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CTV पर बढ़ी दर्शकों की संख्या, ब्रैंड्स के लिए खुला हाई-वैल्यू अवसर: Kantar रिपोर्ट
देश में मीडिया खपत के बदलते रुझानों को समझने के लिए 'कंतार इंडिया' (Kantar India) ने अपनी नई रिपोर्ट ‘Media Compass’ जारी की है
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 8 months ago
देश में मीडिया खपत के बदलते रुझानों को समझने के लिए 'कंतार इंडिया' (Kantar India) ने अपनी नई रिपोर्ट ‘Media Compass’ जारी की है, जो मल्टी-प्लेटफॉर्म मीडिया रीज, कंजप्शन के व्यवहार, प्रभावशाली हस्तियों के प्रभाव और एंगेजमेंट स्तर पर गहरी और डेटा-संचालित समझ प्रदान करती है। यह रिपोर्ट ब्रांड्स को ऐसी रणनीतियां गढ़ने में मदद देती है जो अधिक असरदार, लक्षित और प्लेटफॉर्म-विशिष्ट हों।
रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष:
लीनियर टीवी की मजबूत पकड़, लेकिन CTV तेजी से उभरता माध्यम
रिपोर्ट के अनुसार, भले ही हर महीने 58% भारतीय अब भी पारंपरिक लीनियर टीवी देखते हैं, लेकिन Connected TV (CTV) एक प्रीमियम चैनल के रूप में तेजी से उभर रहा है। इसके जरिये 3.5 करोड़ नए दर्शकों तक पहुंच बन रही है, जो विज्ञापनदाताओं के लिए एक उच्च-मूल्य अवसर प्रस्तुत करता है।
हर चौथा भारतीय अब पूरी तरह डिजिटल-ओनली
भारत में 23% लोग अब केवल डिजिटल माध्यमों पर ही कंटेंट देख रहे हैं और पारंपरिक टीवी से दूर हो चुके हैं। यह बदलाव विशेष रूप से युवा, पुरुष और ग्रामीण दर्शकों के बीच अधिक स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।
CTV और डिजिटल-ओनली दर्शकों में पुरुषों की संख्या अधिक
जहां लीनियर टीवी का दर्शक वर्ग लिंग के मामले में संतुलित बना हुआ है, वहीं डिजिटल-ओनली और CTV दर्शकों में 57% पुरुष हैं। यह दर्शाता है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट रणनीति बनाते समय समावेशिता और विविधता को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।
उम्र के हिसाब से मीडिया आदतों में साफ अंतर
मीडिया उपयोग के मामले में पीढ़ियों के बीच स्पष्ट विभाजन नजर आता है:
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15 से 34 वर्ष की आयु वर्ग के लोग डिजिटल (55%), OTT (55%) और सोशल मीडिया (57%) को प्राथमिकता देते हैं।
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वहीं, 45 वर्ष से अधिक उम्र के दर्शक आज भी लीनियर टीवी (44%) पर अधिक भरोसा करते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मीडिया प्लानिंग करते समय उम्र के अनुरूप रणनीति जरूरी है।
ग्रामीण भारत बन रहा है मीडिया की नई ताकत
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि डिजिटल-ओनली दर्शकों का 74% और लीनियर टीवी दर्शकों का 75% हिस्सा ग्रामीण भारत में है। इतना ही नहीं, अब CTV भी केवल शहरी नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से अपनी पकड़ बना रहा है। इससे यह धारणा टूट रही है कि CTV सिर्फ मेट्रो सिटीज तक सीमित है।
आर्थिक वर्गों में अलग-अलग ट्रेंड
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डिजिटल-ओनली उपयोगकर्ता कम आय वाले समूहों (NCCS C/D/E) में अधिक हैं, जो डिजिटल मीडिया की लोकतांत्रिक पहुंच को दर्शाता है।
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वहीं, CTV दर्शक वर्ग मुख्य रूप से NCCS A (उच्च आय वर्ग) से है, जो इसे एक प्रीमियम माध्यम बनाता है।
कंतार इंडिया की टिप्पणी
रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए Kantar के इंसाइट्स डिवीजन - साउथ एशिया के डायरेक्टर, स्पेशलिस्ट बिजनेस पुणीत अवस्थी ने कहा, “आज के टुकड़े-टुकड़े होते मीडिया परिदृश्य में ब्रांड्स पर हर एक मीडिया रुपये से अधिकतम प्रभाव हासिल करने का दबाव है। फिर भी, मीडिया से जुड़े फैसले आज भी पुराने और अधूरे डेटा के आधार पर लिए जा रहे हैं, जिससे न तो उपयुक्त योजना बन पाती है और न ही उपभोक्ताओं से सही जुड़ाव। Media Compass 2025 का उद्देश्य यही है- विज्ञापनदाताओं को प्लेटफॉर्म-विशिष्ट, गहन और समयानुकूल डेटा प्रदान करना, जिससे वे स्मार्ट मीडिया प्लानिंग, मजबूत ऑडियंस एंगेजमेंट और सटीक टारगेटिंग के जरिये अधिकतम असर हासिल कर सकें।”
Kantar India की यह रिपोर्ट भारत में मीडिया उपयोग की बदलती प्रकृति को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। जहां एक ओर CTV और डिजिटल माध्यमों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक टीवी की पकड़ भी बनी हुई है। ऐसे में ब्रांड्स को अब पारंपरिक और डिजिटल दोनों ही माध्यमों के तालमेल से अपनी रणनीतियां गढ़नी होंगी, ताकि वे हर वर्ग, हर क्षेत्र और हर आयु के दर्शकों तक प्रभावी रूप से पहुंच बना सकें।
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