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मार्च 2025 तक देश के हर कोने में पहुंची DTH सेवा: MIB
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने WAVES समिट के मंच से ‘स्टैटिस्टिकल हैंडबुक 2024–25’ का अनावरण किया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने WAVES समिट के मंच से ‘स्टैटिस्टिकल हैंडबुक 2024–25’ का अनावरण किया। यह रिपोर्ट भारत में बदलते मीडिया और ब्रॉडकास्टिंग इकोसिस्टम की एक व्यापक तस्वीर पेश करती है, जिसमें डिजिटल पहुंच, पारंपरिक मीडिया, कंटेंट निर्माण और बुनियादी ढांचे में हो रही तेज़ प्रगति के आंकड़े दर्ज हैं।
DD FreeDish और DTH सेवा में बड़ी छलांग
रिपोर्ट के अनुसार, देश की Direct-to-Home (DTH) सेवाएं अब 100% भौगोलिक क्षेत्र तक पहुंच चुकी हैं। प्रसार भारती के DD FreeDish प्लेटफॉर्म ने 2004 में सिर्फ 33 चैनलों से शुरुआत की थी, जो अब 2024–25 तक बढ़कर 381 चैनल हो चुके हैं। इससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में भी सूचना और मनोरंजन की पहुंच सुनिश्चित हुई है।
ऑल इंडिया रेडियो और निजी चैनलों का तेज विस्तार
रिपोर्ट बताती है कि ऑल इंडिया रेडियो (AIR) अब भारत की 98% आबादी तक अपनी पहुंच बना चुका है। साल 2000 में AIR के जहां 198 स्टेशन थे, वहीं 2025 तक यह संख्या 591 तक पहुंच गई है।
वहीं, निजी सैटेलाइट चैनलों की संख्या 2004-05 में 130 थी, जो 2024–25 में बढ़कर 908 हो गई है। निजी एफएम स्टेशन भी 2001 के सिर्फ 4 स्टेशन से बढ़कर अब 388 स्टेशन तक पहुंच चुके हैं।
सामुदायिक रेडियो और ग्रासरूट मीडिया को भी मिला बढ़ावा
कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों (CRS) की संख्या 2005 में जहां 15 थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 531 हो गई है। यह स्थानीय समुदायों की भागीदारी और हाइपर-लोकल कंटेंट को बढ़ावा दे रहा है।
प्रकाशन क्षेत्र में स्थायी वृद्धि
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (PRGI) के अनुसार, भारत में रजिस्टर्ड प्रकाशनों की संख्या 1957 में 5,932 थी, जो 2024–25 में बढ़कर 1,54,523 हो गई है, और यह 4.99% की CAGR दर से बढ़ी है। इस दौरान पब्लिकेशंस डिवीजन ने बच्चों की किताबों, विज्ञान, इतिहास, पर्यावरण और जीवनी जैसे विषयों पर 130 पुस्तकें प्रकाशित कीं।
फिल्म उद्योग भी पीछे नहीं
भारतीय फीचर फिल्मों का निर्माण भी तेज़ी से बढ़ा है। 1983 में 741 फिल्मों को सर्टिफिकेशन मिला था, जो 2024–25 में बढ़कर 3,455 हो गया है। अब तक भारत में कुल 69,113 फिल्मों को प्रमाणित किया जा चुका है। रिपोर्ट में फिल्म पुरस्कारों, अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों और NFDC द्वारा निर्मित डॉक्युमेंट्रीज़ का भी जिक्र है।
डिजिटल क्रिएटर्स के लिए नये अवसर
रिपोर्ट में WAVES OTT प्लेटफॉर्म, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज़ (IICT) और Create in India Challenge (CIC) जैसे डिजिटल पहलों को भी शामिल किया गया है, जिनका उद्देश्य डिजिटल क्रिएटर्स और मीडिया एंटरप्रेन्योर्स को बढ़ावा देना है।
‘Ease of Doing Business’ के तहत नए इनेशिएटिव्स
मंत्रालय ने कंटेंट लाइसेंसिंग और प्रॉडक्शन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए कई सुधार किए हैं। साथ ही, मीडिया वर्कफोर्स को भविष्य की ज़रूरतों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से स्किलिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रमों को भी बड़े स्तर पर विस्तार दिया गया है।
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