सूचना:
मीडिया जगत से जुड़े साथी हमें अपनी खबरें भेज सकते हैं। हम उनकी खबरों को उचित स्थान देंगे। आप हमें mail2s4m@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं।

इन मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स को मिली MIB की मंजूरी, कई का लाइसेंस हुआ कैंसल

इस साल 21 मार्च 2022 को 1763 के मुकाबले चार जुलाई तक रजिस्टर्ड मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) की संख्या घटकर 1753 रह गई है।

Last Modified:
Tuesday, 05 July, 2022
MIB

‘सूचना-प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने इस साल 21 अप्रैल से 04 जुलाई के बीच मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) को छह नए लाइसेंस दिए हैं। हालांकि, चार जुलाई तक रजिस्टर्ड मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स की कुल संख्या घटकर 1753 रह गई है, जो 21 मार्च 2022 को 1763 थी।

जिन्हें नए लाइसेंस जारी किए गए हैं, उनमें M/s Infotainment Service & Communications Pvt. Ltd, Softech Infosol Private Limited, Bhumi Cable, Shabkha Taqnia Private Limited, Tribeni Entertainment और  Binodan Digital Pvt. Ltd शामिल हैं।

इन छह मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स में से चार कंपनी आधारित (company-based) हैं, एक स्वामित्व आधारित (proprietorship-based) और एक साझेदारी आधारित (partnership-based) फर्म हैं। वर्तमान में पंजीकृत मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स की कुल संख्या 1,753 है।

इसके साथ ही सूचना प्रसारण मंत्रालय ने ‘तमिलनाडु अरासु केबल टीवी कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (Tamil Nadu Arasu Cable TV Corporation Ltd), ‘गॉडफादर कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड’ (Godfather Communication Pvt. Ltd)  और ‘मैसर्स इंटरमीडिया केबल कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड’ (M/s Intermedia Cable Communication Pvt. Ltd) को तीन प्रोवीजनल रजिस्ट्रेशन भी दिए हैं।

वहीं, दूसरी तरफ सूचना प्रसारण मंत्रालय ने अप्रैल 2022 से चार जुलाई 2022 के बीच 12 मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स के लाइसेंस कैंसल भी किए हैं। जिनके लाइसेंस कैंसल किए गए हैं, उनमें Shivam Cable & Broadband Private Ltd, Rallyon Technology, Panduranga Cable Network, RK Digital Cable TV Network, South Star Digital Network Private Limited, Krishna Cable Network, LD Family Network,  Sahya Digital Networks LLP,  Surbhi Diginet, Thulasis Technology Private Limited, Sri Laxmi Local Cable TV और Yadav Cable शामिल हैं।

कुछ मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स जैसे- Ashiana Communication Mcr, Asiant Network Pvt. Ltd, Bhawani Rajesh Cable And Digitech Services Pvt. Ltd, Kailash Cable Network Pvt. Ltd के रजिस्ट्रेशन की मियाद जून 2022 में समाप्त हो गई है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

TV चैनलों को 1 जनवरी से इस तरह का कंटेंट करना पड़ सकता है प्रसारित: रिपोर्ट्स

इस महीने केंद्रीय मंत्रिमंडल ने टीवी चैनलों के लिए अनुपालन को आसान बनाते हुए अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के दिशानिर्देश-2022 को मंजूरी दी थी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 28 November, 2022
Last Modified:
Monday, 28 November, 2022
Channels54

भारतीय चैनलों को नए साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी से हर दिन ‘राष्ट्रीय हित’ या 'सार्वजनिक हित' से जुड़े कंटेंट को प्रसारित करना पड़ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स में इस तरह का दावा किया जा रहा है।

दरअसल, इस महीने केंद्रीय मंत्रिमंडल ने टीवी चैनलों के लिए अनुपालन को आसान बनाते हुए अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के दिशानिर्देश-2022 को मंजूरी दी थी। दिशानिर्देशों के खंड 35 (Clause 35) के अनुसार, भारतीय टीवी चैनलों के लिए हर दिन 30 मिनट के लिए जनहित से संबंधित कंटेंट प्रसारित करना अनिवार्य कर दिया गया है।

सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया था कि चैनलों को इस तरह के कंटेंट लाने के लिए समय दिया जाएगा। एक न्यूज रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टीवी चैनलों और अन्य हितधारकों (स्टेक होल्डर्स) के साथ बैठक करने के बाद, मंत्रालय ने 1 जनवरी, 2023 को उक्त कंटेंट का प्रसारण शुरू करने का दिन तय किया है।

वहीं, दो हफ्ते पहले, सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने कहा था कि सरकार ने केवल 2008 में दी गई ट्राई की सिफारिशों को ही लागू किया है।  

सूचना-प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी ने पहले ही हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ को बताया था, ‘हम हितधारकों (स्टेक होल्डर्स) से बात करेंगे और अगले कुछ हफ्तों में इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी देंगे।’

नई गाइडलाइंस के तहत अब ब्रॉडकास्टर्स या चैनल्स को हर दिन 30 मिनट के लिए राष्ट्रीय व सार्वजनिक हित से जुड़े जिन विषयों के कंटेंट को प्रसारित करना अनिवार्य किया गया है, उनमें महिला सशक्तीकरण, कृषि और ग्रामीण विकास, शिक्षा और साक्षरता का प्रसार, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, साइंस और टेक्नॉलजी, समाज के कमजोर तबकों का कल्याण, राष्ट्रीय अखंडता, पर्यावरण और सांस्कृति संरक्षण शामिल हैं।

