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मीडिया एक्सपर्ट से एडटेक इनोवेटर बने राजकुमार रेमल्ली BidVid से गढ़ रहे नई परिभाषा

आज के समय में डिजिटल विज्ञापन न केवल महंगा हो गया है, बल्कि अत्यधिक प्रतिस्पर्धी भी हो गया है। ऐसे में एक क्रांति भारत में चुपचाप आकार ले रही है, न कि सिलिकॉन वैली में।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago

आज के समय में डिजिटल विज्ञापन न केवल महंगा हो गया है, बल्कि अत्यधिक प्रतिस्पर्धी भी हो गया है। ऐसे में एक क्रांति भारत में चुपचाप आकार ले रही है, न कि सिलिकॉन वैली में। इसका नाम है BidVid एक एआई-एमएल आधारित बिड ऑप्टिमाइजेशन टूल, जिसे मीडिया इंडस्ट्री के दिग्गज राजकुमार रेमल्ली ने विकसित किया है। इसका एक ही लक्ष्य है: YouTube विज्ञापनों को बेहद कुशल बनाना। और दिलचस्प बात यह है कि ये टूल अपने वादों पर खरा भी उतर रहा है।

क्या है BidVid?

BidVid एक ऑटोमेटेड बिड इंजन है। इसे सीधे YouTube अभियान (विशेष रूप से Google DV360 के जरिए) में प्लग करें और यह रियल टाइम में बिड्स को ऑप्टिमाइज करना शुरू कर देता है। इसके लिए न मीडिया प्लान बदलने की जरूरत है, न कैंपेन स्ट्रक्चर, और न ही कोई संवेदनशील डेटा साझा करना पड़ता है।

यह टूल सीधे आपके अकाउंट पर काम करता है और लाइव इंप्रेशन डेटा के आधार पर बिड्स को एडजस्ट करता है — किसी पुराने ट्रेंड पर नहीं, बल्कि वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर। नतीजा? विज्ञापनदाता माध्यम लागत में 20% तक की बचत देख रहे हैं, और कुछ मामलों में 50-70% तक की कुशलता भी हासिल कर चुके हैं।

BidVid के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रोहित ओंकार बताते हैं, “FMCG और एंटरटेनमेंट जैसी श्रेणियों में हमने देखा कि कैंपेन परफॉर्मेंस में तेज और नाटकीय सुधार हुआ। आप आज इसे जोड़ें और 24 से 48 घंटे में असर देख सकते हैं।”

कुशलता के लिए बना, हस्तक्षेप के लिए नहीं

BidVid कोई रहस्यमयी या छिपी हुई प्रणाली नहीं है। यह आपके डेटा को स्टोर नहीं करता और न ही आपकी रणनीति में दखल देता है। यह सिर्फ आपके मौजूदा टूल्स को बेहतर ढंग से काम करने में मदद करता है। इसे यूं समझिए जैसे आपकी कार के लिए एक ट्यूनिंग चिप हो — बस यहां यह आपके मीडिया खर्च को ट्यून करता है।

राजकुमार कहते हैं, “हम Google के ईकोसिस्टम की सीमाओं के भीतर रहकर ही काम करते हैं। हमारा मकसद है कि ब्रैंडस अपने मौजूदा टूल्स का अधिकतम लाभ उठा सकें।”

BidVid का डायनामिक वॉटरफॉल मॉडल हर इंप्रेशन के हिसाब से बिड को फाइन-ट्यून करता है — CPM, पहुंच और फ्रिक्वेंसी जैसे प्रमुख संकेतकों के आधार पर लगातार समायोजन करता है — ताकि किसी कमजोर इन्वेंट्री के लिए अधिक भुगतान न करना पड़े।

BidVid का विजन

राजकुमार रेमल्ली का करियर मीडिया-टेक स्टार्टअप के लिए आदर्श नींव जैसा दिखता है। उन्होंने The Times of India, Hindustan Times, NDTV Media और OpenX जैसे संगठनों में वरिष्ठ भूमिकाएं निभाई हैं। दशकों से उन्होंने इस बात पर नजर रखी है कि ब्रांड किस तरह मीडिया खरीद में कुशलता खोते हैं।

वे कहते हैं, “भारत जैसे बाजार में विज्ञापनदाताओं पर कम खर्च में ज्यादा पाने का दबाव होता है। BidVid इसी जरूरत से पैदा हुआ — यह केवल एक उत्पाद नहीं है, बल्कि प्रोग्रामेटिक विज्ञापन की सोच को नया आकार देने की कोशिश है।”

पूरी तरह भारत में विकसित BidVid आज वैश्विक मंच पर अपनी पकड़ बना रहा है। मिडल ईस्ट, साउथईस्ट एशिया और यूरोप के ब्रांड इसे अपना रहे हैं। एक डिस्ट्रीब्यूटेड टीम इस प्रयास को संभाल रही है, जो न केवल स्थानीय जरूरतें समझती है, बल्कि ब्रैंडस को लगातार ऑप्टिमाइज करने में भी मदद करती है।

इसकी अहमियत क्यों है?

YouTube आज भी दुनिया के सबसे प्रभावशाली विज्ञापन प्लेटफॉर्म्स में से एक है, लेकिन यहां गलत बिडिंग से बजट तेजी से खत्म हो सकता है। BidVid इस समस्या का समाधान बनकर उभरा है- एक एल्गोरिदमिक सहायक, जो बैकएंड से यह सुनिश्चित करता है कि हर रुपये, डॉलर या यूरो का अधिकतम असर हो।

राजकुमार बताते हैं, “कुछ मामलों में ब्रैंडस को वही परिणाम ₹100 की जगह ₹60 में मिले — और उन्हें अपने कैंपेन में कुछ भी बदलने की जरूरत नहीं पड़ी।”

बढ़ती लागत, घटती ध्यान अवधि और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के इस दौर में, BidVid जैसे टूल अब केवल सहायक नहीं, बल्कि आवश्यक बनते जा रहे हैं। 


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