अशोक वाजपेयी का हिंदी विमर्श आलोचना या आत्मप्रचार : अनंत विजय

राजेंद्र यादव आगे कहते हैं कि यह अशोक और अनंत विजय जैसों की तरह ज्यादा पढ़ने और घूमने से उपजी हुई तकलीफ नहीं, बल्कि एक सुना सुनाया और आत्मप्रचार को सही सिद्ध करने का हथकंडा है।

Last Modified:
Monday, 28 July, 2025
anantvijay


अनंत विजय, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक। मई 2013 के अपने संपादकीय में 'हंस' पत्रिका के संपादक राजेंद्र यादव ने लिखा था, इधर हमारे अशोक वाजपेयी अपने रोजनामचे...
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