क्विंट डिजिटल ने करीब ₹90.88 करोड़ का राइट्स इश्यू लाने की घोषणा की है। कंपनी ने 21 अगस्त 2026 को BSE को दी जानकारी में बताया कि उसकी राइट्स इश्यू कमेटी ने 19 अगस्त को Letter of Offer को मंजूरी दी है।
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Vikas Saxena
क्विंट डिजिटल (Quint Digital Limited) ने करीब ₹90.88 करोड़ का राइट्स इश्यू लाने की घोषणा की है। कंपनी ने 21 अगस्त 2026 को BSE को दी जानकारी में बताया कि उसकी राइट्स इश्यू कमेटी ने 19 अगस्त को Letter of Offer को मंजूरी दी है। कंपनी ने यह Letter of Offer BSE के समक्ष जमा किया है।
इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी के मुताबिक, इश्यू से जुड़े खर्च निकालने के बाद उसे करीब ₹8,936.12 लाख यानी ₹89.36 करोड़ की शुद्ध प्राप्ति होने का अनुमान है। सकल इश्यू से करीब ₹151.43 लाख यानी ₹1.51 करोड़ इश्यू से जुड़े खर्चों में जाने का अनुमान है।
शुद्ध प्राप्ति का इस्तेमाल तीन प्रमुख उद्देश्यों के लिए प्रस्तावित है:
RB Diversified का ₹40.50 करोड़ का कर्ज चुकाएगी कंपनी
Letter of Offer के मुताबिक, Quint Digital ने पिछले कुछ वर्षों में अपने कारोबार और निवेश से जुड़ी जरूरतों के लिए RB Diversified Private Limited से असुरक्षित ऋण लिया था। 31 जुलाई 2026 तक इस ऋण के तहत बकाया रकम ₹4,050 लाख यानी ₹40.50 करोड़ थी। इस ऋण पर 11.50% सालाना ब्याज लगता है।
कंपनी ने इस ऋण की पूरी रकम को राइट्स इश्यू से मिलने वाली शुद्ध प्राप्ति से चुकाने का प्रस्ताव रखा है। दस्तावेज के मुताबिक, इस भुगतान से कंपनी की बकाया देनदारी और ऋण चुकाने से जुड़ी लागत कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि RB Diversified Private Limited, Quint Digital की प्रमोट ग्रुप कंपनी है। Letter of Offer में कहा गया है कि इश्यू से मिलने वाली रकम में से ₹40.50 करोड़ तक की राशि सीधे RB Diversified Private Limited को चुकाई जाएगी।
360 One Prime का ₹18 करोड़ का कर्ज भी चुकाएगी कंपनी
कंपनी ने 360 One Prime Limited से भी सुरक्षित ऋण (Secured Loan) लिया हुआ है। 31 जुलाई 2026 तक इन ऋणों के तहत कुल बकाया रकम ₹2,310.15 लाख यानी ₹23.10 करोड़ थी। कंपनी ने इसमें से ₹1,800 लाख यानी ₹18 करोड़ राइट्स इश्यू से मिलने वाली रकम से चुकाने का प्रस्ताव रखा है।
इस ऋण पर 11% सालाना ब्याज है और दस्तावेज में इसकी अदायगी की तारीख 26 अक्टूबर 2028 बताई गई है। कंपनी के मुताबिक, इस प्रस्तावित अदायगी से कंपनी की बकाया देनदारियां और कर्ज चुकाने से जुड़ी लागत कम करने में मदद मिलेगी।
भविष्य के अधिग्रहण के लिए ₹30.86 करोड़
कंपनी करीब ₹30.86 करोड़ का इस्तेमाल अभी तय नहीं किए गए अधिग्रहण और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करना चाहती है। दस्तावेज के मुताबिक, अधिग्रहण के लिए रखी गई यह रकम भविष्य में अधिग्रहण, निवेश या अन्य रणनीतिक अवसरों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है, जिन्हें कंपनी का बोर्ड समय-समय पर पहचानकर मंजूरी देगा।
कंपनी ने यह भी साफ किया है कि Letter of Offer जारी होने की तारीख तक ऐसे किसी अधिग्रहण या निवेश के संबंध में कोई बाध्यकारी समझौता (Binding Arrangement) या अंतिम समझौता (Definitive Agreement) नहीं किया गया है।
दस्तावेज के मुताबिक, इस मद के तहत इस्तेमाल की जाने वाली रकम सकल प्राप्ति (Gross Proceeds) के 35% से ज्यादा नहीं होगी। वहीं किसी एक उद्देश्य के लिए खर्च की जाने वाली रकम सकल प्राप्ति के 25% से अधिक नहीं होगी।
रकम के इस्तेमाल का प्रस्तावित समय
कंपनी ने शुद्ध प्राप्ति (Net Proceeds) के इस्तेमाल का अनुमानित कार्यक्रम भी दिया है। इसके तहत ₹40.50 करोड़ के असुरक्षित ऋण की अदायगी वित्त वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित है। वहीं 360 One Prime के ₹18 करोड़ के सुरक्षित ऋण की अदायगी वित्त वर्ष 2031-32 में प्रस्तावित है।
इसके अलावा, अभी तय नहीं किए गए अधिग्रहण और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए रखे गए ₹30.86 करोड़ में से ₹4.94 करोड़ वित्त वर्ष 2026-27, ₹4.13 करोड़ वित्त वर्ष 2027-28 और ₹21.79 करोड़ वित्त वर्ष 2031-32 में इस्तेमाल किए जाने का प्रस्ताव है।
कंपनी ने साथ ही कहा है कि धन की यह जरूरत और रकम के इस्तेमाल की योजना उसके प्रबंधन के अनुमान (Management Estimates), मौजूदा बिजनेस प्लान और अन्य कारोबारी व तकनीकी परिस्थितियों पर आधारित है। इनका किसी बैंक या वित्तीय संस्था ने स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन (Appraisal) नहीं किया है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
Letter of Offer में दिए गए ऑडिटेड कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरण के अनुसार, 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में Quint Digital का कारोबार से कुल राजस्व (Total Revenue from Operations) ₹8,12,255 हजार रहा। 31 मार्च 2025 को यह ₹3,18,114 हजार था।
