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रेगुलेशन के बजाय आचार संहिता (Code of Conduct) की कोशिश में है सरकार
इस मुद्दे पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली में जल्द ही तीसरी बैठक होगी
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
‘ओवर द टॉप’ (ओटीटी) प्लेटफॉर्म्स के रेगुलेशन का मुद्दा इन दिनों जोर-शोर से उठ रहा है। समाज के कई वर्गों से इसके कंटेंट को लेकर चिंता जताई जा रही है। रेगुलेशंस के बारे में सरकार के अगले कदम को लेकर ओटीटी इंडस्ट्री में भी चिंता के बादल छाये हुए हैं। इस बीच ‘सूचना-प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने कहा है कि किसी भी तरह की ‘संवैधानिक इकाई’ (statutory body) गठित करने के बजाय वह ‘आत्म नियमन’ यानी सेल्फ रेगुलेशन के पक्ष में है।
इस बारे में सूचना-प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे का कहना है, ‘हम एक ऐसे पड़ाव पर आने की कोशिश कर रहे हैं, जहां पर सभी ओटीटी प्लेयर्स बिना सरकारी हस्तक्षेप के एक सेल्फ रेगुलेटरी मॉडल तैयार कर सकते हैं।’ दिल्ली में गुरुवार को ‘सीआईआई बिग पिक्चर समिट’ (CII Big Picture Summit) में अमित खरे ने दिल्ली और मुंबई में ओटीटी प्लेयर्स और अन्य शेयरधारकों के साथ हुई बैठकों की सफलता के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि सेल्फ रेगुलेशन मॉडल पर काम हो रहा है। इस मुद्दे पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली में जल्द ही तीसरी बैठक होगी।
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सूचना-प्रसारण मंत्रालय में संयुक्त सचिव विक्रम सहाय का कहना था,‘सरकार रेगुलेशन के स्थान पर ऐसी आचार संहिता (Code of Conduct) के बारे में प्रयासरत है, जिसका ओटीटी इंडस्ट्री पालन कर सके।’ इसके साथ ही उनका यह भी कहना था, ‘इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) इस क्षेत्र से जुड़े प्लेयर्स के लिए बेहतर नियम-कायदों के बारे में पहले से ही काम कर रही है और अधिकांश प्लेयर्स के बीच इन्हें लेकर सहमति बनने की उम्मीद है।’
बता दें कि ‘IAMAI’ ने इस साल की शुरुआत में आचार संहिता को लेकर एक मसौदा तैयार किया था, जिसमें ऑनलाइन कंटेंट प्रोवाइडर्स के लिए गाइडलाइंस शामिल की गई थीं। इन गाइडलाइंस को पहले से उपलब्ध कानूनी सलाहों के साथ ही भविष्य को लेकर शेयरधारकों की चिंताओं को भी शामिल करते हुए तैयार किया गया था।
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