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अब इस न्यूज चैनल में मैनेजिंग एडिटर होंगे वरिष्ठ पत्रकार शमशेर सिंह

शमशेर सिंह ने पिछले दिनों ‘जी मीडिया’ (Zee Media) के हिंदी न्यूज चैनल ‘जी हिन्दुस्तान’ (Zee Hindustan) में मैनेजिंग एडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Sunday, 27 November, 2022
Last Modified:
Sunday, 27 November, 2022
Shamsher Singh

‘जी मीडिया’ (Zee Media) के हिंदी न्यूज चैनल ‘जी हिन्दुस्तान’ (Zee Hindustan) में मैनेजिंग एडिटर के पद से पिछले दिनों इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ टीवी पत्रकार शमशेर सिंह अब नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। वह वरिष्ठ पत्रकार जगदीश चंद्रा के नेतृत्व में इसी साल 15 अगस्त को लॉन्च हुए हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत24’ (Bharat24) में बतौर मैनेजिंग एडिटर जॉइन करने जा रहे हैं।

शमशेर सिंह 28 नवंबर को नोएडा स्थित इस चैनल के मुख्यालय में अपना कार्यभार संभालेंगे। बता दें कि वरिष्ठ टीवी पत्रकार अजय कुमार ने पिछले दिनों ‘भारत24’ में मैनेजिंग एडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से यह पद रिक्त था। हालांकि, सीनियर एडिटर सैयद उमर कार्यवाहक के तौर पर फिलहाल यह जिम्मेदारी संभाल रहे थे।  

गौरतलब है कि ‘जी हिन्दुस्तान’ में शमशेर सिंह की यह दूसरी पारी थी। ‘जी हिन्दुस्तान’ से पहले शमशेर सिंह हिंदी न्यूज चैनल ‘रिपब्लिक भारत’ (Republi Bharat) में कार्यरत थे। शमशेर सिंह नवंबर 2018 से ‘रिपब्लिक भारत’ के साथ जुड़े हुए थे और बतौर एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

मूल रूप से पूर्णिया (बिहार) के रहने वाले शमशेर सिंह 'रिपब्लिक भारत' से पहले ‘इंडिया न्यूज’ चैनल के साथ बतौर एडिटर (नेशनल अफेयर्स) जुड़े हुए थे। उन्होंने ‘इंडिया न्यूज’ (India News) के साथ अपना सफर मार्च, 2018 में शुरू किया था। इसके पहले 'जी हिन्दुस्तान' (Zee Hindustan) में अपनी पहली पारी के दौरान वह पॉलिटिकल एडिटर के तौर पर कार्यरत थे। यहां वह अप्रैल, 2017 से अक्टूबर, 2017 तक रहे।

दो दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाने वाले टीवी पत्रकार शमशेर सिंह ‘इंडिया टीवी’ और ‘आजतक’ के चर्चित चेहरों में से एक रहे हैं। 'जी हिन्दुस्तान' से पहले वह ‘इंडिया टीवी’ में बतौर एडिटर (करेंट अफेयर्स) कार्यरत थे। यहां वह नवंबर 2013 से अप्रैल 2017 तक रहे। 

शमशेर सिंह ने अपने करियर की शुरुआत टीवी न्यूज चैनल से ही की थी। अप्रैल 1998 में उन्होंने ‘आजतक’ (AajTak) न्यूज चैनल से पत्रकारिता में अपना सफर शुरू किया और विभिन्न पदों पर रहते हुए यहां वे डिप्टी एडिटर तक बने। ‘आजतक’ में उन्होंने जापान सुनामी, वॉशिंगटन में न्यूक्लियर सम्मिट, कोपनहेगन सम्मिट से लेकर कई चुनावों और बड़ी घटनाओं को कवर किया। 16 साल बाद यानी 2013 में ‘आजतक’ के साथ उनका सफर थम गया और ‘इंडिया टीवी’, 'जी हिन्दुस्तान', ‘इंडिया न्यूज’ और ‘रिपब्लिक भारत’ व वर्ष 2020 में फिर 'जी हिन्दुस्तान' होते हुए अब वह ‘भारत24’ से जुड़ने जा रहे हैं।

शमशेर सिंह को एक्सक्लूसिव स्टोरीज और स्पेशल शोज का मास्टर माना जाता है। ‘आन द स्पॉट’ रिपोर्टिंग के लिए शमशेर को रामनाथ गोयनका अवॉर्ड भी मिल चुका है। इसके अलावा पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पिछले दिनों उन्हें दिलीप सिंह पत्रकारिता अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। राजनीति के अलावा आंतरिक सुरक्षा और फॉरेन पॉलिसी पर भी उनकी खास पकड़ है। समाचार4मीडिया की ओर से शमशेर सिंह को उनके नए सफर के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं। 
 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

’जी हिन्दुस्तान’ से शमशेर सिंह ने दिया इस्तीफा, सोशल मीडिया पर कुछ यूं बयां किया ‘दर्द’

26 नवंबर को किए गए अपने एक ट्वीट शमशेर सिंह ने कुछ पिक्चरों के माध्यम से जीवन को तीन चरणों-सृष्टि, श्रृंगार और संहार के रूप में परिभाषित किया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 26 November, 2022
Last Modified:
Saturday, 26 November, 2022
Shamsher Singh