वित्त वर्ष 2025-26 में टैक्स और असाधारण मदों (Extraordinary Items) के बाद कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) ₹4,15,489 हजार रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को ₹3,32,931 हजार का शुद्ध घाटा (Net Loss) हुआ था।
वहीं, 30 जून 2026 को समाप्त तीन महीने की अवधि के सीमित समीक्षा किए गए कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरण (Limited Reviewed Consolidated Financial Statements) के मुताबिक, कारोबार से कुल राजस्व ₹3,47,973 हजार और टैक्स व असाधारण मदों के बाद शुद्ध घाटा (Net Loss) ₹29,685 हजार रहा।
कंपनी के प्रमुख शेयरधारक
30 जून 2026 तक कंपनी के 1% से ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले प्रमुख शेयरधारकों में Raghav Bahl के पास 1,38,60,426 शेयर (29.36%) थे। वहीं Ritu Kapur के पास 78,71,171 शेयर (16.67%) की हिस्सेदारी थी।
इसके अलावा Mohan Lal Jain के पास 8.28%, RB Diversified Private Limited के पास 8.26%, Unico Global Opportunities Fund Limited के पास 7.44%, Genesis Grand General Trading L.L.C के पास 4.33%, Madhu Sudan Goyal के पास 5.91% और Smita Soni के पास 1.08% हिस्सेदारी थी। इन सभी प्रमुख शेयरधारकों के पास कुल 81.32% हिस्सेदारी थी।
BSE से मिल चुकी है इन-प्रिंसिपल मंजूरी
राइट्स इश्यू के तहत जारी होने वाली राइट्स सिक्योरिटीज (Rights Securities) की लिस्टिंग के लिए कंपनी को BSE से इन-प्रिंसिपल मंजूरी (In-Principle Approval) मिल चुकी है। यह मंजूरी 14 अगस्त 2026 के पत्र के जरिए दी गई थी।
कंपनी के मुताबिक, राइट्स इश्यू को लेकर बोर्ड ने 22 मई 2026 को प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद राइट्स इश्यू कमेटी ने 19 अगस्त 2026 को Letter of Offer और इश्यू की शर्तों को मंजूरी दी।
इश्यू की अहम तारीखें
Letter of Offer में दिए गए कार्यक्रम के मुताबिक, राइट्स इश्यू 2 सितंबर 2026 को खुलेगा और 10 सितंबर 2026 को बंद होगा। रिकॉर्ड डेट 25 अगस्त 2026 तय की गई है। वहीं राइट्स एंटाइटलमेंट (Rights Entitlements) को डीमैट खातों (Demat Accounts) में 26 अगस्त 2026 तक क्रेडिट किए जाने का कार्यक्रम है।
टैक्स मामले का भी खुलासा
Letter of Offer में कंपनी से जुड़े एक कर मामले (Tax Proceeding) का भी खुलासा किया गया है। दस्तावेज के मुताबिक, 28 मार्च 2026 को आकलन वर्ष (Assessment Year) 2024-25 के लिए एक आकलन आदेश (Assessment Order) पारित किया गया था, जिसमें ₹27,44,649 के ब्याज खर्च (Interest Expense) को कर कटौती (Deduction) के तौर पर स्वीकार नहीं किया गया।
इसके बाद ₹10,70,427 की कर मांग (Tax Demand) उठाई गई, जिसे कंपनी ने तय समय के भीतर जमा कर दिया। दस्तावेज में यह भी बताया गया है कि 15 मई 2026 के आदेश के जरिए जुर्माने (Penalty) से राहत (Immunity) मांगने वाली कंपनी की अर्जी (Application) स्वीकार कर ली गई।
कंपनी ने निवेशकों को क्या सलाह दी?
Letter of Offer में कंपनी ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे राइट्स इश्यू से जुड़े दस्तावेज और जोखिम कारकों (Risk Factors) को ध्यान से पढ़ने के बाद ही निवेश का फैसला लें। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इश्यू से जुड़े दस्तावेज में दी गई जानकारी के आधार पर निवेशकों को अपनी स्वतंत्र जांच करनी चाहिए।
Quint Digital ने अधिकतम ₹90.88 करोड़ जुटाने के लिए यह राइट्स इश्यू पेश किया है। कंपनी को इश्यू से जुड़े खर्चों के बाद करीब ₹89.36 करोड़ की शुद्ध प्राप्ति (Net Proceeds) होने का अनुमान है।
प्रस्तावित इस्तेमाल के तहत ₹40.50 करोड़ RB Diversified Private Limited से लिए गए असुरक्षित ऋण की अदायगी, ₹18 करोड़ 360 One Prime Limited से लिए गए सुरक्षित ऋण की अदायगी और ₹30.86 करोड़ भविष्य के अधिग्रहण तथा सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए रखे गए हैं।
क्विंट डिजिटल लिमिटेड ने अपने 82,61,401 आंशिक रूप से भुगतान किए गए वॉरंट (Partly Paid-up Warrants) पर पहली और अंतिम किस्त के रूप में ₹5 प्रति वॉरंट का भुगतान मांगा है।
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Samachar4media Bureau
मीडिया कंपनी क्विंट डिजिटल लिमिटेड (Quint Digital Limited) ने अपने 82,61,401 आंशिक रूप से भुगतान किए गए वॉरंट (Partly Paid-up Warrants) पर पहली और अंतिम किस्त (First and Final Call) के रूप में ₹5 प्रति वॉरंट का भुगतान मांगा है। कंपनी के निदेशक मंडल ने 9 अक्टूबर, 2026 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस किस्त के तहत कंपनी कुल ₹4,13,07,005 यानी करीब ₹4.13 करोड़ जुटाएगी।
कंपनी ने यह जानकारी 9 अक्टूबर, 2026 को बीएसई लिमिटेड (BSE Limited) को दी। यह सूचना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के लिस्टिंग से जुड़े नियमों, 2015 के नियम 30 और 42 के तहत जारी की गई है।
क्या है पूरा मामला?
