परिणाम-आधारित तरीके से जुड़ने का बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि वह क्रिएटर्स (Creators), प्लेटफॉर्म्स (Platforms), विज्ञापनदाताओं (Advertisers) और अन्य साझेदारों के साथ मिलकर नए मोनेटाइजेशन मॉडल विकसित करने, नए रेवेन्यू स्रोत तैयार करने और दीर्घकालिक मूल्य देने वाला इकोसिस्टम बनाने के लिए उत्साहित हैं।
सुदीप नागपुरकर (Sudeep Nagpurkar) के पास कंज्यूमर टेक्नोलॉजी (Consumer Technology), बी2बी सास (B2B SaaS), रिटेल (Retail) और एफएमसीजी (FMCG) जैसे क्षेत्रों में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इससे पहले वह गूगल इंडिया (Google India) में हेड ऑफ इंडस्ट्री – एफएमसीजी (Head of Industry – FMCG) के पद पर कार्यरत थे।
वॉट्सऐप जल्द यूजरनेम फीचर लाने जा रहा है, जिससे यूजर्स फोन नंबर साझा किए बिना एक-दूसरे से संपर्क कर सकेंगे। कंपनी ने फीचर की लॉन्च टाइमलाइन (Timeline) का खुलासा नहीं किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वॉट्सऐप (WhatsApp) ने अपने यूजर्स के लिए एक नए प्राइवेसी (Privacy) फीचर की घोषणा की है। कंपनी जल्द ऐसा फीचर लॉन्च करेगी, जिसके तहत यूजर्स फोन नंबर (Phone Number) की जगह यूजरनेम (Username) के जरिए एक-दूसरे से संपर्क कर सकेंगे। फीचर लॉन्च होने से पहले कंपनी ने यूजर्स को अपने पसंदीदा यूजरनेम रिजर्व (Reserve) करने की सुविधा भी शुरू कर दी है।
मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) के स्वामित्व वाले वॉट्सऐप ने अपने ब्लॉग पोस्ट में बताया कि आने वाले महीनों में यूजर्स यह विकल्प चुन सकेंगे कि दूसरे लोग उन्हें केवल उनके यूजरनेम (Username) के जरिए खोजें और संपर्क करें, न कि उनके फोन नंबर से। हालांकि कंपनी ने फीचर की लॉन्च टाइमलाइन (Timeline) का खुलासा नहीं किया है।
वॉट्सऐप की वाइस प्रेजिडेंट – प्रोडक्ट (Vice President – Product) एलिस न्यूटन-रेक्स (Alice Newton-Rex) ने कहा कि इस फीचर को प्राइवेसी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐप पर किसी तरह की यूजरनेम डायरेक्टरी (Username Directory) नहीं होगी और न ही टाइप करते समय यूजरनेम के सुझाव दिए जाएंगे। किसी यूजर से पहली बार संपर्क करने के लिए सामने वाले को उसका सही यूजरनेम पता होना जरूरी होगा।
फिलहाल वॉट्सऐप पर किसी व्यक्ति से संपर्क करने के लिए उसका फोन नंबर होना आवश्यक है। वर्तमान में ऐप केवल व्यक्तिगत यूजर्स को ब्लॉक (Block) करने और अनजान कॉलर्स (Unknown Callers) को साइलेंस (Silence) करने जैसे सीमित प्राइवेसी विकल्प देता है। प्रोफाइल नेम (Profile Name) जोड़ने की सुविधा भी है, लेकिन वह केवल ग्रुप चैट (Group Chat) में उन लोगों को दिखाई देता है जिनके पास संबंधित यूजर का नंबर सेव नहीं होता।
कंपनी के अनुसार, जिन कंपनियों, संगठनों और कंटेंट क्रिएटर्स (Creators) के इंस्टाग्राम (Instagram) और फेसबुक (Facebook) पर पहले से अकाउंट हैं, उन्हें वॉट्सऐप पर भी अपना यूजरनेम सुरक्षित करने का अवसर मिलेगा।
वॉट्सऐप ने बताया कि यूजरनेम (Username) की लंबाई 3 से 35 कैरेक्टर (Characters) के बीच होगी। साथ ही किसी तरह की फर्जी पहचान (Impersonation) रोकने के लिए कंपनी सेलिब्रिटी (Celebrities), सार्वजनिक हस्तियों (Public Figures) और सरकारी संस्थाओं (Government Entities) जैसे हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स के यूजरनेम अपने नियंत्रण में रखेगी।
वॉट्सऐप का दावा है कि दुनिया भर में उसके 3 अरब (3 Billion) से अधिक यूजर्स हैं। ऐसे में नया यूजरनेम फीचर प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी Jio Platforms Limited के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन इसी बीच एक अहम अपडेट सामने आया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी 'जियो प्लेटफॉर्म' (Jio Platforms Limited) के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन इसी बीच एक अहम अपडेट सामने आया है। बाजार नियामक संस्था SEBI ने कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पर कुछ अतिरिक्त जानकारी और स्पष्टीकरण (clarification) मांगे हैं।
यह जानकारी ऐसे समय आई है जब Jio Platforms ने हाल ही में 19 जून 2026 को अपना DRHP SEBI के पास दाखिल किया था। सूत्रों के मुताबिक, यह कदम रेगुलेटर की सामान्य समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका मतलब यह नहीं है कि IPO को खारिज कर दिया गया है।
क्या है IPO प्लान?
