पूरन डावर ने बताया, क्यों किया गया इस टाइमिंग पर एंटी सैटेलाइट परीक्षण

विपक्षी दल चिल्लाते नहीं थकते कि सेना के कार्य का सरकार क्रेडिट क्यों...

Last Modified:
Thursday, 28 March, 2019
PURAN DAWAR

पूरन डावर
प्रखर चिंतक एवं विश्लेषक।।

विपक्षी दल चिल्लाते नहीं थकते कि सेना के कार्य का सरकार क्रेडिट क्यों लेती है। जब बॉर्डर पर या आतंकियों द्वारा कोई घटना होती है तो विपक्ष सेना पर चिल्लाता है, आईजी एनआईए पर या सरकार पर। जब चिल्लाता सरकार पर है, कार्यवाही की अपेक्षा जनता सरकार से करती है तो क्रेडिट किसे मिलना चाहिये?

जब क्षमता की बात होती है तो कांग्रेस कहती है यह तो पहले भी थी। समस्या तो यही है, शक्ति पहले भी थी तो प्रयोग क्यों नहीं होती थी। हमारे पास एटम बम था, लेकिन परीक्षण का साहस किसने दिखाया, विश्व को भारत की शक्ति कब पता लगी, विश्व के प्रतिबंधों की परवाह न करते हए उन सारे झटकों से उबारने वाली सरकार को क्रेडिट क्यों नहीं मिलेगा?

हमारी डिफेंस के पास सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की क्षमता थी, लेकिन जिसने उपयोग करने का साहस किया उस सरकार को क्रेडिट क्यों नहीं।

एंटी सैटेलाइट परीक्षण सही समय पर कर पाक और विश्व को अहसास कराना आवश्यक था कि भारत को कमज़ोर न समझें या चुनाव के दौरान पाकिस्तान कोई जुर्रत न कर सके। विपक्ष जाने-अनजाने अपने विरोधों से या हारने के डर से बौखलाहट में पाकिस्तान और चीन दोनों को लाभ पहुंचा रहा है। 1971 का क्रेडिट तो इंदिराजी को मिलना चाहिये, तो आज का मोदी को क्यों नहीं मिलना चाहिये? जो शक्ति के साथ साथ कूटनीति से अर्जित किया जा रहा है।

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