अब कैमरे के सामने सिर्फ इंसान ही नहीं, AI से बने चेहरे भी खबरें पढ़ रहे हैं और ब्रैंड कैंपेन कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या ये इंसानों की जगह लेंगे या सिर्फ एक नया टूल बनकर रहेंगे?
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Vikas Saxena
साल 2026 में भारतीय मीडिया और मार्केटिंग इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। कैमरे के सामने अब सिर्फ इंसान नहीं, बल्कि AI से बने चेहरे भी खबरें पढ़ रहे हैं, ब्रैंड्स के लिए कैंपेंस कर रहे हैं और लाखों फॉलोअर्स बटोर रहे हैं। लेकिन सवाल यही है कि क्या ये टेक्नोलॉजी असली इंसानों की जगह ले लेगी, या सिर्फ एक नया टूल बनकर रहेगी?
भारत में AI एंकर की शुरुआत
इस पूरी कहानी की शुरुआत होती है मार्च 2023 से, जब इंडिया टुडे ग्रुप ने दिल्ली में हुए अपने सालाना 'इंडिया टुडे कॉन्क्लेव' में देश की पहली AI न्यूज एंकर "सना" (Sana) लॉन्च किया। आजक के लिए लॉन्च की गई "सना" को इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने पेश करते हुए कहा था- "वो तेज है, खूबसूरत है, उम्र नहीं बढ़ती, थकती नहीं, कई भाषाएं बोलती है और पूरी तरह मेरे कंट्रोल में है।"
तो यह तय है- आजक / इंडिया टुडे ग्रुप ने भारत में सबसे पहले AI एंकर की शुरुआत की।
इसके बाद इंडिया टुडे ग्रुप ने अक्टूबर 2023 में एक और बड़ा कदम उठाया। मुंबई में हुए 'इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2023' के समापन दिन कली पुरी ने एक साथ पांच रीजनल AI एंकर्स पेश किए- "SAIli" (मुंबईतक, मराठी), "AIshwarya" (यूपीतक, भारततक और न्यूजतक, हिंदी), "NAIna" (आजक 2, भोजपुरी), "AIna" (आजक बांग्ला, बंगाली) और "JAI" (इंडिया टुडे टीवी, अंग्रेजी)।
इस तरह अकेले इंडिया टुडे ग्रुप के पास ही छह AI एंकर्स हो गए, जोकि देश में किसी भी मीडिया हाउस से सबसे ज्यादा हैं।
बाकी चैनल भी उतरे मैदान में
इंडिया टुडे के बाद एक के बाद एक कई चैनलों ने अपने AI एंकर उतारे:
अप्रैल 2023 में मलयालम चैनल 'मीडिया वन टीवी' ने एक पुरुष AI एंकर "Ivan" लॉन्च किया, जो भारत के शुरुआती मेल AI एंकर्स में से एक था।
जून 2023 में न्यूज18 पंजाब/ हरियाणा ने चंडीगढ़ में एक एजुकेशन समिट के दौरान "AI Kaur" को लाइव इवेंट में पेश किया, यह किसी लाइव इवेंट में लॉन्च होने वाला देश का पहला AI एंकर था। AI Kaur पंजाबी और अंग्रेजी दोनों में बात कर सकती है।
कन्नड़ चैनल Power TV ने 11 जुलाई 2023 को दक्षिण भारत का पहला AI एंकर "Soundarya" लॉन्च किया। उसके बाद एक और कन्नड़ चैनल News First Kannada ने "Maya" को उतारा।
जुलाई 2023 में ओड़िया भाषा के चैनल OTV (Odisha Television) ने "Lisa" नाम की AI एंकर पेश की, जो ओड़िया और अंग्रेजी दोनों में खबरें पढ़ सकती है। OTV ने इसे Odisha और India की पहली रीजनल AI न्यूज एंकर बताया।
सरकारी चैनलों में दूरदर्शन के 'डीडी किसान' ने 26 मई 2024 को अपनी 9वीं वर्षगांठ पर "AI Krish" और "AI Bhoomi" नाम के दो AI एंकर लॉन्च किए। ये 50 भारतीय और विदेशी भाषाओं में बात कर सकते हैं और किसानों के लिए कृषि, मौसम और मार्केट भाव की जानकारी देते हैं, ये किसी भारतीय सरकारी TV चैनल के पहले AI एंकर हैं।
2026 में इंडिया टुडे का नया कदम- "Sutra"
17 फरवरी 2026 को इंडिया टुडे ग्रुप ने नई दिल्ली में हुए इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में अपना अगली पीढ़ी का AI एंकर "Sutra" पेश किया। इसे BharatGen के साथ मिलकर बनाया गया है और इसे इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने शोकेस किया।
Sutra की सबसे खास बात है इसका "AI Sandwich" मॉडल- जिसमें AI एक सपोर्टिव टूल की भूमिका निभाता है। इंसान एडिटोरियल डारेक्टशन तय करता है और खबर दर्शकों तक पहुंचने से पहले फाइनल वैरिफिकेशन भी इंसान ही करता है। यानी Sutra एक स्वतंत्र एंकर नहीं, बल्कि ह्यूमन एडिटर्स की निगरानी में काम करने वाला AI टूल है।
