गिल्ड ने पुलिस और सुरक्षाकर्मियों से पत्रकारों के खिलाफ जबरदस्ती और हिंसा से बचने की अपील की; बिना डर और बाधा के काम करने देने पर दिया जोर
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश में संपादकों की प्रमुख संस्था एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (Editors Guild of India) ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान महिला पत्रकारों के साथ कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों पर गंभीर चिंता जताई है। गिल्ड ने कहा कि आरोपों की गंभीरता के बावजूद दिल्ली पुलिस ने अब तक इस मामले का संज्ञान नहीं लिया है। 9 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में गिल्ड ने कहा कि शनिवार को एक और बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी है। ऐसे में घटनाक्रम की कवरेज कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
पुलिस और सुरक्षाकर्मियों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी करने की मांग: एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रदर्शनकारियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गिल्ड ने मांग की कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और सुरक्षाकर्मियों के वास्ते भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। गिल्ड के मुताबिक, पत्रकारों को बिना किसी डर या बाधा के अपना पेशेवर काम करने दिया जाना चाहिए। इसके लिए पुलिस को अत्यंत सावधानी बरतने और पत्रकारों के खिलाफ जबरदस्ती या हिंसा से बचने की सलाह दी जानी चाहिए।
पत्रकारों के खिलाफ हिंसा से बचने की अपील: एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष संजय कपूर और महासचिव राघवन श्रीनिवासन की ओर से जारी बयान में दिल्ली पुलिस से पत्रकारों के खिलाफ किसी भी तरह की जबरदस्ती या हिंसा से बचने और अत्यंत सावधानी बरतने की मांग की गई है। गिल्ड ने पत्रकारों को बिना किसी डर या बाधा के अपना पेशेवर दायित्व निभाने देने पर जोर दिया है।
Statement Cautioning Delhi Police Against Violence on Journalists https://t.co/ipRFMhAIBH
— Editors Guild of India (@IndEditorsGuild) October 9, 2026
टिप्स म्यूजिक लिमिटेड (Tips Music Limited) के निदेशक मंडल की बैठक 15 अक्टूबर, 2026 को होने जा रही है।
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टिप्स म्यूजिक लिमिटेड (Tips Music Limited) के निदेशक मंडल की बैठक 15 अक्टूबर, 2026 को होने जा रही है। इस बैठक में कंपनी 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के बिना ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने पर विचार करेगी। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहले अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) की घोषणा करने पर भी विचार किया जाएगा।
कंपनी ने 9 अक्टूबर, 2026 को बीएसई (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) को इसकी जानकारी दी। यह सूचना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के लिस्टिंग दायित्वों और खुलासे से जुड़े नियम, 2015 के नियम 29 के तहत दी गई है।
वित्तीय नतीजों को मिलेगी मंजूरी
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गुरुवार, 15 अक्टूबर, 2026 को होने वाली बोर्ड बैठक में 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के बिना ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा और उन्हें मंजूरी दी जाएगी।
पहले अंतरिम डिविडेंड पर भी फैसला
बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहले अंतरिम डिविडेंड की घोषणा करने पर भी विचार किया जाएगा। हालांकि, कंपनी ने अभी डिविडेंड की घोषणा नहीं की है। यह फैसला बोर्ड की मंजूरी पर निर्भर करेगा। यदि, डिविडेंड घोषित किया जाता है, तो उसके भुगतान के लिए रिकॉर्ड डेट भी तय की जाएगी। रिकॉर्ड डेट के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि कौन-से शेयरधारक डिविडेंड पाने के पात्र होंगे।
यह सूचना टिप्स म्यूजिक लिमिटेड की कंपनी सचिव बिजल आर. पटेल की ओर से जारी की गई है।
उपेंद्र मिश्रा को वीबा में हेड ऑफ ट्रेड मार्केटिंग नियुक्त किया गया है। उनके पास सेल्स और मार्केटिंग में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें ट्रेड मार्केटिंग शामिल है।
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उपेंद्र मिश्रा (Upendra Mishra) ने वीबा (Veeba) में हेड ऑफ ट्रेड मार्केटिंग (Head of Trade Marketing) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है।
उपेंद्र के पास सेल्स और मार्केटिंग (Sales and Marketing) में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्हें ट्रेड मार्केटिंग, बीटीएल मार्केटिंग और कंज्यूमर मार्केटिंग (Trade Marketing, BTL Marketing and Consumer Marketing) के साथ-साथ फार्मास्यूटिकल, ओटीसी और एफएमसीजी सेक्टर्स में चैनल और कैटेगरी मैनेजमेंट (Channel and Category Management) का अनुभव है।
वीबा से जुड़ने से पहले वह पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods) में ट्रेड मार्केटिंग मैनेजर (Trade Marketing Manager) के पद पर कार्यरत थे।