कंपनी की योजना है कि वह इस IPO के जरिए 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। इन शेयरों का फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर होगा। यह पूरा इश्यू फ्रेश इश्यू होगा, यानी इसमें किसी पुराने शेयरधारक की हिस्सेदारी नहीं बिकेगी, बल्कि कंपनी सीधे नई पूंजी जुटाएगी।
शेयरों की कीमत और इश्यू का साइज बुक बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए तय किया जाएगा।
SEBI की भूमिका क्या है?
SEBI IPO दस्तावेजों की जांच करता है ताकि निवेशकों को सही और पूरी जानकारी मिले। इसी प्रक्रिया के तहत उसने Jio Platforms से कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। यह एक सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है और अक्सर बड़े IPO में रेगुलेटर इस तरह के सवाल पूछता है ताकि दस्तावेजों में कोई कमी या अस्पष्टता न रहे।
आगे क्या होगा?
अब कंपनी को SEBI द्वारा मांगी गई जानकारी या स्पष्टीकरण देना होगा। इसके बाद ही IPO को आगे मंजूरी मिल सकती है। साथ ही, BSE और NSE से भी जरूरी मंजूरी मिलना बाकी है। मंजूरी के बाद कंपनी IPO का फाइनल प्राइस बैंड, तारीख और लिस्टिंग डिटेल्स जारी करेगी।
निखिल दुबे इससे पहले ‘एनडीटीवी’ में एग्जिक्यूटिव शो प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत थे, जहां से कुछ दिनों पूर्व उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ टीवी पत्रकार निखिल दुबे ने अब नई दिशा में कदम बढ़ाते हुए डिजिटल का रुख किया है। उन्होंने हाल ही में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ (हिंदी) की डिजिटल टीम में बतौर मल्टीमीडिया एडिटर जॉइन किया है।
निखिल दुबे इससे पहले ‘एनडीटीवी’ (NDTV) में कार्यरत थे। उन्होंने पिछले साल जून में यहां जॉइन किया था और एग्जिक्यूटिव शो प्रड्यूसर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे, जहां से पिछले दिनों उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
निखिल दुबे को तमाम चैनल्स के साथ काम करने का 22 साल से ज्यादा का अनुभव है। ‘एनडीटीवी’ से पहले निखिल दुबे हिंदी न्यूज चैनल ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) में बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर रात नौ बजे के प्राइम टाइम शो ‘Public Interest’ को लीड कर चुके हैं। निखिल दुबे की ‘एबीपी न्यूज’ के साथ यह चौथी पारी थी।
‘एबीपी न्यूज’ के साथ अपनी चौथी पारी शुरू करने से पहले निखिल दुबे ‘टीवी9’ में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। वह इस नेटवर्क के हिंदी न्यूज चैनल ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इस चैनल के साथ भी उनका संक्षिप्त कार्यकाल रहा था। वहीं, इससे पहले वह ‘इंडिया टीवी’ (India TV) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर कार्यरत थे।
‘इंडिया टीवी’ से पहले निखिल दुबे ‘टीवी टुडे नेटवर्क’ में कार्यरत थे। इससे पहले वह ‘जी न्यूज’ में एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ‘जी न्यूज’ से पहले वह ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) में एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर कार्यरत थे।
अन्य मीडिया संस्थानों की बात करें तो उन्होंने फरवरी 2019 में ‘न्यूज नेशन’ जॉइन किया था और मई में उसे अलविदा कह दिया था। वहीं ‘इंडिया न्यूज’ में वह नवंबर 2018 से जनवरी 2019 तक कार्यरत रहे।
‘इंडिया न्यूज’ से पहले निखिल दुबे ‘एबीपी न्यूज’ में एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने वहां 9 जुलाई 2016 को पदभार संभाला था। जब वहां के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर ने अचानक चैनल से इस्तीफा दिया था तो निखिल ने भी वहां से अपना इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले वह अप्रैल 2006 से अक्टूबर 2009 में एसोसिएट एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के तौर पर भी इस चैनल के साथ काम कर चुके हैं। तब इस चैनल का नाम ‘एबीपी न्यूज’ की जगह ‘स्टार न्यूज’ था।
