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चार्ली की हत्या ने बढ़ा दी ट्रंप की मुसीबतें: रजत शर्मा
चार्ली कर्क ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी थे। राष्ट्रपति चुनाव में चार्ली कर्क ने ट्रंप के लिए जबरदस्त प्रचार किया था। अमेरिकी युवाओं के बीच 31 साल के चार्ली की फैन फॉलोइंग जबरदस्त है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 5 months ago
रजत शर्मा , इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ।
अमेरिका में एक युवा आइकॉन की हत्या ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी चार्ली कर्क का हत्यारा अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है और अब तक यह भी साफ नहीं हो पाया है कि चार्ली कर्क को किसने मारा। ट्रंप ने इस हत्या को अति-वाम (Ultra-Left) आतंकवाद का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि हत्यारे को खोजकर कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी और कातिल का समर्थन करने वालों—चाहे वे व्यक्ति हों या संस्थाएँ—किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ वीडियो सामने आए हैं जिनमें काले कपड़ों में एक शख्स छत पर बैठकर चार्ली की ओर निशाना साधता हुआ दिख रहा है। लेकिन वारदात के बाद यह शख्स कहाँ गायब हो गया, किसी को नहीं पता। पुलिस का कहना है कि चार्ली पर यूनिवर्सिटी कैंपस में छत से फायरिंग की गई। गोली चलाने के बाद हमलावर जंगल की ओर भाग गया, जहाँ से उसकी राइफल, जूते और कुछ सामान बरामद हुए हैं।
चार्ली कर्क ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी थे और राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने ट्रंप के लिए जोरदार प्रचार किया था। 31 वर्षीय चार्ली की अमेरिकी युवाओं में भारी लोकप्रियता थी। हाल ही में वे "The American Comeback Tour" चला रहे थे और इसी कार्यक्रम के तहत यूटा वैली यूनिवर्सिटी पहुँचे थे। हजारों छात्रों के बीच जब कार्यक्रम चल रहा था, तभी एक गोली चली और चार्ली कुर्सी पर गिर पड़े। उनकी गर्दन से खून बहने लगा और चारों ओर भगदड़ मच गई।
चार्ली ने 18 साल की उम्र में Turning Point USA नाम का संगठन बनाया था, जो अमेरिकी युवाओं के बीच कंज़र्वेटिव विचारधारा को बढ़ावा देता है। उनकी किताब The MAGA Doctrine बेस्टसेलर रही। लेकिन कर्क हमेशा अपने दक्षिणपंथी विचारों, गर्भपात (Abortion) और महिलाओं पर दिए बयानों के कारण विवादों में रहे। वे इज़रायल के खुले समर्थक और लिबरल विचारधारा के कट्टर विरोधी थे।
इस हत्या ने अमेरिकी समाज में बढ़ती वैचारिक नफरत को उजागर कर दिया है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस हत्या पर खुशी जाहिर की, तो कुछ न्यूज़ एंकरों ने इसे “अच्छी खबर” तक बताया। यह सब देखकर साफ है कि अमेरिका में वैचारिक जहर किस हद तक गहरा चुका है। चार्ली कर्क की हत्या ने न केवल देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ट्रंप और उनके समर्थकों के लिए भी बड़ी चिंता पैदा कर दी है।
( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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