होम / ऐड वर्ल्ड / मीडिया में इस तरह के विज्ञापनों पर HC ने लगाई रोक
मीडिया में इस तरह के विज्ञापनों पर HC ने लगाई रोक
कई जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने लिया निर्णय, मामले में अगली सुनवाई नौ जनवरी को होगी
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
‘नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस’ (एनआरसी) तथा ‘नागरिकता संशोधन कानून’ (सीएए) को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच, इन दोनों मामलों को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कराका झटका दिया है।
दरअसल, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से प्रदेश भर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिए गए सभी विज्ञापनों को हटाने को कहा है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने अगले आदेश तक सरकार पर ऐसा कोई भी विज्ञापन देने पर रोक लगा दी है। सीएए पर जारी कई जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के बाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीबी राधाकृष्णनन नैयर और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
इस मामले में अब अगली सुनवाई नौ जनवरी को होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य के तमाम इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को तत्काल बहाल करने का भी आदेश दिया है। बता दें कि ममता बनर्जी ने टीवी चैनल्स और वेबसाइट्स समेत कई माध्यमों पर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में विज्ञापन दिया था। इन विज्ञापनों में ममता बनर्जी ने लोगों को भरोसा दिया था कि राज्य में इन दोनों को लागू नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ हाई कोर्ट में कई जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें वेबसाइट्स और अन्य जगहों से इस तरह के सभी विज्ञापनों को हटाने की मांग की गई थी।
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बंगाल के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था और बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई थी। इस पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता सरकार से राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर जिलेवार एक रिपोर्ट तलब की थी। कोर्ट ने बंगाल के अटॉर्नी जनरल से सीएए के खिलाफ दिए गए सरकारी विज्ञापनों पर भी सवाल जवाब किया था।
आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)
टैग्स विज्ञापन ममता बनर्जी हाई कोर्ट नागरिकता संशोधन कानून सीएए