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दिल्ली HC ने यूट्यूबर मोहक मंगल को ANI के खिलाफ मानहानिकारक कंटेंट हटाने का दिया निर्देश
दिल्ली हाई कोर्ट ने 29 मई को यूट्यूबर मोहक मंगल और कॉमेडियन कुनाल कामरा को निर्देश दिया कि वे न्यूज एजेंसी ANI के खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक सोशल मीडिया पोस्ट हटाएं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 8 months ago
दिल्ली हाई कोर्ट ने 29 मई को यूट्यूबर मोहक मंगल और कॉमेडियन कुनाल कामरा को निर्देश दिया कि वे न्यूज एजेंसी ANI के खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक सोशल मीडिया पोस्ट हटाएं। यह निर्देश उस मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया है जो ANI ने दायर किया है। एजेंसी ने ₹2.10 करोड़ के हर्जाने और भविष्य में कोई भी मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित करने पर स्थायी रोक लगाने की मांग की है।
विवाद की शुरुआत 25 मई को उस वक्त हुई जब मोहक मंगल ने एक यूट्यूब वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने ANI पर कॉपीराइट कानूनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि ANI ने उनसे कॉपीराइट स्ट्राइक सुलझाने के लिए ₹40 लाख की मांग की है।
ANI की ओर से पेश सीनियर अधिवक्ता अमित सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि मंगल ने ANI की कॉपीराइट की गई सामग्री और ट्रेडमार्क का बिना अनुमति इस्तेमाल किया और झूठे व नुकसानदायक आरोप लगाए। मोहक मंगल के यूट्यूब चैनल के 40 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं।
कामरा से ट्वीट हटाने को कहा गया
अदालत ने कॉमेडियन कुनाल कामरा के एक ट्वीट को भी मामले में शामिल किया जिसमें उन्होंने ANI को “ठग” और “माफिया” कहा था। जस्टिस अमित बंसल ने कहा कि पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा स्वीकार्य नहीं है और कामरा के वकील से पूछा कि क्या वह यह ट्वीट हटाएंगे। वकील ने इससे इनकार किया, लेकिन अदालत ने मौखिक रूप से ट्वीट हटाने का निर्देश दिया। एक और ट्वीट पर भी चर्चा हुई, लेकिन उस पर अभी कोई निर्देश नहीं दिया गया है।
मोहम्मद जुबैर ने ट्वीट हटाने पर सहमति दी
AltNews के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर, जिन्होंने इस विषय पर एक ट्वीट किया था, ने उसे हटाने पर सहमति जताई। उनके वकील ने अदालत को बताया कि जुबैर ने उस पोस्ट से कोई आर्थिक लाभ नहीं कमाया।
ANI का आरोप: ट्रेडमार्क का दुरुपयोग, फर्जी कंटेंट
ANI ने कहा कि मोहक मंगल ने उसके वीडियो क्लिप्स बिना अनुमति के इस्तेमाल किए, डिस्क्लेमर को बेहद छोटे फॉन्ट में डाला और ANI की एडिटर स्मिता प्रकाश से जुड़ा हुआ एक कथित फर्जी ट्रांसक्रिप्ट तैयार किया। ANI का यह भी कहना है कि वीडियो पोस्ट होने के बाद अन्य लोग भी ANI के बहिष्कार की अपील करने लगे और ऑनलाइन अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे।
जस्टिस बंसल ने वीडियो के कुछ अंश देखने के बाद कहा कि कुछ टिप्पणियां सीमा लांघती हैं और मोहक मंगल की कानूनी टीम को उन्हें हटाने पर विचार करने को कहा।
मोहक मंगल का पक्ष: कॉपीराइट स्ट्राइक दबाव बनाने का जरिया
मोहक मंगल के वकील चंदर लाल ने कहा कि शुरुआत में ANI ने ₹45 लाख का कंटेंट डील ऑफर किया, फिर इसे ₹24 लाख कर दिया और बाद में कॉपीराइट स्ट्राइक के जरिए ₹40 लाख की मांग की। उन्होंने दावा किया कि ANI यूट्यूब के कॉपीराइट टूल्स का इस्तेमाल आलोचना को चुप कराने के लिए कर रही है। लेकिन जज ने पूछा कि मोहक ने ANI के वीडियो बिना लाइसेंस क्यों इस्तेमाल किए और कहा कि ध्यान उन हिस्सों पर होना चाहिए जो मानहानिकारक हैं।
ANI की मांग है कि वीडियो को हटाया जाए और मोहक मंगल सहित अन्य लोग उसके ट्रेडमार्क का इस्तेमाल बंद करें। कोर्ट यह देखने के बाद सुनवाई जारी रखेगी कि मौखिक निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं।
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