इंडिया टुडे ग्रुप के चीफ AI ऑफिसर निलांजना दास ने कहा, "Sutra का लक्ष्य तेजी से बदलते न्यूज साइकल में क्लियरटी देना है। हम एक्प्लोर कर रहे हैं कि AI को कैसे इस्तेमाल किया जाए ताकि जानकारी ज्यादा इंक्लुसिव हो, और साथ ही एडिटोरियल स्टैंडर्ड्स भी बनी रहें।"
भारत के AI एंकर्स एक नजर में
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चैनल |
AI Anchor का नाम |
भाषा |
लॉन्च |
|
आजक (इंडिया टुडे ग्रुप) |
Sana |
Hindi |
मार्च 2023 |
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MediaOne TV |
Ivan |
मलयालम |
अप्रैल 2023 |
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न्यूज18 पंजाब/ हरियाणा |
AI Kaur |
Punjabi/अंग्रेजी |
जून 2023 |
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Power TV |
Soundarya |
कन्नड़ |
जुलाई 2023 |
|
News First कन्नड़ |
Maya |
कन्नड़ |
2023 |
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OTV (Odisha TV) |
Lisa |
ओड़िया/अंग्रेजी |
जुलाई 2023 |
|
इंडिया टुडे TV |
JAI |
अंग्रेजी |
अक्टूबर 2023 |
|
Mumbai Tak |
SAIli |
Marathi |
अक्टूबर 2023 |
|
News Tak / UP Tak / Bharat Tak |
AIshwarya |
Hindi |
अक्टूबर 2023 |
|
आजक 2 |
NAIna |
Bhojpuri |
अक्टूबर 2023 |
|
आजक Bangla |
AIna |
Bengali |
अक्टूबर 2023 |
|
DD Kisan (Doordarshan) |
AI Krish & AI Bhoomi |
50 भाषाएं |
मई 2024 |
|
इंडिया टुडे ग्रुप |
Sutra |
Multi-language |
फरवरी 2026 |
ग्लोबल व इंडियन मार्केट- आंकड़े क्या कहते हैं?
वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स और AI एंकर्स का मार्केट 2026 में किस रफ्तार से बढ़ रहा है, यह समझना जरूरी है। अलग-अलग रिसर्च फर्म्स के अनुमान अलग हैं, लेकिन सभी एक बात पर सहमत हैं- ग्रोथ एक्सप्लोसिव, यानी यह ग्रोथ बहुत तेज है।
The Business Research Company के मुताबिक ग्लोबल वर्चुअल इन्फ्लुएंसर मार्केट 2025 के $11.22 बिलियन से बढ़कर 2026 में $15.9 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो 41.7% की CAGR पर आधारित है। यही मार्केट 2030 तक $62.67 बिलियन को छूने का अनुमान है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, CMOs यानी Chief Marketing Officers 2026 तक अपने कुल इंफ्लुएंसर मार्केटिंग बजट का 30% हिस्सा वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स पर खर्च करने की योजना बना रहे हैं। इसका मतलब है कि $33 बिलियन की इन्फ्लुएसर मार्केटिंग इंडस्ट्री में से करीब $10 बिलियन वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स की तरफ जा सकता है।
भारत की तस्वीर और भी उत्साहजनक है। भारत की इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग इंडस्ट्री 2026 में ₹3,375 करोड़ तक पहुंचने के रास्ते पर है। भारत में वर्चुअल इन्फ्लुएंसर मार्केट 2025 से 2030 के बीच 47.3% की CAGR से बढ़ने का अनुमान है और 2030 तक यह $1.66 बिलियन तक पहुंच सकता है।
Deloitte की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत का वर्चुअल इन्फ्लुएंसर मार्केट 2030 तक $1.9–2 बिलियन तक पहुंच सकता है और यह एशिया-पैसिफिक में सबसे तेजी से बढ़ता हुआ मार्केट है।
भारत के वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स- Kyra, Naina और दूसरे नाम
AI एंकर्स की तरह वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स भी भारत में धीरे-धीरे मुख्यधारा में आ रहे हैं।