क्विंट डिजिटल ने 19 अगस्त, 2026 के ऑफर लेटर के तहत राइट्स इश्यू (Rights Issue) के जरिए 82,61,401 अलग किए जा सकने वाले वॉरंट जारी किए थे। प्रत्येक वॉरंट का इश्यू प्राइस ₹10 रखा गया था। आवेदन के समय निवेशकों से प्रति वॉरंट ₹5 प्राप्त किए गए थे, जबकि बाकी ₹5 का भुगतान पहली और अंतिम किस्त के तौर पर किया जाना है। अब कंपनी ने इस बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है।
15 अक्टूबर होगी रिकॉर्ड डेट
कंपनी ने 15 अक्टूबर, 2026, गुरुवार को रिकॉर्ड डेट (Record Date) तय किया है। इस तारीख के आधार पर उन आंशिक रूप से भुगतान किए गए वॉरंट धारकों की पहचान की जाएगी, जिन्हें पहली और अंतिम किस्त के भुगतान के लिए नोटिस भेजा जाएगा।
इन वॉरंट का आईएसआईएन (ISIN) नंबर INE641R13020 है। इनकी श्रेणी आंशिक रूप से भुगतान किए गए अलग किए जा सकने वाले वॉरंट की है।
6 से 20 नवंबर तक कर सकेंगे भुगतान
कंपनी के मुताबिक, पहली और अंतिम किस्त के भुगतान की अवधि 6 नवंबर, 2026, शुक्रवार से 20 नवंबर, 2026, शुक्रवार तक रहेगी। दोनों तारीखें इस अवधि में शामिल हैं। हालांकि, राइट्स इश्यू कमेटी को अपने विवेक के अनुसार भुगतान की अवधि बढ़ाने का अधिकार दिया गया है।
कंपनी के निदेशक मंडल ने पहली और अंतिम किस्त से संबंधित नोटिस और अन्य जरूरी दस्तावेजों को भी मंजूरी दे दी है। इस किस्त से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी संबंधित नोटिस में दी जाएगी, जिसे कंपनी आने वाले समय में आंशिक रूप से भुगतान किए गए वॉरंट धारकों को भेजेगी।
वॉरंट में कारोबार पर भी पड़ेगा असर
क्विंट डिजिटल ने स्पष्ट किया है कि उसके आंशिक रूप से भुगतान किए गए वॉरंट में शेयर बाजारों पर कारोबार 15 अक्टूबर, 2026, गुरुवार से निलंबित कर दिया जाएगा। पहली और अंतिम किस्त के भुगतान की प्रक्रिया के लिए आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड (ICICI Bank Limited) को बैंक के तौर पर नियुक्त किया गया है।
बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी
कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक दोपहर 1 बजे शुरू हुई और दोपहर 3 बजकर 43 मिनट पर समाप्त हुई। बैठक में वॉरंट पर पहली और अंतिम किस्त मांगने, रिकॉर्ड डेट तय करने, भुगतान की अवधि निर्धारित करने और संबंधित नोटिस व दस्तावेजों को मंजूरी देने के फैसले लिए गए।
रामायण की कहानी को नए अंदाज में पेश करेगी ‘रघुपति राघव राजा राम’, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अरुण पुरी ने संयुक्त रूप से टीजर लॉन्च किया
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Samachar4media Bureau
‘इंडिया टुडे’ (India Today) ग्रुप ने डिजिटल फिक्शन और इंफोटेनमेंट के क्षेत्र में कदम रखते हुए अपना नया मोबाइल-फर्स्ट माइक्रोड्रामा प्लेटफॉर्म ‘Life Tak’ लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत के साथ ग्रुप ने अपनी पहली प्रमुख शॉर्ट-फॉर्म सीरीज ‘रघुपति राघव राजा राम’ (RRRR) का टीजर भी जारी किया। इसका अनावरण मुंबई में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 के मंच पर किया गया। सीरीज का आधिकारिक टीजर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अरुण पुरी ने संयुक्त रूप से लॉन्च किया।
रामायण की कहानी नए अंदाज में होगी पेश: ‘रघुपति राघव राजा राम’ में रामायण की पारंपरिक कहानी को आधुनिक और तेज रफ्तार अंदाज में पेश किया जाएगा। यह सीरीज खास तौर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट देखने वाले दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें सांस्कृतिक और पारंपरिक कहानी को आधुनिक प्रोडक्शन तकनीक के साथ जोड़ा गया है। इसका वर्टिकल वीडियो फॉर्मेट आधुनिक दर्शकों की शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट देखने की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
AI तकनीक पर भी रहेगा जोर: इंडिया टुडे ग्रुप के मुताबिक, यह सीरीज उसके ऐसे क्रिएटिव और टेक्नोलॉजी आधारित इकोसिस्टम की पहली पेशकश है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विजुअल इंजीनियरिंग, स्क्रिप्ट तैयार करने वाले टूल्स और क्रिएटिव वर्ल्ड-बिल्डिंग का मेल है। इस पहल के जरिए पारंपरिक और नई कहानियों को आज के दर्शकों के लिए नए रूप में पेश किया जाएगा। ‘Life Tak’ के माध्यम से इंडिया टुडे ग्रुप सिनेमाई गुणवत्ता वाले कंटेंट को वर्टिकल वीडियो के तेजी से बढ़ते डिजिटल दौर में दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
18 अक्टूबर से देख सकेंगे दर्शक: ‘रघुपति राघव राजा राम’ का प्रीमियर 18 अक्टूबर 2026 को होगा। दर्शक इसके एपिसोड ‘Life Tak’ के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट (@lifetak), यूट्यूब और फेसबुक चैनलों के साथ-साथ आजतक ऐप पर भी देख सकेंगे।
रवि गर्ग ने जुलाई 2021 से सितंबर 2026 तक वॉट्सऐप में बिजनेस मैसेजिंग एंड पेमेंट्स के कंट्री डायरेक्टर के तौर पर काम किया।
