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इस घटना के बाद इस्तीफा देने में जुटे पत्रकार, एक ने 13 साल झूठ बोलने के लिए मांगी माफी
एक एंकर ने जनता से माफी मांगते हुए कुछ ऐसा लिखा है, जिसने सरकारी खबरिया चैनलों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
ईरान-अमेरिकी विवाद के साथ-साथ ईरान के कुछ पत्रकारों द्वारा बीते दिनों दिए गए इस्तीफे भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। सबसे ज्यादा बात ईरान के ‘स्टेट टेलिविजन’ की एंकर गैलारे जब्बारी (Gelare Jabbari) के इस्तीफे की हो रही है, क्योंकि उन्होंने जनता से माफी मांगते हुए कुछ ऐसा लिखा है, जिसने सरकारी खबरिया चैनलों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जब्बारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है ‘मेरे लिए यह विश्वास करना बहुत कठिन था कि हमारे लोग मारे गए हैं। मुझे यह देरी से पता चला इसलिए माफी चाहती हूं, साथ ही पिछले 13 सालों से आपसे झूठ बोलने के लिए भी माफी चाहती हूं।’
Iran State TV's anchor resigns saying, "It was very hard for me to believe the killing of my countrymen. I apologize for lying to you on TV for 13 years."#IranProtests2020 https://t.co/XnTv72KDkZ
— Farnaz Fassihi (@farnazfassihi) January 13, 2020
गैलारे जब्बारी के इस भावनात्मक संदेश का मतलब यह निकाला जा रहा है कि ‘स्टेट टीवी’ पर दिखाई जाने वाली खबरों में अधिकांश झूठ का पुलिंदा होती हैं। वहीं, अमेरिकी मीडिया ने भी जब्बारी के इस्तीफे को इसी रूप में लिया है।
‘वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर में कहा गया है कि ईरान ने पहले अमेरिकी सैनिकों को मार गिराने का झूठा दावा किया फिर विमान हादसे पर झूठ बोलता रहा। अब उसके पत्रकारों के इस्तीफे से कहीं न कहीं यह बात साबित रही है।
गैलारे जब्बारी की तरह सरकारी चैनल IRIB से इस्तीफा देनी वालीं जहरा खातमी ने कहा ‘आज तक मुझे एंकर के रूप में स्वीकार करने के लिए धन्यवाद। मैं कभी टीवी पर वापस नहीं आऊंगी। मुझे माफ कर दीजिए।’
खातमी की साथी एंकर सबा ने भी पत्रकारिता को अलविदा कह दिया है। उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा ‘मेरे करियर के दौरान आपके समर्थन के लिए धन्यवाद। 21 साल बाद रेडियो और टीवी में काम करने के बाद, अब मैं मीडिया का हिस्सा बने नहीं रह सकती।’
एक के बाद एक पत्रकारों के इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह यूक्रेनी विमान को मार गिराना है। अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने यूक्रेन के यात्री विमान को मार गिराया था, विमान में 176 यात्री सवार थे। शुरुआत में ईरान ने इसमें किसी तरह का हाथ होने से इनकार किया, लेकिन जब ब्लैक बॉक्स को लेकर उस पर दबाव बनाया जाने लगा तब जाकर उसने भूलवश विमान गिराने की बात कबूली।
सरकारी मीडिया द्वारा मामले को दबाने की भरसक कोशिश की गई, जिसे लेकर पत्रकारों में सरकार के खिलाफ नाराजगी उत्पन्न हुई जो अब इस्तीफों के रूप में सामने आ रही है। गैलारे जब्बारी (Gelare Jabbari) पिछले 13 सालों से ईरान के स्टेट टेलिविजन से जुड़ी हुई थीं और कई शो होस्ट करती थीं। उन्होंने फिलहाल अपना वह पोस्ट सोशल मीडिया से हटा लिया है जिसमें उन्होंने देशवासियों से झूठ बोलने के लिए माफी मांगी थी।
वहीं, तेहरान स्थित एसोसिएशन ऑफ ईरानी जर्नलिस्ट्स ने अपने बयान में कहा है कि देश सार्वजनिक विश्वास के अंतिम संस्कार का गवाह बन रहा है। जो कुछ भी हुआ उसने ईरान के आधिकारिक मीडिया की पहले से ही धूमिल प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाया है।
उधर, कई समाचार पत्रों ने भी सरकार को लेकर नाराजगी व्यक्त की है, उनका कहना है कि सरकार के झूठ के चलते उसके पाठकों को सच जानने के लिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया का रुख करना पड़ा। साथ ही कुछ पत्रकारों ने भी जनता से माफी मांगते हुए अपनी सफाई में कहा है कि उनकी रिपोर्टिंग सरकारी अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित थी।
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