होम / ऐड वर्ल्ड / टीवी चैनल्स पर विज्ञापनों के मामले की सुनवाई को लेकर कोर्ट ने दी नई तारीख
टीवी चैनल्स पर विज्ञापनों के मामले की सुनवाई को लेकर कोर्ट ने दी नई तारीख
ट्राई ने न्यूज चैनल्स द्वारा दिखाए जा रहे अत्याधिक विज्ञापनों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर (intervention application) की है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
दिल्ली हाई कोर्ट ने टीवी चैनलों पर ऐड कैप (10+2 Ad Cap) के मामले की सुनवाई को 25 मई, 2022 तक स्थगित कर दिया है। बता दें कि ट्राई ने न्यूज चैनल्स द्वारा दिखाए जा रहे अत्याधिक विज्ञापनों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर (intervention application) की है। ट्राई ने न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) द्वारा पहले से दायर एक याचिका में हस्तक्षेप (intervention) की मांग की है। ट्राई की इस याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान एनबीडीए और केंद्र से उसके हस्तक्षेप आवेदन का जवाब देने को कहा था और मामले को 23 दिसंबर को सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया था।
इस मामले में न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) ने केंद्र सरकार को अपना जवाब दाखिल कर दिया है, पर वह ट्राई के आवेदन पर भी अपना जवाब दाखिल करेगा।
बता दें कि ट्राई ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि तमाम टेलीविजन चैनल्स पर जरूरत से ज्यादा विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं, जिसे लेकर उपभोक्ताओं से उन्हें कई शिकायती पत्र मिले हैं, जिसमें उपभोक्ताओं ने टीवी देखने के अपने अनुभव को साझा करते हुए उनसे शिकायत की है।
ट्राई ने केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 7(11) को चुनौती देने वाली न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) द्वारा दायर एक याचिका में हस्तक्षेप आवेदन (intervention application) दायर किया है। एनबीए ने तर्क दिया है कि ये नियम संविधान द्वारा प्रदत्त वाक एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए अधिकारहीन हैं।
केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 7(11) में कहा गया है कि कोई भी टीवी चैनल एक घंटे में 12 मिनट से ज्यादा विज्ञापन नहीं दिखा सकता है। उक्त नियम में कहा गया है, ‘कोई भी कार्यक्रम बारह मिनट प्रति घंटे से अधिक के विज्ञापन नहीं दिखाएगा, जिसमें प्रति घंटे दस मिनट तक वाणिज्यिक विज्ञापन और दो मिनट प्रति घंटे तक चैनल के प्रमोशनल प्रोग्राम शामिल हो सकते हैं।’
दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष 12 मिनट की विज्ञापन सीमा के खिलाफ पहले से ही दो अलग-अलग याचिकाएं दायर हैं। एक याचिका 2013 में न्यूज, रीजनल और म्यूजिक ब्रॉडकास्टर्स ने ट्राई द्वारा लागू किए गए 12 मिनट की ऐड कैप रेगुलेशन के खिलाफ दायर की थी। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता ब्रॉडकास्टर्स को अंतरिम राहत दी हुई है।
वहीं दूसरी याचिका इस साल अप्रैल में NBDA ने दायर की थी, जिसमें केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम 1994 के नियम 7(11) को चुनौती दी गयी है, जो विज्ञापनों की अवधि को विनियमित करने का प्रयास करता है। एनबीडीए ने तर्क दिया कि ट्राई के पास टीवी चैनल्स पर विज्ञापनों की समय-सीमा तय करने की पावर नहीं है। विज्ञापन को रेगुलेट करने का मतलब संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत सिर्फ फ्री कमर्शियल स्पीच को ही रेगुलेट करने के अलावा और कुछ नहीं है।
कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान इस मामले से जुड़ी पहले से पेंडिंग याचिकाओं को एनबीडीए की लंबित याचिका के साथ जोड़ दिया था।
टैग्स ट्राई विज्ञापन दिल्ली हाई कोर्ट ब्रॉडकास्टर्स टीवी चैनल्स 10+2 ऐड कैप विज्ञापन समय सीमा एनबीडीए