इससे पहले उन्होंने मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशियलिटीज लिमिटेड (Mrs. Bectors Food Specialities Ltd.) में भी काम किया, जो क्रेमिका (Cremica) और इंग्लिश ओवन (English Oven) ब्रांड्स की मालिक कंपनी है। इसके अलावा वह हिमालया वेलनेस कंपनी (Himalaya Wellness Company) और टॉरेंट फार्मास्यूटिकल्स (Torrent Pharmaceuticals) में भी विभिन्न भूमिकाओं में काम कर चुके हैं।
पिडिलाइट इंडस्ट्रीज ने अमित अग्रवाल को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर-डिजाइनेट और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनेल नियुक्त किया है। बोर्ड ने 9 अक्टूबर को नामांकन समिति की सिफारिश पर नियुक्ति को मंजूरी दी।
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पिडिलाइट इंडस्ट्रीज (Pidilite Industries) ने अमित अग्रवाल (Amit Agarwal) को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर-डिजाइनेट (Chief Financial Officer-designate) और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनेल (Senior Management Personnel) नियुक्त किया है।
रेगुलेटरी फाइलिंग (Regulatory Filing) के अनुसार, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) ने 9 अक्टूबर को इस नियुक्ति को मंजूरी दी। यह मंजूरी नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन कमेटी (Nomination and Remuneration Committee) की सिफारिश के आधार पर दी गई।
अमित अग्रवाल के पास फाइनेंस (Finance) क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उनकी विशेषज्ञता अकाउंटिंग, रिपोर्टिंग, ऑडिट और कंट्रोल (Accounting, Reporting, Audit and Control) जैसे क्षेत्रों में है।
इससे पहले वह फाइजर (Pfizer), हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever) और वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) में काम कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि मीडिया में दो दशक से ज्यादा समय बिताने के बाद भी उन्हें लगता है कि सबसे रोमांचक कहानियां अभी सामने आनी बाकी हैं।
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वरिष्ठ पत्रकार, प्राइम टाइम एंकर और मीडिया जगत के जाने-माने नाम विनीत मल्होत्रा ने अंग्रेजी न्यूज चैनल न्यूजएक्स (NewsX) में अपनी पारी को विराम दे दिया है।
NewsX से अलग होने पर विनीत मल्होत्रा ने अपने अनुभवों और इस संस्थान से जुड़े लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में हर नया पड़ाव कुछ सिखाता है। NewsX उनके करियर का एक अहम हिस्सा रहा है और यहां के लोगों और अनुभवों ने उनके इस सफर को आकार दिया।
उन्होंने कहा कि मीडिया में दो दशक से ज्यादा समय बिताने के बाद भी उन्हें लगता है कि सबसे रोमांचक कहानियां अभी सामने आनी बाकी हैं। वह अपने करियर के अगले पड़ाव को लेकर उत्साहित हैं और दर्शकों, नए विचारों तथा तेजी से बदलते मीडिया जगत से जुड़ने के नए तरीकों को तलाशने की उम्मीद कर रहे हैं।
विनीत मल्होत्रा को टेलीविजन पत्रकारिता, स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग और संपादकीय नेतृत्व के क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। विनीत मल्होत्रा ने वर्ष 2005 में Zee Sports के साथ अपने टेलीविजन करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह Zee Sports, Ten Sports, Neo Cricket, Times Now, News World India, Tiranga TV और NewsX जैसे प्रमुख मीडिया नेटवर्क और प्लेटफॉर्म से जुड़े रहे।
विनीत मल्होत्रा का अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है।
संदीप कुमार को एचटी मीडिया में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया है। वह मीडिया और विज्ञापन क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
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संदीप कुमार (Sandeep Kumar) को एचटी मीडिया (HT Media) में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (Assistant Vice President) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।
संदीप ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह एचटी मीडिया लिमिटेड में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर नई जिम्मेदारी संभालने को लेकर खुश हैं। इससे पहले संदीप कुमार बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (Bennett Coleman & Co. Ltd.), यानी द टाइम्स ऑफ इंडिया (The Times of India) के साथ करीब 22 वर्षों तक जुड़े रहे। कंपनी में उनकी आखिरी जिम्मेदारी जनरल मैनेजर – टेलीकॉम, हैंडसेट, सीडी एंड टेक (General Manager – Telecom, Handset, CD & Tech) की थी।
संदीप को मीडिया और विज्ञापन क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्हें बिजनेस डेवलपमेंट, रेवेन्यू ग्रोथ, स्ट्रैटेजिक एडवरटाइजिंग सॉल्यूशंस और लंबे समय तक क्लाइंट पार्टनरशिप (Business Development, Revenue Growth, Strategic Advertising Solutions and Client Partnerships) बनाने में विशेषज्ञता हासिल है।
