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dentsu-e4m रिपोर्ट: 2025 तक भारत का डिजिटल ऐड मार्केट 20% बढ़ने की उम्मीद
भारतीय डिजिटल ऐडवर्टाइजिंग इकोसिस्टम एक अभूतपूर्व वृद्धि का अनुभव कर रहा है, जिसे तकनीकी प्रगति, उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच द्वारा प्रेरित किया जा रहा है
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 year ago
भारतीय डिजिटल ऐडवर्टाइजिंग इकोसिस्टम एक अभूतपूर्व वृद्धि का अनुभव कर रहा है, जिसे तकनीकी प्रगति, उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती पहुंच द्वारा प्रेरित किया जा रहा है। यह सेक्टर तेजी से बढ़ा है और अब अन्य ऐडवर्टाइजिंग माध्यमों से आगे निकल रहा है, क्योंकि बिजनेस अपनी मार्केटिंग रणनीतियों को डिजिटल-फर्स्ट कंज्यूमर्स के अनुकूल बना रहे हैं।
आज मुंबई में जारी नवीनतम e4m-dentsu रिपोर्ट के अनुसार, भारत का डिजिटल ऐडवर्टाइजिंग मार्केट 2025 में 20.2% की दर से बढ़ने का अनुमान है, जिसके वर्ष के अंत तक 59,200 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
इस बीच, भारत का डिजिटल इकोसिस्टम निरंतर विस्तार देखेगा, क्योंकि यह इंडस्ट्री 19.09% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ आगे बढ़ेगा और 2026 तक इसका बाजार आकार 69,856 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। तब तक, भारतीय ऐडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में डिजिटल मीडिया का योगदान कुल ऐडवर्टाइजिंग खर्च का 61% से अधिक होगा।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 2024 में इस इंडस्ट्री का मार्केट साइजु 49,251 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21.1% की वृद्धि को दर्शाता है। यह प्रवृत्ति जारी रहने की संभावना है, क्योंकि आने वाले वर्षों में डिजिटल मीडिया कुल ऐडवर्टाइजिंग सेक्टर में सबसे प्रभावशाली माध्यम बनने जा रहा है।
डिजिटल बदलाव
सोशल मीडिया, वीडियो प्लेटफॉर्म और एआई-संचालित ऐडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म की व्यापक स्वीकृति के साथ, डिजिटल ऐडवर्टाइजिंग भारत के मार्केटिंग इंडस्ट्री का मुख्य प्रेरक बन गया है। यह वृद्धि भारत के ऐडवर्टाइजिंग परिदृश्य में डिजिटल चैनलों के मजबूत प्रभुत्व और निरंतर विस्तार को उजागर करती है।
डिजिटल और पारंपरिक ऐडवर्टाइजिंग का सह-अस्तित्व
डिजिटल ऐडवर्टाइजिंग में जबरदस्त वृद्धि के बावजूद, भारत का मार्केटिंग परिदृश्य प्रगति और परंपरा का मिश्रण बना हुआ है। रिपोर्ट में बताय गया है, "हालांकि जेनरेटिव एआई, प्रोग्रामेटिक ऐडवर्टाइजिंग और ऑटोमेशन ऐडवर्टाइजिंग प्रक्रियाओं को सरल बना रहे हैं, पारंपरिक मीडिया जैसे टीवी, रेडियो और प्रिंट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।"
अब ब्रैंड डिजिटल रणनीतियों को पारंपरिक तरीकों के साथ तेजी से एकीकृत कर रहे हैं, जिससे एक 'फिजिटल' (फिजिकल + डिजिटल) ऐडवर्टाइजिंग मॉडल तैयार हो रहा है, जो कंज्युमर एक्सपीरियंस अनुभव को बेहतर बनाता है। रिपोर्ट में आगे उल्लेख किया गया है कि 'रिटेल मीडिया 2.0' और 'यूनिफाइड कॉमर्स' खुदरा प्रवृत्तियों को बदल रहे हैं, जबकि जेनरेशन वैल्यूज (Generational Values) ब्रैंड जुड़ाव को आकार दे रहे हैं।
यह चरण डिजिटल और पारंपरिक दृष्टिकोणों को मिलाकर एक गतिशील परिदृश्य तैयार कर रहा है, जहां बिजनेस कंज्यूमर्स के साथ सार्थक और नवीन तरीकों से जुड़ सकते हैं।
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