‘जी मीडिया’ (Zee Media) के हिंदी न्यूज चैनल ‘जी हिन्दुस्तान’ (Zee Hindustan) को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही तमाम चर्चाओं के बीच अब चैनल के मैनेजिंग एडिटर शमशेर सिंह ने मैनेजमेंट को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

इस बारे में उन्होंने एक के बाद तीन ट्वीट्स किए हैं। इनमें से शुक्रवार को किए गए एक ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ‘अनजाने में कलंक की स्याही लग गई।’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ‘कई बार आप खुद को हीं माफ करने की स्थिति में नहीं होते।’

 

इसके अलावा 26 नवंबर को किए गए अपने ट्वीट शमशेर सिंह ने कुछ पिक्चरों के माध्यम से जीवन को तीन चरणों-सृष्टि, श्रृंगार और संहार के रूप में परिभाषित किया है। इस ट्वीट में उन्होंने चैनल लॉन्च होने, रीलॉन्च होने और बंद होने के दौरान की पिक्चर्स शामिल की हैं।  

बता दें कि ‘जी हिन्दुस्तान’ के बारे में कल एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से मिली इन खबरों में कहा गया था कि ‘जी मीडिया’ ने अपने इस चैनल को बंद करने का फैसला लिया है। इन दिनों वरिष्ठ टीवी पत्रकार शमशेर सिंह के नेतृत्व में संचालित किए जा रहे इस चैनल में फिलहाल करीब 300 लोगों का स्टाफ कार्यरत था।

इस खबर के सामने आने के बाद ‘जी मीडिया’ (Zee Media) ने एक प्रेस नोट जारी कर बताया था कि वह ‘जी हिन्दुस्तान’ का नए सिरे से पुनर्गठन कर रहा है। उसने अब नए विजन से अगली पीढ़ी को लक्षित करने के लिए कंटेंट के बदलाव की रणनीति बनाई है और कंटेंट के प्रति दर्शकों का जुड़ाव बढ़ाने के लिए इस योजना पर काम कर रहा है। अपनी इस स्ट्रैटेजी के तहत ‘जी मीडिया’ निकट भविष्य में एक नया डॉक्यूमेंट्री चैनल पेश करके कंटेंट के अपने वर्तमान बुके में विविधता लाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब मैनेजिंग एडिटर शमशेर सिंह के इन ट्वीट ने स्थिति काफी हद तक स्पष्ट कर दी है। गौरतलब है कि शमशेर सिंह ने ही इस चैनल को लॉन्च किया। फिर उन्होंने ही इस चैनल को रीलॉन्च किया और अब उनके कार्यकाल में ही इस चैनल के बारे में इस तरह की खबरें आई हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

‘के न्यूज’ को अलविदा कहकर वरिष्ठ पत्रकार दिनेश त्रिपाठी ने जॉइन किया अब ये न्यूज चैनल

वरिष्ठ पत्रकार दिनेश त्रिपाठी ने ‘के न्यूज’ (K News) चैनल में अपनी पारी को विराम दे दिया है। उन्होंने करीब एक साल पहले इस चैनल में बतौर स्टेट हेड (उत्तर प्रदेश) जॉइन किया था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 25 November, 2022
Last Modified:
Friday, 25 November, 2022
Dinesh Tripathi

वरिष्ठ पत्रकार दिनेश त्रिपाठी ने ‘के न्यूज’ (K News) चैनल में अपनी पारी को विराम दे दिया है। उन्होंने करीब एक साल पहले इस चैनल में बतौर स्टेट हेड (उत्तर प्रदेश) जॉइन किया था। वह लखनऊ से अपना कामकाज संभाल रहे थे।

दिनेश त्रिपाठी ने अब अपनी नई पारी वरिष्ठ पत्रकार जगदीश चंद्रा के नेतृत्व में कुछ महीनों पहले शुरू हुए हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत24’ (Bharat24) साथ की है। उन्होंने इस चैनल में बतौर विशेष संवाददाता (लखनऊ) जॉइन किया है।

मूल रूप से जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले दिनेश त्रिपाठी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में ‘आज‘ अखबार के नोएडा ब्यूरो ऑफिस से की थी।

इसके बाद उन्होंने ‘NNI‘ न्यूज एजेंसी और फिर ‘हिंदुस्तान‘ दिल्ली का सफर तय किया। इसके बाद निजी कारणों से दिनेश त्रिपाठी को लखनऊ आना पड़ा। लखनऊ में वह ‘दैनिक प्रभात‘ समेत कई अखबारों में कार्यरत रहे।

प्रिंट मीडिया में लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद वर्ष 2017 में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का रुख किया। पहले ‘tv24‘,  उसके बाद ‘न्यूज वर्ल्ड इंडिया‘ और फिर ‘जनता टीवी‘ व ‘के न्यूज‘ होते हुए अब वह ‘भारत24’ पहुंचे हैं। समाचार4मीडिया की ओर से दिनेश त्रिपाठी को उनके नए सफर के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

भारत-न्यूजीलैंड के बीच चल रही सीरीज के प्रसारण मामले में आया यह आदेश

TDSAT ने प्रसार भारती को ‘डीडी स्पोर्ट्स’ के अनएन्क्रिप्टेड सिग्नल ‘सिटी नेटवर्क लिमिटेड’ और ‘डिश टीवी’ को प्रदान करने के लिए अंतरिम निर्देश पारित किए हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 25 November, 2022
Last Modified:
Friday, 25 November, 2022
Prasar Bharati

दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण (TDSAT) ने प्रसार भारती को ‘डीडी स्पोर्ट्स’ के अनएन्क्रिप्टेड सिग्नल ‘सिटी नेटवर्क लिमिटेड’ और ‘डिश टीवी’ को प्रदान करने के लिए अंतरिम निर्देश पारित किए हैं। सिटी नेटवर्क्स लिमिटेड और डिश टीवी द्वारा दायर दो याचिकाओं में ये अंतरिम आदेश पारित किया गया है।

हालांकि, आदेश के मुताबिक अब भारत-न्यूजीलैंड के बीच चल रही टी-20 और एकदिवसीय मैचों की सीरीज का प्रसारण अब दर्शक एमेजॉन और डीडी स्पोर्ट्स के अलावा ‘सिटी' और ‘डिश टीवी’ प्लेटफॉर्म्स पर भी देख सकेंगे। 

सिटी नेटवर्क्स लिमिटेड का प्रतिनिधित्व ‘ट्रस्ट लीगल’ (Trust Legal) की ओर से सीनियर एडवोकेट मीत मल्होत्रा के नेतृत्व में पार्टनर ऋत्विका नंदा, एसोसिएट्स अजय नोरोन्हा और तेजबीर चुघ ने किया। वहीं, डिश टीवी का प्रतिनिधित्व सीए सुंदरम सीनियर एडवोकेट के नेतृत्व में ‘सिंह एंड सिंह’ (Singh & Singh) ने किया।

बता दें कि ये याचिकाएं इस वजह से दायर की गईं, क्योंकि 22 नवंबर को भारत-न्यूजीलैंड टी-20 क्रिकेट मैच के प्रसारण से पहले, प्रसार भारती ने डीडी स्पोर्ट्स के सिग्नल को एन्क्रिप्ट किया, जिससे यह चैनल डीडी फ्री डिश को छोड़कर सिटी नेटवर्क और डिश टीवी के डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म के अलावा अन्य केबल व डीटीएच ऑपरेटर्स पर दिखाई नहीं दे रहे थे।

सिग्नल के लिए प्रसार भारती से अनुरोध करने पर ‘सिटी नेटवर्क’ और ‘डिश टीवी’ को एमेजॉन ने यह कहते हुए नोटिस दिया था कि एमेजॉन भारत में एकमात्र अधिकार धारक है। एमेजॉन ने प्रसार भारती के साथ एक एग्रीमेंट किया था और भारत-न्यूजीलैंड क्रिकेट सीरीज, 2022 के लाइव प्रसारण सिग्नल को प्रसार भारती द्वारा केवल डीडी फ्री डिश प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने के लिए शेयर कर रहा था।

‘सिटी नेटवर्क’ और ‘डिश टीवी’ ने तर्क दिया था कि प्रसार भारती एक ब्रॉडकास्टर के रूप में गैर-भेदभाव और गैर-विशिष्टता के इंटरकनेक्शन विनियमों से बंधा हुआ है। जैसा कि उल्लंघन का जिक्र किया गया है तो प्रसार भारती द्वारा किसी तीसरे पक्ष के साथ कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है। अन्य सभी डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफार्म्स का बहिस्कार कर प्रसार भारती द्वारा ‘डीडी स्पोर्ट्स’ के सिग्नल्स को केवल अपने खुद के ही डीटीएच प्लेटफॉर्म यानी कि ‘डीडी फ्री डिश’ प्रेषित करना विनियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा, 2013 में पारित की गई सूचना-प्रसारण मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 की धारा 8 के अनुसार, ‘सिटी नेटवर्क’ और ‘डिश टीवी’ को डीडी स्पोर्ट्स को अपने प्लेटफॉर्म पर ले जाना अनिवार्य है। प्रसार भारती 2013 से 22 नबंर 2022 तक एन्क्रिप्टेड सिग्नल्स की आपूर्ति कर रहा था। प्रसार भारती ने बिना किसी नोटिस के सिग्नल को एन्क्रिप्ट किया और दर्शकों की संख्या को प्रतिबंधित किया है।

वहीं, इसके विपरीत, प्रसार भारती ने कहा कि वह प्रसार भारती अपने और एमेजॉन के बीच हुए अरेंजमेंट के तहत कार्य कर रहा है।

सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह और गोपाल जैन के नेतृत्व में साईकृष्णा एसोसिएट्स ने एमेजॉन का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान एमेजॉन ने तर्क दिया कि उसके पास ही भारत में भारत-न्यूजीलैंड मैचों की सीरीज को दिखाने का एकमात्र अधिकार है। याचिकाकर्ताओं को सीरीज के कंटेंट को शेयर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है और यदि ऐसा किया जाता है तो यह एमेजॉन के कॉपीराइट का उल्लंघन होगा।  