उन्होंने प्रिंट, डिजिटल, आउट ऑफ होम (OOH), ऑन-ग्राउंड और रेडियो जैसे अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Media Platforms) पर काम किया है।
औरिंदम मुखर्जी को इबेरिया स्किनब्रांड्स में हेड ऑफ डिजिटल मार्केटिंग नियुक्त किया गया है। वह डिजिटल मार्केटिंग रणनीतियों और ब्रांड्स की ऑनलाइन मौजूदगी को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे।
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औरिंदम मुखर्जी (Aurindam Mukherjee) को इबेरिया स्किनब्रांड्स (Iberia Skinbrands) में हेड ऑफ डिजिटल मार्केटिंग (Head of Digital Marketing) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।
औरिंदम ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह इबेरिया स्किनब्रांड्स में डिजिटल मार्केटिंग प्रमुख की नई जिम्मेदारी संभालने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने इस अवसर के लिए आभार जताया और लिंक्डइन सहित अन्य जगहों पर मिले अपने साथियों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
औरिंदम एक अनुभवी प्रोफेशनल हैं और व्यापक डिजिटल मीडिया मार्केटिंग रणनीतियों (Digital Media Marketing Strategies) को आगे बढ़ाने का अनुभव रखते हैं। उन्होंने डब्ल्यू फॉर वुमन (W for Woman), ऑरेलिया (Aurelia), विशफुल (Wishful), फोकसॉन्ग (Folksong) और एलेवन (Elleven) जैसे चर्चित ब्रांड्स के लिए डिजिटल मार्केटिंग रणनीतियों पर काम किया है।
संजय चौधरी को SAP Concur India में Senior Marketing Director और Head of Marketing की नई जिम्मेदारी मिली है। उनके पास B2B मार्केटिंग में 25 वर्षों से अधिक अनुभव है।
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संजय चौधरी (Sanjay Chaudhary) को एसएपी कॉन्कर इंडिया (SAP Concur India) में सीनियर मार्केटिंग डायरेक्टर और हेड ऑफ मार्केटिंग (Senior Marketing Director & Head of Marketing) की नई जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपने नए पद की जानकारी साझा की।
संजय के पास बी2बी इंडस्ट्रीज (B2B Industries) के लिए इंटीग्रेटेड मार्केटिंग कैंपेन (Integrated Marketing Campaigns) तैयार करने और उन्हें लागू करने का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैं यह साझा करते हुए खुश हूं कि मैं SAP Concur में Senior Marketing Director and Head of Marketing के तौर पर नई जिम्मेदारी शुरू कर रहा हूं।”
इससे पहले वह एसएपी इंडिया (SAP India) में इंडियन सबकॉन्टिनेंट के लिए हेड ऑफ मार्केटिंग, फाइनेंस एंड स्पेंड मैनेजमेंट (Head of Marketing, Finance and Spend Management) के पद पर कार्यरत थे। वह इंटेलेक्ट डिजाइन एरिना (Intellect Design Arena), लेंट्रा.एआई (Lentra.AI) में भी वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ऑरेकल इंडिया (Oracle India) में 13 वर्षों तक काम किया है।
WPP Media ने क्रिस्टोफर पॉल को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, क्लाइंट सर्विसेज के पद पर नियुक्त किया है।
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WPP Media ने क्रिस्टोफर पॉल को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, क्लाइंट सर्विसेज के पद पर नियुक्त किया है। अपनी नई भूमिका में वह कंपनी के तमिलनाडु कारोबार का नेतृत्व करेंगे।
इस पद पर उनकी जिम्मेदारी ग्राहकों के साथ संबंध मजबूत करने, कारोबार बढ़ाने और अलग-अलग ब्रैंड्स के लिए रणनीतिक दिशा तय करने की होगी। वह ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी, टेक्नोलॉजी और सर्विसेज जैसे क्षेत्रों के ब्रैंड्स के साथ काम करेंगे।
क्रिस्टोफर पॉल को मीडिया प्लानिंग, मीडिया खरीद और रणनीति बनाने के क्षेत्र में 20 साल से ज्यादा का अनुभव है।
उन्होंने Renault India, Yamaha Motors, Heinz, Godrej Consumer Products, Singapore Tourism Board, Western Union और Intel जैसे ब्रैंड्स के साथ काम किया है। इसके अलावा, उन्होंने Renault Duster, Yamaha COTB और Pudhiya Thalaimurai News Channel जैसे लॉन्च में भी नेतृत्व की भूमिका निभाई है।
WPP Media से जुड़ने से पहले Paul, Motivator (GroupM Media India Pvt. Ltd.) के साथ काम कर रहे थे। इससे पहले वह OMD India, Starcom MediaVest Group, Madison Communications और Everest Spice Ltd. में भी अलग-अलग पदों पर काम कर चुके हैं।
बैठक में ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी, शोभा रवि कपूर की दोबारा नियुक्ति, प्रियंका चौधरी के डायरेक्टर पद पर बने रहने और शोभा कपूर व एकता रवि कपूर के पारिश्रमिक (वेतन) से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे।
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बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड की 32वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 29 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से हुई। कंपनी ने अब इस बैठक के मिनट्स जारी किए हैं। बैठक में कंपनी के सभी पांच प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए। इनमें ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी, शोभा रवि कपूर की दोबारा नियुक्ति, प्रियंका चौधरी के डायरेक्टर पद पर बने रहने और शोभा कपूर व एकता रवि कपूर के पारिश्रमिक (वेतन) से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे।