Kyra भारत की पहली और सबसे जानी-मानी वर्चुअल इन्फ्लुएंसर है। इसे FUTR Studios ने बनाया है। Kyra ने Travel + Leisure India के डिजिटल कवर पर जगह पाई, boAt के साथ डेब्यू कैंपेन किया जिसे इंस्टाग्राम पर 20 लाख से ज्यादा व्यूज मिले, और Amazon Prime Video, L'Oréal, WOW Skin Science तथा John Jacobs जैसे बड़े ब्रैंड्स के साथ काम किया है। वो Shark Tank India में भी पिच कर चुकी है। 2024 के अगस्त तक उसके इंस्टाग्राम पर 2.5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे।
Naina Avtr, जिसे Avtr Meta Labs के सीईओ अभिषेक राजदान ने बनाया है, 2026 तक इंस्टाग्राम पर 3.76 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स के साथ भारत की सबसे तेजी से बढ़ती वर्चुअल इन्फ्लुएंसर बन चुकी हैं। Naina ने Nykaa, Puma और Pepsi जैसे बड़े ब्रैंड्स के साथ काम किया है। वो देश का पहला AI-संचलित पॉडकास्ट "The nAIna Show" की होस्ट भी हैं जहां उन्होंने Sobhita Dhulipala, Richa Chadha और Nargis Fakhri जैसी सेलिब्रिटीज के साथ बातचीत की है।
Radhika Subramaniam भारत की पहली बाइलिंगुअल (तमिल-अंग्रेजी) AI ट्रैवेल इन्फ्लुएंसर हैं, जो Gen Z दर्शकों के लिए ट्रैवेल कंटेंट तैयार करती हैं।
ग्लोबल लेवल पर Lil Miquela इस कैटेगरी की सबसे बड़ी नाम है। 2026 में उनके इंस्टाग्राम पर 2.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं और वो Prada, Calvin Klein, Samsung और BMW जैसे Fortune 500 ब्रैंड्स के साथ काम कर चुकी हैं। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के अनुमानों के मुताबिक, Lil Miquela सालाना $10 मिलियन से ज्यादा कमाती हैं- प्रति स्पॉन्सर्ड पोस्ट $6,000 से $9,000 तक चार्ज होता है, बड़े कैंपेंस के लिए यह और भी ज्यादा होता है।
ब्रैंड्स के लिए सबसे बड़ा फायदा- कंट्रोल और कॉस्ट
वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें कोई पर्सनल रिस्क नहीं होता। मतलब ये कोई विवाद नहीं करते, जिससे ब्रैंड को नुकसान पहुंचे।
ब्रैंड्स के लिए सबसे बड़ा फायदा यह है कि पूरा कंट्रोल उनके हाथ में होता है। AI इन्फ्लुएंसर क्या बोलेगा, कैसे दिखेगा और किस अंदाज में बात करेगा- यह सब ब्रैंड ही तय करता है। साथ ही ASCI के नए नियमों के मुताबिक, यदि कंटेंट AI से बना है तो यह बताना जरूरी है, नहीं तो ब्रैंड को नियमों और इमेज दोनों का नुकसान हो सकता है। करीब 71% ब्रैंड्स मानते हैं कि AI वाले वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स से उन्हें इंसानों के मुकाबले ज्यादा फायदा (ROI) मिल सकता है।
एंगेजमेंट के मामले में भी ये आगे दिख रहे हैं। एक स्टडी के मुताबिक, वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स की कैंपेन में औसतन 5.9% एंगेजमेंट मिलता है, जबकि इंसानी इन्फ्लुएंसर्स के लिए यह करीब 1.9% है।
हालांकि, यहां एक बात समझना जरूरी है- अभी लोग इन्हें नएपन की वजह से ज्यादा देख रहे हैं। जैसे-जैसे यह आम हो जाएगा, एंगेजमेंट भी सामान्य हो सकता है।
AI एंकर्स की ताकत- 24 घंटे, बिना थके, कई भाषाओं में
AI एंकर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये कभी थकते नहीं हैं। ये 24 घंटे, साल के 365 दिन बिना रुके खबरें पढ़ सकते हैं और इन्हें किसी ब्रेक की जरूरत नहीं होती।
खर्च के मामले में भी ये काफी सस्ते पड़ते हैं। 2026 की शुरुआत के आंकड़े बताते हैं कि AI से चलने वाले न्यूजरूम का खर्च, पारंपरिक स्टूडियो के मुकाबले करीब 85% तक कम हो सकता है।
भारत में AI एंकर्स को पहचान भी मिलने लगी है। आज तक की AI एंकर Sana को INMA Global Media Award 2024 मिल चुका है। इससे साफ है कि दुनिया भर की मीडिया इंडस्ट्री भारत के इन प्रयोगों को गंभीरता से देख रही है।
भारत जैसे देश में, जहां कई भाषाओं में खबरें बनती हैं, AI एंकर्स और भी काम के साबित हो सकते हैं। AI एक ही खबर को तुरंत कई भाषाओं में बदलकर सही आवाज में पेश कर सकता है, जो किसी इंसान के लिए करना लगभग नामुमकिन है।
क्या सच में इंसान की जगह लेंगे?