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Samachar4media Bureau
मेटा (Meta) में रवि गर्ग को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। वॉट्सऐप में भारत के बिजनेस मैसेजिंग और पेमेंट्स बिजनेस का पांच साल से ज्यादा समय तक नेतृत्व करने के बाद अब वह Meta में एशिया-पैसिफिक (APAC) क्षेत्र में एंटरप्राइज बिजनेस के मैनेजिंग डायरेक्टर की भूमिका संभालेंगे।
रवि गर्ग ने जुलाई 2021 से सितंबर 2026 तक वॉट्सऐप में बिजनेस मैसेजिंग एंड पेमेंट्स के कंट्री डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इस दौरान उन्होंने भारत में प्लेटफॉर्म की बिजनेस मैसेजिंग और पेमेंट्स सेवाओं को शुरू करने और उनका विस्तार करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने इस कारोबार को शुरुआती स्तर से खड़ा किया और आगे बढ़ाया।
अपनी नई भूमिका में रवि गर्ग का मुख्य ध्यान एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में Meta के एंटरप्राइज बिजनेस का विस्तार करने पर होगा। कंपनियां अपने उत्पादों, सेवाओं और बाजार तक पहुंचने की रणनीतियों में बदलाव लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपना रही हैं। ऐसे में वह इस क्षेत्र के कारोबारों के बीच Meta की सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ाने पर काम करेंगे।
उनकी जिम्मेदारी में बिजनेस मैसेजिंग, Meta Business Agents और Muse APIs सहित Meta की सेवाओं को क्षेत्र की कंपनियों तक पहुंचाना शामिल होगा।
Meta और वॉट्सऐप से पहले रवि गर्ग ने Microsoft में 13 साल तक वरिष्ठ पदों पर काम किया। वहां उन्होंने सेल्स, रणनीति, बिजनेस प्लानिंग और चैनल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभालीं। इसके अलावा, वह Nazara Technologies में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (Chief Operating Officer) के पद पर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने Sify में भी जनरल मैनेजमेंट से जुड़ी जिम्मेदारी निभाई है।
Yaap Digital Limited के बोर्ड ने 8 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है।
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Vikas Saxena
Yaap Digital Limited के बोर्ड ने 8 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। कंपनी ने HSBC Bank से 25 करोड़ रुपये तक की वर्किंग कैपिटल डिमांड लोन/ओवरड्राफ्ट सुविधा लेने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही कंपनी ने 25 करोड़ रुपये तक की रकम उधार लेने को भी मंजूरी दी है।
कंपनी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड को दी जानकारी में बताया कि बोर्ड की बैठक 8 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे शुरू हुई और 12:50 बजे खत्म हुई। यह जानकारी सेबी के लिस्टिंग नियमों के तहत साझा की गई है।
25 करोड़ रुपये तक उधार लेने की मंजूरी
बोर्ड ने HSBC Bank से 25 करोड़ रुपये तक की वर्किंग कैपिटल डिमांड लोन/ओवरड्राफ्ट सुविधा लेने को मंजूरी दी है। इसके अलावा, कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 179 के तहत कंपनी ने 25 करोड़ रुपये तक की रकम उधार लेने को भी मंजूरी दी है।
पुराने ऑडिटर Shweta Jain & Co LLP ने दिया इस्तीफा
बोर्ड ने M/s Shweta Jain & Co LLP, Chartered Accountants के वैधानिक ऑडिटर के पद से इस्तीफे को भी संज्ञान में लिया है। कंपनी के मुताबिक, यह इस्तीफा 23 सितंबर 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हुआ। फर्म का रजिस्ट्रेशन नंबर 127673W/W101149 है।
कंपनी के मुताबिक, ऑडिटर ने इस्तीफे की वजह दूसरे पेशेवर कामों में व्यस्तता बताई है। ऑडिटर ने यह भी पुष्टि की है कि बताए गए कारण के अलावा इस्तीफा देने की कोई अन्य महत्वपूर्ण वजह नहीं है।
NGPC & Co. को नया वैधानिक ऑडिटर बनाया
ऑडिट कमेटी की 8 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में की गई सिफारिश के आधार पर बोर्ड ने M/s NGPC & Co., Chartered Accountants को कंपनी का नया वैधानिक ऑडिटर नियुक्त करने की मंजूरी दी है। यह नियुक्ति Shweta Jain & Co LLP के इस्तीफे से पैदा हुई आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए की गई है। हालांकि, यह नियुक्ति कंपनी के सदस्यों की मंजूरी के अधीन है।
NGPC & Co. का फर्म रजिस्ट्रेशन नंबर 145474W और पीयर रिव्यू सर्टिफिकेट नंबर 017777 है। कंपनी ने बताया कि इसकी नियुक्ति 8 अक्टूबर 2026 से की गई है।
2017 में हुई थी फर्म की शुरुआत
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, NGPC & Co. की स्थापना 2017 में सीए नवनीत एस. गज्जा और सीए पुष्पा यू. चांडवानी ने की थी। दोनों के पास 20 साल से ज्यादा का पेशेवर अनुभव है। सीए चंपा पुरोहित 1 अप्रैल 2024 को फर्म में पार्टनर के तौर पर शामिल हुई थीं।
यह फर्म ऑडिट एंड एश्योरेंस, अकाउंटिंग, इनकम टैक्स, जीएसटी, कंपनी कानून से जुड़े मामले, मैनेजमेंट कंसल्टेंसी, फिक्स्ड एसेट्स वेरिफिकेशन, स्टॉक वेरिफिकेशन, इंफॉर्मेशन सिस्टम ऑडिट और फेमा जैसी सेवाएं देती है।