कंपनी ने 8 अक्टूबर 2026 को बीएसई और एनएसई को इसकी जानकारी दी। कंपनी के मुताबिक, 29 सितंबर को हुई AGM के वोटिंग नतीजे और स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट पहले ही 30 सितंबर को स्टॉक एक्सचेंजों के साथ साझा की जा चुकी थी।
62 सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लिया हिस्सा
AGM में कुल 62 सदस्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम से हिस्सा लिया और बैठक के दौरान कोरम पूरा रहा। बैठक की अध्यक्षता कंपनी के नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन जितेंद्र कपूर ने की।
बैठक में जितेंद्र कपूर के अलावा मैनेजिंग डायरेक्टर शोभा कपूर, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर आशुतोष खन्ना, अविजित मुखर्जी, डॉ. अर्चना हिंगोरानी और पंकज चतुर्वेदी शामिल हुए। कंपनी के ग्रुप चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर एवं ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर संजय द्विवेदी और कंपनी सेक्रेटरी एवं कंप्लायंस ऑफिसर तन्नू शर्मा भी बैठक में मौजूद थीं।
कंपनी के वैधानिक ऑडिटर डेलॉयट हास्किन्स एंड सेल्स एलएलपी, सेक्रेटेरियल ऑडिटर एवीएस एंड एसोसिएट्स और स्क्रूटिनाइजर विजय यादव भी बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
किन निदेशकों ने AGM में हिस्सा नहीं लिया
कंपनी ने बताया कि जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एकता रवि कपूर, नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर ज्योति देशपांडे और प्रियंका चौधरी तथा इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रोहित जैन AGM में शामिल नहीं हो सके। बैठक में सदस्यों को यह भी बताया गया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए AGM होने के कारण प्रॉक्सी नियुक्त करने की जरूरत नहीं थी।
शोभा कपूर का पारिश्रमिक (वेतन) 2 साल के लिए मंजूर
AGM में सबसे अहम प्रस्तावों में से एक मैनेजिंग डायरेक्टर शोभा रवि कपूर के पारिश्रमिक (वेतन) से जुड़ा था। सदस्यों ने उनके बाकी बचे दो साल के कार्यकाल के लिए पारिश्रमिक (वेतन) को मंजूरी दे दी है। यह अवधि 10 नवंबर 2026 से 9 नवंबर 2028 तक है। प्रस्ताव के मुताबिक, उनका बेसिक वेतन अधिकतम 20 लाख रुपये प्रति माह, यानी 2.40 करोड़ रुपये सालाना तक हो सकता है।
इसके अलावा उन्हें बेसिक सैलरी के अधिकतम 50% तक हाउस रेंट अलाउंस, खुद और परिवार के लिए बेसिक सैलरी के 10% तक लीव ट्रैवल कन्सेशन/अलाउंस, मेडिकल और एक्सीडेंट इंश्योरेंस, अधिकतम दो क्लबों की फीस और बेसिक सैलरी के 30% तक मेडिकल व अन्य अलाउंस/संबंधित सुविधाएं मिल सकती हैं।
कंपनी प्रोविडेंट फंड, सुपरएनुएशन फंड या एन्युटी फंड में भी नियमों के अनुसार योगदान करेगी। कार्यकाल के अंत में कंपनी के नियमों के मुताबिक छुट्टियों का भुगतान भी किया जा सकेगा।
इसके अलावा कंपनी बिजनेस के लिए शोभा कपूर को उनकी जरूरत के अनुसार ड्राइवर वाली कार, मोबाइल फोन और घर पर टेलीफोन सुविधा उपलब्ध कराएगी। कंपनी के वैध बिजनेस से जुड़े मनोरंजन खर्चों की वास्तविक लागत के आधार पर भरपाई भी की जाएगी।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि अगर कार्यकाल के दौरान किसी वित्त वर्ष में कंपनी को नुकसान होता है या मुनाफा पर्याप्त नहीं रहता है, तब भी तय शर्तों के अनुसार उन्हें न्यूनतम पारिश्रमिक (वेतन) दिया जाएगा।
एकता कपूर के पारिश्रमिक (वेतन) को भी मंजूरी
AGM में जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एकता रवि कपूर के पारिश्रमिक (वेतन) से जुड़ा प्रस्ताव भी पास हो गया। उनके बाकी दो साल के कार्यकाल के लिए पारिश्रमिक (वेतन) की मंजूरी 10 नवंबर 2026 से 9 नवंबर 2028 तक है।उनका बेसिक वेतन भी अधिकतम 20 लाख रुपये प्रति माह, यानी 2.40 करोड़ रुपये सालाना तक हो सकता है।
उन्हें भी बेसिक सैलरी के 50% तक हाउस रेंट अलाउंस, 10% तक लीव ट्रैवल कन्सेशन/अलाउंस, मेडिकल और एक्सीडेंट इंश्योरेंस, अधिकतम दो क्लबों की फीस और 30% तक मेडिकल व अन्य अलाउंस/संबंधित सुविधाएं मिल सकती हैं। इसके अलावा कंपनी नियमों के अनुसार प्रोविडेंट फंड, सुपरएनुएशन फंड या एन्युटी फंड में योगदान करेगी और कार्यकाल के अंत में छुट्टियों का भुगतान किया जा सकेगा।
कंपनी बिजनेस के लिए ड्राइवर वाली कार, मोबाइल फोन और घर पर टेलीफोन सुविधा तथा कंपनी के वैध बिजनेस से जुड़े मनोरंजन खर्चों की भरपाई भी कर सकती है। नुकसान या मुनाफे में कमी की स्थिति में उन्हें भी प्रस्ताव में तय शर्तों के मुताबिक न्यूनतम पारिश्रमिक (वेतन) दिया जाएगा।
शोभा कपूर की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी
AGM में शोभा रवि कपूर की दोबारा नियुक्ति से जुड़ा प्रस्ताव भी पास हुआ। वह रोटेशन के आधार पर रिटायर हो रही थीं और दोबारा नियुक्ति के लिए पात्र थीं। सदस्यों ने उन्हें फिर से डायरेक्टर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
प्रियंका चौधरी पांच साल तक डायरेक्टर बनी रहेंगी