यहां असल बात यह समझने की है कि हकीकत और hype में फर्क क्या है।
भारत में अभी AI एंकर्स का इस्तेमाल ज्यादातर छोटे-छोटे न्यूज बुलेटिन, स्पेशल रिपोर्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म तक ही सीमित है। बड़ी और ब्रेकिंग खबरों में अभी भी इंसानी एंकर्स ही दिखते हैं।
Tier 2 और Tier 3 शहरों में लोग आज भी भरोसा चेहरे और जुड़ाव पर करते हैं। एक वर्चुअल चेहरा कितना भी अच्छा क्यों न लगे, लेकिन वो असली जिंदगी का अनुभव शेयर नहीं कर सकता। इसलिए mental health, खाने-पीने या जमीनी मुद्दों जैसे विषयों में यह थोड़ा नकली या खाली-खाली लग सकता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाला समय “मिलाकर चलने” का है। यानी AI एंकर्स और इंसानी एंकर्स दोनों साथ काम करेंगे।
इसी तरह वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स भी इंसानों की जगह नहीं ले रहे, बल्कि उनका साथ दे रहे हैं। इंसानी क्रिएटर्स लोगों का भरोसा, लोकल समझ और असली कनेक्शन लाते हैं, खासकर छोटे शहरों में। वहीं वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स ब्रैंड्स को कंट्रोल, नई क्रिएटिविटी और बड़े स्तर पर काम करने की सुविधा देते हैं।
सीधी बात यह है कि 2026 में सही जवाब “या तो ये या वो” नहीं, बल्कि दोनों को मिलाकर इस्तेमाल करना है।
भारत के लिए आगे का रास्ता
2026 तक आते-आते यह ट्रेंड सिर्फ नया या अलग नहीं रहा, बल्कि अब एक गंभीर बिजनेस रियलिटी बन चुका है। भारत में Sana से शुरू हुआ सफर अब Sutra तक पहुंच गया है। वहीं Kyra और Naina जैसे वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स अब असली ब्रैंड्स के साथ असली कैंपेन कर रहे हैं। DD Kisan से लेकर India Today तक, हर तरह के चैनल AI को अपनाने लगे हैं।
लेकिन आंकड़े और जमीनी सच्चाई दोनों यही बताते हैं कि AI एंकर्स और वर्चुअल इन्फ्लुएंसर्स इंसानों की जगह लेने नहीं आए हैं, बल्कि उनके साथ काम करने वाले मजबूत टूल हैं। जो ब्रैंड्स और मीडिया चैनल इस “मिलकर काम करने वाले मॉडल” को समझ जाएंगे, वही आने वाले समय में आगे रहेंगे।
सबसे बड़ी बात यही है कि टेक्नोलॉजी न्यूजरूम तक तो पहुंच सकती है, लेकिन दर्शकों का असली भरोसा जीतना आज भी इंसानों के ही हाथ में है।
मीडिया इंडस्ट्री में वरुण कोहली को मजबूत स्ट्रैटेजिक सोच, ब्रैंड लॉन्चिंग और न्यूज प्लेटफॉर्म्स को नई पहचान देने की क्षमता के लिए जाना जाता है।
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Samachar4media Bureau
हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत एक्सप्रेस’ (Bharat Express) से एक बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, चैनल के डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ वरुण कोहली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, चैनल की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
वरुण कोहली ने इस्तीफा क्यों दिया और उनका अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। लेकिन माना जा रहा है कि वह जल्द ही किसी बड़े मीडिया संस्थान से अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे।
बता दें कि मीडिया इंडस्ट्री में 30 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले वरुण कोहली की भारत एक्सप्रेस के साथ यह दूसरी पारी थी। वह सितंबर 2025 में दोबारा ‘भारत एक्सप्रेस’ से जुड़े थे। उस समय उन्हें चैनल का डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ बनाया गया था। इससे पहले वह जनवरी 2023 में भी ‘भारत एक्सप्रेस’ के साथ सीईओ और डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके थे।
‘भारत एक्सप्रेस’ से पहले वरुण कोहली टाइम्स नेटवर्क (Times Network) में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के पद पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वह आईटीवी नेटवर्क (ITV Network), नेटवर्क18 (Network18), एचटी मीडिया (HT Media), अमर उजाला (Amar Ujala), Mogae Media और डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स (Deccan Chronicle Holdings) जैसी प्रतिष्ठित मीडिया कंपनियों में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में वरुण कोहली को मजबूत स्ट्रैटेजिक सोच, ब्रैंड लॉन्चिंग और न्यूज प्लेटफॉर्म्स को नई पहचान देने की क्षमता के लिए जाना जाता है। ऐसे में उनका इस्तीफा मीडिया जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गौरतलब है कि जाने-माने पत्रकार उपेंद्र राय के नेतृत्व में संचालित ‘भारत एक्सप्रेस’ हिंदी न्यूज ब्रॉडकास्टिंग जगत के प्रमुख खिलाड़ियों में तेजी से उभरकर सामने आया है। हाल ही में नेटवर्क ने 'विकसित भारत 2047: नए भारत की बात' थीम के साथ अपनी तीसरी वर्षगांठ पर एक बड़े कॉन्क्लेव का आयोजन किया था, जिसने चैनल की बढ़ती संपादकीय महत्वाकांक्षाओं और इंडस्ट्री में मजबूत होती मौजूदगी को दर्शाया।
इसके अलावा चैनल लगातार अपने मीडिया विस्तार पर भी काम कर रहा है। हाल ही में उपेंद्र राय ने ‘भारत एक्सप्रेस’ की व्यापक ग्रोथ रणनीति के तहत सहारा समूह की मीडिया संपत्तियों के पुनरुद्धार और विस्तार से जुड़ी योजनाओं का भी ऐलान किया था।