कंपनी के अनुसार, फर्म के पास अलग-अलग क्षेत्रों में अनुभवी प्रोफेशनल्स और एसोसिएट्स हैं। यह लागू कानूनी और नैतिक नियमों के तहत गुणवत्तापूर्ण, समय पर और प्रभावी पेशेवर सेवाएं देने पर ध्यान देती है।
NGPC & Co. ने कंपनी के वैधानिक ऑडिटर के रूप में काम करने के लिए अपनी सहमति भी दे दी है। फर्म ने पुष्टि की है कि वह इस नियुक्ति के लिए योग्य है और कंपनी अधिनियम, 2013 और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार उसकी नियुक्ति पर कोई अयोग्यता लागू नहीं होती।
Gozoop Online के शेयरों के अधिग्रहण से जुड़ा फैसला
बोर्ड ने Gozoop Online Private Limited के शेयरों के Tranche 2 Acquisition के लिए शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को नकद भुगतान करने को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही इस संबंध में संशोधन समझौता यानी Amendment Agreement करने को भी मंजूरी दी गई है।
कंपनी ने कहा है कि 30 मार्च 2026 को किए गए Share Purchase and Shareholders’ Agreement (SPSHA) में प्रस्तावित संशोधन समझौते से जुड़ी जानकारी संबंधित पक्षों द्वारा उस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद साझा की जाएगी।
यह संशोधन समझौता Yaap Digital Limited यानी खरीदार, शेयर बेचने वाले शेयरधारकों और Gozoop Online Private Limited के बीच प्रस्तावित है। कंपनी ने कहा कि संशोधन समझौते के निष्पादित होने के बाद उससे जुड़ी जरूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
Yaap Digital Limited पहले Yaap Digital Private Limited के नाम से जानी जाती थी। कंपनी की ओर से यह जानकारी कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी शिवानी शिवशंकर तिवारी ने दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शशिकुमार श्रीधरन को सर्वम एआई में प्रेसिडेंट और चीफ बिजनेस ऑफिसर नियुक्त किया गया है। वह कंपनी की बिजनेस स्ट्रैटेजी और ग्लोबल एआई ग्रोथ को आगे बढ़ाएंगे।
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Samachar4media Bureau
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शशिकुमार श्रीधरन (Shashikumar Sridharan) को सर्वम एआई (Sarvam AI) में प्रेसिडेंट और चीफ बिजनेस ऑफिसर (President and Chief Business Officer) नियुक्त किया गया है। नई भूमिका में वह कंपनी की बिजनेस स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाने और ग्रोथ को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। कंपनी भारत और ग्लोबल मार्केट्स में अपनी एआई (AI) पेशकशों का विस्तार कर रही है।
शशिकुमार श्रीधरन हाल ही में गूगल क्लाउड इंडिया (Google Cloud India) के मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) पद से हटे हैं। उनकी जगह गूगल क्लाउड इंडिया में डिजिटल नेटिव्स बिजनेस (Digital Natives Business) के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित कुमार (Amit Kumar) को अंतरिम लीडर नियुक्त किया गया है। गूगल क्लाउड के एशिया पैसिफिक प्रेसिडेंट करण बाजवा (Karan Bajwa) ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए नेतृत्व में बदलाव की जानकारी दी थी।
सर्वम एआई हाल ही में अपनी फंडिंग को लेकर भी चर्चा में रहा है। कंपनी ने 300 मिलियन डॉलर की सीरीज बी (Series B) फंडिंग के पहले चरण में 234 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस निवेश के बाद कंपनी का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 1.5 बिलियन डॉलर हो गया है।
इस फंडिंग राउंड में एचसीएलटेक (HCLTech) और बेसमर वेंचर पार्टनर्स (Bessemer Venture Partners) ने निवेश किया है। कंपनी के मौजूदा निवेशकों खोसला वेंचर्स (Khosla Ventures) और पीक XV पार्टनर्स (Peak XV Partners) ने भी इस राउंड में अपना समर्थन जारी रखा है। नई भूमिका में श्रीधरन का फोकस सर्वम एआई की बिजनेस स्ट्रैटेजी को मजबूत करने और भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपनी के एआई बिजनेस के विस्तार को गति देने पर रहेगा।
क्विंट डिजिटल लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक 9 अक्टूबर 2026 को होने जा रही है।
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Vikas Saxena
क्विंट डिजिटल लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक 9 अक्टूबर 2026 को होने जा रही है। कंपनी ने 6 अक्टूबर को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि इस बैठक में 82,61,401 आंशिक रूप से चुकता वारंट से जुड़ी फर्स्ट एंड फाइनल कॉल मनी पर विचार किया जाएगा।
कंपनी के मुताबिक, ये वारंट 10 रुपये अंकित मूल्य के हैं और इन्हें 11 सितंबर 2026 को राइट्स आधार पर जारी और आवंटित किया गया था। इन वारंट का आवंटन कंपनी की 19 अगस्त 2026 की लेटर ऑफ ऑफर के तहत किया गया था।
रिकॉर्ड डेट भी तय हो सकती है