सदस्यों ने प्रियंका चौधरी के नॉन-एग्जिक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बने रहने को भी मंजूरी दे दी। उनका कार्यकाल 26 मई 2026 से 25 मई 2031 तक पांच साल का होगा। प्रस्ताव के मुताबिक, इस अवधि में उन्हें रोटेशन के आधार पर रिटायर नहीं होना होगा।
वित्तीय नतीजों को भी मंजूरी
AGM में वित्त वर्ष 2025-26 के कंपनी के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों के साथ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट को भी मंजूरी दी गई। स्क्रूटिनाइजर रिपोर्ट के मुताबिक, पांचों प्रस्ताव जरूरी बहुमत से पास हुए।
सेक्रेटेरियल ऑडिट में तीन नियमों से जुड़ी आपत्तियां
AGM में सदस्यों का ध्यान सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में बताई गई तीन बातों की ओर भी दिलाया गया। पहली, 31 अगस्त 2025 से 29 दिसंबर 2025 तक कुछ अवधि के लिए कंपनी के बोर्ड का गठन लिस्टिंग रेगुलेशन के रेगुलेशन 17(1)(b) के मुताबिक नहीं था। कंपनी ने बताया कि यह स्थिति एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का कार्यकाल पूरा होने पर रिटायर होने के कारण बनी थी। पंकज चतुर्वेदी को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किए जाने के बाद 30 दिसंबर 2025 से इसे ठीक कर दिया गया।
दूसरी, लगातार दो बोर्ड बैठकों और लगातार दो ऑडिट कमेटी बैठकों के बीच का अंतर 120 दिन की तय सीमा से ज्यादा हो गया था। तीसरी, 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को तय 60 दिन की समयसीमा के बाद मंजूर किया गया था।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के नतीजों में देरी कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट की एनसीएलटी से मंजूरी लंबित होने के कारण हुई। कंपनी चाहती थी कि स्कीम को 1 अप्रैल 2024 की नियुक्त तारीख से वित्तीय विवरणों में सही तरीके से लागू किया जाए।
कंपनी को एनसीएलटी से स्कीम को मंजूरी देने वाले आदेश की प्रमाणित कॉपी 10 जून 2025 को मिली। इसके बाद 3 जुलाई 2025 को बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों पर विचार कर उन्हें मंजूरी दी गई।
कंपनी ने बताया कि एनसीएलटी के आदेश के इंतजार के कारण बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिट कमेटी की लगातार दो बैठकों के बीच भी 120 दिन से ज्यादा का अंतर रहा। कंपनी ने कहा कि इन सभी डिफॉल्ट को बाद में ठीक कर दिया गया।
कंपनी ने डिजिटल कारोबार पर दिया जोर
AGM में चेयरमैन जितेंद्र कपूर ने वित्त वर्ष 2025-26 को कंपनी के लिए शांत लेकिन सोच-समझकर किए गए बदलाव का साल बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने ऐसी कहानियों और प्लेटफॉर्म में निवेश किया है, जो आने वाले कई दशकों में कंपनी को आगे ले जा सकें। इसके बाद ग्रुप सीईओ और ग्रुप सीएफओ संजय द्विवेदी ने कंपनी के प्रदर्शन और अलग-अलग कारोबार के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और बालाजी ने अपनी तीन दशक की विरासत के साथ नए प्रयोगों को जोड़कर भारतीय कहानियां पेश करने की कोशिश जारी रखी है।
कंपनी की नेटफ्लिक्स के साथ लंबी अवधि की क्रिएटिव पार्टनरशिप के तहत दो नई वेब सीरीज पर काम चल रहा है। लॉक अप का प्रीमियर प्लेटफॉर्म पर हो चुका है, जबकि कोहिनूर फिलहाल अस्थायी नाम के तौर पर आने वाले प्रोजेक्ट्स में शामिल है।
बालाजी स्टूडियो के जरिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के साथ नई साझेदारियां भी की गई हैं, जिसके तहत हिंदी वर्टिकल माइक्रो-ड्रामा बनाए जा रहे हैं। यह मोबाइल पर देखे जाने वाला तेजी से बढ़ता छोटा फॉर्मेट है, जिसे नई पीढ़ी की दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
Kutingg, AstroGuide और Hoonur की भी जानकारी
कंपनी ने अपने शॉर्ट-फॉर्मेट ओटीटी प्लेटफॉर्म Kutingg की शुरुआत की है। वहीं Balaji AstroGuide के 1.8 मिलियन यानी 18 लाख से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं। कंपनी के नए टैलेंट मैनेजमेंट वर्टिकल Hoonur के पास 30 से ज्यादा एक्सक्लूसिव कलाकार हैं।
टीवी और फिल्मों पर भी फोकस
टेलीविजन कारोबार की बात करते हुए कंपनी ने बताया कि Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2 और Naagin 7 टीआरपी चार्ट में आगे चल रहे हैं। फिल्म कारोबार में कंपनी ने अपनी पाइपलाइन को मजबूत करने पर जोर दिया है। Vrusshabha वित्त वर्ष के दौरान रिलीज हुई, जबकि Bhooth Bangla वित्त वर्ष खत्म होने के बाद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी की रिलीज पाइपलाइन में Vvan, Hero Ki Horroin और Ragini 3 शामिल हैं। कंपनी ने बताया कि Vvan 25 सितंबर 2026 को रिलीज हो चुकी है और इसे दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।कंपनी की लंबी अवधि की योजना हर साल चार से छह फिल्में बनाने की है।
डिजिटल कारोबार की ऑर्डर बुक 350 करोड़ रुपये से ज्यादा
संजय द्विवेदी ने बताया कि डिजिटल कारोबार कंपनी के भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनी की B2B ऑर्डर बुक 350 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है, जिससे आने वाले समय की कमाई को लेकर अच्छी दृश्यता मिलती है।