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, टीडीसैट ने कहा कि  ‘सिटी नेटवर्क’ और ‘डिश टीवी’ का मामला प्रथम दृष्टया इसके पक्ष में है और सुविधाओं का संतुलन भी इसके पक्ष में है। केबल टेलीविजन नेटवर्क अधिनियम, 1995 के अनुसार अनिवार्य दायित्व एक वैधानिक आवश्यकता है। उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए, टीडीसैट ने प्रसार भारती को निर्देश दिया कि वह मामले के लंबित रहने तक डीडी स्पोर्ट्स चैनल के एन्क्रिप्टेड सिग्नल ‘सिटी नेटवर्क’ और ‘डिश टीवी’ को तत्काल प्रदान करें।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Zee Hindustan के बारे में आई यह बड़ी खबर

‘जी मीडिया’ (Zee Media) के हिंदी न्यूज चैनल ‘जी हिन्दुस्तान’ (Zee Hindustan) के बारे में एक बड़ी खबर सामने आ रही है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 25 November, 2022
Last Modified:
Friday, 25 November, 2022
Zee Hindustan

‘जी मीडिया’ (Zee Media) के हिंदी न्यूज चैनल ‘जी हिन्दुस्तान’ (Zee Hindustan) के बारे में एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘जी मीडिया’ ने अपने इस चैनल को बंद करने का फैसला लिया है। बताया यह भी जाता है कि यह चैनल आज शाम से दिखाई नहीं देगा। बता दें कि इन दिनों वरिष्ठ टीवी पत्रकार शमशेर सिंह के नेतृत्व में संचालित किए जा रहे इस चैनल में फिलहाल करीब 300 लोगों का स्टाफ कार्यरत है।

मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि इस चैनल में से तमाम एंप्लॉयीज को पहले ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। बताया जा रहा है कि एक तो वित्तीय स्थिति और दूसरा इस चैनल का कंटेंट ‘जी न्यूज’ (Zee News) के लगभग समान होने के कारण इसे बंद करने का फैसला लिया जा रहा है।

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में तत्कालीन सीईओ पुरुषोत्तम वैष्णव के नेतृत्व में इस चैनल को नया रूप (revamp) दिया गया था। उस समय शमशेर सिंह मैनेजिंग एडिटर के पद पर कार्यरत थे। समाचार4मीडिया ने इस बारे में ‘जी हिन्दुस्तान’ के मैनेजमेंट से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फिलहाल वहां से कोई जवाब नहीं मिल सका है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

'डीडी फ्री डिश' के ग्राहकों के लिए खुशखबरी, जल्द देख सकेंगे ये दो बड़े चैनल

प्रसार भारती ने इस महीने 18 नवंबर को आयोजित 63वीं ऑनलाइन ई-ऑक्शन (63rd e-Auction) अर्थात ऑनलाइन नीलामी का आयोजन किया था

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 24 November, 2022
Last Modified:
Thursday, 24 November, 2022
DDFreeDish452189

सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) और वायाकॉम18 (Viacom18) के स्वामित्व वाले हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल- ‘सोनी पल’ और ‘कलर्स रिश्ते’ अब एक दिसंबर से ‘डीडी फ्री डिश’ पर फिर से दिखाई देने लग जाएंगे। बता दें कि इस साल मार्च में, चार बड़े ब्रॉडकास्टर्स ने अपने हिंदी एंटरटेनमेंट चैनल्स को ‘डीडी फ्री डिश’ से हटा लिया था।

दरअसल, सबस्क्रिप्शन रेवेन्यू को बचाने के लिए सामूहिक रूप से बड़े ब्रॉडकास्टर्स ने यह निर्णय लिया था, क्योंकि नए टैरिफ ऑर्डर (एनटीओ) 2.0 के लागू होने के बाद ब्रॉडकास्टर्स पे डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म से डीडी फ्रीडिश पर कस्टमर्स के शिफ्ट हो जाने को लेकर चिंतित थे और इस वजह से ब्रॉडकास्टर्स पर काफी दबाव था। हालांकि हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ने अगस्त में यह रिपोर्ट दी थी कि 4  बड़े ब्रॉडकास्टर्स ‘डीडी फ्री डिश’ पर वापसी करने पर विचार कर रहे हैं, जोकि अब सच होता दिख रहा है।  

प्रसार भारती ने इस महीने 18 नवंबर को आयोजित 63वीं ऑनलाइन ई-ऑक्शन (63rd e-Auction) अर्थात ऑनलाइन नीलामी का आयोजन किया था, जिसके माध्यम से 01.12.2022 से 31.03.2023 की अवधि के लिए प्रो-राटा (pro-rata) आधार पर डीडी फ्री डिश पर MPEG-2 स्लॉट के आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे और यह भी घोषणा की थी कि विजेता चैनल डीडी फ्री डिश पर 1 दिसंबर 2022 से 31 मार्च 2023 तक उपलब्ध रहेंगे।

हालांकि, इसके बाद डीडी फ्री डिश के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से यह पोस्ट किया गया कि विजेता चैनल के रूप में सामने आए ‘सोनी पल’ और ‘कलर्स रिश्ते’ डीडी फ्री डिश प्लेटफॉर्म पर 1.12.2022 से उपलब्ध होंगे।      

इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ‘सोनी पल’ और ‘कलर्स रिश्ते’ की वापसी कोई हैरान करने वाली बात नहीं है, क्योंकि डीडी फ्री डिश प्लेटफॉर्म से चैनल को वापस लेने का पे-ब्रॉडकास्टर्स को कोई ज्यादा फायदा नहीं हुआ है, जबकि सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू स्थिर बनी हुई है। वहीं विज्ञापन राजस्व (ऐड रेवेन्यू) में गिरावट से ब्रॉडकास्टर्स को जरूर भारी नुकसान हुआ है।

