मैं दुनिया के लगभग 70-80 देशों में गया हूं, उनमें रहा हूं, पढ़ा हूं और पढ़ाता रहा हूं। उन देशों के अल्पसंख्यकों से मेरा निकट संपर्क भी होता रहा है
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डॉ. वेद प्रताप वैदिक