उन्होंने बताया कि कंपनी का यूट्यूब नेटवर्क अब 1.1 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर तक पहुंच चुका है। कंपनी ओन्ड आईपी, फास्ट चैनल और नए डिजिटल फॉर्मेट में भी अवसर तलाश रही है।
कंपनी डिजिटल कारोबार को ज्यादा बड़े स्तर पर ले जाने और उसकी क्षमता बढ़ाने के लिए एआई, ऑटोमेशन और अपनी बौद्धिक संपदा का इस्तेमाल भी बढ़ा रही है। बालाजी स्टूडियो प्रीमियम ओटीटी और नए डिजिटल फॉर्मेट के लिए कंटेंट तैयार करने वाले क्रिएटिव हब के रूप में उभर रहा है।
FY26 में 210.8 करोड़ रुपये रहा कंसोलिडेटेड रेवेन्यू
कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में उसका कंसोलिडेटेड ऑपरेशंस से रेवेन्यू 210.8 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की लिक्विड कैश और म्यूचुअल फंड के साथ प्रवेश किया है।
कंपनी ने यह भी बताया कि पिछले साल ALT Digital Media Entertainment और Marinating Films Private Limited का बालाजी टेलीफिल्म्स में विलय किया गया। इससे कंपनी का कामकाज सरल हुआ और 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का GST इनपुट क्रेडिट मिला।
कंपनी के मुताबिक, इस बदलाव से आने वाले कुछ वर्षों के लिए वह लगभग शून्य टैक्स देने वाली कंपनी की स्थिति में भी आ गई है। FY27 में कंपनी का फोकस अपनी तैयार की गई निवेश और कंटेंट पाइपलाइन को कमाई में बदलने, पूंजी के बेहतर इस्तेमाल, कामकाज में बेहतर प्रदर्शन और फिल्मों, डिजिटल व टेलीविजन कारोबार में काम पूरा करने की गति बढ़ाने पर रहेगा।
शेयरधारकों ने पूछे कई सवाल
AGM में शेयरधारकों ने कंपनी के कर्ज, ब्याज दर और कर्ज कम करने के प्रयासों से लेकर कारोबार की भविष्य की वृद्धि तक कई सवाल पूछे। शेयरधारकों ने कंपनी से टॉपलाइन और बॉटमलाइन ग्रोथ के अनुमान, इस वित्त वर्ष की फिल्म पाइपलाइन, डिजिटल कारोबार की योजनाओं और टीवी, डिजिटल तथा फिल्मों से आने वाले रेवेन्यू के हिस्से के बारे में सवाल किया।
इसके अलावा कंपनी में कर्मचारियों की कुल संख्या, महिला कर्मचारियों की संख्या, GST दरों में बदलाव का असर, जुटाए गए फंड के इस्तेमाल, आगे फंड जुटाने की योजना, डिविडेंड नहीं देने की वजह और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के असर को लेकर भी सवाल पूछे गए।
शेयरधारकों ने यह भी पूछा कि FY27 में डिजिटल पाइपलाइन का कितना हिस्सा कमाई में बदला जाएगा और इन डिजिटल-फर्स्ट शो से कितना मार्जिन मिलने की उम्मीद है। इन सभी सवालों का जवाब संजय द्विवेदी ने दिया।
52 शेयरधारकों ने मांगी थी Annual Report की फिजिकल कॉपी
कंपनी ने बताया कि 52 शेयरधारकों ने Annual Report की फिजिकल कॉपी मांगी थी। इनमें से 48 कॉपियां भेजी जा चुकी थीं, जबकि बाकी कॉपियां भेजने की प्रक्रिया में थीं।
वोटिंग के नतीजे
स्क्रूटिनाइजर की 30 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के आधार पर AGM के सभी पांच प्रस्ताव जरूरी बहुमत से पास हुए।
रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के कुल शेयरधारकों की संख्या 29,110 थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए AGM में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के 5 तथा पब्लिक कैटेगरी के 27 शेयरधारकों ने हिस्सा लिया। सभी पांच प्रस्तावों पर वोटिंग में कुल 65,073,582 वोट पड़े।
पहले प्रस्ताव यानी वित्तीय विवरणों को मंजूरी देने के पक्ष में 65,068,458 वोट और विरोध में 5,124 वोट पड़े। इस तरह पक्ष में 99.9921% वोट रहे।
दूसरे प्रस्ताव यानी शोभा कपूर की दोबारा नियुक्ति के पक्ष में भी 65,068,458 वोट और विरोध में 5,124 वोट पड़े। यह प्रस्ताव भी 99.9921% वोट के साथ पास हुआ।
तीसरे प्रस्ताव यानी प्रियंका चौधरी के डायरेक्टर पद पर बने रहने के पक्ष में 65,060,209 वोट और विरोध में 13,373 वोट पड़े। पक्ष में 99.9794% वोट रहे।
चौथा प्रस्ताव शोभा कपूर के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में पारिश्रमिक (वेतन) से जुड़ा था। इसके पक्ष में 65,060,209 वोट और विरोध में 13,373 वोट पड़े और यह प्रस्ताव भी 99.9794% वोट के साथ पास हुआ।
पांचवां प्रस्ताव एकता रवि कपूर के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में बाकी दो साल के कार्यकाल के पारिश्रमिक (वेतन) से जुड़ा था। स्क्रूटिनाइजर रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रस्ताव भी जरूरी बहुमत के साथ पास हुआ।
AGM 29 सितंबर 2026 को दोपहर 3:30 बजे शुरू हुई और शाम 4:50 बजे समाप्त हुई। इसके बाद जिन सदस्यों ने रिमोट ई-वोटिंग के जरिए वोट नहीं किया था, उनके लिए KFin Technologies की वेबसाइट पर 30 मिनट तक ई-वोटिंग की सुविधा खुली रही।
कंपनी ने बताया कि वोटिंग के नतीजे 30 सितंबर 2026 को स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के आधार पर घोषित किए गए थे।
भारत में गेमिंग ऐप्स और गेम्स के जरिए विज्ञापन देने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। रियल मनी गेमिंग (RMG) पर रोक और उससे जुड़े बदलावों के बावजूद इस क्षेत्र में विज्ञापन खर्च बढ़ा है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
इमरान फजल, असिटेंट एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।