‘टीवी18’ और जी एंटरटेनमेंट दोनों का कहना है कि डीडी फ्री डिश से बाहर निकलने के चलते उनका विज्ञापन राजस्व (ऐड रेवेन्यू) में होने वाली वृद्धि पर जरूर असर पड़ा है।

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

गुजरात की सरजमीं से अब रुबिका भरेंगी 'हुंकार', स्पेशल कवरेज के लिए पहुंचेंगी आपके द्वार

गुजरात विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। इस बीच तमाम मीडिया घरानों ने भी चुनाव से जुड़ी पल-पल की खबर अपने दर्शकों तक पहुंचाने के लिए कमर कस ली है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 23 November, 2022
Last Modified:
Wednesday, 23 November, 2022
Rubika45412

गुजरात विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। दो चरणों में यानी एक और पांच दिसंबर को होने वाले मतदान के लिए वोटों की गिनती आठ दिसंबर को होगी। ऐसे में तमाम उम्मीदवार मैदान में उतर चुके हैं। इस महासमर को जीतने के लिए बीजेपी, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक पार्टियां जी-जान से लगी हुईं हैं। इस बीच तमाम मीडिया घरानों ने भी चुनाव से जुड़ी पल-पल की खबर अपने दर्शकों तक पहुंचाने के लिए कमर कस ली है। एबीपी न्यूज भी इनमें से एक है।

एबीपी न्यूज की जानी-मानी एंकर रुबिका लियाकत अब अपनी ‘हुंकार’ टीम के साथ गुजरात के मैदान में उतर गई हैं। वह अब गुजरात में घर-घर जाकर यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि सूबे में किसकी सरकार बन सकती है, कौन हो सकता है अगला मुख्यमंत्री। यानी अब गुजरात के मैदान से ही रुबिका ‘हुंकार’ पर अब अपनी खबरों को देंगी धार और चुनाव से जुड़ी-जुड़ी पल की खबरों को दर्शकों तक पहुंचाने का करेंगी काम।

रुबिका के प्रोग्राम हुंकार का एक ‘प्रोमो’ भी जारी किया गया, जिसमें वह एक कार से रिपोर्टिंग करती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि वह शहर-शहर गांव-गांव इसी कार से घूमकर रिपोर्टिंग करेंगी।   

बता दें कि गुजरात की कुल 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण में 89 सीटों पर और दूसरे चरण में 93 सीटों पर मतदान होगा। फिलहाल, गुजरात में बीते ढाई दशक से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और इस बार आम आदमी पार्टी की एंट्री से त्रिकोणीय मुकाबले की उम्मीद है। बहरहाल, मौजूदा गुजरात विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 18 फरवरी को समाप्त हो जाएगा।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

itv नेटवर्क ने BARC के रेटिंग सिस्टम से खुद को किया अलग, बताई ये वजह

itv नेटवर्क ने ‘ब्रॉडकास्टर्स ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के रेटिंग सिस्टम से तत्काल प्रभाव से अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 22 November, 2022
Last Modified:
Tuesday, 22 November, 2022
iTV Network

itv नेटवर्क ने ‘ब्रॉडकास्टर्स ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के रेटिंग सिस्टम से तत्काल प्रभाव से अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। नेटवर्क के पास दो नेशनल चैनल्स समेत कुल 9 चैनल्स शामिल हैं। इनमें ‘इंडिया न्यूज’ (India News) व ‘न्यूजX’ (NewsX) और सात रीजनल चैनल्स- ‘इंडिया न्यूज हरियाणा’ (India News Haryana), ‘इंडिया न्यूज यूपी/यूके’ (India News UP/UK), ‘इंडिया न्यूज एमपी/सीजी’ (India News MP/CG), ‘इंडिया न्यूज गुजरात’ (India News Gujarat), ‘इंडिया न्यूज राजस्थान’ (India News Rajasthan), ‘इंडिया न्यूज पंजाब-हिमाचल-जम्मू कश्मीर’ (India News Punjab-Himachal-Jammu Kashmir) और NE न्यूज (NE News) चैनल्स शामिल हैं।

itv नेटवर्क ने टीवी व्युअरशिप मेजरमेंट कंपनी यानी BARC को एक पत्र लिखकर अपनी शिकायतों की ओर ध्यान दिलाया और सूचित किया कि जब तक उसकी शिकायतों का समाधान नहीं कर दिया जाता, तब तक वह उसकी रेटिंग प्रणाली से खुद को अलग करता है।

जारी की गई आधिकारिक विज्ञप्ति में आईटीवी नेटवर्क ने कहा, ‘हम बार-बार बार्क के द्वारा इस्तेमाल की जा रही मनमानी और एकतरफा तंत्र पर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। हमने रेटिंग की विश्वसनीयता के संबंध में बेहद ही गंभीर मुद्दे उठाए, लेकिन आज तक हमारी किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया गया। बार्क के कामकाज में विश्वसनीयता पूरी तरह से खत्म हो गई है और कई ब्रॉडकास्टर्स के साथ-साथ हम भी बार्क से जुड़े रहने के लिए मजबूर रहे हैं, क्योंकि यह एकमात्र टीवी रेटिंग एजेंसी है और एक प्रमुख स्थान रखती है। BARC की अस्पष्ट कार्रवाइयों से हमारे नेटवर्क को बहुत नुकसान पहुंचा है।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

