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जानें, पिछले 5 वर्षों में प्रिंट मीडिया के विज्ञापनों पर सरकारी खर्च
सूचना-प्रसारण मंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान बीओसी द्वारा विज्ञापन जारी किए गए अखबारों की संख्या 3,500 और 5,800 के बीच रही।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों में अखबारों के विज्ञापनों पर 190 करोड़ रुपए से 625 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में यह जानकारी दी है। बता दें कि सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) के अंतर्गत आने वाले ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन (BOC) के तहत मैगजीन समेत 7,256 अखबार सूचीबद्ध हैं।
सूचना-प्रसारण मंत्रालय के तहत बीओसी सरकार की विभिन्न नीतियों, स्कीमों, कार्यक्रमों और पहलों के बारे में सूचना के प्रसार के लिए विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) अभियान चलाता है। प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति, 2020 के अनुसार पैनल में शामिल अखबारों को ही विज्ञापन जारी किए जाते हैं।
सूचना-प्रसारण मंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान बीओसी द्वारा विज्ञापन जारी किए गए अखबारों की संख्या 3,500 और 5,800 के बीच रही। केंद्र सरकार द्वारा अखबारों को दिए जाने वाले विज्ञापनों की धनराशि सरकारी विज्ञापन की विभिन्न प्राथमिकताओं, आवश्यकताओं और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समयानुसार बदलती रहती है और पिछले पांच वर्षों के दौरान 190 करोड़ रुपए से लेकर 625 करोड़ रुपए के बीच रही।
मंत्री ने यह भी कहा कि बीओसी उन प्रकाशनों के लिए विज्ञापन जारी करता है, जो अभियान की आवश्यकता, उपलब्ध बजट, लक्षित पाठकों और ग्राहक विभागों द्वारा दर्शाई गई प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए और प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति, 2020 के अनुसार ही कदम उठाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में पत्रिकाओं सहित 7,256 प्रकाशन बीओसी के साथ सूचीबद्ध हैं। 24 मार्च 2022 तक पूर्वोत्तर राज्यों से संबंधित 120 अखबार बीओसी के साथ सूचीबद्ध हैं।
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