क्विंट डिजिटल ने बताया कि बोर्ड बैठक में इन वारंट के लिए फर्स्ट एंड फाइनल कॉल मनी नोटिस पर विचार कर उसे मंजूरी दी जा सकती है। इसके साथ ही बोर्ड रिकॉर्ड डेट तय करने पर भी विचार करेगा। इसके अलावा कॉल मनी के भुगतान का कार्यक्रम और इससे जुड़े अन्य जरूरी व इससे जुड़े मामलों पर भी फैसला लिया जाएगा।
82.61 लाख वारंट पर होगी कॉल मनी
कंपनी ने अपनी सूचना में बताया है कि बैठक में 82,61,401 आंशिक रूप से चुकता वारंट के लिए फर्स्ट एंड फाइनल कॉल मनी से जुड़े मामलों पर विचार किया जाएगा। हालांकि, कंपनी ने इस सूचना में यह नहीं बताया है कि प्रति वारंट कितनी कॉल मनी देनी होगी।
डीबी कॉर्प लिमिटेड ने 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए शेयरों से जुड़ी एक अहम जानकारी शेयर बाजार को दी है।
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Vikas Saxena
डीबी कॉर्प लिमिटेड ने 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए शेयरों से जुड़ी एक अहम जानकारी शेयर बाजार को दी है। कंपनी ने बताया कि इस तिमाही के दौरान उसे शेयरों को डिमैट कराने से जुड़ी कोई भी रिक्वेस्ट नहीं मिली।
कंपनी ने 6 अक्टूबर 2026 को बीएसई और एनएसई को दी जानकारी में बताया कि उसने सेबी के डिपॉजिटरीज एंड पार्टिसिपेंट्स रेग्युलेशन, 2018 के रेग्युलेशन 74(5) के तहत जरूरी प्रमाणपत्र जमा किया है।
यह प्रमाणपत्र कंपनी के रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने जारी किया है।
सभी शेयर पहले से इलेक्ट्रॉनिक रूप में हैं
केफिन टेक्नोलॉजीज की ओर से जारी प्रमाणपत्र में कहा गया है कि 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के दौरान डिमैट रिक्वेस्ट प्रोसेसिंग के लिए कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ। इसका कारण यह बताया गया है कि डीबी कॉर्प के सभी शेयर पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक यानी डिमैट रूप में रखे गए हैं।
इसलिए तिमाही के दौरान किसी शेयर को भौतिक रूप से इलेक्ट्रॉनिक रूप में बदलने के लिए कोई डिमैट अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ।
कंपनी ने शेयर बाजार को सौंपा प्रमाणपत्र
डीबी कॉर्प ने केफिन टेक्नोलॉजीज की ओर से जारी इस पुष्टि प्रमाणपत्र को बीएसई और एनएसई के रिकॉर्ड में लेने का अनुरोध किया है। कंपनी ने यह जानकारी सेबी के डिपॉजिटरीज एंड पार्टिसिपेंट्स रेग्युलेशन, 2018 के रेग्युलेशन 74(5) के तहत दी है। कंपनी के शेयर बीएसई पर 533151 और एनएसई पर DBCORP नाम से सूचीबद्ध हैं।
गूगल जेमिनी में 9 अक्टूबर से मॉडल एक्सेस प्लान के हिसाब से बदलेगा। फ्री यूजर्स को फ्लैश-लाइट, AI प्लस यूजर्स को फ्लैश-लाइट और फ्लैश मॉडल मिलेंगे। प्रो मॉडल के लिए प्लान होगा।
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Samachar4media Bureau
गूगल जेमिनी (Google Gemini) इस्तेमाल करने वालों के लिए 9 अक्टूबर 2026 से बड़ा बदलाव होने वाला है। कंपनी अलग-अलग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल (AI Models) का एक्सेस यूजर के प्लान के हिसाब से तय करेगी। इसका असर फ्री यूजर्स के साथ एआई प्लस सब्सक्राइबर्स पर भी पड़ेगा।
नए नियमों के बाद फ्री यूजर्स को सिर्फ फ्लैश-लाइट मॉडल (Flash-Lite Model) मिलेगा। वहीं, एआई प्लस यूजर्स फ्लैश-लाइट और फ्लैश मॉडल (Flash Model) इस्तेमाल कर सकेंगे। एआई प्लस यूजर्स को प्रो मॉडल (Pro Model) का एक्सेस नहीं मिलेगा।
भारत में एआई प्लस प्लान की कीमत 399 रुपये प्रति महीना है। इस प्लान में यूजर्स फ्लैश-लाइट और फ्लैश मॉडल इस्तेमाल कर पाएंगे, लेकिन जेमिनी प्रो जैसे ज्यादा पावरफुल मॉडल उपलब्ध नहीं होंगे। बड़े और ज्यादा पावरफुल जेमिनी मॉडल इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को गूगल एआई प्रो (Google AI Pro) या गूगल एआई अल्ट्रा (Google AI Ultra) लेना होगा।
गूगल एआई प्रो की कीमत 1,950 रुपये और गूगल एआई अल्ट्रा की शुरुआती कीमत 6,500 रुपये प्रति महीना है। इन दोनों प्लान में यूजर्स को फ्लैश-लाइट, फ्लैश और प्रो मॉडल का एक्सेस मिलता रहेगा।
कंपनी जेमिनी ऐप में मॉडल चुनने के तरीके में भी बदलाव कर रही है। यूजर्स हर उपलब्ध मॉडल के लिए कम, मीडियम और ज्यादा एफर्ट लेवल (Effort Level) चुन सकेंगे। ज्यादा एफर्ट लेवल पर मॉडल किसी काम को पूरा करने और बेहतर जवाब देने के लिए ज्यादा क्षमता इस्तेमाल करेगा। हालांकि, इससे यूजर्स की इस्तेमाल सीमा भी जल्दी खत्म हो सकती है।
गूगल के मुताबिक, नए एफर्ट लेवल से जेमिनी ऐप में काम करने का तरीका गूगल एआई स्टूडियो (Google AI Studio) और एंटिग्रिटी के विकल्पों जैसा होगा।
ये बदलाव कंपनी के नए जेमिनी 4 आर्गन (Gemini 4 Argon) मॉडल की घोषणा के कुछ दिनों बाद आ रहे हैं। गूगल ने आर्गन को अपना अब तक का सबसे पावरफुल एआई मॉडल बताया है। हालांकि, फिलहाल यह मॉडल कुछ खास साझेदारों के लिए उपलब्ध है। एआई प्लस यूजर्स को बदलाव की जानकारी ईमेल से मिलेगी।
