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ब्रॉडकास्टर्स की TRAI से अपील- घरेलू व कमर्शियल यूजर्स के लिए अलग-अलग हों टैरिफ की कीमतें
भारतीय ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) के जरिए देश के प्रमुख टेलीविजन ब्रॉडकास्टर्स ने TRAI से घरेलू और कमर्शियल यूजर्स के लिए अलग-अलग टैरिफ स्ट्रक्चर फिर से लागू करने की मांग की है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago
भारतीय ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) के जरिए देश के प्रमुख टेलीविजन ब्रॉडकास्टर्स ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) से घरेलू और कमर्शियल यूजर्स के लिए अलग-अलग टैरिफ स्ट्रक्चर फिर से लागू करने की मांग की है। इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा मूल्य निर्धारण प्रणाली को लेकर ब्रॉडकास्टर्स के बीच लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
ब्रॉडकास्टर्स का तर्क है कि वर्तमान ढांचा रेस्तरां, होटल और बार जैसे कमर्शियल प्रतिष्ठानों को घरेलू दर्शकों के लिए तय दरों पर टेलीविजन कंटेंट उपलब्ध कराता है, जो उन्हें अनुचित लगता है। इसके अलावा, वे कमर्शियल यूजर्स के साथ अलग से दरें तय करने और डायरेक्टर डील करने की स्वतंत्रता भी मांग रहे हैं, ताकि समान मूल्य निर्धारण नियमों से बंधे न रहना पड़े।
गौरतलब है कि पहले TRAI ने कमर्शियल और रिटेल यूजर्स के लिए अलग-अलग दरों की अनुमति दी थी। लेकिन 2015 में इस अंतर को समाप्त कर दिया गया और ब्रॉडकास्टर्स, डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म्स और कमर्शियल यूजर्स के बीच त्रिपक्षीय व्यवस्था लागू की गई। ब्रॉडकास्टर्स का कहना है कि इस बदलाव से उनकी लचीलापन खत्म हो गया है और यह अन्य इंडस्ट्रीज की तुलना में असंगत है, जहां कमर्शियल यूजर्स से आम उपभोक्ताओं की तुलना में अलग दरें वसूली जाती हैं।
TRAI को दिए गए अपने प्रस्तुतीकरण में IBDF ने मौजूदा रेगुलेटरी ढांचे को पुराना और अप्रासंगिक बताया है, खासकर पारंपरिक टीवी व्युअरशिप में लगातार आ रही गिरावट को देखते हुए। इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार, 2022 में जहां पारंपरिक टीवी की पहुंच लगभग 12 करोड़ घरों तक थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 9 करोड़ तक रह गई है, क्योंकि दर्शक तेजी से डिजिटल और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की ओर रुख कर रहे हैं।
उम्मीद की जा रही है कि ब्रॉडकास्टर्स आगामी बैठकों में TRAI के साथ इस मुद्दे पर और जोरदार पैरवी करेंगे। यह कवायद ऐसे समय हो रही है जब TRAI टीवी प्राइसिंग नियमों की समीक्षा के लिए प्री-कंसल्टेशन पेपर तैयार कर रहा है, ताकि मीडिया खपत के बदलते तरीकों के अनुरूप नीतियों में बदलाव किया जा सके।
TRAI अधिकारियों के अनुसार, यह परामर्श प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। अब तक DTH ऑपरेटर्स, केबल प्रोवाइडर्स और टाटा प्ले तथा डिश टीवी जैसे प्लेटफॉर्म्स समेत कई पक्षों से इनपुट मिल चुके हैं। इंडस्ट्री संगठनों में NBDA (न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन) और AIDCF (ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन) भी इस प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं।
ब्रॉडकास्टर्स का कहना है कि यह मुद्दा इसलिए भी ज्यादा जरूरी हो गया है क्योंकि हाल के वर्षों में सब्सक्रिप्शन आधारित कमाई ठहर गई है या उसमें गिरावट दर्ज की गई है।
सूत्रों के अनुसार, IBDF ने मौजूदा रेगुलेटरी सिस्टम को अत्यधिक प्रतिबंधात्मक बताया है, खासकर मूल्य निर्धारण की लचीलापन और चैनलों की बंडलिंग के संदर्भ में।
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