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BARC इंडिया के पूर्व CEO पार्थो दासगुप्ता की अर्जी पर सुनवाई 9 फरवरी तक स्थगित
मुंबई की सेशन कोर्ट में टीआरपी से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार बार्क इंडिया के पूर्व सीईओ (CEO) पार्थो दासगुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
मुंबई की सेशन कोर्ट में टीआरपी (TRP) से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पार्थो दासगुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है। इस याचिका पर मंगलवार को हाई कोर्ट ने सुनवाई 9 फरवरी के लिए स्थगित कर दी है।
बता दें कि टीआरपी घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में मुंबई पुलिस ने पिछले साल 24 दिसंबर पार्थो दासगुप्ता को गिरफ्तार किया था। वे 31 दिसंबर, 2020 तक पुलिस हिरासत में थे, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
दासगुप्ता ने अपने जमानत अर्जी में अनुरोध किया है कि इस मामले में अन्य सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें जमानत दी जाए।
मंगलवार को दासगुप्ता के वकील आबाद पोंडा और शारदुल सिंह ने हाई कोर्ट से कहा कि दासगुप्ता को स्पाइन में समस्या है। पोंडा ने कहा, 'दासगुप्ता मर तो नहीं रहे हैं, लेकिन उनका स्वास्थ्य जोखिम में हैं और उन्हें चिकित्सकीय देखरेख की जरूरत है।
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान विशेष सरकारी वकील शिशिर हीरे ने कहा कि इस मामले में उन्हें सोमवार को ही वकील नियुक्त किया गया है, इसलिए उन्हें कुछ वक्त की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि दासगुप्ता की एक ऐसी ही जमानत अर्जी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
दासगुप्ता के वकीलों ने न्यायमूर्ति पी.डी. नाइक की अगुवाई वाली पीठ से कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट में अर्जी पर आगे नहीं बढ़ेंगे। इस पर न्यायमूर्ति नाईक ने बयान दर्ज किया और मामले की सुनवाई 9 फरवरी के लिए स्थगित कर दी।
बता दें कि न्यायिक हिरासत में ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल कम होने के बाद दासगुप्ता को 15 जनवरी को मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
गौरतलब है कि टीआरपी से छेड़छाड़ का मामला अक्टूबर में तब सामने आया था, जब ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) द्वारा देश में टीवी दर्शकों की संख्या मापने के लिए घरेलू पैनल के प्रबंधन का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी ‘हंसा रिसर्च’ (Hansa Research) के अधिकारी नितिन देवकर ने एक शिकायत दर्ज की, जिसमें कहा गया था जिन घरों में बार-ओ-मीटर लगे हैं, उन घरों को भुगतान करके कुछ टीवी चैनल्स दर्शकों की संख्या में हेरफेर कर रहे हैं।
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