COAI ने प्रसार भारती की अगुवाई में किए गए D2M तकनीकी परीक्षण पर उठाए सवाल

देश के सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (COAI) ने हाल ही में प्रसार भारती की अगुवाई में किए गए Direct-to-Mobile (D2M) ब्रॉडकास्टिंग तकनीकी परीक्षण पर गंभीर चिंता जताई है।

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Wednesday, 07 January, 2026
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देश के सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (COAI) ने हाल ही में प्रसार भारती की अगुवाई में किए गए Direct-to-Mobile (D2M) ब्रॉडकास्टिंग तकनीकी परीक्षण पर गंभीर चिंता जताई है। COAI का कहना है कि यह टेस्ट अधूरा था, जरूरी लोगों को इसमें नहीं लिया गया और सरकार के बताए नियमों के मुताबिक नहीं हुआ।

COAI ने कहा कि D2M ब्रॉडकास्टिंग का असर स्पेक्ट्रम मैनेजमेंट, टेलीकॉम नेटवर्क, डिवाइस इकोसिस्टम और उपभोक्ता सुरक्षा पर पड़ सकता है। ऐसे में मंत्रालय ने सितंबर 2025 में कहा था कि किसी भी तकनीकी मूल्यांकन में सभी हितधारकों को शामिल किया जाए और स्पष्ट दिशानिर्देश (ToR) तय किए जाएं।

लेकिन COAI ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियों और डिवाइस पार्टनर्स को शामिल किए बिना परीक्षण रिपोर्ट जारी कर दी गई और ToR साझा नहीं किए गए। COAI का कहना है कि इस तरह की प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता के खिलाफ है।

COAI ने बताया कि परीक्षण का फोकस मुख्य रूप से इंटरफेरेंस और डिवाइस हीटिंग पर था, जबकि कई जरूरी मुद्दे जैसे EMF नियम, डिवाइस सर्टिफिकेशन, लाइसेंसिंग, वास्तविक उपयोग परिदृश्य और D2M के लिए डिवाइस/चिपसेट की तैयारी पर ध्यान नहीं दिया गया।

एसपी कोचर, डायरेक्टर-जनरल, COAI ने कहा, "राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी मूल्यांकन पारदर्शी, सभी पक्षों को शामिल करने वाला और तकनीकी तटस्थ होना चाहिए। बिना व्यापक मूल्यांकन के कोई नीति निर्णय नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और डिजिटल विकास के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।"

COAI ने सरकार से D2M तकनीकी मूल्यांकन फिर से करने, सभी तकनीकी विकल्पों को निष्पक्ष रूप से जांचने, और टेलीकॉम ऑपरेटर, डिवाइस निर्माता, चिपसेट विक्रेता, रेगुलेटर और लैब्स को पूरी प्रक्रिया में शामिल करने का आग्रह किया है। साथ ही, COAI ने TRAI और DoT के तहत सार्वजनिक परामर्श और मानक/परफॉर्मेंस बेंचमार्क तैयार करने की भी मांग की है।

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यूट्यूब चैनलों पर राज टेलीविजन की तामिल फिल्मों की स्ट्रीमिंग रोक बरकरार, याचिका खारिज

मद्रास हाई कोर्ट ने राज टेलीविजन नेटवर्क की तामिल फिल्मों को बिना अनुमति ऑनलाइन दिखाने वाले यूट्यूबर पलानीवेल ढक्सनमूर्ति के खिलाफ लगाई गई रोक (अंतरिम निषेधाज्ञा) हटाने से इनकार कर दिया।

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Wednesday, 07 January, 2026
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मद्रास हाई कोर्ट ने राज टेलीविजन नेटवर्क की तामिल फिल्मों को बिना अनुमति ऑनलाइन दिखाने वाले यूट्यूबर पलानीवेल ढक्सनमूर्ति के खिलाफ लगाई गई रोक (अंतरिम निषेधाज्ञा) हटाने से इनकार कर दिया।

'लाइवलॉ' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मामला तामिल फिल्मों 16 Vayathinile, Kalangarai Vilakkam और Kudiyirundha Kovil का है। राज टेलीविजन का कहना है कि इन फिल्मों के डिजिटल और ऑनलाइन राइट्स सिर्फ उसी के पास हैं।

कोर्ट ने 12 दिसंबर, 2025 को आदेश दिया कि यूट्यूबर की याचिका खारिज की जाती है। कोर्ट ने पाया कि राज टेलीविजन ने सही सबूत दिखाए हैं कि फिल्में बिना अनुमति स्ट्रीम की गईं।

