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वरिष्ठ टीवी पत्रकार राणा यशवंत ने ‘आईटीवी नेटवर्क’ में अपनी पारी को दिया विराम
राणा यशवंत ने इस संबंध में एक लेटर भी लिखा है, जिसमें उन्होंने अपने इस फैसले की वजह भी बताई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 11 months ago
वरिष्ठ टीवी पत्रकार और सीनियर न्यूज एंकर राणा यशवंत ने देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (ITV Network) में अपनी पारी को विराम दे दिया है। इसके साथ ही राणा यशवंत ने इस संबंध में एक लेटर भी लिखा है, जिसमें उन्होंने अपने इस फैसले की वजह भी बताई है।
समाचार4मीडिया से बातचीत में राणा यशवंत ने बताया कि आईटीवी एक परिवार है और परिवार से अलग नहीं हुआ जाता, नए काम के लिए सहमति तैयार की जाती है। अपनी नई पारी के सवाल पर राणा यशवंत ने कहा हर दिन एक नई पारी होता है। बहुत कुछ है जो छूटा हुआ है, अधूरा है- उसको पूरा करना एक ज़िम्मेदारी है। समय पर बताऊंगा।
बता दें कि राणा यशवंत वर्ष 2013 से ‘इंडिया न्यूज’ से जुड़े हुए थे। वह इस नेटवर्क के हिंदी न्यूज चैनल इंडिया न्यूज (India News) में एडिटर-इन-चीफ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। अपनी इस भूमिका में चैनल को लीड करने के साथ-साथ वह यहां ‘अर्धसत्य’ नामक शो होस्ट भी करते थे। नवंबर 2023 में नेटवर्क ने उन्हें एडिटर-इन-चीफ के पद पर प्रमोट किया था। इस प्रमोशन से पहले वह यहां मैनेजिंग एडिटर के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।
राणा यशवंत को टीवी की दुनिया में काम करने का लंबा अनुभव है। पूर्व में वह ‘आजतक’ (AajTak), ‘जी न्यूज’ (Zee News) और ‘महुआ टीवी’ (Mahuaa TV) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
हिंदी पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अब तक तमाम प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स मिल चुके हैं। उनके शो ‘अर्धसत्य’ को रेड इंक और ईएनबीए जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा Bharat Gaurav Samman,रेक्स Karmaveer Global Fellowship & Award और Rajiv Gandhi Global Excellence Award जैसे जैसे अवार्ड से राणा यशवंत नवाज़े जा चुके हैं।
राणा यशवंत द्वारा इस संबंध में लिखे गए लेटर को आप यहां हूबहू पढ़ सकते हैं-
दोस्तों,
आईटीवी नेटवर्क एक ऐसा संस्थान है, जो देश के बड़े न्यूज़ नेटवर्क में शुमार होता है. टीवी,डिजिटल और प्रिंट- तीनों माध्यम में इसकी मज़बूत और सम्मानजनक उपस्थिति है. प्रधानमंत्री जी के ज़रिए ग्लोबल चैनल newsX वर्ल्ड के शानदार लांच ने परचम और ऊंचा कर दिया है.
समूचे नेटवर्क को इस मुकाम पर लाने में कार्तिक जी और ऐश्वर्या जी के अथक प्रयास और दिशा निर्देशन रहे हैं.
संस्थान हमेशा बड़ा होता है और पेशेवर ज़िम्मेदारी कहती है कि पूरी क्षमता और अनुशासन के साथ जो अपना काम करते हैं, उनकी अलग पहचान होती है. उम्मीद करता हूँ कि जिस तरह का स्वस्थ और प्रतिस्पर्धी माहौल संस्थान के अंदर रहा है, उसको आप सभी और बेहतर बनायेंगे. सबसे अच्छी बात ये है कि संस्थान का नेतृत्व- सुलझा, सहयोगी, संवेदनशील और निहायत पेशेवर रहा है. कार्तिक जी ने एक परिवार तैयार किया और उसके अंदर कई स्तर पर लीडरशिप डेवलप की. न्यूज़ और टेक्नोलॉजी की उनकी समझ इस इंडस्ट्री में उस स्तर पर किसी के पास नहीं दिखती.
ऐश्वर्या जी जब से कमान संभालीं,मैंने यह महसूस किया कि कोई व्यक्ति कितने तरह के काम- एक रफ़्तार और रिजल्ट के साथ कर सकता है! कई बार असहमत होने के बावजूद, उनका संयम और शैली, मेरे लिए उदाहरण हैं. ये उनके लगातार मेरे पीछे लगे रहने का ही नतीजा रहा कि मैंने पॉडकास्ट शुरू किए और वे बेहतरीन रहे.
लंबे समय से मैं कई ज़रूरी और रह गई चीज़ों पर काम करना चाहता था. लेकिन कुछ ना कुछ ऐसा आता रहा कि नैतिक तौर पर संस्थान से उस समय अलग होना सही नहीं लगा. बजट और दिल्ली चुनावों के निपटने के बाद अब कई महीनों बाद बिहार चुनाव हैं. ज़ाहिर है, उस नैतिक दबाव से मुक्त होने की मेरे पास वजहें रहीं. मैनेजमेंट के सामने मैंने अपनी बातें रखी. ऐश्वर्या जी का शुक्रगुज़ार हूँ कि उन्होंने मुझे समझा. जो आगे करना चाहता हूँ और मेरी जो ज़िम्मेदारियाँ हैं, उसकी खातिर उन्होंने हामी दी.
पूरे 12 वर्ष itv नेटवर्क के साथ रहा और यह कालखंड एक युग माना जाता है. इस युग ने मुझे बहुत माँजा, निखारा और जो हूँ वह बनाने में बड़ी भूमिका निभायी. बतौर एडिटर इन चीफ, आप सभी के साथ काम करता रहा. संपादक होने के नाते तमाम विभाग के संपर्क में रहा और सबके बीच एक संतुलन बनाने का दायित्व ईमानदारी से निभाने की कोशिश करता रहा. ज़िम्मेदारी और दायित्व के नाते मैंने कभी आप को तकलीफ़ दी हो तो उसको दरकिनार कर जाइएगा.
मैं उन साथियों को कभी नहीं भूल सकता जो कोविड के उस भयावह दौर में दफ़्तर आते-जाते रहे. सभी विभाग के कुल 20-22 लोग मोर्चा थामे रहे. लिखते लिखते सभी के चेहरे आँखों के आगे तैर गए.
मैं रोज़ की तरह आपके साथ अब भले नहीं, लेकिन रहूँगा. किसी भी वक़्त पहले की तरह आप अधिकार पूर्वक कॉल कर सकते हैं. आख़िर में मैं फिर दोहराता हूँ : संस्थान बड़ा होता है. उसको अनुशासन, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता से बेहतर बनाते रहना चाहिए. दूसरों को देखकर आप ख़ुद पर विश्वास करना कम कर दें या ख़ुद को बदलने लगें तो समझिए आपने अपने अंत की शुरुआत कर दी. ध्यान इस बात का रखिए कि आप जितना बेहतर होते जाएँगे, संस्थान को फ़ायदा तो होगा ही, आप ख़ुद में भी एसेट-सा होते जाएँगे. वैल्यू बढ़ती रहेगी. इसको बढ़ाते और संस्थान का नाम चमकाते रहिए. आप सभी को मेरी बहुत सारी शुभकामनाएँ.
राणा यशवंत
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