निखिल दुबे ने 1995 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से एलएलबी करने के बाद 2002 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से मॉसकॉम किया और इसके बाद पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। मई 2003 में उन्होंने ‘सहारा समय’ से अपने करियर की शुरुआत की और नवंबर 2005 तक वह यहां रहे। ‘सहारा समय’ में अपने सफर में वह विशेष संवाददाता की भूमिका में थे। इसके बाद उन्होंने अप्रैल 2006 में ‘स्टार न्यूज’ के साथ अपने सफर को आगे बढ़ाया। वहां तीन साल सात महीने रहने के बाद उनके सफर का अगला पड़ाव ‘आजतक’ बना। नवंबर 2010 से नवंबर 2012 तक वह सीनियर प्रड्यूसर के तौर पर ‘आजतक’ को अपना योगदान देते रहे। इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक फ्रीलांस के तौर पर काम किया।
इसके बाद वह जुलाई 2013 में मुंबई में एंडेमॉल प्रॉडक्शन हाउस (Endemol production house) के साथ जुड़ गए और सितंबर 2013 तक बतौर स्क्रिप्ट राइटर काम किया। फिर वह एसोसिएट एडिटर बनकर ‘इंडिया टीवी’ आ गए। सितंबर 2013 से जनवरी 2014 तक वे यहां रहे। ‘इंडिया टीवी’ के बाद उन्होंने ‘न्यूज एक्सप्रेस’ में बतौर डिप्टी एग्जिक्यूटिव एडिटर काम किया और जनवरी से अगस्त 2014 तक रहे।
इसके बाद करीब तीन महीने तक वह ‘न्यूज24’ से जुड़े रहे और डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के तौर पर नवंबर 2014 तक का सफर तय किया। इसके बाद वह एसोसिएट एडिटर बनकर ‘जी न्यूज’ आ गए और जुलाई 2016 तक रहे। इसके बाद वह ‘टीवी टुडे नेटवर्क’, ‘इंडिया टीवी’ और ‘टीवी9’ होते हुए ‘एबीपी न्यूज’ पहुंचे थे और वहां अपनी पारी को विराम देने के बाद पिछले साल ‘एनडीटीवी’ के साथ नई पारी का आगाज किया था, जहां से पिछले दिनों इस्तीफा देने के बाद अब ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ (हिंदी) की डिजिटल टीम में जॉइन किया है।
आपको यह भी बता दें कि निखिल दुबे ने इंडिया टीवी में ‘तलाश’ नाम से शो बनाया था। वह एबीपी में ‘घंटी बजाओ’ और ‘वायरल सच’ शो में काम कर चुके हैं। इसके अलावा चार घंटे का मॉर्निंग शो ‘नमस्ते भारत’ प्रोड्यूस किया। जी न्यूज में रहते हुए उन्होंने क्रिकेट विश्वकप पर सात करोड़ रुपये की प्रॉडक्शन कास्ट का शो ‘World War’ प्रड्यूस किया। इसके अलावा भी वह तमाम जाने-माने शो प्रड्यूस कर चुके हैं।
समाचार4मीडिया की ओर से निखिल दुबे को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
'मेटा' की भारत एवं दक्षिण-पूर्व एशिया प्रमुख संध्या देवनाथन (Sandhya Devanathan) ने 'व्हाट्सऐप' के नए प्रमुख कुणाल शाह (Kunal Shah) का स्वागत करते हुए उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
'मेटा' (Meta) की भारत एवं दक्षिण-पूर्व एशिया प्रमुख (Vice President & Head – India and South East Asia) संध्या देवनाथन (Sandhya Devanathan) ने 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) के नए प्रमुख कुणाल शाह (Kunal Shah) का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कुणाल शाह ऐसे नेता हैं, जो लोगों का भरोसा जीतने वाले प्रोडक्ट तैयार करना अच्छी तरह जानते हैं।
हाल ही में कुणाल शाह (Kunal Shah) को 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह विल कैथकार्ट (Will Cathcart) की जगह लेंगे, जिन्होंने सात वर्षों तक इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का नेतृत्व करने के बाद पद छोड़ने का फैसला किया है।
लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा किए गए एक पोस्ट में संध्या देवनाथन (Sandhya Devanathan) ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में संस्थापक (Founder) और निवेशक (Investor) के रूप में कुणाल शाह (Kunal Shah) का लंबा अनुभव उन्हें इस भूमिका के लिए उपयुक्त बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों से व्हाट्सऐप (WhatsApp) को बेहतर बनाने को लेकर कुणाल के सुझावों को करीब से देखने का अवसर उन्हें मिला है।
संध्या देवनाथन (Sandhya Devanathan) ने कहा कि 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) आज दुनिया भर में 3 अरब से अधिक लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है और भारत में यह करोड़ों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण संचार माध्यम बन चुका है। उनके अनुसार, यह प्लेटफॉर्म परिवारों को जोड़ने, छोटे कारोबारों को ग्राहकों तक पहुंचाने और समुदायों को एक-दूसरे से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत में तकनीक के प्रभाव और डिजिटल इकोसिस्टम की गहरी समझ रखने वाले कुणाल शाह (Kunal Shah) के नेतृत्व में 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) की अगली विकास यात्रा को लेकर कंपनी उत्साहित है।