पलानीवेल के चार यूट्यूब चैनल हैं – Tamil Blockbuster, Blockbuster Movies, B4K Music और Bravo HD Movies. राज टेलीविजन का कहना है कि इन चैनलों पर फिल्में बिना इजाजत अपलोड की गईं। पलानीवेल ने कहा कि उसने मूल कॉपीराइट मालिकों से लिखित अनुमति ली थी और राज टेलीविजन के अधिकार पर सवाल उठाया।

कोर्ट ने कहा कि पहले दिए गए कॉपीराइट अधिकार बाद की अनुमति से बदल नहीं सकते। साथ ही, अगर फिल्में लगातार स्ट्रीम होती रहीं तो नुकसान हो सकता है। इसलिए रोक को स्थायी कर दिया गया।

कोर्ट ने पलानीवेल पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया, जो तमिलनाडु राज्य लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को देना होगा।

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इस बड़े पद पर ‘Asianxt Digital Technologies’ से फिर जुड़े समर्थ शर्मा

इस भूमिका में समर्थ शर्मा कंपनी के अगले चरण के स्ट्रैटेजिक विकास और D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) ट्रांसफॉर्मेशन को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। इस कंपनी के साथ समर्थ शर्मा की यह दूसरी पारी है।

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Tuesday, 06 January, 2026
Samarth Sharma

‘Asianxt Digital Technologies’ (पूर्ववर्ती नाम ‘एशियानेट न्यूज मीडिया एंड एंटरटेनमेंट’) ने समर्थ शर्मा को कंपनी का नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) नियुक्त करने की घोषणा की है। इस भूमिका में समर्थ शर्मा कंपनी के अगले चरण के स्ट्रैटेजिक विकास और D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) ट्रांसफॉर्मेशन को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

कंपनी के अनुसार, इस भूमिका में समर्थ शर्मा कंपनी की ग्रोथ की जिम्मेदारी संभालेंगे, जिसमें खास तौर पर कंटेंट विस्तार, कंज्यूमर-फेसिंग प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी आधारित प्लेटफॉर्म इनोवेशन पर फोकस रहेगा।

बता दें कि ‘Asianxt’ में समर्थ शर्मा की यह दूसरी पारी है। इससे पहले वह करीब पांच साल तक ग्रुप के डिजिटल बिजनेस का नेतृत्व कर चुके हैं। उस दौरान वह पहले चीफ बिजनेस ऑफिसर (CBO) और बाद में COO की भूमिका में रहे। इस दौरान उन्होंने कंपनी के डिजिटल पोर्टफोलियो और रेवेन्यू को विभिन्न प्लेटफॉर्म्स और मार्केट्स में मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

समर्थ शर्मा ‘Sportskeeda’ के को-फाउंडर रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ‘Deutsche Bank’ और ‘TransUnion-CIBIL’ जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ भी काम किया है। उन्हें डिजिटल कंटेंट, सोशल मीडिया और कंटेंट क्रिएटर इकोसिस्टम की गहरी समझ और अनुभव है।

अपनी नियुक्ति के बारे में समर्थ शर्मा का कहना है, ‘Asianxt विकास के एक अहम दौर में प्रवेश कर रहा है। मैं स्केल और इनोवेशन पर केंद्रित एक मजबूत ट्रांसफॉर्मेशन एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हूं। हमारा लक्ष्य विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों में एक ज्यादा मजबूत और इंटीग्रेटेड डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करना है।’

वहीं समर्थ शर्मा का स्वागत करते हुए कंपनी के सीईओ नीरज कोहली ने कहा, ‘समर्थ के पास स्पष्ट विजन और उसके कार्यान्वयन की क्षमता है। अपने पिछले कार्यकाल में उन्होंने देश भर में ऑडियंस के साथ Asianetnews.com को आगे ले जाने और तेजी से मोनेटाइजेशन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी। हमें खुशी है कि वे एक बार फिर D2C के विकास को रफ्तार देने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं।’

 

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Quint Digital अमेरिका की इस मीडिया कंपनी में बढ़ाएगी हिस्सेदारी

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 30 दिसंबर 2025 को हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया। बैठक करीब आधे घंटे चली और इसी दौरान इस निवेश को मंजूरी दी गई।

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Saturday, 03 January, 2026
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देश की डिजिटल मीडिया व टेक्नोलॉजी कंपनी 'क्विंट डिजिटल' (Quint Digital Limited) ने अमेरिका की जानी-मानी मीडिया कंपनी Lee Enterprises में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी ने इसके लिए एक स्टॉक परचेज एग्रीमेंट साइन किया है। इस बारे में 'क्विंट डिजिटल' ने शेयर बाजार को आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है।

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 30 दिसंबर 2025 को हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया। बैठक करीब आधे घंटे चली और इसी दौरान इस निवेश को मंजूरी दी गई।

कितना निवेश करेगी 'क्विंट डिजिटल'?

