अगर प्रेम की भर्त्सना करेंगे तो कालिदास का क्या करेंगे : समीर चौगांवकर

'वेलेन्टाइन डे' के पीछे लट्ठ लेकर पड़े हमारे नौजवानों को शायद पता नहीं कि भारत में मदनोत्सव, वसन्तोत्सव और कौमुदी महोत्सव की शानदार परम्पराएं रही हैं।

Last Modified:
Saturday, 15 February, 2025
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समीर चौगांवकर, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक। प्रेम का जो मुकाम भारत में है, हिंदू धर्म में है, हमारी परम्परा में है, वह दुनिया में कहीं नहीं है। वेलेन्टाइन 1...
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