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‘कोर्ट के स्टे के बाद भी MIB ने डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स को जारी किया नोटिस’
‘इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन’ ने अपनी वेबसाइट पर एक स्टेटमेंट में कही ये बात, ‘सूचना के अधिकार’ के तहत मंत्रालय से मिली जानकारी का दिया हवाला।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
मद्रास और बॉम्बे उच्च न्यायालयों द्वारा त्रिस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र (three-tier grievance redressal mechanism) और आचार संहिता (Code of Ethics) के पालन पर रोक लगाने के अंतरिम आदेशों के बीच ‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) द्वारा डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स को नोटिस जारी करने का मामला सामने आया है।
‘इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन’ (IFF) को ‘सूचना के अधिकार’ के तहत मिली जानकारी के अनुसार, इन दो नोटिसों में मंत्रालय ने डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स से नए आईटी नियमों (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) 2021 के तहत विवरण उपलब्ध कराने के लिए कहा था। मंत्रालय का यह भी कहना था कि न्यूज और ओटीटी प्लेटफार्म्स सहित 2,100 से अधिक पब्लिशर्स पहले ही अपना विवरण प्रस्तुत कर चुके हैं।
बता दें कि इन उच्च न्यायालयों द्वारा नए आईटी नियमों (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) 2021 के मामले में डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स को अंतरिम तौर पर आंशिक राहत दी गई है। दरअसल, उच्च न्यायालयों ने नए आईटी नियमों के प्रावधानों पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया है, जिसमें आचार संहिता भी शामिल है, जिसका डिजिटल न्यूज मीडिया और ऑनलाइन पब्लिशर्स द्वारा पालन किया जाना है।
बताया जाता है कि ‘आईएफएफ’ ने यह पता लगाने के लिए आरटीआई लगाई थी कि क्या एमआईबी ने वास्तव में इस तरह के नोटिस जारी किए थे और किन पब्लिशर्स को जारी किए थे। इस आरटीआई के जवाब में मंत्रालय ने 14 जनवरी को बताया कि पिछले साल 26 मई और नौ सितंबर को नोटिस जारी किए गए थे।
‘आईएफएफ’ का कहना है कि यह आश्चर्यजनक रहस्योद्घाटन था, क्योंकि दूसरा नोटिस नौ सितंबर 2021 को बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा आईटी नियम 2021 के कुछ उप-नियमों पर रोक के बाद जारी किया गया था, जिसमें डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स को रेगुलेट करने का एमआईबी को अधिकार दिया गया था।
‘आईएफएफ’ ने अपनी वेबसाइट पर एक स्टेटमेंट में कहा है, ‘एमआईबी ने यह भी बताया कि 2,100 से अधिक पब्लिशर्स (न्यूज मीडिया के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स) ने पहले ही एमआईबी को अपना विवरण प्रस्तुत कर दिया है। हालांकि, यह पूछे जाने पर कि इनमें से कितने पब्लिशर्स ने 14 अगस्त 2021 के बाद अपना विवरण प्रस्तुत किया, एमआईबी ने यह कहते हुए डाटा प्रदान करने से इनकार कर दिया कि यह जानकारी मौजूद नहीं है।’
आईटी नियम 2021 के नियम 18 के तहत, न्यूज और करेंट अफेयर्स कंटेंट और ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट के पब्लिशर्स को अपनी संस्थाओं के बारे में एमआईबी को सूचित करना और संबंधित जानकारी प्रस्तुत करना आवश्यक है। यह नियम आईटी नियमों द्वारा स्थापित 3-स्तरीय संरचना और आईटी नियमों में निहित आचार संहिता के अनुसार है। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट और मद्रास हाई कोर्ट ने इस त्रिस्तरीय संरचना और आचार संहिता के संचालन पर अंतरिम रोक लगा दी।
इस बारे में ‘आईएफएफ’ का कहना है, ‘हमें डिजिटल न्यूज मीडिया पब्लिशर्स द्वारा सूचित किया गया था कि एमआईबी ने उन्हें अपने बारे में जानकारी प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया है। इस पर हमने तीन जनवरी को इस बारे में सूचना के अधिकार के तरह आवेदन कर मंत्रालय से मामले के संबंध में जानकारी मांगी थी।’
गौरतलब है कि नए आईटी नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग कंपनियों को विवादास्पद विषयवस्तु तत्काल हटानी होगी, शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी और जांच में सहयोग देना होगा। नए नियमों में ऑनलाइन मीडिया पोर्टल और प्रकाशक, ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया मंचों के कामकाज पर नियमन के भी प्रावधान हैं।
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