'क्विंट डिजिटल' ने Lee Enterprises के 24 लाख से ज्यादा शेयर खरीदने का फैसला किया है। यह निवेश प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए किया जा रहा है। हर शेयर की कीमत 3.25 डॉलर तय की गई है। इस तरह 'क्विंट डिजिटल' का कुल निवेश करीब 7.97 मिलियन डॉलर होगा।

इस सौदे के पूरा होने के बाद Lee Enterprises में 'क्विंट डिजिटल' की हिस्सेदारी बढ़कर 14.85 प्रतिशत हो जाएगी।

Lee Enterprises क्या करती है?

Lee Enterprises अमेरिका की एक बड़ी मीडिया और पब्लिशिंग कंपनी है। यह कंपनी स्थानीय खबरों, डिजिटल मीडिया और विज्ञापन के क्षेत्र में काम करती है। Lee के पास कई दैनिक अखबार, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सैकड़ों साप्ताहिक प्रकाशन हैं।

कंपनी अमेरिका के 25 राज्यों के 72 शहरों में सक्रिय है और स्थानीय खबरों पर खास फोकस करती है। Lee Enterprises का मुख्यालय अमेरिका के आयोवा राज्य में है और इसके शेयर NASDAQ स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं।

इस निवेश का मकसद क्या है?

'क्विंट डिजिटल' ने बताया है कि इस निवेश से मिलने वाला पैसा Lee Enterprises अपनी रोज़मर्रा की जरूरतों, कामकाज और अन्य कॉरपोरेट खर्चों में इस्तेमाल करेगी। इसमें ऑपरेशनल खर्च और जरूरी फीस का भुगतान भी शामिल है।

कंपनी का कहना है कि यह निवेश किसी भी तरह से संबंधित पक्षों के बीच लेन-देन नहीं है और यह पूरी तरह व्यावसायिक शर्तों पर किया जा रहा है।

कब तक पूरा होगा सौदा?

कंपनी के मुताबिक, सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद यह सौदा 45 से 60 दिनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए किसी सरकारी या रेगुलेटरी मंजूरी की जरूरत नहीं बताई गई है।

'क्विंट डिजिटल' खुद को भारत की प्रमुख डिजिटल और मीडिया-टेक कंपनी के रूप में पेश करती है। कंपनी का फोकस AI, टेक्नोलॉजी और नए डिजिटल फॉर्मेट्स पर है। इसके प्रमुख प्लेटफॉर्म्स में The Quint, The News Minute, Youth Ki Awaaz और Kisan India शामिल हैं।

इसके अलावा कंपनी ने हाल ही में अमेरिका की ListenFirst Media का अधिग्रहण किया है और Time Out UK के साथ भारत में साझेदारी भी की है। 

'क्विंट डिजिटल' ने इस पूरे निवेश की जानकारी SEBI के नियमों के तहत बीएसई को दी है। कंपनी का कहना है कि इससे उसके अंतरराष्ट्रीय मीडिया निवेश और डिजिटल विस्तार को मजबूती मिलेगी। 

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Grok AI को लेकर बढ़ा विवाद, भारत सरकार ने X को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

एलन मस्क की कंपनी X और उसका AI चैटबॉट Grok एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार मामला बेहद गंभीर है।

Last Modified:
Saturday, 03 January, 2026
Grok AI

एलन मस्क की कंपनी X और उसका AI चैटबॉट Grok एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार मामला बेहद गंभीर है। आरोप है कि Grok AI का इस्तेमाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर महिलाओं और नाबालिगों की आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरें बनाने में किया जा रहा है। इस पर अब भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया है और X को 72 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है।

सरकार का कहना है कि यदि तय समय में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो X के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कैसे हो रहा है Grok का गलत इस्तेमाल?

