राहुल गांधी और उनकी समर्थक देशी-विदशी टोलियों ने पिछले महीनों के दौरान भारत में लोकतंत्र खत्म होने, मीडिया के दमन, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की मातमी धुन के कुप्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी।
by
आलोक मेहता