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NDTV से जुड़े वरिष्ठ खेल पत्रकार बोरिया मजूमदार, निभाएंगे ये बड़ी भूमिका
अब भारत के सबसे अग्रणी खेल पत्रकारों में शुमार बोरिया मजूमदार एनडीटीवी (NDTV) से जुड़ रहे हैं और साथ ला रहे हैं भारतीय खेल पत्रकारिता के लिए एक नई दृष्टि।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 7 months ago
आप खेल कवर कर सकते हैं, या फिर यह भी दिखा सकते हैं कि खेल एक देश के बारे में क्या कहते हैं। यह सोच कि खेल सिर्फ प्रदर्शन या तमाशा नहीं बल्कि पहचान, कूटनीति और जनचेतना को देखने का एक जरिया है- यही है वह विचार जो बोरिया मजूमदार को प्रेरित करता है। अब भारत के सबसे अग्रणी खेल पत्रकारों में शुमार बोरिया मजूमदार एनडीटीवी (NDTV) से कंसल्टिंग एडिटर के तौर पर जुड़ रहे हैं और साथ ला रहे हैं भारतीय खेल पत्रकारिता के लिए एक नई दृष्टि।
भारतीय मीडिया में सबसे भरोसेमंद और प्रमुख चेहरों में शामिल बोरिया मजूमदार रोड्स स्कॉलर हैं और Revsportz के संस्थापक भी। वह सिर्फ भारतीय खेलों के इतिहासकार ही नहीं बल्कि उनके सबसे भरोसेमंद व्याख्याकार भी हैं। पिछले दो दशकों से उन्होंने तमाम एक्सक्लूसिव खबरें दी हैं, दुनिया भर के स्पोर्ट्स इवेंट्स से रिपोर्टिंग की है, बेस्टसेलर किताबें लिखी हैं और क्रिकेट की कई दिग्गज हस्तियों के लिए वह हमेशा 'स्पीड डायल' पर रहे हैं। उनका एक्सेस बेजोड़ है और नजरिया गहराई से भरा हुआ।
बोरिया ने सचिन तेंदुलकर की आधिकारिक आत्मकथा Playing It My Way में सह-लेखक के रूप में योगदान दिया, जो भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली खेल पुस्तक बन गई। उन्होंने सौरव गांगुली से लेकर अब तक हर भारतीय क्रिकेट कप्तान का इंटरव्यू किया है, कई वर्ल्ड कप और ओलंपिक से एक्सक्लूसिव कवरेज दी है और खेल पत्रकारिता के क्षेत्र में टीवी और प्रिंट- दोनों में सबसे दमदार कंटेंट पेश किया है।
बोरिया कहते हैं, "यह एक नया एनडीटीवी है और मैं भी पिछले कुछ समय से एक बिल्कुल नई तरह की भारतीय खेल पत्रकारिता की दिशा पर काम कर रहा हूं, एक ऐसी जो पारंपरिक ढांचे को तोड़े, ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों को उनका सही स्थान दे। यह साहसिक है और बहुत पहले हो जाना चाहिए था।"
भारत अगले कुछ सालों में अंतरराष्ट्रीय खेल कैलेंडर को लेकर तैयारियों में जुटा है- 2026 टी20 वर्ल्ड कप, फीफा वर्ल्ड कप, 2028 लॉस एंजेलेस ओलंपिक क्वालिफायर्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के सपने जैसे मौके सामने हैं। ऐसे में एनडीटीवी की नई खेल संपादकीय रणनीति इन तमाम चर्चाओं को और ज्यादा व्यापक, समावेशी और गंभीर बनाने जा रही है।
बोरिया कहते हैं, "खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं हैं। यह पहचान हैं। यह संस्कृति है। यह कूटनीति है। यह वह क्षण होता है जब राष्ट्रगान बजता है और एक देश खड़ा होता है। एनडीटीवी में हमारा मकसद यही है- हर रिपोर्ट में उस नजरिए को लाना। और गहराई में जाना, चीजों को जोड़कर देखना और ज्यादा बेहतर सवाल पूछना।"
इस नई शुरुआत से आप उम्मीद कर सकते हैं बड़े आयोजन, साहसिक चर्चाएं और कुछ सबसे प्रतिष्ठित इंटरव्यू, जिन्हें संभव बनाएगा बोरिया का अपराजेय अनुभव और खेलों की जमीनी समझ।
बोरिया की मौजूदगी इस बात को सुनिश्चित करती है कि उभरते खेल, महिला खिलाड़ियों की भागीदारी, पैरालंपिक उपलब्धियां और ग्रासरूट स्तर की खेल संरचना को सिर्फ कभी-कभार की रिपोर्टिंग तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इन्हें राष्ट्रीय खेल विमर्श के केंद्र में लाया जाए।
यह नई संपादकीय दिशा इंफ्रास्ट्रक्चर, फंडिंग, पहुंच और सुधार जैसे अहम सवालों पर भी ध्यान केंद्रित करेगी — वे सवाल जो अक्सर तब छूट जाते हैं जब चर्चा सिर्फ पदकों तक सीमित हो जाती है।
एनडीटीवी के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने कहा, “बोरिया मजूमदार आज खेल पत्रकारिता की दुनिया के सबसे प्रभावशाली नामों में हैं। खेलों को लेकर उनकी गहराई और समझ वाकई असाधारण है। एनडीटीवी में हम उनके साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाली खेल रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और बड़े आयोजन पेश करने के लिए बेहद उत्साहित हैं।”
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