पिछले कुछ दिनों से X पर ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां यूजर्स किसी महिला या नाबालिग की फोटो पोस्ट करके Grok को टैग करते हैं और उससे तस्वीर को आपत्तिजनक रूप में बदलने को कहते हैं। आरोप है कि Grok बिना किसी रोक-टोक के इन निर्देशों का पालन कर रहा है।

कई मामलों में सिर्फ इतना लिखने से कि “इसे बिकनी में दिखाओ” या “इसके कपड़े हटा दो”, AI तस्वीर को बदल दे रहा है। सबसे चिंता की बात यह है कि यह सब बिना उस व्यक्ति की सहमति के हो रहा है, जिसकी तस्वीर इस्तेमाल की जा रही है।

भारत सरकार का सख्त संदेश

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने X को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इसमें साफ कहा गया है कि 72 घंटे के अंदर कंपनी को बताना होगा कि उसने अब तक क्या कदम उठाए हैं और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या करेगी।

सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों का पालन नहीं हुआ, तो X को भारत में मिलने वाली कानूनी सुरक्षा खत्म हो सकती है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म, उसके जिम्मेदार अधिकारियों और नियम तोड़ने वाले यूजर्स के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

महिलाओं की गरिमा और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

सरकार ने अपने पत्र में साफ किया है कि इस तरह की AI-जनरेटेड तस्वीरें महिलाओं की गरिमा, निजता और सुरक्षा पर सीधा हमला हैं। खासतौर पर नाबालिगों से जुड़ा मामला होने की वजह से इसे और भी संवेदनशील माना जा रहा है।

सरकार ने X से कहा है कि ऐसी सभी तस्वीरों को तुरंत हटाया जाए और Grok जैसे AI टूल्स पर मजबूत सुरक्षा नियम लगाए जाएँ, ताकि आगे इस तरह का दुरुपयोग न हो सके।

पीड़ितों की बात और xAI का रुख

कुछ पीड़ितों ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि इस तरह की AI-तस्वीरों ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। एक महिला ने बताया कि Grok ने उनकी तस्वीरों को इस तरह बदला कि उन्हें खुद को अपमानित और असहाय महसूस हुआ।

जब इस मामले में Grok बनाने वाली कंपनी xAI से सवाल किए गए, तो कंपनी की ओर से कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने पूरे मामले को हल्के में लेते हुए पारंपरिक मीडिया पर ही सवाल खड़े किए।

क्या रुक पाएगा यह गलत इस्तेमाल?

AI एक्सपर्ट्स का कहना है कि तकनीकी तौर पर इस तरह के फीचर्स पर रोक लगाना संभव है। लेकिन सवाल यह है कि क्या कंपनियाँ समय रहते जिम्मेदारी दिखाएँगी या नहीं। भारत सरकार का मौजूदा रुख बताता है कि अब ऐसे मामलों में ढील नहीं दी जाएगी।

आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि X और xAI इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या Grok जैसे AI टूल्स पर लगाम लगाई जाती है या नहीं।

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जल्द ‘हिन्दुस्तान’ (डिजिटल) की कमान संभाल सकती हैं प्रतिमा शर्मा

प्रतिमा शर्मा लंबे समय से ‘नेटवर्क18’ (Network) समूह के साथ जुड़ी हुई हैं और फिलहाल इस समूह की बिजनेस न्यूज वेबसाइट ‘मनीकंट्रोल’ (moneycontrol)- हिंदी में बतौर संपादक अपनी जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

Last Modified:
Tuesday, 30 December, 2025
Pratima Sharma

वरिष्ठ पत्रकार प्रतिमा शर्मा के बारे में खबर है कि वह जल्द ही ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ (Hindustan Times) समूह के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत कर सकती हैं। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, वह जल्द ही ‘हिन्दुस्तान’ की न्यूज वेबसाइट livehindustan.com में बतौर एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी।

प्रतिमा शर्मा लंबे समय से ‘नेटवर्क18’ (Network) समूह के साथ जुड़ी हुई हैं और फिलहाल इस समूह की बिजनेस न्यूज वेबसाइट ‘मनीकंट्रोल’ (moneycontrol)- हिंदी में बतौर संपादक अपनी जिम्मेदारी संभाल रही हैं।  

बता दें कि बतौर एडिटर livehindustan.com समेत इस समूह की अन्य भाषाओं की वेबसाइट संभाल रहे प्रभाष झा ने करीब तीन माह पहले यहां से इस्तीफा देकर ‘टाइम्स ग्रुप’ जॉइन कर लिया है। तब से यह पद खाली था और यहां नियुक्ति को लेकर तमाम वरिष्ठ पत्रकारों के नाम मीडिया गलियारों में चर्चा में थे। लेकिन अब खबर है कि ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ (डिजिटल) में चीफ कंटेंट ऑफिसर बिनॉय प्रभाकर ने इस पद के लिए प्रतिमा शर्मा के नाम को हरी झंडी दे दी है। गौरतलब है कि बिनॉय प्रभाकर भी लंबे समय तक ‘नेटवर्क18’ समूह में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।   