19 रुपए या इससे कम कीमत वाले चैनल ही होंगे बुके का हिस्सा: TRAI

ट्राई ने ब्रॉडकास्टर व केबल सर्विस के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में किए गए संशोधनों को अधिसूचित किया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 22 November, 2022
Last Modified:
Tuesday, 22 November, 2022
Channel542

ट्राई ने मंगलवार को दूरसंचार (प्रसारण और केबल) सेवाएं (आठवां) (एड्रेसेबल सिस्टम्स) टैरिफ (तीसरा संशोधन) आदेश, 2022 (2022 का 4) और दूरसंचार (प्रसारण और केबल) सेवाएं इंटरकनेक्शन (एड्रेसेबल सिस्टम) (चौथा संशोधन) विनियम, 2022 (2022 का 2) जारी किया।

यह स्टेटमेंट ट्राई के सचिव वी. रघुनंदन की ओर से जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि-

1- केबल टीवी क्षेत्र के पूर्ण डिजिटलीकरण के अनुरूप, ट्राई ने 3 मार्च 2017 को प्रसारण व केबल सेवाओं के लिए न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क (नया विनियामक ढांचा) अधिसूचित किया। मद्रास उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में कानूनी जांच पारित करने के बाद, 29 दिसंबर 2018 से नया फ्रेमवर्क लागू किया गया।

2- न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में जैसे ही कुछ व्यावसायिक नियमों को बदला गया, उसमें कई सकारात्मक बातें सामने आईं। हालांकि, न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 2017 के कार्यान्वयन पर, ट्राई ने उपभोक्ताओं को प्रभावित करने वाली कुछ कमियों पर ध्यान दिया। न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के कार्यान्वयन के बाद उत्पन्न होने वाले कुछ मुद्दों को हल करने के लिए, हितधारकों के साथ उचित परामर्श प्रक्रिया के बाद, ट्राई ने 01.01.2020 को न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 2020 को अधिसूचित किया।

3- कुछ हितधारकों ने टैरिफ संशोधन आदेश 2020, इंटरकनेक्शन संशोधन विनियम 2020 और क्यूओएस संशोधन विनियम 2020 के प्रावधानों को बॉम्बे और केरल उच्च न्यायालयों सहित विभिन्न उच्च न्यायालयों में चुनौती दी। उच्च न्यायालयों ने कुछ प्रावधानों को छोड़कर न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 2020 की वैधता को बरकरार रखा।

4- नेटवर्क कैपेसिटी फी (एनसीएफ) और न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 2020 के लंबी अवधि के सब्सक्रिप्शन से संबंधित प्रावधान पहले ही लागू किए जा चुके हैं और बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं को इसका लाभ दिया जा रहा है। प्रत्येक उपभोक्ता अब अधिकतम एनसीएफ 130 रुपए में 100 चैनलों के बजाय 228 टीवी चैनल प्राप्त कर सकता है। इसने उपभोक्ताओं को 2017 के ढांचे के अनुसार समान संख्या में चैनलों का लाभ उठाने के लिए अपने एनसीएफ को 40 से 50 रुपए तक कम करने में सक्षम बनाया है। इसके अतिरिक्त, मल्टी-टीवी घरों के लिए संशोधित एनसीएफ ने उपभोक्ताओं को दूसरे (और अधिक) टेलीविजन सेट्स पर 60% की बचत करने में सक्षम बनाया है।

5- हालांकि, ब्रॉडकास्टर्स द्वारा नवंबर 2021 में दायर रियो (RIO) के अनुसार, नए टैरिफ एक सामान्य प्रवृत्ति को दर्शाते हैं, यानी स्पोर्ट्स चैनलों सहित उनके सबसे लोकप्रिय चैनलों की कीमतों में 19 रुपए प्रति माह से अधिक की वृद्धि की गई। पे चैनलों को बुके में शामिल करने के संबंध में मौजूदा प्रावधानों का अनुपालन करते हुए, ऐसे सभी चैनल जिनकी कीमत 12 रुपए प्रति माह से अधिक है, को बुके से बाहर रखा जाता है और केवल अ-ला-कार्टे आधार पर पेश किया जाता है। फाइल किए गए संशोधित रियो लगभग सभी पेश किए जा रहे बुके की संरचना में व्यापक पैमाने पर बदलाव का संकेत देते हैं।

6- नए टैरिफ की घोषणा के तुरंत बाद, ट्राई को डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स (DPOs), एसोसिएशन ऑफ लोकल केबल ऑपरेटर्स (LCOs) और उपभोक्ता संगठनों से अभ्यावेदन प्राप्त हुए। डीपीओ ने विशेष रूप से ब्रॉडकास्टर्स द्वारा घोषित पे चैनलों और बुके की दरों में वृद्धि के कारण  सिस्टम में नई दरों को लागू करने और लगभग सभी बुके को प्रभावित करने वाले विकल्पों के सूचित अभ्यास के माध्यम से उपभोक्ताओं को नई टैरिफ व्यवस्था में स्थानांतरित करने में आने वाली कठिनाइयों पर प्रकाश डाला। इसलिए, ट्राई ने एलसीओ के प्रतिनिधियों सहित सभी विभिन्न संघों और उपभोक्ता समूहों के साथ बातचीत की।