नए अपडेट का एक बड़ा हिस्सा YouTube Studio को न्यूजरूम के लिए ज्यादा उपयोगी बनाने पर केंद्रित है। YouTube अपने Insights और Research फीचर्स को बढ़ा रहा है।
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Samachar4media Bureau
यूट्यूब (YouTube) ने न्यूज ऑर्गनाइजेशंस और न्यूजरूम के लिए कई नए टूल्स पेश किए हैं। इनका मकसद न्यूज स्टोरी को बेहतर तरीके से तैयार करने, दर्शकों के व्यवहार को समझने, नियमित कमाई बढ़ाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए पत्रकारों की पहचान और कंटेंट के गलत इस्तेमाल से सुरक्षा देने में मदद करना है।
इन नए फीचर्स की घोषणा न्यूयॉर्क में आयोजित YouTube के 14वें न्यूज वर्किंग ग्रुप में की गई। इस कार्यक्रम में दुनिया भर के 100 से ज्यादा न्यूज पार्टनर्स शामिल हुए और डिजिटल पत्रकारिता के भविष्य पर चर्चा की गई।
YouTube के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर न्यूज देखने का चलन लगातार बढ़ रहा है। 2025 में दुनियाभर के यूजर्स ने 35 अरब घंटे से ज्यादा न्यूज कंटेंट देखा। इनमें से 12 अरब घंटे से ज्यादा कंटेंट कनेक्टेड टीवी पर देखा गया। इससे पता चलता है कि लोग अब सिर्फ मोबाइल और कंप्यूटर पर ही नहीं, बल्कि टीवी पर भी YouTube के जरिए न्यूज देख रहे हैं।
YouTube Studio में मिलेंगे ज्यादा डेटा और इनसाइट्स
नए अपडेट का एक बड़ा हिस्सा YouTube Studio को न्यूजरूम के लिए ज्यादा उपयोगी बनाने पर केंद्रित है। YouTube अपने Insights और Research फीचर्स को बढ़ा रहा है। इससे एडिटोरियल टीम यह समझ सकेगी कि उनकी कवरेज को दर्शकों का कैसा रिस्पॉन्स मिल रहा है और किन विषयों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
इसका इस्तेमाल सिर्फ वीडियो के लाइव होने के बाद व्यूज देखने तक सीमित नहीं रहेगा। न्यूजरूम यह समझ सकेंगे कि दर्शक किस तरह की खबरों और कंटेंट पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसके आधार पर वे आगे की कवरेज और एडिटोरियल संसाधनों को लेकर फैसले ले सकेंगे।
वीडियो तैयार करते समय भी मिलेगा AI फीडबैक
YouTube वीडियो तैयार करने के दौरान भी फीडबैक देने वाले फीचर्स ला रहा है। ये टूल्स नैरेटिव फ्लो, पेसिंग और स्टोरीटेलिंग स्ट्रक्चर जैसे पहलुओं पर इनपुट दे सकेंगे। यानी वीडियो पब्लिश होने से पहले ही न्यूजरूम को यह समझने में मदद मिल सकती है कि कहानी को किस तरह और बेहतर तरीके से पेश किया जा सकता है।
थंबनेल की भी होगी टेस्टिंग
YouTube ने थंबनेल को लेकर भी नए फीचर्स पेश किए हैं। डायनेमिक थंबनेल के जरिए ऑडियंस के अलग-अलग हिस्सों को प्रदर्शन के आधार पर अलग वर्जन दिखाए जा सकेंगे। इससे हर दर्शक को एक ही थंबनेल दिखाने के बजाय अलग-अलग विकल्पों को आजमाया जा सकेगा।
इसके अलावा आने वाले वीडियो A/B टेस्टिंग टूल के जरिए न्यूज ऑर्गनाइजेशन अलग-अलग हुक, स्टोरीटेलिंग फॉर्मेट और विजुअल्स को टेस्ट कर सकेंगे। इससे यह तुलना करने में मदद मिलेगी कि किस तरीके से दर्शकों की बेहतर प्रतिक्रिया मिल रही है।
पुरानी खबरों को फिर से सामने लाने में मदद करेगा Ask Studio
YouTube अपने AI-पावर्ड Ask Studio का इस्तेमाल पुरानी कवरेज को दोबारा दर्शकों तक पहुंचाने के लिए भी कर रहा है। यह पुराने वीडियो को देखकर नए थंबनेल जैसे बदलाव सुझा सकता है। इससे न्यूज ऑर्गनाइजेशन की पुरानी और उपयोगी रिपोर्टिंग को दोबारा ऑडियंस के सामने लाने में मदद मिल सकती है, बजाय इसके कि नई वीडियो के आने के बाद पुरानी स्टोरी पीछे छूट जाए।
मेंबरशिप के जरिए नियमित कमाई पर भी जोर
YouTube ने न्यूज ऑर्गनाइजेशन के लिए कमाई से जुड़े फीचर्स पर भी ध्यान दिया है। प्लेटफॉर्म के मुताबिक, Channel Memberships के जरिए पिछले पांच साल में क्रिएटर्स को 1.5 अरब डॉलर से ज्यादा का भुगतान किया गया है। अब YouTube में मेंबर्स के लिए एक अलग इन-ऐप हब भी जोड़ा जा रहा है। इसमें सदस्य सिर्फ मेंबर्स के लिए उपलब्ध कंटेंट आसानी से खोज सकेंगे।
संभावित सदस्य सब्सक्राइब करने से पहले members-only वीडियो का प्रीव्यू भी देख सकेंगे। इसके अलावा YouTube members-only communities भी शुरू कर रहा है। इससे न्यूज ऑर्गनाइजेशन अपने दर्शकों के साथ ज्यादा सीधा और नियमित जुड़ाव बना सकेंगे।
AI से पत्रकारों की आवाज और चेहरे की सुरक्षा
नए अपडेट का सबसे संवेदनशील हिस्सा पत्रकारों और क्रिएटर्स की डिजिटल पहचान से जुड़ा है। जनरेटिव AI की मदद से किसी व्यक्ति के चेहरे और आवाज की नकल करना आसान हो गया है। ऐसे में YouTube पत्रकारों और क्रिएटर्स को उनकी पहचान के गलत इस्तेमाल पर ज्यादा नियंत्रण देने की दिशा में काम कर रहा है।
YouTube के पास पहले से Likeness Detection फीचर है। इसके जरिए क्रिएटर्स अपनी दृश्य पहचान यानी चेहरे के अनधिकृत इस्तेमाल को पहचान और मैनेज कर सकते हैं।
अब YouTube Speaking-Voice Detection को Facial Detection के साथ जोड़ने की योजना बना रहा है। इसका मकसद ऐसे कंटेंट को पहचानना आसान बनाना है जिसमें किसी क्रिएटर या पत्रकार के चेहरे और आवाज की नकल की गई हो।
