होम / टीवी / ट्राई ने 'राष्ट्रीय प्रसारण नीति-2024' के निर्माण को लेकर जारी की सिफारिशें
ट्राई ने 'राष्ट्रीय प्रसारण नीति-2024' के निर्माण को लेकर जारी की सिफारिशें
ट्राई ने ‘राष्ट्रीय प्रसारण नीति-2024' के निर्माण के लिए इनपुट पर सिफारिशें जारी की हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
ट्राई ने ‘राष्ट्रीय प्रसारण नीति-2024' के निर्माण के लिए इनपुट पर सिफारिशें जारी की हैं।
ट्राई ने अपने 180 पेज के दस्तावेज में कहा, “नीति का उद्देश्य विजन, मिशन, लक्ष्य और रणनीति निर्धारित करना है, जो नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के युग में देश में प्रसारण क्षेत्र के नियोजित विकास और वृद्धि के लिए माहौल तैयार कर सके।”
प्राधिकरण ने ‘राष्ट्रीय प्रसारण नीति’ के निर्माण के लिए विचार किए जाने वाले मुद्दों को जानने के लिए 21 सितंबर 2023 को एक पूर्व-परामर्श पत्र जारी किया था।हितधारकों से 10 अक्टूबर 2023 तक पूर्व-परामर्श पत्र पर लिखित टिप्पणियां आमंत्रित की गई थीं, जिसे हितधारकों के अनुरोध पर 7 नवंबर 2023 तक आगे बढ़ा दिया गया था।
पूर्व-परामर्श पत्र में हितधारकों से प्राप्त टिप्पणियों और उनके साथ हुई चर्चाओं के आधार पर ट्राई ने 2 अप्रैल 2024 को 'राष्ट्रीय प्रसारण नीति-2024 के निर्माण के लिए इनपुट' शीर्षक से परामर्श पत्र (Consultation Paper) जारी किया। परामर्श पत्र ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की और 20 प्रश्न उठाए, जिन पर हितधारकों और उनकी विशिष्ट टिप्पणियों पर विचार करने की आवश्यकता थी।
ट्राई को विभिन्न एसोशिएसंश, कंपनीज, सर्विस प्रोवाइडर्स, इंडिविजुअल्स और कंज्यूमर एडवोकेसी ग्रुप से 42 टिप्पणियां प्राप्त हुईं।
ओपन हाउस चर्चा (ओएचडी) ऑनलाइन मोड में 15 मई 2024 को आयोजित की गई थी। सरकार को सिफारिशें निर्धारित करते समय टिप्पणियों, ओएचडी प्रस्तुतियों और अतिरिक्त टिप्पणियों का विश्लेषण किया गया और उन पर विधिवत विचार किया गया।
प्राधिकरण ने राष्ट्रीय प्रसारण नीति-2024 के लिए निम्नलिखित विजन, मिशन और लक्ष्यों की सिफारिश की है-
विजन:
प्रसारण क्षेत्र के लगातार विकास के लिए एक प्रतिस्पर्धी, किफायती और सर्वव्यापी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना, उपभोक्ताओं की विविध आवश्यकताओं को पूरा करना, जो गुणवत्तापूर्ण सामग्री निर्माण की सुविधा प्रदान करता है, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देता है, समावेशिता और साक्षरता को सक्षम बनाता है, निवेश को आकर्षित करता है, बौद्धिक संपदा की सुरक्षा करता है, सहनशील स्वदेशी बुनियादी ढांचा विकसित करता है, उभरती हुई तकनीकों को अपनाता है, रोजगार पैदा करता है और भारत की सॉफ्ट इमेज को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर ‘ब्रैंड इंडिया’ की स्थिति बनाने के लिए नवाचार और सहयोग के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास को आगे बढ़ाता है।
मिशन:
प्रसारण क्षेत्र में भारत को एक वैश्विक लीडर स्थापित करने की खोज में, इस नीति का उद्देश्य अगले 5 वर्षों पर विशेष ध्यान देने के साथ 10 वर्षों के लिए एक व्यापक रोडमैप को तैयार करना है। राष्ट्रीय प्रसारण नीति-2024, निम्नलिखित को प्राप्त करने की परिकल्पना की गई है:
A. विकास को बढ़ावा देना-
डेटा-संचालित शासन के माध्यम से विकास उन्मुख नीतियों और विनियमों को सक्षम करके एक मजबूत प्रसारण पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना करना।
अनुसंधान एवं विकास, प्रौद्योगिकी नवाचार और स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने वाले एक लचीले, अनुकूली और तकनीक-कुशल बुनियादी ढांचे के निर्माण का समर्थन करना।