इवेंट, एग्जिबिशन और कन्वेंशन इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाएं देने वाली कंपनी Exhicon Events Media Solutions Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है।
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Samachar4media Bureau
इवेंट, एग्जिबिशन और कन्वेंशन इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाएं देने वाली कंपनी Exhicon Events Media Solutions Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 40.25% बढ़कर 205.46 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि FY25 में यह 146.50 करोड़ रुपये था।
कंपनी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू भी 41.24% बढ़कर 202.70 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने बताया कि यह वृद्धि एग्जिबिशन, कन्वेंशन और इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित कारोबार में मजबूत प्रदर्शन की वजह से दर्ज की गई।
वहीं, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 41.31% बढ़कर 50.50 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके अलावा प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी बड़ा उछाल देखने को मिला और यह 49.54% बढ़कर 45.24 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी का कहना है कि यह अब तक का उसका सबसे मजबूत वित्तीय प्रदर्शन है। Exhicon लगातार वेन्यू इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्जिबिशन कारोबार और Venue As A Service (VAS) प्लेटफॉर्म्स में अपनी मौजूदगी का विस्तार कर रही है।
FIFA के मीडिया राइट्स अधिकारी इस हफ्ते भारत दौरे पर हैं। वे अगले महीने शुरू होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकारों को लेकर बातचीत करने आए हैं।
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FIFA के मीडिया राइट्स अधिकारी इस हफ्ते भारत दौरे पर हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, वे अगले महीने शुरू होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकारों को लेकर बातचीत करने आए हैं।
दरअसल, अभी तक भारत में वर्ल्ड कप के टीवी और डिजिटल ब्रॉडकास्टिंग राइट्स को लेकर कोई डील फाइनल नहीं हो पाई है। कीमत को लेकर चल रहे मतभेद इसकी सबसे बड़ी वजह बताए जा रहे हैं। ऐसे में करोड़ों भारतीय फुटबॉल फैंस के सामने टूर्नामेंट देखने का संकट खड़ा हो सकता है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट मुताबिक, FIFA और भारत की मीडिया कंपनियों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अब तक किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी है। हालांकि FIFA ने कहा है कि दुनिया के 180 से ज्यादा देशों में मीडिया राइट्स डील पूरी हो चुकी है और भारत में भी बातचीत जारी है, लेकिन फिलहाल इसे गोपनीय रखा गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Reliance Industries-Disney जॉइंट वेंचर और FIFA के बीच भी बातचीत हुई थी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। बताया जा रहा है कि रिलायंस-डिज्नी ने करीब 2 करोड़ डॉलर की पेशकश की थी, जबकि FIFA शुरुआत में 10 करोड़ डॉलर मांग रहा था। बाद में यह रकम घटाकर करीब 6 करोड़ डॉलर तक लाई गई, लेकिन फिर भी सहमति नहीं बन पाई।
वहीं Sony Group Corporation ने भी इस बार बोली लगाने से दूरी बनाई है।
फुटबॉल वर्ल्ड कप 11 जून से शुरू होने वाला है। ऐसे में डील फाइनल करने, प्रसारण व्यवस्था तैयार करने और विज्ञापन बेचने के लिए बहुत कम समय बचा है।
भारत में फुटबॉल के करीब 8.5 करोड़ फैंस हैं। हालांकि क्रिकेट अब भी सबसे लोकप्रिय खेल बना हुआ है, जिसके करीब 49 करोड़ से ज्यादा फैंस हैं। 2022 फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान वैश्विक टीवी दर्शकों में भारत की हिस्सेदारी 2.9% रही थी।
PVR INOX Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय बिजली ने कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के इतिहास का सबसे मजबूत साल साबित हुआ।
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Vikas Saxena
देश की सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स कंपनी PVR INOX Limited के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय बिजली ने कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के इतिहास का सबसे मजबूत साल साबित हुआ। कंपनी ने इस दौरान अपना अब तक का सबसे बेहतरीन वित्तीय प्रदर्शन दिया, कर्ज को लगभग खत्म कर दिया और अब तेजी से ‘कैपिटल-लाइट’ मॉडल की ओर बढ़ रही है।
अजय बिजली ने निवेशकों और विश्लेषकों के साथ हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि आज PVR-INOX देश के मल्टीप्लेक्स बाजार में सबसे मजबूत स्थिति में है। कंपनी के पास देश के करीब 40% मल्टीप्लेक्स स्क्रीन हैं और भारत के बॉक्स ऑफिस कारोबार में उसकी हिस्सेदारी 31% तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि बड़े मॉल डेवलपर्स और फिल्म निर्माता आज भी PVR-INOX को अपना पसंदीदा पार्टनर मानते हैं।