भारत में गेमिंग ऐप्स और गेम्स के जरिए विज्ञापन देने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। रियल मनी गेमिंग (RMG) पर रोक और उससे जुड़े बदलावों के बावजूद इस क्षेत्र में विज्ञापन खर्च बढ़ा है। इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों का अनुमान है कि रियल मनी गेमिंग (RMG) क्षेत्र में आई रुकावटों के बावजूद 2025 में गेमिंग ऐडवर्टाइजिंग मार्केट में 12% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, 2026 के त्योहारी सीजन में गेमिंग विज्ञापनों पर खर्च 15 से 30% तक बढ़ सकता है।
इस बढ़ोतरी के पीछे विज्ञापन देने वाली कंपनियों का बढ़ता दायरा है। अब एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, फिनटेक, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, टेक्नोलॉजी और एंटरटेनमेंट जैसे क्षेत्रों की कंपनियां गेमिंग प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। इससे संकेत मिलता है कि ब्रैंड अब गेमिंग को केवल नए प्रयोग के तौर पर नहीं देख रहे, बल्कि इसे अपने विज्ञापन बजट और मीडिया रणनीति का नियमित हिस्सा बना रहे हैं।
डेट्सू इंडिया में स्पोर्ट्स, गेमिंग, एंटरटेनमेंट और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग के प्रेजिडेंट रोहित पोटफोड (Rohit Potphode) ने कहा कि डिजिटल विज्ञापन के त्योहारी मिश्रण में गेमिंग की हिस्सेदारी बढ़ रही है। उनके मुताबिक, पिछले साल की तुलना में गेमिंग पर होने वाला सामान्य खर्च करीब 20 से 30% बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, "जिन क्षेत्रों के ब्रैंड्स का युवा दर्शकों, डिजिटल उपभोक्ताओं और टेक्नोलॉजी आधारित अनुभवों से स्वाभाविक जुड़ाव है, उनके लिए यह बढ़ोतरी काफी ज्यादा हो सकती है। यह मीडिया बाजार के परिपक्व होने का एक बड़ा संकेत है। अब गेमिंग को सोशल मीडिया, वीडियो, इन्फ्लुएंसर, ओटीटी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ रखकर देखा जा रहा है। इसे केवल मुख्य मीडिया योजना से बाहर किसी नए प्रयोग के तौर पर नहीं देखा जा रहा।"
सिर्फ प्रयोग से आगे बढ़कर योजनाबद्ध खर्च की ओर गेमिंग
गेमिंग विज्ञापन पर बढ़ते खर्च के साथ कंपनियों की विज्ञापन रणनीति में भी बदलाव आ रहा है। 2025 में गेमिंग से जुड़े विज्ञापन अभियानों में छोटे स्तर पर प्रयोग, कम समय तक चलने वाली गतिविधियां और लोगों की भागीदारी बढ़ाने जैसे लक्ष्यों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था। लेकिन इस साल विज्ञापन एजेंसियां बड़े अभियान, लंबे समय तक लोगों को जोड़े रखने की योजनाएं और सोशल मीडिया, कंटेंट क्रिएटर्स, वीडियो, मनोरंजन तथा ई-कॉमर्स के साथ बेहतर तालमेल देख रही हैं।
Gozoop Creative के कंट्री हेड Amyn Ghadiali का अनुमान है कि 2026 में पिछले साल की तुलना में त्योहारी सीजन के दौरान गेमिंग विज्ञापनों पर खर्च करीब 15 से 20% बढ़ा है। इसके मुकाबले, त्योहारी सीजन में कुल विज्ञापन खर्च में लगभग 10 से 12% की बढ़ोतरी का अनुमान है।
Amyn Ghadiali ने कहा, "इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण आंकड़ा यह है कि रियल मनी गेमिंग क्षेत्र में रुकावटों के बावजूद 2025 में गेमिंग ऐडवर्टाइजिंग मार्केट 12% बढ़ा। इसलिए इस साल की बढ़ोतरी को केवल त्योहारी सीजन में खर्च बढ़ने के तौर पर नहीं देखना चाहिए। गेमिंग अब विज्ञापन देने वाली कंपनियों का ज्यादा विविध समूह तैयार कर रहा है। अब इस क्षेत्र की प्रासंगिकता केवल रियल मनी गेमिंग पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह अपनी अलग पहचान बना रहा है।"
उनके मुताबिक, जो ब्रैंड पहले से गेमिंग में विज्ञापन दे रहे हैं, उनके बजट में करीब 15 से 25% की बढ़ोतरी का अनुमान है। हालांकि, सबसे बड़ा बदलाव केवल बजट बढ़ना नहीं, बल्कि छोटे प्रयोगों से आगे बढ़कर लगातार निवेश करना है।
त्योहारी सीजन में यह बदलाव खास मायने रखता है। इस दौरान कंपनियां डिजिटल वीडियो, सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और कनेक्टेड टेलीविजन पर उपभोक्ताओं का ध्यान खींचने के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं। गेमिंग विज्ञापन कंपनियों को ऐसा माहौल देते हैं, जहां वे केवल विज्ञापन दिखाने के बजाय उपभोक्ताओं को लंबे समय तक जोड़ने की कोशिश कर सकती हैं।
RMG क्षेत्र में बदलाव से विज्ञापन देने वाली कंपनियों का दायरा बढ़ा
भारत के गेमिंग क्षेत्र में मुख्यधारा की कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी के पीछे रियल मनी गेमिंग पर लगी रोक के बाद आया बड़ा बदलाव भी है। पहले रियल मनी गेमिंग कंपनियां डिजिटल ऐडवर्टाइजिंग मार्केट में प्रमुख विज्ञापनदाताओं में शामिल थीं। इन कंपनियों की मौजूदगी कम होने से गेमिंग ऐडवर्टाइजिंग मार्केट में एक खाली जगह बनी। इसके बाद गेमिंग प्लेटफॉर्म, गेम बनाने वाली कंपनियों और डेवलपर्स को विज्ञापन से कमाई के नए तरीके तलाशने पड़े और दूसरे क्षेत्रों के ब्रैंड्स को जोड़ने पर ध्यान देना पड़ा।
Funcell Games के फाउंडक और सीईओ अभिषेक मालपानी ने कहा कि रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध ने भारत के गेमिंग ऐडवर्टाइजिंग मार्केट को काफी हद तक बदल दिया है।