समान अवसर और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की सुविधा प्रदान करना; सभी तक प्रसारण सेवाओं की पहुंच को सक्षम करके व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना और सभी तक प्रसारण सेवाओं की पहुंच को सक्षम करके आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना, भारत को टेलीविजन चैनलों के लिए ‘अपलिंकिंग हब’ के रूप में स्थापित करना, निवेश आकर्षित करना, रोजगार के अवसर पैदा करना और कौशल विकास को बढ़ावा देना।
B. कंटेंट को बढ़ावा देना
टेलीविजन, रेडियो और ओटीटी प्रसारण सेवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कंटेंट का उत्पादन और वितरण का समर्थन करना, उभरती प्रसारण तकनीकों की शक्ति का उपयोग करके स्थानीय और वैश्विक स्तर पर भारतीय सामग्री के प्रसार को प्रोत्साहित करना और भारत को ‘वैश्विक कंटेंट हब' बनाना।
भारत को कंटेंट निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना।
जनसाधारण को सूचित, शिक्षित और मनोरंजन करने के लिए सार्वजनिक सेवा प्रसारण में गुणवत्तापूर्ण कंटेंट उत्पादन को सक्षम बनाना।
फिल्मों, एनीमेशन, दृश्य प्रभावों, गेमिंग, संगीत और अत्याधुनिक पोस्ट-प्रोडक्शन बुनियादी ढांचे के माध्यम से भारतीय कंटेंट के विकास को बढ़ावा देना और उसे सुविधाजनक बनाना।
C. हितों की रक्षा करना
कॉपीराइट संरक्षण के माध्यम से पाइरेसी का मुकाबला करना और कंटेंट निर्माताओं और बौद्धिक संपदा धारकों के अधिकारों की रक्षा करना।
समाज के सभी वर्गों तक सूचना प्रसारित करने के लिए जागरूकता और सक्षम प्रावधानों को सुनिश्चित करके सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करना और हरित प्रसारण प्रथाओं और आपदा तैयारा के माध्यम से पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को पूरा करना।
लक्ष्य
A. विकास को बढ़ावा देना: एक मजबूत प्रसारण पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना करना
a. डेटा-संचालित नीति निर्णयों को सक्षम करने के लिए विभिन्न प्रमुख आर्थिक मापदंडों के आधार पर क्षेत्र के प्रदर्शन को मापना।
b. कवरेज से वंचित घरों तक टेलीविजन प्रसारण सेवाओं को पहुंचाना और पहुंच को सक्षम बनाना।
c. कवरेज से वंचित क्षेत्रों में रेडियो कवरेज को सक्षम करना।
d. प्रसारण क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना और आईपीआर को सुरक्षित करना।
e. स्वदेशी प्रसारण प्रौद्योगिकियों और उपकरणों सहित नई प्रौद्योगिकियों के विनिर्माण और अपनाने को बढ़ावा देना।
f. कार्यबल को नए युग के कौशल प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन के माध्यम से रोजगार सृजन को बढ़ावा देना।
g. नव-प्रवर्तन आधारित स्टार्टअप को प्रोत्साहित करना और लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाना
h. आर्थिक विकास के लिए अनुकूल नीतियों और विनियामक प्रथाओं को बढ़ावा देना
i. भारत को टेलीविजन चैनलों का अपलिंकिंग हब बनाना
j. डिजिटल स्थलीय प्रसारण का एक मानार्थ प्रसारम तकनीक के रूप में लाभ उठाना
k. प्रभावी दर्शक मापन और रेटिंग प्रणाली स्थापित करना
B. कंटेंट को बढ़ावा देना: वैश्विक स्तर पर भारतीय कंटेंट की पहुंच को प्रोत्साहित करना
a. भारत को कंटेंट निर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करना
b. सार्वजनिक सेवा प्रसारण को मजबूत करना
c. डिजिटल रेडियो प्रसारण के माध्यम से कंटेंट के प्रसार को सुगम बनाना
d. OTT प्रसारण सेवाओं के माध्यम से भारतीय कंटेंट के विकास और प्रसार का समर्थन करना
e. फिल्मों, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और संगीत के माध्यम से भारतीय कंटेंट उत्पादन का समर्थन करना
C. हितों की रक्षा करना: कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकारों की रक्षा करना और समाज के सामाजिक और पर्यावरणीय हितों की रक्षा के लिए प्रसारण सेवाओं का लाभ उठाना
a. कॉपीराइट सुरक्षा के माध्यम से कंटेंट सुरक्षा लागू करना
b. सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को संबोधित करना
c. आपदाओं के दौरान प्रसारक की भूमिका को पहचानना
टैग्स ट्राई राष्ट्र प्रसारण नीति