उन्होंने बताया कि भारत का बॉक्स ऑफिस कारोबार पिछले 10 वर्षों में लगातार 7% से 8% की दर से बढ़ा है। अब फिल्म निर्माता और OTT प्लेटफॉर्म भी यह मानने लगे हैं कि फिल्मों के लिए थिएटर रिलीज सबसे अहम है और वही किसी फिल्म की असली सफलता तय करती है।
अजय बिजली के मुताबिक FY26 भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए रिकॉर्ड साल रहा। इस दौरान देश का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 11% बढ़कर 13,519 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। खास बात यह रही कि बॉलीवुड फिल्मों ने जोरदार वापसी की और हिंदी फिल्मों का कारोबार सालाना आधार पर 55% बढ़ गया। हॉलीवुड फिल्मों का कारोबार भी 54% बढ़ा।
उन्होंने कहा कि अब सिर्फ बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों पर निर्भरता नहीं रही, बल्कि 100 करोड़ से 200 करोड़ रुपये कमाने वाली मिड-साइज फिल्मों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इससे इंडस्ट्री पहले से ज्यादा मजबूत और संतुलित हुई है।
कंपनी के प्रदर्शन पर बात करते हुए अजय बिजली ने बताया कि चौथी तिमाही में PVR-INOX ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा Q4 कलेक्शन दर्ज किया। ‘धुरंधर: द रिवेंज’, ‘बॉर्डर 2’ और ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ जैसी फिल्मों ने अच्छा प्रदर्शन किया। पूरे साल में कंपनी के सिनेमाघरों में 15 करोड़ दर्शक पहुंचे, जो पिछले साल के मुकाबले 10% ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि कंपनी का औसत टिकट प्राइस (ATP) बढ़कर 280 रुपये पहुंच गया, जबकि खाने-पीने पर प्रति व्यक्ति खर्च (SPH) 147 रुपये रहा, जो रिकॉर्ड स्तर है। चौथी तिमाही में ATP 315 रुपये और SPH 165 रुपये तक पहुंच गया।
अजय बिजली ने कहा कि कंपनी अब तेजी से ‘कैपिटल-लाइट’ मॉडल अपना रही है। FY26 में जो 93 नई स्क्रीन जोड़ी गईं, उनमें से 55% इसी मॉडल के तहत थीं। दक्षिण भारत में भी कंपनी ने तेजी से विस्तार किया है। उन्होंने कहा कि अब कंपनी के पास 138 स्क्रीन की मजबूत पाइपलाइन है, जिनमें कई स्क्रीन FOCO और एसेट-लाइट मॉडल के तहत खुलेंगी।
उन्होंने बताया कि मजबूत कैश फ्लो की मदद से कंपनी ने कर्ज में भारी कटौती की है। मार्च 2026 तक कंपनी का नेट डेट घटकर सिर्फ 161 करोड़ रुपये रह गया, जो मर्जर के बाद करीब 90% कम है।
भविष्य की योजनाओं पर अजय बिजली ने कहा कि FY27 में फिल्मों की शानदार लाइनअप आने वाली है। हिंदी फिल्मों में ‘कॉकटेल 2’, ‘धमाल 4’, ‘वेलकम टू द जंगल’, ‘रामायण पार्ट 1’, ‘किंग’ और ‘लव एंड वॉर’ जैसी बड़ी फिल्में रिलीज होंगी। वहीं रीजनल और हॉलीवुड फिल्मों की लाइनअप भी काफी मजबूत है।
OTT बनाम थिएटर पर उन्होंने साफ कहा कि अब यह बहस पुरानी हो चुकी है। उनके मुताबिक OTT कभी सिनेमाघरों का विकल्प नहीं था। कोविड के दौरान जरूर लोगों ने OTT का ज्यादा इस्तेमाल किया, लेकिन अब दर्शक फिर से बड़े पर्दे की ओर लौट आए हैं। उन्होंने कहा कि फिल्मों की असली कमाई और असली अनुभव थिएटर में ही मिलता है।
अजय बिजली ने यह भी कहा कि IPL का सिनेमाघरों के कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ता। जो लोग क्रिकेट देखना चाहते हैं, वे क्रिकेट देखते हैं और जो फिल्म देखना चाहते हैं, वे सिनेमाघर जाते हैं। दोनों अलग तरह के मनोरंजन हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मुश्किल आर्थिक हालात में भी सिनेमाघरों का कारोबार ज्यादा प्रभावित नहीं होता, क्योंकि भारत में फिल्म देखने का खर्च अभी भी काफी कम है। उनके मुताबिक लोग महंगे खर्च कम कर सकते हैं, लेकिन मनोरंजन के लिए फिल्में देखना जारी रखते हैं।
कंपनी अब टियर-2 और टियर-3 शहरों पर भी खास फोकस कर रही है। अजय बिजली ने बताया कि जुलाई से ‘स्मार्ट सिनेमा’ मॉडल के तहत छोटे शहरों में नए सिनेमाघर शुरू किए जाएंगे। इन सिनेमाघरों की लागत सामान्य मल्टीप्लेक्स के मुकाबले 30% से 40% तक कम होगी।
निवेशकों द्वारा शेयर बायबैक और डिविडेंड को लेकर पूछे गए सवाल पर कंपनी प्रबंधन ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता कंपनी को पूरी तरह नेट कैश पॉजिटिव बनाने की है। इसके बाद बोर्ड भविष्य की पूंजी आवंटन रणनीति पर फैसला करेगा।
सुशांत सिन्हा का इस चैनल के साथ कॉन्ट्रैक्ट 31 मई 2026 को समाप्त हो रहा है और सूत्रों की मानें तो वह अब इसे रिन्यू करने के मूड में नहीं हैं।
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Samachar4media Bureau
देश के प्रमुख न्यूज नेटवर्क्स में शामिल ‘टाइम्स नेटवर्क’ के हिंदी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में कंसल्टिंग एडिटर और लोकप्रिय न्यूज एंकर सुशांत सिन्हा के बारे में एक बड़ी खबर है।
विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक इस नेटवर्क से उनकी विदाई तय मानी जा रही है। दरअसल, सुशांत सिन्हा का इस चैनल के साथ कॉन्ट्रैक्ट 31 मई 2026 को समाप्त हो रहा है और सूत्रों की मानें तो वह अब इसे रिन्यू करने के मूड में नहीं हैं।
सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि वह जल्द ही ‘नेटवर्क18’ के साथ नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। उनकी टीम के कुछ सदस्य भी उनके साथ नई पारी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इस तरह की पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि सुशांत सिन्हा हिंदी न्यूज इंडस्ट्री का एक जाना-माना चेहरा हैं। टाइम्स नाउ नवभारत पर ‘पाठशाला’ और ‘राष्ट्रगर्व’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने खास पहचान बनाई। करीब दो दशक के करियर में वह इंडिया टीवी, एनडीटीवी इंडिया, न्यूज24 और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
इस पूरे मामले पर आधिकारिक पुष्टि के लिए समाचार4मीडिया की टीम ने सुशांत सिन्हा और चैनल प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
प्रसार भारती के तहत आकाशवाणी महानिदेशालय ने दिल्ली में लगाए जाने वाले नए “स्टूडियो ऑटोमेशन सिस्टम” के लिए संशोधित तकनीकी मसौदा जारी किया है।
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Vikas Saxena
प्रसार भारती के तहत आकाशवाणी महानिदेशालय ने दिल्ली में लगाए जाने वाले नए “स्टूडियो ऑटोमेशन सिस्टम” के लिए संशोधित तकनीकी मसौदा जारी किया है। इसके तहत कंपनियों और उपकरण निर्माताओं (Vendors/OEMs) को अपनी प्रतिक्रिया और बजट कोटेशन जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है।
आकाशवाणी की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, पहले फीडबैक और बजट प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तारीख 15 मई 2026 तय की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 22 मई 2026 कर दिया गया है। यानी कंपनियों को अपने प्रस्ताव तैयार करने के लिए एक हफ्ते का अतिरिक्त समय मिला है।
नोटिस में कहा गया है कि कंपनियां स्टूडियो ऑटोमेशन सिस्टम और उससे जुड़े उपकरणों की कीमतें अलग-अलग उपकरणों के हिसाब से भी दे सकती हैं। यानी Bill of Material (BOM) के अनुसार हर उपकरण का अलग ब्रेकअप देना होगा।
इसके साथ ही Vendors/OEMs से यह जानकारी भी मांगी गई है कि उनके ऑफर किए गए उपकरणों में कितना लोकल कंटेंट या स्थानीय निर्माण शामिल है। यानी “मेक इन इंडिया” और स्थानीय उत्पादन पर भी खास जोर दिया जा रहा है।
आकाशवाणी ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी जानकारी और बजट प्रस्ताव ई-मेल के जरिए भेजने होंगे और यह प्रक्रिया 22 मई 2026 तक पूरी करनी होगी।
दरअसल, आकाशवाणी दिल्ली में बड़े स्तर पर आधुनिक स्टूडियो ऑटोमेशन सिस्टम लगाने की तैयारी चल रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 100 क्लाइंट सिस्टम, नए सर्वर, स्टोरेज, डिजिटल ऑडियो वर्कस्टेशन और एडवांस ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर लगाए जाने हैं, ताकि प्रसारण व्यवस्था को और आधुनिक और तेज बनाया जा सके।
वह इससे पहले देश के प्रमुख बिजनेस समाचारपत्र ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ और ‘द ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉलिटिक्स’ से जुड़े रहे हैं।
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Samachar4media Bureau
देश की प्रतिष्ठित जर्नल और पब्लिक पॉलिसी प्रकाशन ‘इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली’ (EPW) ने वरिष्ठ पत्रकार और चर्चित कॉलमिस्ट टीके अरुण को अपना नया संपादक नियुक्त किया है। इस नियुक्ति की जानकारी खुद टीके अरुण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर साझा की।
टीके अरुण ने अपने पोस्ट में कहा कि अब वह अपने नाम से सार्वजनिक टिप्पणी और लेखन को सीमित करेंगे और अपनी बात ‘इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली’ के संपादकीय और कमेंट्री के माध्यम से रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि EPW का ‘एंगेज’ सेक्शन सभी पाठकों के लिए खुला रहेगा।
टीके अरुण मीडिया और आर्थिक पत्रकारिता की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं। वह इससे पहले देश के प्रमुख बिजनेस समाचारपत्र ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ और ‘द ऑब्जर्वर ऑफ बिजनेस एंड पॉलिटिक्स’ से जुड़े रहे हैं। उन्होंने लंबे समय तक आर्थिक नीतियों, राजनीति और वैश्विक मामलों पर लेखन किया है और उनकी पहचान एक गंभीर और विश्लेषणात्मक लेखक के रूप में रही है।
क्लाउड ब्रॉडकास्ट और मीडिया टेक्नोलॉजी कंपनी Amagi Media Labs को आयकर विभाग से बड़ा टैक्स आकलन आदेश मिला है।
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Vikas Saxena
मीडिया टेक्नोलॉजी कंपनी Amagi Media Labs को इनकम टैक्स विभाग से नोटिस मिला है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि टैक्स विभाग ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए करीब 17.91 करोड़ रुपये का टैक्स एडजस्टमेंट प्रस्तावित किया है।