प्रतिमा शर्मा को डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्हें कंटेंट प्लानिंग, संपादन और टीम मैनेजमेंट में विशेषज्ञता है। पूर्व में वह ‘अमर उजाला’ और ‘द इकनॉमिक टाइम्स’ (हिंदी) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी भूमिका निभा चुकी हैं।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो पटना वीमेंस कॉलेज से ग्रेजुएट प्रतिमा शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएट किया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली स्थित ‘YMCA’ से प्रिंट जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है।

समाचार4मीडिया की टीम ने इस बारे में आधिकारिक रूप से पुष्टि के लिए ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ के प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक वहां से प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी थी। इसके साथ ही प्रतिमा शर्मा ने भी कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार किया है।

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Gmail यूजर्स अब बिना नया अकाउंट बनाए बदल सकेंगे अपना ईमेल एड्रेस

गूगल ने हाल ही में एक नया फीचर पेश किया है, जिससे अब यूजर्स अपना मौजूदा @gmail.com एड्रेस बदल सकते हैं

Last Modified:
Saturday, 27 December, 2025
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गूगल ने ऐसे जीमेल (Gmail) यूजर्स को खुशखबरी दी है, जो अपने पुराने शर्मनाक यूजर्स में फंसे हुए हैं। गूगल ने हाल ही में एक नया फीचर पेश किया है, जिससे अब यूजर्स अपना मौजूदा @gmail.com एड्रेस बदल सकते हैं और सभी डेटा और सर्विसेज वहीँ बनी रहेंगी।

हालांकि, यह नया ऑप्शन अभी गूगल की हिंदी सपोर्ट पेज पर दिख रहा है, जिससे अंदाजा लगता है कि यह पहले भारत या हिंदी भाषी मार्केट्स में रोल आउट होगा। धीरे-धीरे यह फीचर सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा, लेकिन पूरी तरह ग्लोबल रोल आउट में कुछ समय लग सकता है।

कैसे काम करेगा नया फीचर:

  • पुराने एड्रेस को बदलने के बाद भी यह ऑटोमैटिकली एलियास (alias) की तरह काम करेगा। यानी पुराने एड्रेस पर आने वाले ईमेल सीधे आपके नए इनबॉक्स में आएंगे।

  • नया Gmail एड्रेस बदलने के बाद भी आप पुराने एड्रेस से Google Drive, Maps, YouTube जैसी सर्विसेज में लॉगिन कर सकते हैं।

  • पहले नया Gmail एड्रेस लेने के लिए पूरी नई अकाउंट बनानी पड़ती थी और डेटा मैन्युअली ट्रांसफर करना पड़ता था, जो काफी झंझट वाला काम था। अब ऐसा करने की जरूरत नहीं।

कुछ नियम और सीमाएं:

  • एक बार नया Gmail एड्रेस चुनने के बाद, अगले 12 महीनों तक आप दूसरा नया एड्रेस नहीं बना पाएंगे।

  • नया चुना गया एड्रेस डिलीट नहीं किया जा सकता।

  • पुराने एड्रेस को कभी भी दोबारा यूज किया जा सकता है।

गूगल ने अभी तक इस बदलाव के लिए कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज या घोषणा नहीं की है, लेकिन यह फीचर यूजर फोरम और टेक कम्युनिटीज में पहले ही खोजा जा चुका है।

इस नए फीचर के साथ, अब यूजर्स अपने पुराने, अजीब लगे ईमेल एड्रेस को बदलकर एक नया, प्रोफेशनल एड्रेस बना सकते हैं, बिना किसी डेटा या सेटिंग खोए।

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16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया बैन पर विचार करे सरकार: मद्रास हाईकोर्ट

देश के बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने एक अहम सुझाव दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह ऑस्ट्रेलिया की तरह कोई कानून बनाने पर विचार करें

Last Modified:
Saturday, 27 December, 2025
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देश के बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए मद्रास हाईकोर्ट ने एक अहम सुझाव दिया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह ऑस्ट्रेलिया की तरह कोई कानून बनाने पर विचार करें, जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक हो।

यह टिप्पणी जस्टिस जी. जयचंद्रन और जस्टिस के.के. रामकृष्णन की बेंच ने 2018 में दाखिल एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की। इस याचिका में बच्चों तक अश्लील कंटेंट की आसान पहुंच का मुद्दा उठाया गया था। कोर्ट ने कहा कि बच्चों से जुड़ा आपत्तिजनक और यौन शोषण वाला कंटेंट तेजी से बढ़ रहा है और मौजूदा नियम इसे रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहे हैं।

कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया और मोबाइल इंटरनेट के जरिए बच्चे ऐसे कंटेंट के संपर्क में आ रहे हैं जो उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए खतरनाक है। इसी वजह से देश में इस बात पर गंभीर बहस होनी चाहिए कि क्या बच्चों के लिए सोशल मीडिया की उम्र सीमा तय की जानी चाहिए।

ऑस्ट्रेलिया मॉडल का दिया हवाला

मद्रास हाईकोर्ट ने ऑस्ट्रेलिया के हालिया कानून का उदाहरण दिया, जहां सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की न्यूनतम उम्र 16 साल तय की गई है। खास बात यह है कि वहां उम्र जांच की जिम्मेदारी माता-पिता पर नहीं बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डाली गई है। कोर्ट का मानना है कि ऐसा कानून भारत में भी बच्चों को गलत और नुकसानदेह कंटेंट से बचाने में मदद कर सकता है।

मौजूदा नियम नाकाफी

कोर्ट ने कहा कि सरकार की कोशिशों के बावजूद मोबाइल और इंटरनेट पर आपत्तिजनक सामग्री आसानी से उपलब्ध है। आईटी नियम 2021 भी इस समस्या को पूरी तरह नहीं रोक पाए हैं। जजों ने चिंता जताई कि इस तरह का कंटेंट बच्चों को गलत रास्ते पर ले जा सकता है और वे खुद शोषण का शिकार भी बन सकते हैं।

माता-पिता को भी ताकत देने की जरूरत

कोर्ट ने सिर्फ बैन की बात नहीं की बल्कि यह भी कहा कि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को ऐसे टूल देने चाहिए, जिससे माता-पिता बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रख सकें और जरूरत पड़ने पर उसे रोक सकें। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य बाल अधिकार आयोगों से भी मिलकर ठोस कदम उठाने की अपील की गई।

कुल मिलाकर, हाईकोर्ट का मानना है कि बच्चों को डिजिटल दुनिया के खतरों से बचाने के लिए सख्त कानून, तकनीकी उपाय और माता-पिता की भूमिका तीनों जरूरी हैं।

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बदलते दौर में बदलाव या नई तकनीक समस्या नहीं, सबसे बड़ा सवाल भरोसे का है: भूपेंद्र चौबे

'एक्सचेंज4मीडिया न्यूजनेक्स्ट समिट 2025' में कीनोट स्पीच देते हुए The Squirrels के फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ भूपेंद्र चौबे ने कहा कि भारतीय मीडिया के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती भरोसा और विश्वसनीयता है।

Last Modified:
Monday, 15 December, 2025
BhupendraChaube451

'एक्सचेंज4मीडिया न्यूजनेक्स्ट समिट 2025' (e4m NewsNext Summit 2025) में कीनोट स्पीच देते हुए The Squirrels के फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ भूपेंद्र चौबे ने कहा कि भारतीय मीडिया के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती भरोसा और विश्वसनीयता है। उनका कहना था कि समस्या पुराने प्लेटफॉर्म के खत्म होने की नहीं बल्कि तेजी से बदलते और लोकतांत्रित कंटेंट इकोसिस्टम में खुद को ढालने में विफलता की है।

भूपेंद्र चौबे ने यह बताते हुए कि हर साल इंडस्ट्री फोरम में वही सवाल क्यों दोहराए जाते हैं, कहा, “सिर्फ एक बात में कहें तो यह भरोसे और विश्वसनीयता की चुनौती है।” उन्होंने जोड़ा कि यह चुनौती किसी भी फॉर्मेट या प्लेटफॉर्म में मीडिया व्यवसाय को लगातार परेशान करती रहती है।

अपने करियर के अनुभव से चौबे ने बताया कि टीवी से अलग होने का उनका फैसला क्यों लिया। उन्होंने NDTV और Network18 में लगभग दो दशकों तक काम किया और CNN-News18 का नेतृत्व भी किया। उन्होंने कहा, “मैं उन पत्रकारों में से हूं जिन्होंने टीवी से अलग होने का फैसला किया, समस्याओं की पहचान की और अपना रास्ता खुद तय किया।” उन्होंने मीडिया में उद्यमिता को फायदेमंद लेकिन बेहद चुनौतीपूर्ण बताया।

मीडिया स्टार्टअप्स के बारे में रोमांटिक सोच पर भूपेंद्र चौबे ने कहा, “स्टार्टअप्स अच्छी हेडलाइन बनाते हैं, लेकिन असली टेस्ट यही है। यह आपको चुनौती देते हैं और आपको बाहर सोचकर समाधान खोजने पर मजबूर करते हैं।” उनके अनुसार, यही प्रयोग करने की इच्छा नए जमाने के मीडिया और पुराने संस्थानों में मूलभूत अंतर बनाती है।

