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सहारा मीडिया नेटवर्क में आलोक द्विवेदी की ऊंची छलांग, अब मिली ये जिम्मेदारी
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के रहने वाले आलोक द्विवेदी दो दशक से भी अधिक समय से सहारा मीडिया नेटवर्क से जुड़े हुए हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
सहारा मीडिया नेटवर्क में वरिष्ठ पत्रकार आलोक द्विवेदी को अब बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें अब नेटवर्क के रीजनल न्यूज चैनल ‘समय राजस्थान व हरियाणा’ का नया एडिटर बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि विवादों के चलते सहारा समय राजस्थान व हरियाणा के संपादक राजीव मालवीय को प्रबंधन ने इसी सप्ताह हटा दिया था। इसके बाद से प्रबंधन नए एडिटर की मैराथन खोज में लगा हुआ था।
चैनल में पहले से कार्यरत डिप्टी एडिटर विकास पाराशर भी संपादक पद की दौड़ में शामिल थे, लेकिन संस्थान ने आलोक की ताजपोशी की है। द्विवेदी दो दशक से भी अधिक समय से सहारा मीडिया नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। वह इन दिनों नेशनल चैनल के पॉलिटिकल एडिटर के साथ राष्ट्रीय ब्यूरो प्रमुख का कार्यभार संभालते हुए लोकसभा व पीएमओ की रिपोर्टिंग कर रहे थे।
मूल रूप से यूपी के जनपद फतेहपुर की बिंदकी तहसील निवासी आलोक ने कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक व विधि स्नातक की पढ़ाई करने के बाद भारतीय विद्या भवन पत्रकारिता संस्थान से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। शुरुआत में वे कानपुर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र ‘आज’ व ‘स्वतंत्र भारत’ से जुड़े थे। फिर कुछ समय स्वतंत्र पत्रकारिता करने के बाद 1997 में राष्ट्रीय सहारा कानपुर में बतौर संवाददाता जुड़े। इसके बाद उन्होंने टीवी पत्रकारिता में पदार्पण किया और सहारा समय नोएडा के ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाली।
आलोक मई 2011 में ग्रेटर नोएडा के चर्चित भट्टा पारसौल भूमि अधिग्रहण में किसानों व प्रशासन के बीच हिंसक संघर्ष के मध्य बेहद संजीदगी से रिपोर्टिंग कर राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाने में कामयाब रहे। 2008 में देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री आरुषि हत्याकांड की एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग कर करीब ढाई महीने तक लगातार इस मामले की विशेष पड़ताल की। उन्होंने निठारी कांड की सच्चाई को बयां करती डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द कर्मा किलिंग’ में मुख्य किरदार की भूमिका भी अदा की, जिसे नेटफ्लिक्स पर देखा जा सकता है।
देश को हिलाकर रख देने वाले 2002 के गुजरात के दंगों को कवर करने वाले हिंदी बेल्ट की नेशनल मीडिया के चुनिंदा पत्रकारों में आलोक द्विवेदी का नाम शुमार है। उस समय राष्ट्रीय सहारा में प्रकाशित खबरों के अधार पर तत्कालीन संसद सत्र में बहस में इनकी रिपोर्ट शामिल की गई थी। पत्रकार व लेखक अजीज बर्नी की गुजरात दंगों पर लिखी पुस्तक ‘दास्तान ए हिंद’ में आलोक की कई खबरों को प्रमुखता से स्थान मिला था।
बता दें कि आलोक द्विवेदी की पत्नी पूनम द्विवेदी भी पत्रकार हैं और वर्तमान में अमर उजाला में समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं। समाचार4मीडिया.कॉम की ओर से आलोक द्विवेदी को उनके नए सफर की लिए शुभकामनाएं।
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