उन्होंने कहा, "रियल मनी गेमिंग कंपनियां खुद भी बड़ी विज्ञापनदाता थीं। अब इनमें से कुछ कंपनियां ऐसे मॉडल की ओर बढ़ रही हैं, जहां गेम मुफ्त में खेले जा सकते हैं और विज्ञापनों के जरिए कमाई होती है। इससे ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और एंटरटेनमेंट जैसे क्षेत्रों के बड़े ब्रैंड्स को गेमिंग दर्शकों तक पहुंचने के नए अवसर मिल रहे हैं।"
इस बदलाव से विज्ञापन देने वाली कंपनियों का दायरा पहले से ज्यादा विविध हो रहा है। एफएमसीजी और उपभोक्ता उत्पाद बनाने वाली कंपनियां अपनी पहुंच और लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए गेमिंग का इस्तेमाल कर सकती हैं। वहीं, ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियां विज्ञापनों को सीधे खरीदारी से जोड़ सकती हैं।
टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए भी गेमिंग एक उपयुक्त माध्यम है, क्योंकि इसके दर्शकों में युवा और डिजिटल माध्यमों का अधिक इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता शामिल हैं।
फ्री-टू-प्ले मॉडल का महत्व बढ़ा
गेमिंग क्षेत्र में मुफ्त गेम खेलने और विज्ञापनों के जरिए कमाई करने वाले मॉडल की बढ़ती अहमियत इस कारोबार के आर्थिक ढांचे को भी बदल रही है।
Metasports Interactive के को-फाउंडर और सीईओ कश्यप रेड्डी ने कहा कि रियल मनी गेमिंग में बिताया जाने वाला समय जब दूसरे तरह के गेम्स की ओर बढ़ेगा, तो ऐसे गेम्स को फायदा मिलने की संभावना है, जो खिलाड़ियों को लंबे समय तक जोड़े रख सकें।
उन्होंने कहा, "फ्री-टू-प्ले गेम में खिलाड़ी बिना पैसे दिए खेल सकते हैं। इसमें कमाई उन खिलाड़ियों की ओर से की जाने वाली इन-ऐप खरीदारी से होती है, जिन्हें अपने गेमिंग अनुभव को बेहतर बनाने में वास्तविक फायदा नजर आता है। इससे गेम में लोगों की भागीदारी और कमाई के बीच मजबूत संबंध बनता है। खिलाड़ी गेम में आगे बढ़ने, अपने अनुभव को अपनी पसंद के मुताबिक बनाने और उससे ज्यादा फायदा उठाने के लिए तभी खर्च करते हैं, जब उनकी उसमें गहरी दिलचस्पी होती है।"
विज्ञापन देने वाली कंपनियों के लिए यह केवल विज्ञापन दिखाने तक सीमित रहने के बजाय उपभोक्ताओं के साथ बेहतर जुड़ाव बनाने का अवसर है। गेमिंग प्लेटफॉर्म पर लोग लंबे समय तक समय बिताते हैं, कंटेंट के साथ जुड़ते हैं और अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं।
इसी वजह से गेमिंग विज्ञापन का अगला चरण सामान्य डिस्प्ले और वीडियो विज्ञापनों से आगे बढ़ सकता है। इसमें गेम के भीतर विज्ञापनों को शामिल करने और गेमिंग समुदायों के साथ सीधे जुड़ने पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकता है।
GDAI के एक प्रवक्ता ने कहा कि ब्रैंड्स के साथ साझेदारी और गेम के भीतर विज्ञापन से कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे गेम डेवलपर्स को अपने गेम बनाने, टीमों को बनाए रखने और ज्यादा दर्शकों तक पहुंचने के लिए आर्थिक मदद मिल सकती है।
प्रवक्ता ने कहा, "विज्ञापन के अलावा, ब्रैंड्स मिलकर नए अनुभव तैयार कर सकते हैं, ब्रैंड के नाम से चुनौतियां आयोजित कर सकते हैं और भारतीय त्योहारों, संस्कृति तथा कहानियों पर आधारित कंटेंट बना सकते हैं। जब गेमिंग के दर्शकों का ध्यान कम समय वाले वीडियो की ओर भी जाता है, तो दोनों इंडस्ट्रीों के पास एक-दूसरे से जुड़ने और उपभोक्ताओं तक पहुंचने का अवसर है।"
भारतीय गेमिंग स्टूडियो के लिए इस तरह की साझेदारी कमाई का एक अतिरिक्त जरिया बन सकती है। यह ऐसे समय में अहम है, जब इंडस्ट्री रियल मनी गेमिंग के बाद के नए माहौल के मुताबिक खुद को ढाल रहा है।
प्रवक्ता ने आगे कहा, "सफल साझेदारी में स्थानीय संस्कृति की समझ और ब्रैंड की पहुंच, दोनों का फायदा मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि खिलाड़ियों के अनुभव का ध्यान रखा जाए और गेम बनाने वाले स्टूडियो को भी उचित लाभ मिले।"
मीडिया योजनाओं में गेमिंग की भूमिका बढ़ी
कुल मिलाकर, गेमिंग को अब केवल गेमिंग इंडस्ट्री के प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि विज्ञापन के एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर देखा जा रहा है। त्योहारी सीजन इस बदलाव को और तेज कर सकता है, क्योंकि ब्रैंड डिजिटल माध्यमों पर ज्यादा लोगों तक पहुंचने और उनसे सीधे जुड़ने वाले विज्ञापन प्रारूपों की तलाश में हैं। अगर इस साल गेमिंग विज्ञापनों पर बढ़ा खर्च त्योहारी सीजन के बाद भी जारी रहता है, तो 2027 में विज्ञापनदाताओं की मीडिया योजनाओं में गेमिंग की भूमिका पहले से ज्यादा मजबूत हो सकती है।
गेमिंग इंडस्ट्री के लिए इसका महत्व केवल विज्ञापन से होने वाली कमाई तक सीमित नहीं है। विज्ञापन देने वाली कंपनियों का दायरा बढ़ने से गेम डेवलपर्स और प्लेटफॉर्म को कमाई का एक और जरिया मिल सकता है। इससे रियल मनी गेमिंग के बाद बदलते माहौल में इंडस्ट्री को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि त्योहारी सीजन में गेमिंग विज्ञापनों पर खर्च में होने वाली 15 से 30% की बढ़ोतरी केवल कुछ महीनों तक सीमित रहती है या फिर इससे भारत के डिजिटल ऐडवर्टाइजिंग मार्केट में गेमिंग की हिस्सेदारी का नया स्तर तय होता है।