आधुनिक पत्रकारिता में तकनीक को दिल में रखते हुए भूपेंद्र चौबे ने कहा, “मीडिया का वर्तमान तकनीक का है।” उन्होंने याद दिलाया कि अपने करियर की शुरुआत में वे पूरे प्रोडक्शन यूनिट के साथ एक कहानी पर पूरे महीने काम कर सकते थे, जो आज के मार्केट-ड्रिवन सिस्टम में संभव नहीं है।

टीवी या न्यूज बिजनेस के टूटने वाली धारणा को अस्वीकार करते हुए चौबे ने कहा कि सत्ता बस स्थानांतरित हो गई है। उन्होंने कहा, “आज यूट्यूबर के पास जो ताकत है, वह किसी स्टूडियो में बैठे व्यक्ति से अधिक हो सकती है।” उन्होंने जोड़ा कि असली कंटेंट वाले विश्वसनीय कहानीकार अब पारंपरिक ब्रॉडकास्ट की ताकत के बराबर या कभी-कभी उससे अधिक प्रभावशाली हैं।

उन्होंने कहा कि मात्रा आधारित पत्रकारिता का दौर खत्म हो गया है। “पहले यह मायने रखता था कि आप कितनी खबरें बनाते हैं। आज फोकस यह है कि कंटेंट किसी के समय के योग्य है या नहीं।” भूपेंद्र चौबे ने Soch और Think School जैसे प्लेटफॉर्म्स का उदाहरण देते हुए बताया कि उच्च गुणवत्ता और जानकारी-आधारित कहानी कहने के तरीके दर्शकों की उम्मीदों को बदल रहे हैं।

न्यूजरूम गेटकीपिंग पर बात करते हुए भूपेंद्र चौबे ने कहा, “वह दौर खत्म हो गया जब पांच एडिटर मिलकर बड़ी हेडलाइन तय करते थे।” उन्होंने जोड़ा कि महत्वपूर्ण राजनीतिक और पॉलिसी डिस्कोर्स धीरे-धीरे टीवी स्टूडियो से हटकर डिजिटल-फर्स्ट फॉर्मेट्स की ओर बढ़ रहे हैं, जैसे अमेरिका और यूरोप में हो रहा है।

ओपिनियन-आधारित प्रोग्रामिंग पर भूपेंद्र चौबे ने साफ कहा, “राय सस्ती और मुफ्त है।” उनका कहना था कि दर्शक अब ऐसे कंटेंट में समय खर्च नहीं करना चाहते, जिसमें केवल टिप्पणी हो और जानकारी या डेटा-आधारित मूल्य न हो।

उन्होंने यह भी बताया कि कंटेंट देखने के तरीके में मूलभूत बदलाव आया है। “आप कार या मेट्रो में बैठे हुए स्क्रॉल कर रहे हैं,” चौबे ने कहा, और यह बताया कि अगर कंटेंट वर्टिकल, मोबाइल-फर्स्ट फीड्स में ध्यान नहीं खींचता तो पुराने क्रेडेंशियल और पदनाम कोई सुरक्षा नहीं देते।

अपनी स्पीच का समापन करते हुए भूपेंद्र चौबे ने मीडिया की गलत प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया। उन्होंने हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री की एयर क्वालिटी पर टिप्पणी का हवाला देते हुए पूछा, “कैसे संभव है कि 800 न्यूज चैनलों वाले देश में ऐसी बात कही जा सकती है और यह हमें नाराज नहीं करता?” उन्होंने इंडस्ट्री से आग्रह किया कि वह यह सोचें कि बुनियादी मुद्दों जैसे साफ हवा पर नाराजगी क्यों नहीं दिखाते, जबकि कम महत्वपूर्ण विषयों पर आसानी से गुस्सा फैलाया जाता है।

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वरिष्ठ पत्रकार पंकज कपाही ने शुरू किया अपना डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म ‘Punjab First Voice’

अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने से पहले वह ‘लिविंग इंडिया न्यूज’ (Living India News) में बतौर पॉलिटिकल एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

Last Modified:
Thursday, 11 December, 2025
Pankaj Kapahi

पंजाबी मीडिया के जाने-माने चेहरे और वरिष्ठ पत्रकार पंकज कपाही ने करीब 15 साल टीवी की दुनिया में काम करने के बाद ‘पंजाब फर्स्ट वॉइस’ (Punjab First Voice) नाम से अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है।

पंकज के अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत में ही उन्होंने पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का धमाकेदार इंटरव्यू कर पंजाब में नई सियासी हलचल फैलाई, जिसको बाद में तमाम टीवी चैनल ने फॉलो किया