अपने पोस्ट में संध्या देवनाथन (Sandhya Devanathan) ने निवर्तमान प्रमुख विल कैथकार्ट (Will Cathcart) का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विल ने 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) को दुनिया के अरबों लोगों का भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र' (I4C) ने 'सीपैनल' और 'डब्ल्यूएचएम' में गंभीर सुरक्षा खामी को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एजेंसी ने संगठनों को तुरंत सिस्टम अपडेट करने की सलाह दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के तहत कार्यरत 'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र' (Indian Cyber Crime Coordination Centre-I4C) ने 'सीपैनल' (cPanel) और 'वेब होस्ट मैनेजर' (Web Host Manager-WHM) से जुड़ी गंभीर सुरक्षा खामी को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इस कमजोरी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी बिना पासवर्ड के सर्वर के एडमिन पैनल तक पहुंच सकते हैं।
'आई4सी' (I4C) के अनुसार, इस खामी का इस्तेमाल रैनसमवेयर (Ransomware), मालवेयर (Malware) हमलों और डेटा चोरी जैसी गंभीर साइबर घटनाओं के लिए किया जा सकता है। इससे बड़ी संख्या में वेबसाइट्स, ईमेल सेवाएं और सर्वर प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है।
'इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम' (Indian Computer Emergency Response Team-CERT-In) ने भी इस सुरक्षा खामी को लेकर चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने प्रभावित 'सीपैनल' (cPanel) और 'डब्ल्यूएचएम' (WHM) वर्जन को तुरंत अपडेट करने की सलाह दी है, ताकि संभावित साइबर हमलों से बचा जा सके।
'आई4सी' (I4C) ने सभी संगठनों को मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Multi-Factor Authentication-MFA) लागू करने, नियमित बैकअप रखने और एडमिन एक्सेस को सीमित करने की सलाह दी है। एजेंसी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था साइबर धोखाधड़ी या हमले का शिकार होती है, तो तुरंत हेल्पलाइन 1930 या 'साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन' (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं।
'सीपैनल' (cPanel) एक लोकप्रिय कंट्रोल पैनल सॉफ्टवेयर है, जिसकी मदद से वेबसाइट मालिक अपनी वेबसाइट, ईमेल, डेटाबेस, फाइल्स और डोमेन का प्रबंधन करते हैं। वहीं 'डब्ल्यूएचएम' (WHM) इसका एडमिन संस्करण है, जिसका उपयोग होस्टिंग कंपनियां और सर्वर एडमिन एक साथ कई वेबसाइटों और cPanel अकाउंट्स को मैनेज करने के लिए करते हैं।
‘अमृत उजाला’ के प्रधान संपादक एवं सीईओ डॉ. अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि प्रथम चरण में प्लेटफार्म की शुरुआत उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से सेंट्रल एवं ईस्टर्न यूपी पर केंद्रित रहेगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
बहुप्रतीक्षित डिजिटल न्यूज प्लेटफार्म ‘अमृत उजाला’ की न्यूज वेबसाइट, न्यूज ऐप एवं यूट्यूब न्यूज चैनल का शुभारंभ 24 जून को कानपुर में देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित के. ए. दुबे पद्मेश के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ।
इस अवसर पर पंडित पद्मेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मीडिया क्षेत्र के अनुभवी एवं प्रतिष्ठित लोगों द्वारा प्रारंभ किया गया यह अभिनव प्रयास निश्चित रूप से सफलता के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘अमृत उजाला’ प्रदेश के दूरस्थ गांवों एवं छोटे कस्बों तक की महत्वपूर्ण खबरों को आम जनमानस तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर ‘अमृत उजाला’ के प्रधान संपादक एवं सीईओ डॉ. अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य देश के सभी हिंदी भाषी राज्यों के प्रत्येक जिले, कस्बे एवं गांव की खबरों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में प्लेटफार्म की शुरुआत उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से सेंट्रल एवं ईस्टर्न यूपी पर केंद्रित रहेगी। उन्होंने बताया कि ‘अमृत उजाला’ का ध्येय वाक्य है-‘अब सच की रोशनी, हर जिले में।’
डॉ. सिंह ने बताया कि ‘अमृत उजाला’ के न्यूज ऐप को और अधिक उन्नत बनाया जा रहा है, जिसे पाठक गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि ‘अमृत उजाला’ का यूट्यूब न्यूज चैनल भी एक जुलाई से शुरू हो जाएगा।