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ASCI ने बताए ऐसे विज्ञापन, जिनकी वजह से ब्रैंड्स को पहुंचा नुकसान
ऐसे विज्ञापन जो पुरुषों को खराब तरीके से चित्रित करते हैं, कम कपड़े पहने महिलाओं को दिखाते हैं या वित्तीय लाभ का दावा करते हैं, वे भारतीयों को सबसे ज्यादा परेशान करते हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
ऐसे विज्ञापन जो पुरुषों को खराब तरीके से चित्रित करते हैं, कम कपड़े पहने महिलाओं को दिखाते हैं या वित्तीय लाभ का दावा करते हैं, वे भारतीयों को सबसे ज्यादा परेशान करते हैं। यह जानकारी उद्योग जगत की संस्था भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) ने ‘व्हाट इंडिया टेक्स ऑफंस टू’ शीर्षक नाम से जारी की गई अपनी रिपोर्ट में दी है।
भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) द्वारा हाल ही में किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि देश में पिछले तीन साल में धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले विज्ञापन बढ़े हैं। इन विज्ञापनों के अपमानजनक रवैये पर लोगों ने कई सारी शिकायतें दर्ज कराई हैं।
गुरुवार को जारी की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि इस संदर्भ में पिछले तीन सालों में 488 विज्ञापनों के खिलाफ ASCI को करीब 1700 शिकायतें मिली हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि विज्ञापन बनाने वाली कंपनियों ने देश की सांस्कृतिक सीमाओं की अवहेलना की और विज्ञापनों में जानबूझकर पुरुषों का मजाक उड़ाया है। धार्मिक भावनाओं को आहत करने के कारण कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज हुए हैं।
शिकायत में कहा कि विज्ञापन में धार्मिक पहचान पर चोट किया जा रहा है। परंपरा को एक नए तरीके से परिभाषित करने की कोशिश की जा रही है। नारियल व कुंडली को एक संकीर्ण सोच का दिखाया जा रहा है।
‘व्हाट इंडिया टेक्स ऑफंस टू’ शीर्षक नाम से जारी की गई रिपोर्ट में छह प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया है:
ऐसे विज्ञापन जो समाज में गलत संदेश दे रहे हैं-
ऐसे विज्ञापन जो व्यावसायिक लाभ के लिए समाज में गलत चीजों को सही बता कर उसे ऐड फिल्म के जरिए दिखाना, कई लोगों को बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। जैसे- White hat Jr, Levi’s denims, CRED, Ziddi Perfume, Kia motors के विज्ञापन
White hat Jr के जरिए सिर्फ कोडिंग सीखने वाले बच्चों का भविष्य सुनहरा है या फिर राहुल द्रविड़ को गुंडे के रूप में प्रदर्शित करने वाला CRED का विज्ञापन, जिसमें उनका गुस्से में कार का शीशा तोड़ना सही ठहराना, महिलाओं की बॉडी को एंगल्स में दिखाने वाला Ziddi Perfume का विज्ञापन।
बच्चों की मानसिकता को प्रभावित करने वाले विज्ञापन-
ऐसे विज्ञापन जो बच्चों के लिए अनुपयुक्त माने जाते हैं और प्राइम टाइम या पूरे परिवार के देखने के समय प्रसारित किए जाते हैं, जैसे पारले किसमी टॉफी वाला विज्ञापन, जिसमें एक बहुत ही छोटी लड़की अपने प्रेमी से चुंबन के लिए कहती है। या फिर Crax, Sebamed baby bath वाले विज्ञापन। वैसे कई भारतीयों की माने, तो ऐसे विज्ञापन जिसमें रोमांस, प्रेगनेंसी या डिलीवरी को दर्शाया जाए, जिससे एक छोटा बच्चा असहज सवाल पूछे, तो ऐसे विज्ञापनो को देखकर भी भारतीय परिवारों को गुस्सा आता है।
सामाजिक मर्यादा की सीमा लांघने वाली विज्ञापन-
ऐसे विज्ञापन जो ऐसे लोगों के कैरेक्टर को चित्रित करते हैं, या जो समाज द्वारा बनाए गए आदर-सम्मान की सीमाओं को लांघते हैं या जो रिश्तों का मजाक या फिर सामाजिक संस्कृति का मजाक उड़ाते हैं, ऐसे विज्ञापन भी भारतीय परिवारों को देखना अच्छा नहीं लगा। (उदाहरण के लिए Amul Macho का विज्ञापन, जिसमें विक्की कौशल को पुरुष की निगाहों के बारे में दिखाया गया है) Bingo mad angles, Kwality walls भी इसका उदाहरण हैं।
पुरुषों का मजाक उड़ाने वाले विज्ञापन-
ऐसे विज्ञापन, जिनमें पुरुषों का मजाक उड़ाया जाता है, उदाहरण के लिए Pepperfry का विज्ञापन, जो एक उग्र महिला को एक पुरुष पर चाकू फेंकते हुए दिखाता है। Cars 24 व Lions gate के भी विज्ञापन हैं, जिनमें पतियों या फिर बॉयफ्रैंड का मजाक उड़ाया गया है। इस तरह के विज्ञापनों को देखकर ज्यादातर पुरुषों की रुची इनके प्रॉडक्ट खरीदने में कम हुई है।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले विज्ञापन-
ICICI Banking Business, Manyavar, Wonder Cement, Fevicol- इन ब्रैंड्स के विज्ञापन को देखने वाले कई भारतीय ऐसे हैं, जिनको क्रिएटिविटी के नाम पर इस विज्ञापन को देखकर गुस्सा आया है, क्योंकि लोगों का मानना है कि इन विज्ञापनों में आस्था से जुड़ी चीजों का मज़ाक़ उड़ाते हुए दिखाया गया है।
अप्रिय वास्तविकताओं को दर्शाने वाले विज्ञापन-
अप्रिय वास्तविकताओं को दर्शाने वाले ऐसे विज्ञापन, जिनमें खून, मीट या मौत से जुड़ी बातों का खुलेआम जिक्र किया गया हो, वह भी देखना भारतीयों को रास नहीं आया। उदाहरण के लिए Stay free, policy bazaar, licious के विज्ञापन।
भारतीय विज्ञापन मानक परिषद ने सभी ब्रैंड्स से उम्मीद जताई है की उनकी स्टडी को गंभीरता से लें और सही तरीके से अपने प्रॉडक्ट का विज्ञापन दिखाएं, जिससे उनकी सेल बढ़े, न कि विज्ञापन देखकर लोगों का गुस्सा।
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