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हिंदी दिवस 2025: डिजिटल क्रांति और मल्टीमीडिया के माध्यम से हिंदी का सशक्तिकरण
हिंदी, डिजिटलीकरण, नवाचार और अनुकूलन की त्रयी के माध्यम से, भारत के 1.4 बिलियन सपने देखने वालों की आवाज बन रही है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 5 months ago
प्रो. (डॉ.) के.जी सुरेश ।।
भारत की डिजिटल क्रांति और मल्टीमीडिया की शक्ति हिंदी भाषा को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है। भारत की अनूठी यात्रा को आधार बनाकर, हम एक ऐसे भविष्य की कल्पना कर रहे हैं जहां मल्टीमीडिया केवल मनोरंजन या सूचना का साधन नहीं, बल्कि सशक्तिकरण, समावेशिता और आर्थिक प्रगति का प्रतीक है। हिंदी, जो भारत की आत्मा है, इस डिजिटल युग में वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रही है।
डिजिटलीकरण: हिंदी मल्टीमीडिया का आधार डिजिटलीकरण ने भारत में मल्टीमीडिया के परिदृश्य को बदल दिया है। 2025 तक, भारत में 900 मिलियन से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से 82% मोबाइल के माध्यम से मनोरंजन और मीडिया ऐप्स का उपयोग कर रहे हैं। डेटारिपोर्टल की डिजिटल 2025 इंडिया रिपोर्ट के अनुसार, 491 मिलियन सोशल मीडिया उपयोगकर्ता हैं, जो देश की 33.7% आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इंस्टाग्राम और लिंक्डइन जैसे मंचों पर वृद्धि अभूतपूर्व है, जहां इंस्टाग्राम का विज्ञापन दर्शक केवल एक तिमाही में 22.8 मिलियन बढ़ा।
हिंदी मल्टीमीडिया इस डिजिटल क्रांति का केंद्र है। 600-650 मिलियन भारतीय 2025 तक शॉर्ट-फॉर्म वीडियो का उपभोग करेंगे, जो प्रतिदिन औसतन 60 मिनट बिताते हैं। डिजिटल इंडिया पहल ने ब्रॉडबैंड हाईवे और यूपीआई जैसे डिजिटल भुगतान सिस्टम के माध्यम से इस क्रांति को गति दी है। हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में 90% से अधिक कंटेंट अब यूट्यूब और शेयरचैट जैसे मंचों पर उपलब्ध है, जो समावेशी कहानी कहने को बढ़ावा दे रहा है। हालांकि, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन नियम 2025 के तहत डेटा गोपनीयता जैसे मुद्दे चुनौतियां पेश करते हैं। फिर भी, डिजिटलीकरण ने हिंदी को न केवल भारत के कोने-कोने तक पहुंचाया, बल्कि इसे वैश्विक मंच पर एक सशक्त आवाज दी है।
नवाचार: हिंदी मल्टीमीडिया की नई सीमाएं नवाचार मल्टीमीडिया के भविष्य को आकार दे रहा है, और हिंदी इसमें अग्रणी भूमिका निभा रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), संवर्धित वास्तविकता (AR/VR), और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकें हिंदी कंटेंट को निजीकरण और दक्षता के नए स्तर पर ले जा रही हैं। मैकिन्से की 2025 टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, AI व्यक्तिगत मार्केटिंग और कंटेंट निर्माण में क्रांति ला रहा है। उदाहरण के लिए, जियो और हॉटस्टार जैसे मंच IPL 2025 के लिए AI-आधारित विज्ञापन मापन का उपयोग कर रहे हैं, जिससे रीयल-टाइम डेटा के आधार पर विज्ञापन खर्च को अनुकूलित किया जा रहा है।
AR/VR तकनीक ने हिंदी सिनेमा और गेमिंग को नया आयाम दिया है। 2027 तक भारत का एनिमेशन और VFX क्षेत्र 1.72 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो बॉलीवुड को वैश्विक मंच पर और मजबूत करेगा। ऑनलाइन गेमिंग, जिसमें 455 मिलियन गेमर्स शामिल हैं, 2025 तक 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का बाजार बन जाएगा। हिंदी भाषा में गेमिंग और इंटरैक्टिव कंटेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है।इनमोबी और ग्लांस जैसे स्टार्टअप्स हिंदी विज्ञापन तकनीक में नवाचार कर रहे हैं, जबकि डिजिटल मीडिया इंडिया 2025 जैसे आयोजन हिंदी कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोत्साहित कर रहे हैं। हालांकि, AI और डेटा सुरक्षा के लिए नैतिक दृष्टिकोण अपनाना इस नवाचार की दीर्घकालिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।
अनुकूलन: हिंदी मल्टीमीडिया का भविष्य अनुकूलन के बिना कोई भी दृष्टिकोण पूर्ण नहीं है। 2025 में, हिंदी मल्टीमीडिया उपभोक्ता व्यवहार, नियामक बदलावों और आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप ढल रहा है। डेलॉयट की 2025 डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स रिपोर्ट के अनुसार, सामाजिक मंच अब मीडिया का प्रमुख स्रोत हैं। भारत में, डिजिटल विज्ञापन 8.1% की वृद्धि के साथ बढ़ रहे हैं, जिसमें हिंदी कंटेंट का योगदान उल्लेखनीय है।5G और एज कंप्यूटिंग ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की खाई को कम किया है, जिससे हिंदी में कृषि और स्वास्थ्य सेवा से संबंधित मल्टीमीडिया ऐप्स की पहुंच बढ़ी है।
मिसिन्फॉर्मेशन जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए, सोशल मीडिया एंड सोसाइटी इन इंडिया 2025 जैसे सम्मेलनों में फेक्ट-चेकिंग और नैतिकता पर जोर दिया जा रहा है।
निष्कर्ष: हिंदी मल्टीमीडिया का स्वर्णिम भविष्य 2027 तक, भारत का मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र 36.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा, जिसमें डिजिटल मीडिया का योगदान 12.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर होगा। हिंदी, डिजिटलीकरण, नवाचार और अनुकूलन की त्रयी के माध्यम से, भारत के 1.4 बिलियन सपने देखने वालों की आवाज बन रही है। बॉलीवुड के VFX महाकाव्यों से लेकर क्षेत्रीय रील्स तक, हिंदी मल्टीमीडिया समुदायों को जोड़ रहा है और वैश्विक प्रभाव पैदा कर रहा है।
हिंदी दिवस 2025 हमें एक संदेश देता है: डिजिटल उपकरणों को अपनाएं, साहसिक नवाचार करें, और त्वरित अनुकूलन के साथ एक समावेशी मल्टीमीडिया पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करें। आइए, हिंदी को न केवल भारत की, बल्कि विश्व की आवाज बनाएं।जय हिंद! जय हिंदी।
(यह लेखक के निजी विचार हैं। लेखक वर्तमान में भारत पर्यावास केंद्र नई दिल्ली के निदेशक हैं। आप पूर्व में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल के कुलगुरु तथा भारतीय जनसंचार संस्थान के महानिदेशक रह चुके हैं। आपको भारत सरकार ने हिंदी पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से सम्मानित किया है।)
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