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MPEG-2 स्लॉट की नीलामी पर विवाद: प्रसार भारती ने कोर्ट में रखा पक्ष, कही ये बात
यह हलफनामा 28 फरवरी को TDSAT की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया, और अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 मार्च को होगी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 11 months ago
तसमई लाहा रॉय, एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।
प्रसार भारती ने टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट एंड अपीलेट ट्रिब्यूनल (TDSAT) में एक हलफनामा दायर किया है, जिसमें 10 फरवरी से 14 फरवरी के बीच आयोजित MPEG-2 स्लॉट के लिए ई-नीलामी में बकेट ब्रॉडकास्टर्स की नीलामी रद्द करने का कारण बताया गया है।
यह हलफनामा 28 फरवरी को TDSAT की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया, और अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 मार्च को होगी।
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रसार भारती ने अपनी दलील में यह स्पष्ट किया कि डिस्क्वालिफाई किए गए ब्रॉडकास्टर्स अपने संबंधित बकेट के लिए निर्धारित कंटेंट आवश्यकताओं को पूरा करने में असफल रहे।
प्रसार भारती के इस फैसले को चुनौती देने वाली कंपनी विजन कॉर्पोरेशन को अब इस हलफनामे के जवाब में अपना पक्ष रखना होगा। इससे पहले, कंपनी ने TDSAT का दरवाजा खटखटाया था और आरोप लगाया था कि यह डिस्क्वालिफाई मनमाने ढंग से की गई है, जिससे DD Free Dish स्लॉट्स के लिए बोली लगाने वाले ब्रॉडकास्टर्स पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
यह हलफनामा प्रसार भारती के इन रद्दीकरणों के पीछे के तर्कों को स्पष्ट करने में मदद करेगा, जबकि विजन कॉर्पोरेशन का जवाब 21 मार्च को होने वाली सुनवाई में ट्रिब्यूनल की अगली कार्रवाई तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विज़न कॉर्पोरेशन लिमिटेड, जो हाउस फुल मूवीज, मल्टीप्लेक्स और मूवी प्लस जैसे चैनलों का संचालन करता है, ने TDSAT में इस मामले को उठाया है। डिस्क्वालिफिकेशन का असर पूरे बकेट R1 पर पड़ा, जिसमें तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम चैनल्स शामिल थे, जो DD Free Dish पर स्लॉट्स के लिए नीलामी में भाग ले रहे थे।
नीलामी प्रक्रिया में आए इस अचानक बदलाव ने प्रसार भारती की भागीदारी और राजस्व सृजन को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
कई आवेदकों को बाहर किए जाने के कारण, राउंड 2 के ब्रॉडकास्टर्स ने यह मानते हुए आक्रामक बोली नहीं लगाई कि स्लॉट्स बिना प्रतिस्पर्धा के उपलब्ध रहेंगे। परिणामस्वरूप, अधिकांश स्लॉट्स मामूली वृद्धि के साथ, प्रति स्लॉट केवल 10 से 15 लाख रुपये की बढ़ोतरी पर आवंटित किए गए।
डिस्क्वालिफाई किए गए ब्रॉडकास्टर्स की वजह से प्रसार भारती को केवल दूसरे राउंड में ही लगभग 150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
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