7- न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 2020 के कार्यान्वयन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और आगे का रास्ता तय करने के लिए, ट्राई के तत्वावधान में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF), ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) और DTH एसोसिएशन के सदस्यों वाली एक समिति का गठन किया गया था।

8- समिति का उद्देश्य टैरिफ संशोधन आदेश 2020 के सुचारू कार्यन्वयन के लिए परस्पर सहमत तरीकों पर कार्क करने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच चर्चा की सुविधा प्रदान करना था। हितधारकों को एक कार्यान्वयन योजना के साथ आने की सलाह दी गई, जहां उपभोक्ताओं को न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 2020 को लागू करते समय कम से कम दिक्ततों का सामना करना पड़े।

9- समिति ने न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 2020 से जुड़े कई मुद्दों को विचार के लिए सूचीबद्ध किया। हालांकि, हितधारकों ने ट्राई से उन महत्वपूर्ण मुद्दों को तुरंत दूर करने का अनुरोध किया, जो टैरिफ संशोधन आदेश 2020 के सुचारू कार्यान्वयन के लिए बाधाएं पैदा कर सकते हैं।

10- हितधारकों की समिति द्वारा पहचाने गए मुद्दों को संबोधित करने के लिए; ट्राई ने न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 2020 के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए लंबित बिंदुओं/मुद्दों पर हितधारकों की टिप्पणियां प्राप्त करने के लिए एक परामर्श पत्र जारी किया। परामर्श पत्र में बुके के निर्माण में दी गई छूट, बुके में शामिल करने के लिए चैनलों की अधिकतम कीमत और वितरण शुल्क के अलावा ब्रॉडकास्टर्स द्वारा डीपीओ को दी जाने वाली छूट से संबंधित मुद्दों पर विभिन्न हितधारकों से टिप्पणियां और सुझाव मांगे गए।

11- प्राधिकरण ने हितधारकों की टिप्पणियों का विश्लेषण किया और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए टैरिफ आदेश 2017 और इंटरकनेक्शन विनियम 2017 में संशोधनों को अधिसूचित किया।

संशोधनों की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं-

 टीवी चैनलों के एमआरपी पर ढील जारी रहेगी

*   केवल उन्हीं चैनलों को बुके का हिस्सा बनने की अनुमति होगी, जिनकी एमआरपी 19 रुपए या उससे कम होगी।

*   एक ब्रॉडकास्टर अपने पे चैनलों के बुके का मूल्य निर्धारण करते समय उस बुके में सभी पे चैनलों के एमआरपी के योग से अधिक 45% की अधिकतम छूट की पेशकश कर सकता है।

*   किसी ब्रॉडकास्टर द्वारा किसी पे चैनल के अधिकतम खुदरा मूल्य पर प्रोत्साहन के रूप में दी जाने वाली छूट अ-ला-कार्टे और बुके दोनों  में उस चैनल की सदस्यता पर आधारित होगी।

12- सभी ब्रॉडकास्टर 16 दिसंबर 2022 तक चैनलों के नाम, प्रकृति, भाषा, चैनलों की प्रति माह एमआरपी और चैनलों के बुके की संरचना और एमआरपी में किसी भी बदलाव की सूचना प्राधिकरण को देंगे और साथ ही साथ अपनी वेबसाइट्स पर भी ऐसी जानकारी प्रकाशित करेंगे। जिन ब्रॉडकास्टर ने न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 2020 के अनुपालन में अपने रियो पहले ही जमा कर दिए हैं, वे भी 16 दिसंबर 2022 तक अपने रियो को संशोधित कर सकते हैं।

13- सभी डीपीओ 1 जनवरी 2023 तक पे चैनलों के डीआरपी, पे चैनलों के बुके और पे व एफटीए चैनलों के बुके की संरचना को प्राधिकरण को रिपोर्ट करेंगे और साथ ही साथ ऐसी जानकारी को अपनी वेबसाइट्स पर प्रकाशित करेंगे। डीपीओ जिन्होंने न्यू रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 2020 के अनुपालन में अपने रियो को पहले ही जमा करा दिए हैं, वे भी 1 जनवरी 2023 तक अपने रियो को संशोधित कर सकते हैं।

14- इसके अलावा टेलीविजन चैनलों के सभी वितरक यह सुनिश्चित करेंगे कि 1 फरवरी 2023 से ग्राहकों को सेवाएं उनके द्वारा चुने गए बुके या चैनलों के अनुसार प्रदान की जाएं।

15- वर्तमान संशोधनों में ट्राई ने केवल उन महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित किया है जो टैरिफ संशोधन आदेश 2020 को लागू करते समय उपभोक्ताओं को असुविधा से बचाने के लिए हितधारक समिति द्वारा सुझाए गए थे। हितधारकों की समिति ने अन्य मुद्दों को भी सूचीबद्ध किया, जिन पर बाद में ट्राई द्वारा विचार किया जाएगा।इसके अलावा, प्राधिकरण ने एलसीओ के प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें कीं, जिसमें एक ऑनलाइन बैठक में देशभर से 200 से अधिक एलसीओ ने भाग लिया। इन बैठकों के दौरान कई मुद्दों को रखा गया। ट्राई ने सुझावों को नोट कर लिया है और यदि आवश्यक हुआ तो आगामी मुद्दों के समाधान के लिए और उपयुक्त कदम उठा सकता है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए