मीडिया के मैदान में भी खतरों का सामना जरूरी: आलोक मेहता

इसमें कोई शक नहीं कि पहले या अब पत्रकारों पर दबाव बनाना या अनुचित ढंग से उन पर कानूनी प्रकरण दर्ज करना या मीडिया संस्थानों पर हमला न केवल निंदनीय है।

Last Modified:
Monday, 21 July, 2025
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आलोक मेहता, पद्मश्री, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक। पुरानी फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ का प्रसिद्ध गीत है- ‘प्यार किया तो डरना क्या। ’ इसलिए स...
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