समाचार4मीडिया से बातचीत में पंकज ने बताया कि मशहूर गायक मनकीरत औलख, बॉलीवुड सुपर स्टार शाहिद कपूर, दिग्गज अदाकार पंकज कपूर उनकी पत्नी सुप्रिया पाठक,  गुरप्रीत gughi जैसे दिग्गज कलाकार ‘पंजाब फर्स्ट वॉयस’ के मंच पर इंटरव्यू देने आए। इसके साथ ही पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे की मौत के बाद सबसे पहले मुस्तफा का इंटरव्यू कर अन्य चैनल्स से बाजी मार ली।

बता दें कि पंकज कपाही को मीडिया में काम करने का काफी अनुभव है। अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने से पहले वह ‘लिविंग इंडिया न्यूज’ (Living India News) में बतौर पॉलिटिकल एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

समाचार4मीडिया से बातचीत में पंकज ने बताया कि वर्ष 2010 से 2017 तक वह दिल्ली में ‘जी मीडिया’ (Zee Media) से जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में रहकर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सियासी गतिविधियों के साथ-साथ संसद और केंद्र सरकार की इन राज्यों से जुड़ी रिपोर्टिंग की।

वर्ष 2017 में उन्होंने दिल्ली में ‘न्यूज18’ जॉइन किया और वर्ष 2020 से चंडीगढ़ में इस चैनल के साथ पंजाब सरकार से संबंधित कई बड़ी खबरों की कवरेज की। उन्होंने किसान आंदोलन, दिल्ली दंगे, और कोविड-19 जैसी घटनाओं की ग्राउंड ज़ीरो से रिपोर्टिंग की।

अपने अब तक के करियर में वह वर्ष 2012, 2017 और  2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव और वर्ष 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों की विस्तृत और जमीनी कवरेज कर चुके हैं। इसके साथ ही राजनीति के मैदान में उन्होंने राहुल गांधी, मुख्यमंत्री भगवंत मान, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रकाश सिंह बादल, चरणजीत सिंह चन्नी जैसे कई दिग्गज नेताओं के इंटरव्यू भी किए हैं।

समाचार4मीडिया की ओर से पंकज कपाही को उनके नए सफर के लिए ढेरों बधाई औऱ शुभकामनाएं।

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'न्यूज24' के हिंदी डिजिटल विंग से जुड़े शारिकुल होदा

जी मीडिया को हाल ही में अलविदा कहने वाले पत्रकार शारिकुल होदा (शारिक) ने अब नई मंजिल तलाश ली है।

Last Modified:
Tuesday, 09 December, 2025
shariqul-hoda8745

जी मीडिया को हाल ही में अलविदा कहने वाले पत्रकार शारिकुल होदा (शारिक) ने अब नई मंजिल तलाश ली है। वह अब 'न्यूज24' के हिंदी डिजिटल विंग के साथ सीनियर सब एडिटर के तौर पर जुड़ गए हैं।

बता दें कि जी मीडिया में उनकी पारी 6 साल लंबी चली। वो जीन्यूजडॉटकॉम (zeenews.com) में बतौर सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। इस संस्थान में वो स्पोर्ट्स, हेल्थ, लाइफस्टाइल, ट्रैवल और रिलेशनशिप सेक्शन को लीड कर चुके हैं।  

नवंबर 2019 में शारिक ने जी मीडिया में बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर जॉइन किया था। जहां उन्होंने इंग्लिश टू हिंदी लाइव ट्रांस्लेशन की जिम्मेदारी संभाली। सिर्फ 4 महीने के भीतर उन्हें जीन्यूजडॉटकॉम की वेबसाइट में शिफ्ट होना पड़ा। कोरोना वायरस महामारी के मुश्किल वक्त में उन्होंने स्पोर्ट्स डेस्क को लीड किया। बाद में उन्हें हेल्थ, लाइफस्टाइल, ट्रैवल और रिलेशनशिप सेक्शन को हेड किया। जरूरत पड़ने पर वो नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की न्यूज भी लिखते थे।  

शारिक के लिए स्पोर्ट्स उनका फेवरेट सेक्शन रहा है। साल 2008 में उन्होंने दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपने मीडिया करियर की शुरुआत की थी, फिर दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, श्री न्यूज, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION जैसे ऑर्गेनाइजेशन में उन्होंने अपनी सेवाएं दीं

शुरुआत में उन्होंने अखबार और टेलिविजन में तजुर्बा हासिल किया, लेकिन बेहतर भविष्य के लिए उन्होंने डिजिटल मीडिया में अपने करियर को स्विच कर लिया।

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