Likeness Detection को YouTube के मोबाइल ऐप में भी लाया जाएगा। इसके बाद न्यूज क्रिएटर्स मोबाइल से ही सिस्टम सेट कर सकेंगे, अपनी पहचान के संभावित इस्तेमाल की समी`क्षा कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उस पर कार्रवाई कर सकेंगे।
एक ही जगह पर न्यूज के कई पहलुओं पर फोकस
YouTube के नए टूल्स न्यूज बिजनेस के कई हिस्सों को कवर करते हैं। इनमें ऑडियंस की पसंद समझना, स्टोरी को बेहतर बनाना, अलग-अलग पैकेजिंग को टेस्ट करना, पुराने कंटेंट को दोबारा दर्शकों तक पहुंचाना, मेंबरशिप से कमाई बढ़ाना और पत्रकारों की डिजिटल पहचान की सुरक्षा शामिल है।
2025 में YouTube पर 35 अरब घंटे से ज्यादा न्यूज देखे जाने और इनमें 12 अरब घंटे से ज्यादा कनेक्टेड टीवी पर देखे जाने के आंकड़ों के बीच इन नए फीचर्स का न्यूज ऑर्गनाइजेशन के लिए महत्व बढ़ जाता है।
अब न्यूज संस्थानों के सामने इन टूल्स को एक साथ इस्तेमाल करने की चुनौती होगी- दर्शकों की पसंद समझने से लेकर खबर को बेहतर तरीके से पेश करने, उसे ज्यादा लोगों तक पहुंचाने, दर्शकों को दोबारा जोड़ने, कुछ दर्शकों को पेड मेंबर बनाने और AI के दौर में पत्रकारों की डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने तक।
टाइम्स ऑफ इंडिया डिजिटल (TOI Digital) ने मेघना डेका को नेशनल एडिटर और वीडियो स्ट्रैटेजी की हेड नियुक्त किया है।
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Samachar4media Bureau
टाइम्स ऑफ इंडिया डिजिटल (TOI Digital) ने मेघना डेका को नेशनल एडिटर और वीडियो स्ट्रैटेजी की हेड नियुक्त किया है। अपनी नई भूमिका में मेघना, TOI Digital के वीडियो कारोबार की रणनीति और उसके विस्तार की जिम्मेदारी संभालेंगी। वह टाइम्स ऑफ इंडिया डिजिटल की एग्जिक्यूटिव एडिटर-वीडियो अदिति प्रसाद को रिपोर्ट करेंगी।
मेघना की जिम्मेदारी में टाइम्स ऑफ इंडिया के मौजूदा वीडियो पोर्टफोलियो के साथ-साथ नए वीडियो प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाना शामिल होगा। खास तौर पर वह Times Axis, TOI Bharat और Defence HQ के यूट्यूब चैनलों को अलग पहचान वाले वीडियो प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित करने और उनका विस्तार करने पर काम करेंगी।
इसके अलावा वह संपादकीय और बिजनेस टीमों के साथ मिलकर नए वीडियो फॉर्मेट, फ्रेंचाइजी और दर्शकों से जुड़ने के नए अवसरों पर भी काम करेंगी। यह काम TOI Digital के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के लिए किया जाएगा।
ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म में 22 साल से ज्यादा का अनुभव
मेघना डेका को ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म में 22 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह इससे पहले Times Now में एडिटर-आउटपुट और प्राइम-टाइम एंकर के तौर पर काम कर चुकी हैं। उन्होंने ‘Decoding Now with Meghna Deka’ और ‘Setting the Agenda’ जैसे कार्यक्रमों को एंकर किया है।
Times Now में हेड ऑफ आउटपुट के तौर पर उन्होंने पिछले करीब 8 साल तक चैनल की रणनीति को लीड किया। इससे पहले वह CNN-News18, India Today, NewsX और NDTV में भी संपादकीय भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं और एंकरिंग की है।
वीडियो अब न्यूज देखने का अहम जरिया: अदिति प्रसाद
मेघना डेका की नियुक्ति पर अदिति प्रसाद, एग्जीक्यूटिव एडिटर-वीडियो, Times of India Digital ने कहा कि आज वीडियो इस बात का अहम हिस्सा बन गया है कि दर्शक न्यूज को कैसे खोजते और देखते हैं।
उन्होंने कहा कि मेघना ने दो दशक से ज्यादा समय न्यूजरूम में बिताया है और Times Now में प्राइम-टाइम न्यूज के प्रमुख चेहरों में रही हैं। उनके मुताबिक मेघना को अच्छी तरह पता है कि दर्शकों का ध्यान किस तरह बनाए रखा जा सकता है।
अदिति प्रसाद ने कहा कि अब लक्ष्य सिर्फ वीडियो बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मजबूत वीडियो ब्रैंड तैयार करना है। उन्होंने कहा कि Defence HQ और Times Axis जैसे प्लेटफॉर्म्स से यह पता चला है कि दर्शकों के बीच फोकस्ड और भरोसेमंद वीडियो कंटेंट की मांग है।
'सिर्फ ज्यादा वीडियो बनाने से बात नहीं बनेगी': मेघना डेका
अपनी नियुक्ति पर मेघना डेका ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक दर्शकों को सिर्फ हेडलाइन से आगे की पूरी कहानी समझाने की कोशिश की है और वीडियो इसके लिए एक प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि न्यूज वीडियो का अगला दौर सिर्फ ज्यादा से ज्यादा वीडियो बनाने से तय नहीं होगा। इसके बजाय ऐसे फॉर्मेट जरूरी होंगे, जिनकी अपनी अलग पहचान और आवाज हो और जिन्हें दर्शक दोबारा देखना चाहें।
मेघना ने कहा कि Times of India की पहुंच और भरोसे के साथ-साथ Times Axis और Defence HQ जैसे प्लेटफॉर्म पहले से दिशा दिखा रहे हैं और ऐसे समय में कुछ नया तैयार करने का यह महत्वपूर्ण मौका है।