कंपनी के मुताबिक, आयकर विभाग ने कुछ विदेशी इकाइयों को “आईटी प्रोडक्ट्स के रीसेलर” माना है, जिसके आधार पर यह एडजस्टमेंट किया गया। हालांकि Amagi का कहना है कि ये इकाइयां “आईटी सर्विस प्रोवाइडर” की श्रेणी में आती हैं और कंपनी इस फैसले को चुनौती देगी।
Amagi ने बताया कि यह मामला ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों से जुड़ा है, जो अंतरराष्ट्रीय इंटर-कंपनी ट्रांजैक्शंस पर लागू होते हैं। कंपनी इस आदेश के खिलाफ अपीलीय प्राधिकरण के सामने अपील दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
कंपनी को यह आदेश 14 मई 2026 को मिला। Amagi ने यह भी साफ किया कि इस आदेश का असर केवल प्रस्तावित 17.91 करोड़ रुपये के एडजस्टमेंट तक सीमित है और कंपनी के ऑपरेशंस या अन्य कारोबारी गतिविधियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
Pocket FM ने मालविका सुजान को प्रमोट कर Director – Global Strategic Partnerships नियुक्त किया है। मालविका पिछले चार साल से कंपनी से जुड़ी हैं।
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Samachar4media Bureau
ऑडियो एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म पॉकेट एफएम (Pocket FM) ने मालविका सुजान (Malvika Sujan) को प्रमोट कर Director – Global Strategic Partnerships नियुक्त किया है। मालविका ने इस नई जिम्मेदारी की जानकारी लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए साझा की। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “यह साझा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मुझे Director – Global Strategic Partnerships के पद पर प्रमोट किया गया है।
मैं अपने लीडर्स, मेंटर्स, टीममेट्स और पार्टनर्स का समर्थन, भरोसा और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करती हूं।” उन्होंने आगे कहा कि वह अपने नए रोल में वैश्विक साझेदारियों को और मजबूत बनाने को लेकर उत्साहित हैं। मालविका सुजान पिछले चार वर्षों से अधिक समय से Pocket FM के साथ जुड़ी हुई हैं। प्रमोशन से पहले वह Associate Director – Strategic Partnerships के पद पर कार्यरत थीं।
मीडिया, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में मालविका को 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने बिजनेस डेवलपमेंट और ब्रांड पार्टनरशिप से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। Pocket FM भारत के प्रमुख ऑडियो स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक है और हाल के वर्षों में कंपनी ने वैश्विक स्तर पर तेजी से विस्तार किया है।
युवा पत्रकार सानिका लालवानी (Sanika Lalwani) ने ‘इंडिया टुडे’ समूह में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह ‘आज तक AI’ में सब एडिटर के पद पर कार्यरत थीं।
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युवा पत्रकार सानिका लालवानी (Sanika Lalwani) ने ‘इंडिया टुडे’ समूह में अपनी पारी को विराम दे दिया है। वह ‘आज तक AI’ में सब एडिटर के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने मई 2023 में बतौर ट्रेनी ‘आज तक AI’ से अपने सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद सितंबर 2024 में उन्हें सब एडिटर के पद पर प्रमोट किया गया था।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपने अनुभव, सीख और संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। लिंक्डइन पर साझा पोस्ट में सानिका ने लिखा कि इंडिया टुडे के साथ बिताए गए तीन साल उनके लिए सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि सीख, आत्मविश्वास और खुद को लगातार बेहतर बनाने का सफर रहे। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें प्रोडक्शन टीम के साथ काम करने, स्टोरीटेलिंग की बारीकियां समझने, वॉयसओवर करने और एंकरिंग तक का मौका मिला।
उन्होंने AI और एग्रीकल्चर टीमों के साथ भी काम किया। सानिका के मुताबिक इन अनुभवों ने उन्हें तेजी से बदलती मीडिया इंडस्ट्री में खुद को ढालने और नई चुनौतियों को स्वीकार करने की सीख दी।
सानिका ने अपने पोस्ट में कहा कि इंडिया टुडे ने न सिर्फ उनके पेशेवर जीवन को आकार दिया, बल्कि उनके आत्मविश्वास और काम को देखने के नजरिए को भी मजबूत बनाया। उन्होंने न्यूजरूम के माहौल, स्टूडियो की यादों और साथ काम करने वाले सहयोगियों को अपने सफर का खास हिस्सा बताया।
मीडिया इंडस्ट्री में आने से पहले और शुरुआती दौर में वह ‘सहारा समय’, ‘94.3 MY FM’ और ‘डिजिटल बाल मेला’ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में इंटर्नशिप और प्रोडक्शन से जुड़ी भूमिकाओं में भी काम कर चुकी हैं।
पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो सानिका लालवानी ने ‘इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट’ से ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएशन किया है। इससे पहले उन्होंने ‘जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी’ से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की।
समाचार4मीडिया की ओर से सानिका लालवानी को उनके आगामी सफर के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।