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TRP सिस्टम में सुधार की पहल, सरकार ने मांगे सुझाव: केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन
सरकार ने टेलीविजन दर्शक मापन प्रणाली (टीआरपी) में व्यापक सुधारों का प्रस्ताव रखा है, जिससे यह प्रणाली अधिक सटीक, प्रतिस्पर्धी और वर्तमान मीडिया कंजप्शन पैटर्न को बेहतर ढंग से दर्शा सके।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago
सरकार ने टेलीविजन दर्शक मापन प्रणाली (टीआरपी) में व्यापक सुधारों का प्रस्ताव रखा है, जिससे यह प्रणाली अधिक सटीक, प्रतिस्पर्धी और वर्तमान मीडिया कंजप्शन पैटर्न को बेहतर ढंग से दर्शा सके। बुधवार को लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सूचना-प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने यह जानकारी दी।
मंत्री ने कहा, “सरकार ने टेलीविजन दर्शक मापन प्रणाली में सुधारों का प्रस्ताव रखा है। भारत में टेलीविजन रेटिंग एजेंसियों के लिए 16 जनवरी 2014 की मौजूदा नीति दिशानिर्देशों में संशोधन हेतु मसौदा अब मंत्रालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी कर दिया गया है।”
डॉ. मुरुगन ने आगे बताया कि प्रस्तावित संशोधन “उचित प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, अधिक सटीक और प्रतिनिधित्वकारी डेटा प्राप्त करने और मौजूदा मीडिया परिदृश्य को ईमानदारी से प्रतिबिंबित करने” के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
यह कदम सरकार की उस मंशा की ओर इशारा करता है, जिसके तहत वर्तमान में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के एकाधिकार वाले टीवी रेटिंग सिस्टम में नए खिलाड़ियों को प्रवेश का अवसर देने की तैयारी की जा रही है।
सांसद ईटाला राजेन्द्र, चंद्रमोहन किरण कुमार रेड्डी और डी.के. अरुणा ने यह सवाल पूछा था कि क्या सरकार टेलीविजन दर्शक मापन प्रणाली में व्यापक भागीदारी को रोकने वाले प्रतिबंधात्मक प्रावधानों में बदलाव करने जा रही है।
फिलहाल BARC को भारत में टेलीविजन रेटिंग के लिए एकमात्र मान्यता प्राप्त संस्था माना जाता है, लेकिन इस प्रणाली की पारदर्शिता, सैंपल प्रतिनिधित्व और कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से आलोचना होती रही है। प्रस्तावित सुधारों के जरिए बहु-एजेंसी मॉडल को जगह मिल सकती है, जिससे इन पुराने सवालों को हल करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि मंत्री के जवाब में भागीदारों की ओर से मिले सुझावों का विशेष उल्लेख नहीं था, लेकिन उन्होंने यह जरूर बताया कि “विशेषज्ञों, हितधारकों, समितियों और कार्यबल” से इस विषय में सुझाव मांगे गए हैं।
मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी मसौदा दिशानिर्देश फिलहाल सार्वजनिक विचार-विमर्श के लिए खुले हैं। अंतिम रूप दिए जाने के बाद यह नया फ्रेमवर्क बदलते दर्शक व्यवहार और डिजिटल व हाइब्रिड कंटेंट की ओर बढ़ते रुझान के अनुरूप होगा।
मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स इन सुधारों को एक जरूरी कदम मान रहे हैं, जिससे टीआरपी प्रणाली की विश्वसनीयता मजबूत होगी। यह प्रणाली ही उस आधारशिला की तरह है, जिस पर कंटेंट प्रोग्रामिंग, विज्ञापन रणनीतियों और मीडिया निवेश के फैसले टिके होते हैं।
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