क्या युद्ध का हथियार बन गया है मीडिया?

जैसे-जैसे भारतीय टेलीविज़न न्यूज़ ज़्यादा नाटकीय और अति-राष्ट्रवादी होती जा रही है, वैसे-वैसे पत्रकारिता की विश्वसनीयता व ईमानदारी को बचाने के लिए सिर्फ सुधार की बात करना काफी नहीं है

Last Modified:
Wednesday, 14 May, 2025
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रुहैल अमीन, सीनियर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट, एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप ।। क्या युद्ध के दौरान मीडिया तंत्र केवल तभी सक्रिय होता है जब युद्ध शुरू होता है, या...
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