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जानिए, रूबिका लियाकत से क्यों बोले मनोज तिवारी ‘मेरी लड़ाई करवाओगी’?
दिल्ली की लड़ाई में भाजपा की करारी शिकस्त के बाद हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर पार्टी की नजर में हार की वजह क्या रही? क्या नेताओं के बड़बोलेपन ने उसे नुकसान पहुंचाया या
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
दिल्ली की लड़ाई में भाजपा की करारी शिकस्त के बाद हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर पार्टी की नजर में हार की वजह क्या रही? क्या नेताओं के बड़बोलेपन ने उसे नुकसान पहुंचाया या शाहीन बाग को पाकिस्तान करार देने की रणनीति गलत साबित हुई। ‘एबीपी न्यूज़’ ने मनोज तिवारी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू से लोगों की इस जिज्ञासा को शांत करने का प्रयास किया है। चुनाव परिणामों के बाद पहली बार तिवारी किसी चैनल पर सवालों का जवाब देते नजर आए हैं। उनसे सवाल पूछने की जिम्मेदारी रूबिका लियाकत को सौंपी गई थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।
रूबिका ने हर वह सवाल दागा, जिसका जवाब लोग जानना चाहते हैं। फिर चाहे वह तिवारी को बतौर सीएम प्रोजेक्ट न करना हो या प्रवेश वर्मा जैसे नेताओं पर आलाकमान की सोच। आमतौर पर जब हार के बाद कोई नेता कैमरे का सामना करता है तो वह बेहद गंभीर हो जाता है और सवाल पूछने वाला पत्रकार भी गंभीरता से मुद्दों को उठाता है। सीधे शब्दों में कहें तो शिकस्त का गम कुछ और देर तक लाइव टीवी पर नजर आता है। लेकिन ‘एबीपी’ का यह इंटरव्यू बिलकुल अलग रहा। रूबिका ने अपने अंदाज से माहौल को इतना हल्का कर दिया कि कुछ देर के लिए तिवारी भी शायद हार का दुःख भूल गए होंगे।
हालांकि, इसका ये मतलब नहीं कि उन्होंने तीखे सवालों की चुभन से भाजपा नेता को बेचैन नहीं किया। उन्होंने चुभने वाले सवाल भी पूछे। मसलन, पिछले छह बार भाजपा चेहरे के साथ मैदान में उतरी थी, मगर इस बार नहीं, क्यों? क्या पार्टी को आप पर कॉन्फिडेंस था? इसके जवाब में पहले तो तिवारी सामूहिक निर्णय का हवाला देकर ज्यादा कुछ कहने से बचते रहे, लेकिन अंत में उन्होंने मान ही लिया कि चेहरे के साथ उतरना चाहिए था।
रूबिका ने भाजपा के बयानवीरों पर भी सवाल किया, लेकिन प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा की बात करते-करते हुए उन्होंने एक ऐसे शख्स का नाम भी ले डाला, जिससे तिवारी कुछ असहज हो गए। उन्होंने पहले पूछा, ‘क्या आपकी पार्टी के नेताओं के बड़बोलेपन ने आपको नुकसान पहुंचाया’? जिसका मनोज तिवारी ने चालाकी से जवाब दिया। उन्होंने प्रवेश कुमार या कपिल मिश्रा का जिक्र न करते हुए कहा कि आलाकमान की सोच ऐसी नहीं है। बस यहीं वो रूबिका को दमदार सवाल दागने का मौका दे बैठे और उन्होंने तपाक से पूछ लिया ‘आपके अमित शाह भी तो शाहीन बाग में करंट लगवा रहे थे, लेकिन करंट आपको और आपकी पार्टी को लग गया? इसका भी तिवारी कोई सीधा जवाब नहीं दे सके।
पूरे इंटरव्यू के दौरान रूबिका ने ऐसे-ऐसे सवाल भी पूछे जिनके जवाब में भाजपा नेता केवल हंसकर रह गए। हालांकि, जब उन्होंने भाजपा की आठ सीटों का हवाला दिया, तो मनोज तिवारी ‘एबीपी न्यूज’ के एग्जिट पोल का हवाला देकर गंभीर सवालों की चुभन से बचने का प्रयास करने लगे। उन्होंने कहा, आप लोग तो पहले ही दिखा चुके थे कि ‘आप’ को 63 और ‘भाजपा’ को 7 सीटें मिलेंगी। आगे से आप ही लोगों से पूछ लेंगे हम’।
चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत के बाद से ही सोशल मीडिया पर दिल्ली की जनता को मुफ्तखोर करार दिया जाने लगा है। यहां तक कि भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा भी कुछ ऐसी ही सोच रखते हैं। लिहाजा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से इस पर सवाल तो बनता था और रूबिका ने यह मुद्दा उठाया भी। उन्होंने कहा, ‘फोन लगाइए न अपने भाई प्रवेश वर्मा को और पूछिए दिल्ली की जनता क्या मुफ्तखोर है?’
इस पर तिवारी ने जवाब दिया, ‘नहीं, दिल्ली की जनता समझदार है और हम उसके जनादेश को स्वीकार करते हैं।’ प्रवेश कुमार को भाई कहने वाला वाकया इस सवाल से कुछ पहले हुआ। दरअसल, जब रूबिका लियाकत ने तिवारी से कहा कि आपने अपने क्षेत्र में तीन स्कूल बनवाये हैं तो उस पर ही चुनाव लड़ते न, वो (आप) स्कूल पर ही तो जीते हैं। तो भाजपा नेता ने कहा ‘हम उसी पर तो लड़े, तभी तो हमारे यहां जीते।’ इस जवाब पर एक और सवाल दागते हुए रूबिका ने कहा ‘मतलब प्रवेश वर्मा को आपसे सीख लेनी चाहिए’? इतना सुनकर मनोज तिवारी पहले हंसे फिर बोले ‘ऐसे झगड़ा मत लगवाओ, मेरा भाई है। इंटरव्यू में बुलाकर और मेरे चार ठो खोल दो।’
मनोज तिवारी का पूरा इंटरव्यू आप यहां देख सकते हैं:
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